मथुरा

मथुरा। प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी एवं जिला विकास अधिकारी उमेश कुमार त्यागी की अध्यक्षता में बैठक कर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अन्तर्गत चलाये जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गयी। उन्होंने इस योजना में चलाये जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में विस्तार पूर्वक एक ठोस योजना जिलाधिकारी के मार्ग निर्देशन में तैयार करने के भी निर्देश दिये है ताकि कार्यक्रम को गति मिल सके। उन्होंने उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों से कहा है कि हमें शहर से लेकर ग्रामीण स्तर तक इस कार्यक्रम का वृहद प्रचार प्रसार करना है जिससे कि लोगों की समझ में यह आ सके कि बेटा बेटी एक समान है। बेटी भी किसी मायने में बेटों से कम नहीं है ऐसी भावना तथा सोच हमें प्रत्येक माता-पिता के मन में जागृत करनी है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के माध्यम से यदि समाज शिक्षित होगा तो हम बेटी बेटों में फर्क करना बन्द कर देगें ताकि कन्या भू्रण हत्या को रोका जा सके। पीसी पीएनडीटी एक्ट के नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य चिकित्साधिकारी राजेन्द्र सिंह ने इस योजना पर प्रकाश डालते हुए इस योजना को संचालित किये जाने वाले कार्यक्रमों तथा जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार पूर्वक अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हमें प्रत्येक ब्लाॅक तथा ग्राम पंचायत स्तर तक इस कार्यक्रम को ले जाकर जागरूकता पैदा करनी है ताकि कन्या भ्रूण हत्या को रोक कर लिंगानुपात समान किया जा सके और बेटी को भी जन्म देकर उसे अच्छी शिक्षा दिलाकर बेटे के बराबर ही नाम रोशन करने का मौका देना होगा। उन्होंने कन्या भू्रण हत्या को प्रभावी ढंग से रोकने के बारे में दिये गये प्राविधानों से अवगत कराया तथा बताया कि अल्ट्रासाउन्ड सेन्टरों पर लिंग परीक्षण कर जो कन्या भू्रण हत्यायें की जा रही है उसमें करने तथा कराने वाले दोंनों पक्षों को कड़े आर्थिक दंड तथा सजा अथवा दोनों का प्राविधान है। उन्होंने यह भी बताया कि जिलाधिकारी से मार्ग निर्देशन लेकर इस योजना को प्रभावी ढंग से शहर से ग्रामीण स्तर तक चलाकर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को क्रियान्वित किया जायेगा। इस अवसर पर डा0 दिलीप सिंह, डा0 सुकेश कुमार, डी0जी0सी0 बद्री प्रसाद, जिला प्रोवेशन अधिकारी ओमप्रकाश, जिला समाज कल्याण अधिकारी डा0 उमा शंकर शर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी, डा0 भारती वर्मा, चै0 रामवीर सिंह सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित थे।  

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एक माह पूर्व गबन के आरोप में हुआ था सस्पेंड घर से परिवार सहित सामान समेट हुआ फरार मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम को किराए के मकान पर लटका मिला ताला मथुरा। लैस प्रत्यारोपण एवं नेत्र आॅपरेशन के एक कैंप में आॅपरेशन के बाद 12 मरीजों की आंख की रोशनी जाने का मामला सामने आया है। बांके बिहारी सेवा संस्थान नाम के एक एनजीओ ने बीत 22 नंवबर को आई कैंप लगाया था। कैंप में करीब दो दर्जन मोतियाबिंद के मरीजों का आॅपरेशन झोलाछाप डाॅक्टरों द्वारा किया गया था। इसके बाद 12 मरीजों की आंख की रोशनी चली गई। इस एनजीओ का संचालक मुख्य चिकित्साधिकारी मथुरा के कार्यालय में तैनात एक तृतीय श्रेणी नेत्र सहायक के पद पर तैनात कर्मचारी है। एक माह पूर्व इसे एक घोटाले के चलते निलंबित किया गया था। उक्त कर्मी ने एनजीओ अपनी पत्नी के नाम से रजिस्टर्ड कराया हुआ है तथा इसमें परिवार के लोगों एवं सगे संबंधियों को ट्रस्टी नामित कर रखा है।  जिलाधिकारी द्वारा मामले की जांच के लिए एक हाईपावर जांच कमेटी गठित कर सिटी मजिस्टेªट एवं चार डिप्टी सीएमओ को रिपोर्ट देने के लिए कहा है। रविवार को सिटी मजिस्टेªट एवं मुख्य चिकित्साधिकारी अधीनस्थों के साथ आरोपी फर्जी चिकित्सक के ठिकाने पर भी पहुंचे लेकिन बीती रात ही वह अपना सामान समेट यहां से पफरार हो चुका था।  प्राप्त जानकारी के अनुसार बांके बिहारी सेवा संस्थान चन्द्रपुरी धौली प्याऊ शहर कोतवाली नामक एनजीओ द्वारा 22 नवम्बर 2014 को लगाए गए नेत्र आॅपरेशन शिविर के दौरान आॅपरेशन किए गए 12 मरीजों की आंख की रोशनी चले जाने की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। कैंप में मथुरा के अलावा आगरा, राजस्थान के कुछ लोगों ने भी आॅपरेशन कराए थे। कैंप में मरीजों से बढि़या लेंस के नाम पर करीब पांच हजार और दवा के नाम पर हजार रुपए वसूले गए। इस बीच कुछ मरीजों की आंखें चली गई। बाद में 12 मरीजों ने अपने आंख की रोशनी गंवा दी। डाॅक्टरों ने बताया गया कि ये मरीज दोबारा अपनी आंखों से नहीं देख सकेंगे। मरीजों के तीमारदारों ने तब कैंप में मिली दवाएं दिखाई, तो डाॅक्टरों ने उन्हें एक्सपायर्ड बताया। जांच के दौरान हुए खुलासे में पता चला कि बांके बिहारी सेवा संस्थान का संचालक मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में तृतीय श्रेणी का कर्मचारी पीडी गौतम पुत्र हरीशंकर निवासी चन्द्रपुरी धौली प्याऊ है। पीडी गौतम मोबाइल यूनिट में नेत्र सहायक के पद पर तैनात था, जनपद में लगने वाले नेत्र शिविरों का भ्रमण व निरीक्षण करने के साथ ही वहां आॅपरेशन कराने वाले मरीजों की संख्या नोट करने एवं आॅपरेशन थियेटर की व्यवस्थाएं देखने जैसी जिम्मेदारी इसके ऊपर थी। जिसके चलते इसने आॅपरेशन कराने वाले मरीजों की संख्या में फेर बदल कर बड़ा घोटाला कर लम्बी रकम डकारी थी। शिकायत पर अपर निदेशक स्वास्थ्य आगरा एवं मुख्य चिकित्साधिकारी मथुरा द्वारा अलग अलग कराई गई जांचों आरोप की पुष्टि होने पर अपर निदेशक स्वास्थ्य आगरा की संस्तुति पर शासन द्वारा करीब एक माह पूर्व पीडी गौतम को निलंबित किया गया था। अब बारह लोगों की रोशनी जाने की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग को मिली जानकारी के अनुसार इन मरीजों के आॅपरेशन पीडी गौतम ने ही किए थे। रविवार नगर मजिस्टेªट के नेतृत्व में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 बीएस यादव अपने अधीनस्थों एवं पुलिस टीम के साथ आरोपी चिकित्सा कर्मी के आवास पर पहुंचे लेकिन वहां से यह अपना सामान समेट कर बीती रात ही गायब हो चुका था। मकान के बाहर बैठे लोगों के अनुसार मकान किसी शकुंतला कुंतल नामक महिला का है तथा एक वर्ष पूर्व 5 हजार रुपए प्रतिमाह पर किराए पर लिया गया था। यहीं पीडी गौतम मरीजों के आॅपरेशन करता था, जिसमें जनपद आगरा के गढ़ी वाईपुर निवासी 70 वर्षीय फौरन सिंह यादव एवं सोमवती देवी 72 वर्ष तथा ऐत्मादपुर के गांव धौरेरा निवासी खेमचंद 65 वर्ष सहित एक दर्जन लोगों की आंख की रोशनी चली गई। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 बीएस यादव द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आरोपी स्वास्थ्यकर्मी द्वारा किए गए नेत्र आॅपरेशनों में बलदेव के कुछ लोगों की भी आंख की रोशनी चले जाने की जानकारी मिली है। जिलाधिकारी द्वारा एक हाईपावर जांच कमेटी गठित की गई है जिसमें नगर मजिस्टेªट एवं चार उपमुख्य चिकित्साधिकारी नामित किए गए हैं। इस जघन्य अपराध के लिए आरोपी चिकित्साकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आरोपी के मकान पर भी प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा था, लेकिन वह वहां से सामान समेटने के साथ ही वहां टंगे बोर्ड व बैनर समेट कर फरार हो चुका है।

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मथुरा। श्री कृष्ण सामूहिक संर्कीतन मण्डल द्वारा प्राचीन केशवदेव मंदिर में भजन संघ्या व फूल बंगले का आयोजन किया गया। मल्लपुरा स्थित ठाकुर श्री केशव देव मंदिर में फूलों से महक रहे मंदिर प्रंागण में मंडल के सदस्यों एंव श्रद्वालुओं ने ठाकुरजी के समक्ष भजनों की प्रस्तुति की। भजन गायन का कार्यक्रम श्रीगणेश एंव सरस्वती वंदना से किया गया। कार्यक्रम सचंालन महेश चंद टैंट वालों ने किया। मण्डल के सदस्यों ने भवनात्मक भजनों द्वारा श्रद्वालुओं को आंनद के सागर में गोते लगाने को मजबूर कर दिया। सदस्यों द्वारा मुख्य रूप से पंथ निहारत पथराई अॅखियों अजहू न आये श्याम, मनमोहन तुझे रिझाऊॅ तोहे कितने लाड़ लड़ाऊॅ, कान्हा की दीवानी बन जाऊॅगी आदि की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वीरेन्द्र मित्तल, सोहन लाल शर्मा, वृषभान, विजय बसंल, हरीबाबू, मनमोहन सर्राफ आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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मथुरा। देश के प्रख्यात तकनीकि संस्थानों आईआईटी और आईआईएम के समकक्ष अपने आपको स्थापित करने के लिए प्रतिबद्व, आईआईटी सर्टिफाइड सेन्टर जीएल बजाज ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशन्स मथुरा में समस्त इंजीनियरिंग फैकल्टी के लिए दो सप्ताह की पेडागोजी आॅफ इफैक्टिव यूज आॅफ आईसीटी इन इंजीनियरिंग एजूकेशन पर आधरित आईआईटी बौम्बे की वर्कशाप की शुरूआत हुई। गौरतलब है कि भारत सरकार के एमएचआरडी मंत्रालय द्वारा नेशनल मिशन ओन एजुकेशन थ्रू आईसीटी के अन्र्तगत देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान आईआईटी बौम्बे द्वारा जीएल बजाज ग्रुप आॅफ इंस्टीट्यूशन्स में शार्ट टर्म ट्रैनिंग प्रोग्राम के तहत वर्कशाॅप आयोजित की जा रही है, जिसमें इंजीनियरिंग संस्थानों की फैकल्टी शामिल होकर अपनी टीचिंग पेडागोजी यानि शिक्षण पद्वति को और अधिक प्रभावी रूप देने के लिए आईसीटी के प्रभावी उपयोग एवं महत्व को सीखेंगे। दो सप्ताह तक चलने वाली इस वर्कशाॅप को आयोजित करने का उद्देश्य आईआई के प्रोफेसरों द्वारा इंजीनियरिंग फैकल्टी को तकनीकी रुप से उन्नत ज्ञान प्रदत्त कर विश्व के प्रख्यात तकनीकि यूनिवर्सिटीज और संस्थानों की फैकल्टी के समकक्ष पायदान पर लाना है।  

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वृंदावन। गत एक पखबाड़े पूर्व संत चतुर्भुजदास गुरू सर्वेश्वर दास ने घोषणा की थी कि वे चार जनवरी से लेकर दस जनवरी तक समाधि लेंगे। आज जब वे सुबह भजन कर रहे थे तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे जमीन पर लेट गये और लम्बी लम्बी सांसे लेने लगे। उनके दर्शनों के लिए गोवर्धन, राधाकुण्ड, सकरावा, पलवल से आये हजारों भक्तों उनके दर्शन किये। समाचार लिखे जाने तक बाबा चतुर्भुजदास की हालत चिन्ताजनक बनी हुई थी। भीड़ को देखते हुए पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। यदि बाबा के कथनानुसार उनकी बात सत्य हो जाती है तो ऐसे संत के प्रति लोगों की श्रद्धा अधिक होगी। क्योंकि बाबा भजन करते हुए समाधी लेने की बात कह चुके है।  

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मथुरा। कड़ाके की भयंकर ठण्ड में बड़ें मकानों में रहने वाले, ऊनी वस्त्र पहनने वाले साधन सम्पन्न लोग भी काँप रहे हैं किन्तु जनपद में हजारों नहीं लाखों लोग ऐसे हैं जिन पर तन ढकने के लिए ऊनी तो दूर सूती वस्त्र भी नहीं हैं। ज्ञानदीप शिक्षा भारती के सचिव मोहन स्वरूप भाटिया ने पीड़ा के साथ कहा है कि विद्यालय के बच्चों द्वारा अपने घर तथा पड़ोस से एकत्रित एवं मथुरा के उदारमना नागरिकों द्वारा भेजे गये वस्त्र विद्यालय में हैं जिनसे इस भीषण शीत में जरुरतमन्दों को राहत मिल सकती है किन्तु ग्राम प्रधानों से अनेक बार आग्रह किए जाने पर उन्होंने अपने क्षेत्र के जरुरतमन्दों की वस्त्र सेवा के प्रति सहयोग नहीं किया है। उन्होंने ग्राम प्रधानों तथा ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों से कहा है कि वे वस्त्रों को ज्ञानदीप विद्यालय से वितरण हेतु प्राप्त कर सकते हैं अथवा सूचित किए जाने पर ज्ञानदीप के छात्र छात्रा भी गाँव में पहुँच कर वस्त्र वितरण कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा है कि एकत्रित वस्त्र अच्छी हालत के हैं और इस कडकडाती ठण्ड में तन ढकने तथा ठण्ड के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव में सहायक होंगे। ग्राम प्रधानों के अतिरिक्त समाजसेवी व्यक्ति तथा समाजसेवी संगठन भी इस पुण्य सेवा कार्य में सहयोगी बन वास्तविक समाज सेवा कर सकतें हैं।  

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