मथुरा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला न्यायालय के सचिव ने अवगत कराया है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के संदर्भ में अधिकतम वादों के निस्तारण पर विचार विमर्श प्रचार प्रसार एंव राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए कानूनी जानकारी हेतु एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कल दिनांक 17 नवम्बर 2014 दिन सोमवार को तहसील सदर के ब्लाॅक सभागार में किया गया। इस विधिक साक्षरता शिविर की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मथुरा दिनेश कुमार सिंह द्वारा की गई। इस अवसर पर दिनेश कुमार शर्मा, अपर जिलाधिकारी न्यायाधीश ओमवीर सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धीरेन्द्र प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन राजकुमार सिंह, यादव, तहसीलदार सदर, डा0 एके वाजपेयी, परियोजना निदेशक एवं प्रभारी ब्लाॅक प्रमुख, चै0 हाकिम सिंह, एड0 अध्यक्ष तहसील सदर बार एसोसिशन सहित आॅंगनबाड़ी, आशा कार्यकत्रियां व आस पास के गाॅंवों से आये ग्राम प्रधान उपस्थित रहे। विधिक साक्षरता शिविर का संचालन राजकुमार सिंह यादव, तहसीलदार सदर द्वारा करते हुए उपस्थित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों का स्वागत किया गया तथा इस विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन का महत्व बताया गया। उपस्थित ग्राम प्रधानों, आॅंगनबाड़ी महिलाओं, आशाओं व जनसामान्य को राष्ट्रीय लोक अदालत दिनांक 6 दिसम्बर 2014 के संबंध में विस्तार पूर्वक बताते हुए कहा गया है, कि वे अपने अपने क्षेत्रों से संबंधित अधिक से अधिक वादों का निस्तारण लोक अदालतों में करायें, ताकि लम्बित वादों की संख्या कम की जाये। सभी ग्राम प्रधानों से विचार विमर्श किया उनके क्षेत्रों से संबंधित वादों के बारे में पूछा तथा लोक अदालत में प्रस्तुत किये जाने वाले विभिन्न वादों से संबंधित शंकाओं का निवारण किया गया। उन्होेंने सभी प्रकार के वादोे का निस्तारण ईमानदारी तथा निष्पक्ष रूप से करने की चेतावनी दी। ओमवीर सिंह व दिनेश सिंह ने बताया कि लोक अदालत को आयोजित करने का उद्देश्य है कि आंलम्बित वादों की संख्या कम हो ताकि पीडि़त को शीघ्र सुलभ व सस्ता न्याय मिल सके। दिनेश सिंह द्वारा इस प्रकार के विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन क्यों किया जाता है, निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के पात्र कौन-कौन हैं, महिलाओं के क्या-क्या अधिकार है, भरणपोषण विधि, दहेज कानून आदि से विस्तार पूर्वक अवगत कराते हुए हेल्प लाईन नम्बर 1090 तथा 100 के सम्बन्ध में बताया गया। यदि पुलिस किसी घटना की एफ,आई,आर नहीं लिखती है तो वह न्यायालय के माध्यम से अपनी एफ.आई.आर दर्ज करा सकता है। ओमवीर सिंह द्वारा वेटी वचाओ तथा बाल विवाह अधिनियम के सम्बन्ध में विस्तार पूर्वक बताया गया। दिनेश कुमार सिंह, अपर जनपद न्यायाधीश, द्वारा मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद अधिनियम के सम्बन्ध में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गई। विधिक साक्षरता शिविर की अध्यक्षता करते हुए जनपद न्यायााधीश द्वारा जनसमूह से राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाये जानें हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान करने को कहा गया है। अन्त में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत 6 दिसम्बर हेतु मुद्रित कराई गई प्रचार-प्रसार सामग्री को उपस्थित जनसमूह को वितरित कराया गया तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार हेतु मुद्रित कराये स्टीकर्स को प्रचार-प्रसार हेतु तहसील सदर ब्लाॅक में विभिन्न स्थानों पर चस्पा कराया गया।
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