मथुरा

सीमा विवाद के चलते पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट गोवर्धन। थाना गोवधर््ान क्षेत्र के कस्वा सौंख से पूर्व बाइक सवार बदमाशों ने पिता पुत्र के साथ मारपीट कर उनसें उनकी बाइक, मोवाईल व हजारों रूपयें की नगदी को लूट कर भाग गये। घटना से पीडि़त पिता पुत्र ने थाना गोवर्धन पुलिस को सूचना दी तो पुलिस ने सीमा विवाद के चलते उनकी रिपोर्ट दर्ज करने से इन्कार करते हुए भगा दिया।  मिली जानकारी के अनुसार देवेन्द्र सिंह पुत्र सज्जन सिंह अपने पिता सज्जन सिंह पुत्र नाहर सिंह निवासी गोवर्धन अपनी बाइक भरतपुर से गोवर्धन वापस लौट रहें थे कि रास्ते में कस्वा सौंख से करीब दो किलोंमीटर आगे बाइक सवार चार युवकों ने उन्हें ओवर टेक कर रोक लिया और असलाह के बल पर उनसें उनकी बाइक संख्या यूपी 85 7068 व मोवाईल फोन के अलावा हजारों रूपयें की नगदी को छीन लिया और जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गये। घटना की सूचना पीडि़त बाइक स्वामी ने गोवर्धन पहुंच कर थाना पुलिस को दी। लेकिन थाना पुलिस ने मामला मर्गोरा थाने का बताते हुए घटना स्थल का निरीक्षण करना भी उचित नहीं समझा। पुलिस ने सीमा विवाद के चलते दोनो थानों के चक्कर लगाने के बाद रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी हैं।  

Read More

मथुरा। नगर पालिका की लापरवाही कहें या विकास कार्यो की अनदेखी लेकिन इसकी गलती एक ढाई वर्षीय मासूम को नाले में गिर अपनी जान देकर भुगतनी पड़ी। घटना से क्षेत्रीय लोगों में पालिका प्रशासन के विरूद्व आक्रोश व्याप्त हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बालक के शव को नाले से निकलवाकर पंचनामें की कार्यवाही कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा हैं।  मिली जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र की पुष्प बिहार कालौनी निवासी राम भरोसी का ढाई वर्षीय पुत्र नितिन घर के दरवाजें पर खेल रहा था कि अचानक घर के सामने से होकर गुजर रहें खुले नाले में जा गिरा। बालक के नाले में गिरतें ही घर में कोहराम मच गया। सभी क्षेत्रीय लोग घटना स्थल पर एकत्रित हो गये और अपने अपने स्तर से वालक को वाहर निकालनें का प्रयास करने लगें लेकिन नाले की गहराई अत्याधिक होने तथा कीचड़ भरी होने के चलते बालक को निकालनें में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा था इसी बीच सूचना पर क्षेत्रीय पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंच गई पुलिस घटना स्थल की परिस्थितियों को देख फायर बिग्रेंड कर्मियों को बुला लिया और उसके उपरान्त फायर बिग्रेंड कर्मी और क्षेत्रीय लोगों की मदद ने वालक को वाहर निकाला जा सका। लेकिन तब तक वालक की मौत हो चुकी थी। घटना को लेकर क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना था कि नाले बना तो दिये गये है लेकिन इनको पाटा नहीं गया हैं। जिससें यहाॅ के निवासियों को आये दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और आये दिन जानवर व क्षेत्रीय लोग नाले में गिर जाते हैं। लेकिन पालिका प्रशासन को कई वार शिकायत करने के बावजूद भी उक्त नालों ढकवाने की व्यवस्था नहीं की गई हैं। उन्होंने पालिका प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उक्त नालों को शीघ्र ही नहीं ढकवाया गया तो वह सड़क पर उतर कर आन्दोलन करेंगे।  

Read More

जन प्रतिनिधियों के झूठे आश्वासनों को झेलने को मजूबर परेशान ग्रामीण राधाकुंड-कोन्हई मार्ग पर सडक़ के बीचों बीच बना गहरा गड्ढा गोवर्धन। शासन प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों को कस्बे से जोडऩे वाले मार्गों की सुधि नहीं है। जन प्रतिनिधि भी बड़े बड़े वायदे कर वोट लेकर दोबारा वापिस नहीं आये। अब हाल यह है कि कभी राहगीरों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है। गहरे गहरे गड्ढे व सडक़ पर फैली मोटी-मोटी गिट्टियां परेशानी का सबब बनी हुई हैं। ग्राम पंचायत कोन्हई की करीब छह हजार की आबादी है। इस गांव को कस्बा राधाकुंड से जोडऩे वाला मार्ग करीब बीस वर्ष से क्षतिग्रस्त स्थिति में है। इस मार्ग में गहरे गहरे गड्ढे हो गये हैं। डाबर के हटने के बाद मोटी मोटी गिट्टियां सडक़ पर फैली हुई हैं। जबकि यही मार्ग राधाकुंड से कोन्हई होकर पेलखू, सिवाल आदि गांवों को जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली के अकबरपुर गांव पहुंचता है। इस मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से चार पहिया वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। सिर्फ ग्रामीण ही टैक्टर ट्रॉलियों व अन्य वाहनों को ले जाते हैं। आये दिन वाहन पलटकर दुर्घटना का कारण बनते हैं। इस मार्ग पर कंटीली झाडिय़ां विलायती बबूल भी मुसीबत का कारण बनी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विधानसभा चुनावों के बाद लोकसभा चुनावों में सांसद बनी हेमा मालिनी ने ग्रामीणों से वायदा किया था कि वे सडक़, बिजली व पानी की कमी नहीं आने देंगी। जब कि चुनाव जीतने के बाद न तो सांसद का पता है और न ही उनकी ओर से प्रतिनिधि आया है। आने वाले किसी भी चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी का वहिष्कार किया जाएगा। ग्रामीण महेन्द्र सिंह का कहना है कि इस मार्ग के निर्माण को लेकर लोक निर्माण व जिला प्रशासन को मौखिक व लिखित रूप से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। सांसद की ओर से आदर्श गांव योजना में ऐसे गांव को चिन्हित करना चाहिए था जो कि विकास के लिए वर्षों से इंतजार कर रहा है। इस गांव में नाली व खरंजा उखड़े पड़े हैं। बिजली के तार जर्जर स्थिति में हैं। स्वास्थ्य व अन्य योजनाओं से भी अछूता है। वहीं परिक्रमा मार्ग जतीपुरा से गांठौली को जोडऩे वाला मार्ग भी अपने बदहाली पर आंसू बहा रहा है। इस मार्ग पर पडऩे वाले प्राचीन गुलाल कुंड पर हजारों की संख्या में ब्रज यात्री प्रत्येक वर्ष दर्शन करने पहुंचते हैं। जबकि प्रतिदिन इसी मार्ग से राहगीर गांठौली से डीग मार्ग की ओर जाने के लिए इसी रास्ते का साहरा लेते हैं। लोक निर्माण विभाग व जिला पंचायत की ओर से इस मार्ग की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जतीपुरा के रहने वाले राम पुरोहित का कहना है कि मार्ग पर गहरे गहरे गड्ढे हो गये हैं। अगर इस मार्ग का निर्माण नहीं किया गया तो सीधे मुख्यमंत्री से शिकायत की जाएगी।  

Read More

गोवर्धन। थाना गोवर्धन में दर्ज मुख्य अपराध संख्या संख्या 571/14 धारा 147, 148, 149, 307, 323, 506 आईपीसी में वांछित चल रहे कन्हैया, किशन पाल पुत्रगण बिजेन्द्र, प्रताप सिंह, मान सिंह पुत्रगण मुकुन्द निवासीगण जमुनावता तथा रोल सिंह निवासी भवनपुरा, सियाराम निवासी जाटौली थाना डीग राजस्थान को मथुरा एसीजेएम द्वितीय ने फरार घोषित किया है।  

Read More

60 एकड़ में बनेगा मंदिर 212 मीटर ऊंचा मंदिर दुनिया में 12 वें स्थान पर 400 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण तीन से चार दिन लगेंगे 76 धर्मिक स्थलों के दर्शन करने को (सुनील शर्मा) वृन्दावन में आने के वाद विश्व के अनोखे मंदिर के पास पहुंच कर जब लोग यह कहने को मजबूर हो जायेंगे कि क्या वात है क्या अद्भुद, चीज है, क्या शानदार है और बैमिसाल है। बात कर रहे हैं वृन्दावन में बनने जा रहे चन्द्रोदय मंदिर की जो दुनिया में अपने आप में एक अकेला मंदिर होगा। जो मंदिर देश में तो क्या पूरी दुनिया के किसी कौने में अब तक नही बना होगा। पूरी दुनिया में सबसे उंचा मंदिर होगा वृन्दावन की पावन धरती पर अगर हम बात करें दुनिया के उन तमाम इमारतों की जो आज भी आम जन मानस के जहन में रचबस गये है। उनमें भी अगर तुलना की जाय 13 वीं शताव्दी में बने एतिहासिक कुतुबमीनार से तो यह मंदिर उससे तीन गुना ऊंचा होगा। कुतुबमीनार की कुल ऊंचाई 73 मीटर है। अब तक दुनिया भर के गगनचुंबी इमारतों की वात केवल सुनने को मिलती थी कि उस देश में इतनी ऊंची इमारत है। टीवी व मैगजीन में खवर के तोर पर पढने को मिल जाती थी कि फला इमारत इतनी ऊंची है। लेकिन अब यह सपना भी ब्रज की पावन धरती पर साकार होने जा रहा है। नया इतिहास रचने की तैयारी में है। राधा-कृष्ण के पे्रम की धरती अब इस अनोखे मंदिर के कारण एक वार फिर प्रेम के एक और प्रतीक के रूप में स्थापित होने जा रहा है यह विशाल मंदिर जो 60 एकड़ के विशाल भूखण्ड में चार एकड़ में फैला इस मंदिर का परिसर जिसमें इसका आधारभूत ढांचा बन कर तैयार होगा। मंदिर की ऊंचाई 700 फीट होगी यानी 212 मीटर जो विश्व का पहला मंदिर होगा। इसके निर्माण के वाद यह मंदिर दुनिया के तमाम गगनचुंबी इमारतों की सूची में 12 वें स्थान पर होगा। दुबई में स्थित बुर्ज खलीफा की ऊंचाई 828 मीटर है। शिकागो की विलिस टाॅवर की ऊंचाई 442 मीटर  और वह 11 वें स्थान पर है। 70 मंजिला चन्द्रोदय मंदिर की आधार शिला 16 नवम्बर 2014 को देश के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने रखी इसके लिये विशेष आयोजन कर पूजा अर्चना भी कराई गई। इस मंदिर के निर्माण में खुजराहो शैली और आधुनिक शिल्पकला का मिलाजुला स्वरूप देखने को मिलेगा। मंदिर की डिजाइन इस्काॅन बेंगलरू के इस्काॅन के भक्तों के द्वारा तैयार की गई है। इस मंदिर के आंतरिक साज-सज्जा (इंटीरियर डिजायन) की जिम्मेदारी विदेशी शिल्पकारों को दी गई है। इस्काॅन के परम ब्रह्मदास प्रभु के अनुसार मथुरा वृन्दावन विकास प्राधीकरण ने मंदिर का नक्शा पास कर दिया है। उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण 400 करोड़ की लागत से होगा। पहले चरण में आधारभूत ढ़ाचा तैयार करने में करीब 150 करोड़ रुपयों की राशि खर्च होगी। इसके वाद 70 मंजिलों के निर्माण व साज-सज्जा पर करीब 250 करोड़ रुपयों का खर्च होने का अनुमान है। परम ब्रह्मदास प्रभु ने बताया कि शुरूआत में इस मंदिर को 108 मंजिला बनाने की योजना थी जिसके हिसाब से यह मंदिर 1080 फीट की ऊंचाई तक बनता लेकिन भारतीय विमानपत्तनम प्राधीकरण की ओर से अत्यधिक ऊंचाई के कारण अनुमति नही दिये जाने के चलते मंदिर की ऊंचाई अब 212 मीटर ही होगी। बेमिशाल अद्भुत शिल्पकला के अनूठे इस मंदिर के चारों ओर 40 एकड़ में फैला घना जंगल होगा। जो प्राचीन ब्रज की छवि का अहसास करायेगा। प्राचीन वनों के नाम पर ही इसमें बनने वाले वनों को नाम दिया जायेगा। मंदिर के किनारे किनारे दो किलो मीटर यमुना नदी भी होगी। इसमें यमुना से जल लाकर उसकों साफ करने के वाद ही इसमें डाला जायेगा। मंदिर की सबसे ऊंची मंजिल का नाम ब्रज मंडल दर्शन रखा जायेगा। यहां से ब्रज के प्राचीन धार्मिक स्थलों के दर्शन होंगे साथ ही विश्व के सात अजूबों में से एक प्रेम की निशानी ताजमहल को भी दूरबीन से देखा जा सकेगा। इस आश्चर्य जनक मंदिर का भ्रमण करने के लिये श्रद्धालुओं को तीन से चार दिन का समय लगेगा। मंदिर में ग्रांड टेम्पल दूसरे भाग में अर्थली प्लेनेट्स, हेवेनली प्लेनेटस, बैकुण्ठ प्लेनेटस, गौलोक वृन्दावन और सबसे ऊंचाई पर ब्रज मंडल दर्शन होंगे। युवा पीढ़ी को आकर्षित करने और इस मंदिर से जोड़ने के लिये राधा-कृष्ण की लीलाओं को मिकी माउस की तरह से 3-डी एनिमेशन में दिखाने की योजना है। इसके लिये कृष्ण लीला पार्क का निर्माण कराया जायेगा। साथ ही आडिटोरियम, म्युजिकल फाउंटेन, लगभग दस हजार की क्षमता वाला हाॅल भी होगा। जहां एक साथ इतने लोग धार्मिक आयोजनों में हिस्सा ले सकेंगे।

Read More

बाल दिवस के बाद एक हफ्ता पूरा होते-होते बच्चों के लिए 'मर-मिटने' के सरकारी और गैर-सरकारी आह्वानों की 'हवा' निकलने लगती  है। वही बच्चे फिर से अपनी रोजी-रोटी जुटाने के संघर्ष में जुट जाते हैं और 'तंत्र' अपने अगले 'इवेंट' की तैयारी में...  

Read More



Mediabharti