मथुरा

आज दिनांक 7 मार्च को हरिद्वार पतंजली योगपीठ में यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास, यमुना रक्षक दल के संरक्षक स्वामी स्वतन्त्रतानन्द सरस्वती एवं स्वामी नारायण बाबा ने योगगुरु स्वामी रामदेव बाबा से मिलकर उन्हे वर्तमान यमुना की दुर्दशा के बारे में अवगत कराया। साथ ही उनसे 11 मार्च से होने वाले विशाल आन्दोलन के लिये चर्चा की। योग गुरू ने कहा कि मैं यमुना की वर्तमान स्थिति से व्यथित हूँ। आज दूषित जल के कारण लाखों लोग बीमारियों की चपेट में आ रहें। लाखों-करोड़ों लोग की आस्था पर प्रभाव पड़ा है। आज जरूरत है सम्पूर्ण भारतवासी को नदियों के लिये एकजुट हों। उन्होने कहा कि मैं माँ भगवती के परम उपासक आचार्य प्रवर स्वामी ए.एस. विज्ञानाचार्य जी के सकुशल नेतृत्व में यमुना रक्षक दल द्वारा चलाये जा रहे ‘‘यमुना लाओ-जीवन बचाओ‘‘ की पदयात्रा में मैं और मेरे समस्त कार्यकर्ता भाग अवश्य लेंगे और सरकार से निवेदन करेंगे कि वह यमुना के स्वरूप को स्वच्छ करने के लिये शीघ्र ही उचित निर्णय ले। आज पर्यावरण शुद्धि के लिये सरकारों द्वारा अनेक प्रकल्प किये जा रहे हैं किन्तु जब तक हमारी मिथक धरोहरों पर ध्यख नहीं दिया जायेगा उनके रखरखाव की उचित व्यवस्था नहीं की जायेगी तब तक ये कार्यक्रम कागजों तक ही सीमित रह जायेंगे। प्राकृतिक शुद्ध जल के अभाव में प्राणी मात्र का जीवन अस्वस्थ एवं अव्यवस्थित हो जायेगा। यमुना रक्षक दल के इस आन्दोलन की सराहना करते हुये उन्होने कहा कि मैं इस आन्दोलन से काफी प्रभावित हूँ, इस आन्दोलन के लिये मेरा पूर्ण रूप से समर्थन है और आगे भी मेरा और यमुना रक्षक दल का साथ रहेगा।  संत जयकृष्ण दास ने कहा कि हम सरकार से अपील करते हैं कि सरकार ने जो गंगा मन्त्रालय बना रखा है, उसके साथ यमुना का भी नाम जोड़ा जाये। गंगा-यमुना का नाम सदा एक साथ लिया जाता है। सरकार को ‘‘गंगा-यमुना सफाई मन्त्रालय‘‘ बनाना चाहिये। सरकार इसकी घोषणा करें और गंगा के साथ यमुना की भी सफाई एंव अविरलता शीघ्र होनी चाहिये।  पुर्तगाल ( यूरोप ) के अन्तराष्ट्रीय संत मूजी महाराज से मिला यमुना रक्षक दल का शिष्टमण्डल यमुना की पुकार देश से लेकर विदेशों में भी पहुँच चुकी है। यमुना की पीड़ा सबकी पीड़ा है। ऋषीकेश में यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास एवं यमुना रक्षक दल के संरक्षक स्वामी स्वतन्त्रतानन्द सरस्वती से पुर्तगाली ( यूरोप ) निवासी अन्तराष्ट्रीय संत एवं गीता एंव वेदान्त प्रचारक मूजी महाराज ने भेंट की। यह दक्षिण भारत के रमण महिर्षि के शिष्य हैं। ऋषीकेश में स्वतन्त्रतानन्द आश्रम में इनके साथ काफी देर तक बैठक चली जिसमें यमुना के विषय पर गंभीर रूप से चर्चा की गई। प्रदूषित यमुना की व्यथा सुनकर  मूजी महाराज के आंखों में आँसू आ गये। उन्होने कहा कि यमुना जैसी नदी का प्रदूषित होना चिंता का विषय है। भारत सरकार को यमुना पर विशेष ध्यान देना चाहिये। मूजी महाराज ने गोविन्द मठ वृन्दावन के परमाध्यक्ष आचार्य प्रवर स्वामी ए.एस. विज्ञानाचार्य जी के नेतृत्व में यमुना रक्षक दल का तन-मन-धन से समर्थन देते हुये कहा कि हम पूरी तरह से इस आन्दोलन के साथ हैं हम और हमारे हजारों विदेशी भक्त आपके 12 मार्च के पदयात्रा में अवश्य भाग लेंगे। उन्होने कहा कि हम सोशल मीडिया, इण्टरनेट के माध्यम से भी यमुना का प्रचार-प्रसार करेंगे। उन्होने कहा कि यमुना- गंगा प्रदूषण मुक्त हों, नालों को यमुना में गिरने से रोका जाये और पर्यावरण की रक्षा हो।    

Read More

यमुना मुक्ति के लिये ब्रज के सभी साधु - सन्तों, भागवताचार्यों, ब्रजवासियों व यमुना भक्तो द्वारा यमुना को मुक्त करा ब्रज में लाने के लिये प्रयास किया जा रहा है। वृन्दावन के वात्सल्य ग्राम में यमुना मुक्ति को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें साध्वी ऋतुम्भरा जी को यमुना मुक्तिकरण अभियान राष्ट्रीय सहसंयोजक सुनील सिंह व राष्ट्रीय सलाहकार राधाप्रिय द्वारा यमुना की वर्तमान स्थिति, समस्या व अभियान की रूपरेखा व प्रमुख मांगो से अवगत कराया। जिसका साध्वी श्री ऋतुम्भरा जी समर्थन करते हुये उन्होने कहा कि यमुना के बिना के हमारा अस्तित्व ही सार हीन है।यमुना जी का ब्रज में पुनः आना हिन्दुत्व एवं भारतीयता के लिये  अत्यन्त आवश्यक है। कोई भी आन्दोलन जन शक्ति से आगे बढता है। पूर्व के आन्दोलनों का उदाहरण देते हुये उन्होने कहा कि जब तक आन्दोलन जन आन्दोलन का रूप नहीं ले लेता तब तक आन्दोलन की सफलता निश्चित नहीं होती। मैं स्वयं यमुना को बचाने के लिये यमुना मुक्ति के इस अभियान में सहभागिता करूँगी एवं आन्दोलन को विशाल जन आन्दोलन बनाने के लिये प्रयास करूँगी।   इस अवसर पर उपस्थित महन्त श्री फुलडोल जी महाराज एवं परम पूज्य संत श्री चित्प्रकाशानन्द जी महाराज ने यमुना की वर्तमान स्थिति को हिन्दुत्व और ब्रज पर कुठाराघात बताते हुये इस समस्या के पूर्ण समाधान के लिये व्यापक जन आन्दोालन की आवश्यकता बताई एवं यह सुनिश्चित किया कि इस बार का यह आन्दोलन आर पार का होगा। बिना यमुना समस्या के समाधान के कोई ब्रजवासी व साधु समाज का प्रतिनिधि वापस नहीं आयेगा।  भागवताचार्य श्री बद्रीश जी महाराज एवं श्री मृदुलकान्त शास्त्री जी महाराज ने पदयात्रा की रूपरेखा व रणनीति की जानकारी देते कहा कि इस बार की यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा अभूतपूर्व व ऐतिहासिक होगी एवं बड़ी संख्या में भारतवर्ष के सभी साधु-सन्त एवं भागवताचार्य पदयात्रा में सम्मिलित होगे।  वृन्दावन स्थित तुलसीवन में हुआ होली मिलन समारोह में हुयी यमुना मुक्तिकरण पर गहन चर्चा वृन्दावन परिक्रमा मार्ग स्थित कौशिक जी महाराज के आश्रम तुलसी वन में होली मिलन समारोह में ब्रज के प्रमुख साधु-सन्त एवं भागवताचार्य उपस्थित रहे। होली मिलन समारोह में आगामी 15 मार्च को कोसी से प्रारम्भ होने वाली यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा को अभूतपूर्व एवं अद्वितीय बनाने के लिये गहन चर्चा की गई। मलूक पीठाधिश्वर द्वाराचार्य पूज्य संत श्री राजेन्द्र दास जी महाराज ने उपस्थित सभी सन्तों व वैष्णवों से इस पदयात्रा में हर सम्भव तरीके से सम्मलित होने का आह्वान किया। उन्होने कहा कि यमुना जी की समस्या को हल करने के लिये यह एक स्वर्णिम अवसर है इस अवसर का लाभ लेते हुये हमें इस बार बिना यमुना मुक्ति के अपने कदम पीछे नहीं हटाने है। वेदों में, पुरोणों में, उपनिषद् और कथाओं में यमुना की महिमा बताई गयी है जिससे लोग धीरे धीरे अनभिज्ञ होते जा रहे है। इस आन्दोलन के माध्यम से लोगो में जन जाग्रति आयी है। इस अवसर पर हम सभी को अपनी सम्पूर्ण शक्ति लगाकर सहभागिता करनी होगी और आन्दोलन को सफल बनाना होगा।  परम पूज्य श्री कौशिक जी महाराज ने कहा कि यह आन्दोलन निश्चित रूप से यमुना जी को ब्रज में लेके आयेगा एवं व यमुना जी के आने से ही ब्रज को उसकी वास्तविक पहचान पुनः प्राप्त होगी।  यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय सलाहकार राधाप्रिय जी ने यमुना की तकनीकी समस्या पर प्रकाश डालते हुये सभी से 15 मार्च 2015 को पदयात्रा मे भाग लेने का आह्वन किया।  मारवाडी समाज ने दिया यमुना मुक्तिकरण अभियान को समर्थन  यमुना की अविरलता के लिये मारवाड़ी समाज भी साथ में आते हुये उन्होने यमुना मुक्तिकरण अभियान समर्थन दिया है। इसके साथ हजारों मारवाडियों की यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में सम्मिलित होने की बात भी कही। श्री भगवान भजनाश्रम समिति के अध्यक्ष श्री चांदबिहारी पटोदिया ( बडे पाटोदिया जी) ने कहा कि यमुना की सेवा कार्य बडे भाग्य से मिलता है। यमुना की सेवा के लिये हमारा मारवाड़ी समाज तत्पर है । यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा 15 मार्च को होने वाली पदयात्रा में भारी संख्या में मारवाडी समाज के भक्त भी उपस्थित रहेगें।  इस अवसर पर अभियान के सहसंयोजक सुनील सिंह एवं श्री मृदुलकान्त शास्त्री ने कहा कि यमुना की रक्षा के लिये पूरे देश की आवश्यकता है। इस पावन कार्य में सहभागिता किसी यज्ञ से कम नहीं इसलिये हमें बडी संख्या में भाग लेना होगा।  इस अवसर राजेन्द्र खेतान, बिहारीलाल सर्राफ, कमल किशोर चैधरी, राजकुमार पोद्दार, मोहनलाल अग्रवाल, श्री द्विवेदी जी, सुरेश शर्मा एडवोकेट, मोहन सोनी आदि उपस्थित रहे।  उत्साहित ब्रजवासी और यमुना भक्तों के जुड़ने का कारंवा बढा अब तक 12680 पंजीकरण हुये अभियान के  प्रचार के लिये 25 प्रचार रथों द्वारा गांव गांव जा यमुना मुक्ति की अलख जगाई गयीं प्रचार में आयी इस तूफानी तेजी से लोगो में खासा उत्साह और उमंग देखने को मिल रही है। प्रचार की गाडियो में अभियान के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में जा संपर्क किया गया और यात्रा में चलने के इच्छुक ब्रजवासियों से पंजीकरण फार्म भरवाये गये। प्रचार की गाडियों में गोवर्धन ब्लाक में किशन दास जी, फरह ब्लाक में गिरधारी सिंह , होडल में हंसराज, मथुरा में पंकज चतुर्वेदी, बल्देव क्षेत्र में लाल दास बाबा, अडीग क्षेत्र में निहाल सिंह तौमर, नन्दगांव क्षेत्र में विजय , छाता में राधाकिशन पंडित जी , कोसी में  महेश पंडित जी, वृन्दावन लक्ष्मीनगर में हरेश ठेनुआ जी , मांट क्षेत्र में राजकुमार उर्फ राजू भैया द्वारा प्रचार किया गया। इसके अलावा अभियान के संयोजक राधाकान्त शास्त्री एवं सहसंयोजक द्वारा भी सघन जन संपर्क किया गया।  7 मार्च शनिवार तक प्रचार कार्यक्रम में सभी प्रचार रथों द्वारा तकरीबन 12680 पंजीकरण फार्म भरे गये। पंजीकरण फार्म भरने वाले सभी यमुना भक्तों द्वारा पदयात्रा में चलने का संकल्प लेते हुये यमुना जल लिये बिना पीछे न लौटने का संकल्प भी लिया गया।  अभियान के समर्थन में दिये गये मिस्ड काॅल नं. 0 888 101 8888 पर अब तक 980000 मिस्ड काॅल दर्ज किये जा  चुके है। प्रतिदिन 5000 से अधिक मिस्ड काॅल की औसत से अभियान के समर्थन में मिस्ड काॅल पूरे भारत वर्ष से दर्ज किये जा रहे है।  अभियान के केन्द्रीय कार्यालय पर बनी रही गहमा गहमी यमुना मुक्तिकरण अभियान के केन्द्रीय कार्यालय पर आज कल काफी गहमा गहमी बनी हुयी । अभियान के सैकडो कार्यकर्ता केन्द्रीय कार्यालय पर अलग अलग स्तरों पर यात्रा को अन्तिम रूप देने के लिये  विभिन्न कार्यो में सतत लगे हुये है। विभिन्न गांव से आने वाले लोगो का तांता भी अभियान के केन्द्रीय कार्यालय पर बना हुआ है । इस बार यमुना भक्त पहले से अधिक उत्साहित और उमंग से भरे हुये।   कार्यालय पर अभियान के प्रमुख पदाधिकारी अलग अलग बैठकों में जनसमूहों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर आगामी पदयात्रा में भारी जन समुदाय की उपस्थिति को सुनिश्चित करने में लगे हुये है।  कोसी में आज जुटेगी ( 8 मार्च ) सभी संगठनों की महासभा आगामी 15 मार्च की यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा व 14 मार्च को कोसी में होने वाली महापंचायत की सफलता को सुनिश्चित करने के लिये आज कोसी व आस पास क्षेत्र के सभी धार्मिक, समाजिक व व्यावसायिक संगठनो की कोसीकलाँ के काली मन्दिर में  महासभा आयोजित की जायेगी। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में ब्रज के विरक्त संत श्री रमेश बाबा महाराज उपस्थित रहेगें। इस महासभा में सभी संगठनों द्वारा पदयात्रा की सफलता के लिये भारी जनसमुदाय को संगठित करने पर विचार विर्मश किया जायेगा। अभियान के सहसंयोजक सुनील सिंह ने जानकारी देते हुये बताया कि महासभा 1 बजे से 4 बजे तक चलेगी । जिसमें सभी संगठनों की अभियान में सशक्त भूमिका को लेकर चर्चा की जायेगी।   

Read More

    11 मार्च संसद मार्च के लिये यमुना रक्षक दल ने पूरी तैयारी कर ली है। अबकी बार यमुना को लाकर ही दम लेंगे। इसी उद्देश्य के साथ आज दिनांक 4 मार्च को चैमुहां में राजसिंह के आवास पर बैठक हुई। जिसमें 11 मार्च की वाहन यात्रा एवं 12 मार्च से बल्लभगढ़ से दिल्ली संसद भवन तक की पदयात्रा के विषय में बताया गया। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय महाससिचव रमेश सिसौदिया ने जानकारी देते हुये बताया कि 11 मार्च को छटीकरा स्थित गरुड़ गोविन्द से 200 बसों से दोपहर 1 बजे ब्रजवासी एवं यमुना भक्त बल्लभगढ़ पहुँचेंगे। उससे पूर्व एक बड़ी सभा आयोजित की जायेगी। इसके लिये बड़ी तैयारी कर दी गई। यमुना भक्त एंव ब्रजवासियों ने बसों की व्यवस्था कर ली है। अबकी बार आर पार की लड़ाई होगी। यमुना को मुक्त करा कर ही दम लेंगे। वहीं बल्लभगढ़ से एक लाख से भी अधिक यमुना भक्त ब्रजवासी दिल्ली संसद के लिये कूच करेंगे। बैठक के दौरान नरेन्द्र गुर्जर को यमुना रक्षक दल का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया एवं शाहिद कुरैशी को जिला महासचिव बनाया गया। वहीं जिला प्रभारी डाॅ0 राजवीर सिंह एंव ठा. अजयपाल सिंह ब्लाॅक अध्यक्ष छाता, मथुरा ब्लाॅक अध्यक्ष राधाबल्लभ शर्मा, जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने आज कोसीखुर्द, मुड़ेसी, एटीवी नगर, तारसी, नरहौली, धनगाँव, पैगाम विसम्भरा, शेरनगर, बढ़ा, शहजादपुर, रूपनगर, धनौता, फूलगढ़ी, बुद्धगढ़ी, सुजावली, बुखरारी, बरका, खरौंट, सुपाना, कोसीकलां, जैंत, छटीकरा, परखम, आदि गाँवों में 11 मार्च के लिये यमुना प्रचार रथ द्वारा जनसभायें एवं जनजागरण अभियान चलाया गया। सभी यमुना प्रचार रथ का जोरदार स्वागत किया गया तथा सभी ब्रजवासियों ने यात्रा में भाग लेने का भरपूर समर्थन दिया।  वहीं मथुरा केमिस्ट ऐसोसियशन द्वारा यमुना रक्षक दल को समर्थन मिला। केमिस्ट ऐसोसिशन  के सभी सदस्यों ने जिला प्रभारीर डाॅ0 राजवीर सिंह को समर्थन ज्ञापन भी सौंपा। इस अवसर पर हरि सिंह फरह ब्लाॅक अध्यक्ष, जगपाल चैयरमैन, भोला यादव, हरिशंकर शास्त्री, राहुल अग्रवाल, रमेश अग्रवाल, सुमित अग्रवाल, सियाराम यादव, सौरभ अग्रवाल, सतीश, उपेन्द्र यादव, गिरिश माहित अग्रवाल, दर्शन सिंह, नेत्रपाल सिंह, पप्पू निषाद, भगत सिंह, अशोक कुमार, सुरेन्द्र प्रताप सिंह, डोरीलाल राजपूत लोधी, गोविन्द निषाद,  आदि उपस्थित थे।    केंद्रीय इस्पाल मंत्री से मिला यमुना रक्षक दल का शिष्टमण्डल, खजुराहो के सांसद नागेन्द्र जी होंगे यमुना रक्षक दल की यात्रा में शामिल यमुना आन्दोलन की सफलता एवं माँ यमुना यमुना को स्वच्छ व अविरल बनाने के लिये 11 मार्च से होने वाली वाहन यात्रा 12 मार्च से बल्लभगढ़ से लाखों यमुना भक्तों के साथ होने वाली पदयात्रा के लिये यमुना रक्षक दल के सभी पदाधिकारी निरन्तर बड़े संघर्ष कर रहें। आज दिनांक 4 मार्च को यमुना रक्षक दल का शिष्टमण्डल केंद्रीय इस्पात मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से मिला एवं उन्हे यमुना जी के बारे विस्तार पूर्वक बताया। वहीं खजेराहो के सांसद नागेन्द्र सिंह जी यमुना के इस यात्रा में शामिल होंगे। सांसद नागेन्द्र सिंह ने बताया कि हम सभी और हमारी टीम जुड़े अन्य सांसद या अन्य जागरूक लोग यमुना रक्षक दल की इस संसद पदयात्रा में साथ रहेंगे और हम सभी मन्त्रालय में आप लोगों की बात जरूर पहुँचायेंगे। भोपाल के सांसद आलोक संजर भी यमुना के लिये आश्वासन मिला। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हरदयाल कुशवाहा एवं महासचिव दिनेश गुप्ता ने बताया कि 11 मार्च से पूर्व यमुना पट्टी के सभी सांसदों एवं विधायकों से मिला जायेगा एवं उन्हे इस पदयात्रयात्रा में भाग लेने के लिये निमन्त्रण पत्र भेजे जायेंगे। वही इसी कड़ी में दिल्ली प्रदेश की टीम ने दिल्ली के स्कूलों में जाकर यमुना जागरूकता अभियान चलाया एवं सभी से संसद मार्च की पदयात्रा में भाग लेने की अपील की गई।   यमुना रक्षक दल सदैव यमुना के लिये लड़ाई लड़ रहा हैः- डाॅ0 लक्ष्मी गौतम यमुना रक्षक  दल का एक ही लक्ष्य है यमुना को मुक्त कराना। यमुना रक्षक दल सदैव यमुना के लिये लड़ाई लड़ रहा है। गत वर्ष 2013 की यात्रा में यमुना रक्षक दल ने बहुत बड़ी संघर्ष की थी। पिछली बार की यात्रा में किसी की भी अपमान नहीं किया गया था। सभी ब्रजवासी, यमुना भक्त एवं साधु-संतों का सम्मान किया गया था। यमुना रक्षक दल सदैव ब्रजवासी एवं साधु-संतों का सम्मान करते आ रहा है। कुछ लोग एवं संगठन इस आन्दोलन  को कमजोर करने के लिये साजिश रच रहें है। यमुना रक्षक दल एवं 11 मार्च के लिये लाखों यमुना भक्त इस आन्दोलन के साथ हैं। पिछली बार भी लाखों यमुना भक्त एवं ब्रजवासियों ने बाबा जयकृष्ण दास के साथ थे, आज भी है और आगे भी साथ रहेंगे। आरोप लगाने वाले को भगवान से डरना चाहिये। यमुना रक्षक दल के खिलाफ कुछ लोग गलत बातें बोल रहें हैं। यमुना रक्षक दल का एक ही लक्ष्य माँ यमुना को बचाना किन्तु कुझ संगठन एवं लोग यमुना रक्षक दल को अपना लक्ष्य पूरा करने में बाधा डाल रहें हैं। बाधा डालने वाले एवं गलत बोलने वाले को यमुना मैया कभी माफ नहीें करेंगी। यमुना की ब्रज शान है, पहचान है जिसकोे पुनः लाना एवं इसे अविरल बनाना है इसका लक्ष्य है। यमुना रक्षक दल एवं इस आन्दोलन को खत्म करने के लिये नये संगठन बन गये हैं।  यमुना रक्षक दल पिछले 5 वर्षों से आन्दोलन चला रहा है। यमुना लाओ ब्रज बचाओ- जीवन बचाओ, यही इस आन्दोलन का लक्ष्य है। 

Read More

    कालिन्दी की अविरलता- निर्मलता लौटाने के लिये आज समस्त ब्रज उठ खड़ा हुआ है। लाखों ब्रजवासी, वैष्णव जन, और यमुना भक्तों द्वारा यमुना को बचाने के लिये आर - पार की लडाई छेड़ दी गयी है। साधु सन्तो, ब्रजवासियों, और यमुना भक्तों के सहयोग से चलाये जा रहे यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा यमुना को हथिनी कुण्ड से मुक्त करा उसकी अविरल धारा के लिये सरकार से मांग की जा रही है और इसके लिये सरकार पर दबाब डालने के लिये 15 मार्च 2015 को कोसीकलाँ  से लेकर दिल्ली तक पदयात्रा की जा रही है। इस पदयात्रा को सफल बनाने के लिये सभी साधु सन्तो, ब्रजवासियों, यमुनाभक्तों, वैष्णव जनों एवं विभिन्न समाजिक संस्थाओं द्वारा सहयोग किया जा रहा है।    वृन्दावन में साधु- सन्तों , भागवताचार्यो  की हुयी विशेष बैठक  यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा 15 मार्च को निकाली जा रही यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में साधु सन्तों, कथावाचको, ब्रजवासियों और वैष्णणवों द्वारा बडी संख्या में सहभागिता किया जा रहा हैं। इसी क्रम में अभियान में ब्रज के साधु सन्तों व कथावाचको की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये एक विशेष बैठक रंग जी मन्दिर के निकट राधाकान्त मन्दिर में आयोजित की गई। बैठक में महामण्डलेश्वर स्वामी श्री चितप्रकाशानन्द जी महाराज, अखंडानन्द आश्रम के श्री महेशानन्द सरस्वती जी महाराज, स्वामी श्री हरिबोल बाबा, आचार्य बद्रीश जी, स्वामी दिव्यानन्द जी ने अभियान की सफलता के लिये साधु सन्तो और कथावाचको एवं ब्रजवासियों की भागीदारी को जरूरी बताते हुये पदयात्रा की व्यवस्थाओं में सभी को जिम्मेदारी सौपने की रणनीति पर विचार किया व सुनिश्चित किया कि हर आश्रम व संगठन इस अभियान में अपनी पूर्ण सहभागिता प्रदान करें।  इस अवसर पर कथावाचक मृदुलकान्त शास्त्री, अभियान के राधाकान्त शास्त्री, हरेश ठेनुआ, महेश चन्द्र शास्त्री व रासाचार्य देवकी नन्दन शर्मा आदि उपस्थित रहे।    व्यासाचार्यो द्वारा आयोजित होली मिलन महोत्सव में उठी यमुना मुक्ति की आवाज गोधूलिपुरम के प्रिया प्रियतम धाम में प्रियाशरण जी महाराज द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में भाग लेने पहुॅचे यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राघाकान्त शास्त्री ने वहाॅ भागवताचार्यो व सन्तों से यमुना मुकितकरण के सम्बन्ध में कहते हुये सभी भागवता चार्यो सन्तो व ब्रजवासियो  का आवह्न किया। समारोह में उपस्थित सभी ने एक स्वर में 15 मार्च को होने वाले यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा को अपना समर्थन देते हुये पदयात्रा में भारी संख्या में भाग लेने का संकल्प लिया।  इस समारोह में विशेष रूप से महामण्डलेश्वर श्री बालयोगेश्वरानन्द जी महाराज, आचार्य चन्द्र प्रकाश द्विवेदी, सत्यभान शर्मा, चन्द्रलाल जी शर्मा, रामकृपाल त्रिपाठी जी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।     अभियान का प्रचार हुआ तेज रोजाना सैकड़ो गांवो का अभियान के कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा संपर्क  यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा को सफल बनाने के लिये यमुना मुक्तिकरण अभियान के प्रचार रथ मथुरा से लेकर होडल, पलवल के रोजाना सैकडों गांवों में जा यमुना को बचाने के लिये पदयात्रा में सम्मिलित होने का आवह्न कर रहे है। अभियान के 25 प्रचार रथ प्रचार सामग्री ले विभिन्न गांवों में प्रचार कर रहे है।  यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय सहसंयोजक सुनील सिंह जी ने जानकारी देते हुये बताया कि प्रचार की गाडियों द्वारा बुधवार को किशन दास जी के नेतृत्व में ऊँचा गाॅव, मौगरा, जाव, वाट आदि, ठा. गिरधारी द्वारा गोकुल के ओर पास के क्षेत्र, राष्ट्रीय संस्कृति सचिव रमेश कृष्ण शास्त्री जी ने भरनाकला, सेमरी, आदि, प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी मथुरा में जनसंपर्क, राधाकिशन पंडित जी सांचैली आदि, सतीश उपाध्याय फरह, चंदौरा, नगला चन्द्रभान, दीन दयाल धाम, रतन सिंह जी द्वारा सांखी, अरवारी, रनवारी आदि, विजय ने करहला, मडोई, रहेरा, लाल दास बाबा ने बल्देव में रैली निकाली गई। पं महेश चन्द्र शास्त्री व कपिल दुबे द्वारा गाजीपुर, संकेत आदि राज शर्मा ने टाउन शिप के पीछे, बरारी, धाना समसाबाद, धाना तेजा, देहला आदि देवेन्द्र ने कोसी क्षेत्र, लकी पंडित व राघव  भारद्वाज ने वृन्दावन में जन संपर्क किया । अभियान की अन्य गाडियों द्वारा मथुरा, कोसी, होडल पलवल तक के हाइवे के निकट के गांवों में अभियान की प्रचार सामग्री वितरित की। उन्होने आगे जानकारी देते हुये बताया कि अभियान के प्रचार रथो ंपर जा रहे पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं द्वारा पदयात्रा में सम्मिलित होने वाले लोगो का पंजीकरण भी कराया जा रहा है। इस क्रम मे रोजाना सैकड़ो की संख्या में रजिस्ट्रेशन कराये जा रहे। पदयात्रा में चलने के लिये लोगो में भारी उत्साह है।    52 गांव के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी कर रहे यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में सम्मिलित होने को प्रेरित 52 गांव के अध्यक्ष श्री उदय सिंह और उपाध्यक्ष गोपाल सिंह जी द्वारा यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में सम्मिलित होने के लिये लोगो से आवह्न किया जा रहा है।  सतार पुर, डिरावली, पाली, सांखी छाता आदि गांवो में बुधवार के दिन प्रचार किया।    भरना कला में हुयी जनसभा अभियान के संस्कृति सचिव पं रमेश कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में जनसभा हुयी जिसमें सैकडों ग्राम वासी उपस्थित रहे। उन्होने सभी को सम्बोधित करते हुये 15 मार्च को भारी संख्या में चलने का आवह्न करते हुये कहा कि यमुना की रक्षा करना हम सभा का दायित्व है। इसलिये हम सभी को भारी संख्या में भाग लेना होगा। इस अवसर पर सभी ग्राम वासियों न बडे उत्साह उमंग के साथ यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में चलने का संकल्प लिया और अपना पंजीकरण कराया । सुखीराम, बल्देव प्रसाद, मूलचन्द, हरदयाल, कालीचरण आदि मुख्यरूप से उपस्थित रहे।  कोसी से दिल्ली संसद तक विशेष प्रचार के लिये 11 सदस्यीय कमेटी हुयी गठित  कोसी से दिल्ली में संसद तक हाइवे के निकट गांव और शहरों को अभियान के स्टीकरों से लैस करने के लिये हंसराज वेनीवाल के नेतृत्व में 11 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। दो गाडियों के माध्यम से यह टीम हाइवे के किनारें के सभी जगहों पर अभियान के प्रचार के स्टीकर लगाये जायेगें 

Read More

मथुरा। राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वप्रान्तीय सेना राजीव मिश्रा 05 मार्च की रात्रि 10.00 बजे कानपुर से प्रस्थान कर बसेरा होटल वृन्दावन मथुरा पधारेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार 06 मार्च को प्रातः 7.00 बजे बसेरा होटल मथुरा हाईवे पर विश्राम कर सांय 5.00 बजे श्री बाॅके बिहारी मंदिर में दर्शन तथा गोवर्धन की परिक्रमा आदि करके बसेरा होटल वृन्दावन में रात्रि विश्राम करेंगें तथा 07 मार्च को वृन्दावन-मथुरा से कानपुर के लिये प्रस्थान करेगे।  

Read More

पुलिस मामले को दबाने में जुटी मथुरा। भगवान श्री कृष्ण की क्रीड़ा स्थली में संसार भर से लोग यहां आते तो है भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं को देखने के लिये। मगर हैवानियत के दरिंदे यहां भी उन्हें नहीं छोड़ते। आज भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में यहंा आयी एक अमेरिकन महिला के साथ मारपीट व उसे बन्धक बनाकर उसके साथ यौन उत्पीडन किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। पीडि़ता ने वृन्दावन कोतवाली मे अपनी शिकायत दी है। थाना के पुलिस कर्मियों द्वारा महिला कोे चिकित्सकीय परीक्षण के लिये हॉस्पिटल ले जाया गया है। इस घटना ने पूरे प्रशासन की नींद उड़ा कर रख दी है। मिली जानकारी के अनुसार विदेशी महिला का साफ तौर से कहना है की एक साथ कई लोगो ने उसके साथ शारीरिक उत्पीड़न किया है। अमेरिका के कैलीफोर्निया की रहने वाली इस महिला का कहना है कि मेरे साथ वृंदावन के बिहारी जी मन्दिर के पीछे मेरे साथ रेप किया गया है। वही पुलिस पीडि़त महिला को चिकित्सकीय परीक्षण के लिये जिला अस्पताल में लायी। डॉक्टरों का परीक्षण के बाद कहना है कि महिला के शरीर पर चोटो के निशान से यह महसूस होता है कि महिला के साथ जबरदस्ती की गई है। डाक्टरों ने महिला को मेडिकल के लिये महिला अस्पताल में रैफर कर दिया। पुलिस अभी तक इस मामले में कुछ भी कहने से बच् रही है। वही देखिये पुलिस की कार गुजारी देखिये कोतवाल वृंदावन ने जिला अस्पताल में डॉक्टरों को एक पत्र लिख कर दिया कि महिला के साथ कोई बलात्कार नहीं हुआ है। मामला दर्ज करने के बजाय जिला अस्पताल में रेप न होने की पुष्टी तक कर डाली। जहां इस मामले में चिकित्सक का कहना है कि हमने विदेशी महिला को महिला चिकित्सालय में मेडिकल के लिय भेज दिया है। वही इस मामले में एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है की सारे तत्वों की की जाँच की जा रही है इससे पहले ये महिला कई बार इंडिया आ चुकी है और यह महिला हर बार अलग अलग जबाब दे रही है। इसके शरीर पर चोट के निशान भी है और इस मामले में हमने इस्कॉन मंदिर के लोगो से भी पूछ ताछ कर रहे है। अभी महिला की मेडिकल जाँच की जा रही है। हम इसके लिए साइक्लोजिक चिकित्सक को बुलवा रहे है। इसके बाद ही कोई कार्यवाही हो पाएगी महिला ने दो लोगो के नाम भी बताए है।

Read More

अन्न जल त्याग 30 दिन की तपस्या पर बैठा पंडा भक्त प्रहलाद का रूप धर तीस दिन के लिए त्यागा घर बार मथुरा। कोसीकलां नगर के समीपवर्ती गांव प्रहलाद नगरी फालैन में प्राचीन परम्परा को निभाने के लिए इस बार 25 वर्षीय हीरालाल पंडा दहकती आग से निकलेगा। होलिका दहन वाले दिन लाखों नग्न आंखे इस दुर्लभ क्षण का साक्षी होगी। इस ऐतिहासिक मेले को लेकर ग्राम पंचायत सहित प्रशासन समुचित व्यवस्था करने का दाबा कर रही है। वहीं ग्रामीणों ने भी अपने घरों में रंगाई पुताई कर मेहमानों के स्वागत की पूरी तैयारी करनी शुरू कर दी है। इस ऐतिहासिक मेले के लिये प्रहलाद कोसीकलां के ग्राम फालैन का हीरालाल पुत्र राधेश्याम ने समस्त फालैन ग्रामवासियों के साथ ढोल-नगाडों एव भक्त प्रहलाद के जयकारो के बीच गांव की परिक्रमा की। प्रहलाद कुण्ड के समीप होलिका चैक पर विधि-विधान से एवं मत्रोच्चार से भूमि पूजन किया गया, जहां होलिका दहन वाले दिन विशाल होलिका को रखा जाऐगा। बताया गया है कि इस बार यहां करीब 30 वर्ग फुट के व्यास व करीब 14 फुट ऊंचाई की होलिका की स्थापना की जायेगी। जिसकी धधकती आग से हीरालाल निकलेगा। प्रहलाद नगरी फालैन में आगामी होली महोत्सव के दिन धधकती आग से निकलने वाला विश्व विख्यात फालैन का पंडा मंगलवार पूर्णमासी को अपने घर पूजा-अर्चना कर हीरालाल पंडा ने होलिका की उस भूमि का पूजन किया। पंडा ने बताया कि माघ शुक्ल की पूर्णमासी से न तो वह अपने घर जाएगा और न ही अन्न, जल सेवन करेगा मात्र प्रहलाद जी द्वारा आदेशित मत्रों का जाप प्रहलाद मदिर मंे उनकी प्रतिमा के समक्ष बैठकर केबल भक्त प्रहलाद का घ्यान करेगा। पंडा परिवार के कुल गुरू भगवान सहाय पुरोहित ने बताया कि ये प्राचीन परम्परा जब ये गांव भी विकसित नही हुआ था उससे पहले से ही चली आ रही है। पूर्व मे 8 बार निकल चुके हैं पंडा के बाबा विश्व विख्यात पंडा मेला को जीवंत रखने के लिए पूर्व में हीरालाल पंडा के बाबा स्वं कुमरपाल भी 8 बार होलिका से निकल चुके हैं हीरालाल पंडा की उम्र करीब 25 वर्ष है जिनके एक पुत्र है और करीब डेढ वर्ष पहले हीरालाल का विवाह हुआ है। उन्होने बतया कि इससे पहले उनके बाबा स्वं0 कुमरपाल सिह पडा 8 बार विशाल होलिका में प्रवेश कर निकल चुके है। उनका कथन था कि पंडा स्वं0 कुमरपाल साधना व आसन के पूज्य व्यक्ति थे जिनका बार्तालाव सीधे भक्त प्रहलाद से था गाव फालैन में प्रहलादजी के वंशजों के करीब 15 मकान गाव मंे स्थित है। और यह प्राचीन परम्परा वुजुर्गो ंके अनुसार सतयुग से चली आ रही है। दीपक की लौ पर हाथ रख देता है अग्नि प्रज्जवलित करने के संकेत होलिका दहन वाले दिन साय से ही देश-विदेश व प्रदेशों से श्रद्धालुओं का जमावडा प्रहलाद नगरी फालैन में लगना शुरू हो जाता है। पंडा अपनी तपस्या में लीन होकर अपने समक्ष जलते दीपक की लौ पर हाथ रख लगन तलाशता है जब तक अग्नि उन्हें गर्म लगती हैं तब तक वह प्रहलाद जी का ध्यान लगाये रहते हैं जब दीपक की लौ में शीतलता आती हैं। तब खुद पंडा विशाल काय होली में अग्नि प्रज्जवलित करने का संकेत देते हैं। पंडा समाज के कुल गुरू भगवान सहाय ने बताया कि इनके ही इनके ही संकेत पर होलिका में अग्नि प्रज्जवलित की जाती है। अग्नि के प्रवेश होते ही वह प्रहलाद कुण्ड में स्नान हेतु प्रस्थान करते है।  कुण्ड से होलिका तक बहन दिखाती है रास्ता जब पडा भक्त प्रहलाद मदिर से निकलकर स्नान हेतु प्रहलाद कुण्ड में प्रवेश करते है तो उनकी बहन सुक्कन अपने हाथ में दूध और गंगाजल का गंगासागर थामे प्रहलाद कुण्ड की घटटी पर खडी रहेंगी। जब पंडा स्नान कर बाहर निकलता है तो बहन होलिका में दूध और जल के छीटे मार अपने रौद्र रूप को हल्का करने का आग्रह करती है। बहन का इशारा पाकर पंडा पलक झपकते ही हसते खेलते अग्नि में दो या तीन कदम रख उस अगिन को पार कर जाता है और परिजन पंडा को साथ लेेकर समस्त परिवार भक्त प्रहलाद के दर्शन करते है। और सारे विश्व को एक सूत्र में पिराये रखने की कामना करते है।  

Read More

मथुरा। थाना महावन के ग्राम बन्दी में गाॅव के ही विकास पुत्र निहाल सिंह ने अपने पडौसी विनोद पुत्र सूरजमल की 15 वर्षीय पुत्री के साथ अश्लील हरकत करने तथा युवती द्वारा विरोध करने पर उसके साथ गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गये। पीडि़ता ने घटना से अपने परिजनों को अवगत कराया। परिजनों के साथ थाने पहुंच कर युवती के पिता ने गाॅव के ही नामजद विकास के विरूद्व रिपोर्ट कराई हैं।  

Read More

मथुरा। उत्तर प्रदेश खत्री सभा का प्रथम अधिवेशन 11 व 12 अप्रैंल को छटीकरा वृन्दावन रोड स्थित रूक्मणि मन्दिर के सामने होगा। सभा के प्रदेश अध्यक्ष अचल मल्हौत्रा एडवोकेट ने बताया कि खत्री समाज के विकास के लिए सभा द्वारा 11 सूत्रीय एजेन्डा तैयार किया गया हैं। खत्री समाज का भारत के शहरी विकास में अभूतपूर्व योगदान रहा हैं। इसके वावजूद समाज को योगदान के अनुरूप उचित सम्मान जनक लाभ अभी तक नहीं मिल सका हैं। ऐसे मे आवश्यकता है कि इस समाज को संगठित किया जाये और जनसेवा के कार्यक्रमों अन्तर्गत समाज के उत्थान को लिए 13 विन्दूओं पर फोकस कर गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाये। उन्होंने बताया कि सत्ता में खत्री समाज की उचित भागीदारी, समाजसेवियों की सार्वजनिक अभिनन्दन, राजकीय पुरूस्कारों के लिए प्रयास, खत्री हैल्प मिशन, भारत दर्शन, देश का भ्रमण, लखनऊ में उच्चस्तरीय खत्री अतिथि ग्रह का निर्माण आदि संस्था के कार्य क्षेत्र में हैं। उन्होंने समाज के लोगों से अधिक से अधिक भागीदारी कर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील हैं। श्री मल्हौत्रा ने बताया कि सम्मेलन में विधान सभा व विधान परिषद में खत्री समाज के विद्यायक, जिला परिषद व नगर पालिकाओं के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया हैं। लखनऊ मध्य से विद्यायक रविदास मल्हौत्रा, लखनऊ पूर्व से विद्यायक गोपाल टंडन, कानपुर से सतीश महाना, अजय कपूर, मुरादाबाद से संजय कपूर आदि के भाग लेने की संभावना हैं।  

Read More

6.19 से 7 बजे तक अमृत बेला में शुभ मथुरा। फाल्गुन सदी पूर्णिमा गुरूवार 42 घड़ी 10 पल जो रात्रि के 11 बजकर 35 मिनट तक है मघा नक्षत्र 4 घटी 22 पल है जो प्रातः 8 बजकर 28 मिनट तक है।, उपरांत पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र आ जावेगा। होलिकादहन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा। हालिका दहन प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा को भद्रा रहित करना शास्त्रोक्त बताया गया है। इस दिन भद्रा प्रातः 10 बजकर 16 मिनट तक है, जो मृत्यु लोक में भद्रा रहता है। सायं काल में पूर्णिमा भद्रा से मुक्त है दिनांक 5 मार्च 2015 को होलिकादहन गौधूली वेला में प्रदोष काल में सूर्यास्त के बाद सायं काल 6ः18 मिनट के बाद अमृत घड़ी में 7 बजकर 48 मिनट अमृत घड़ी रहेगी, इसमें होलिकादहन प्रदोष काल में शुभ रहेगा। होलिका पूजन 10 बजकर 16 मिनट के बाद करें, शुक, केतु, मंगल एक स्थान पर स्थित हैं कहीं-कहीं बूंदा-बांदी, ओलावृष्टि, खड़ी फसल में नुकसान का योग है, महंगाई का रूख बनेगा, होलिका पर्व में त्यौहार वृष, कन्या, मकर राशि वालों को अशुभ फल एवं खर्च करने वाला होगा। वृष, मेष, मिथुन, कर्क, सिंह, तुला, धनु, कुंभ, मीन वालों को शुभाशुभ लाभ करने वाला होगा। दूर दराज क्षेत्रों में बर्फबारी से पुनः ठंड बढ़ेगी। यह त्यौहार राजीखुशी से सम्पन्न होगा।  

Read More