मथुरा

  मथुरा। नाॅर्थ रेलवे के जनरल मैनेजर प्रदीप कुमार ने जंक्शन रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने रेलवे स्टेशन पर गंदगी देख नाराजगी व्यक्त की। वहीं स्टेशन पर घूमते आवारा पशुआंे को देख स्टेशन अधीक्षक को गंदगी के लिए कड़ी चेतावनी दी तथा नगर पालिका परिषद पर भी गंदगी कराने का आरोप लगाया। उन्होंने स्टेशन अधीक्षक से स्टेशन पर साफ सफाई बराबर बनाये रखने की चेतावनी के साथ स्टेशन व पटरियों पर आवारा पशुओं को रोकने हेतु कड़ी चेतावनी भी दी। निरीक्षण के दौरान जीएम ने रेलवे लाइन के दोनों ओर 12 किलोमीटर तक दीवार बनवाने के निर्देश भी दिये जिससे कि आवारा पशु रेलवे लाइन पर न आ पायें।

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नई दिल्ली : सरकार ने डीजल की कीमतों पर से नियंत्रण हटाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यहक्षता में हुई कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में डीजल की बिक्री पर कम वसूली और इसकी वर्तमान स्थिति संबंधी मुद्दों का अनुमोदन किया गया। डीजल की कीमत बाज़ार के अनुसार तय किए जाने संबधी आदेश जारी कर दिए गए हैं। डीजल के मूल्‍य खुदरा और रिफाइनरी गेट, दोनों ही स्‍तरों पर बाज़ार के अनुसार तय होंगे। कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति द्वारा 17 जनवरी 2013 को किए गए पूर्ववर्ती निर्णय के आधार पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसीज) के लिए आदेश जारी किए गए हैं जिनमें उन्‍हें अगले आदेशों तक डीजल के खुदरा बिक्री मूल्‍यों में प्रतिमाह 40 पैसे से 50 पैसे प्रति लीटर तक (विभिन्‍न राज्‍यों/संघशासित प्रदेशों में लागू वैट की दरों को छोड़कर) बढ़ोतरी करने की अनुमति दी गई है। डीजल के मूल्‍य बाजार द्वारा निर्धारित होने से ऑटो ईंधन खुदरा क्षेत्र में प्रतिस्‍पर्धा बढ़गी और तेल कंपनियों की सेवा वितरण सक्षमता में सुधार आयेगा। तेल कंपनियों में प्रतिस्‍पर्धा बढ़ने से उपभोक्‍ताओं को लाभ पहुंचेगा और उन्‍हें अधिक विकल्‍प उपलब्‍ध होंगे।

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महात्‍मा गांधी का नाम चाहे हमने सुना हो या बोला हो, इससे जुड़ा पहला शब्‍द जो हमारे दिमाग़ में आता है वह है ‘अहिंसा’। उसी तरह जब हम सरदार वल्‍लभभाई पटेल का नाम लेते हैं, तो हमारे दिमाग़ में जो शब्‍द उभरता है, वह है ‘लौह पुरुष’।  इसी लौह पुरुष की गुजरात में विश्‍व की सबसे ऊंची प्रतिमा के निर्माण की योजना को 2014-15 के केंद्रीय बजट में ‘राष्‍ट्रीय योजना’ घोषित किया गया और इसके लिए केंद्र ने 200 करोड़ रुपये आवंटित किए। गुजरात सरकार ने इस प्रतिष्ठित संरचना के निर्माण के लिए पहले ही 500 करोड़ रुपये आवंटित किए हुए हैं। नर्मदा नदी के जल में खड़ी होने वाली यह प्रतिमा भारत में प्राचीनकाल से मौजूद सामाजिक-सांस्‍कृतिक विविधता के बावजूद भारतीयता एकता और राष्‍ट्र की इस एकता व एकजुटता के वाहक पुरुष के पुण्‍यस्‍मरण की प्रतीक है। इसीलिए भारत सरकार ने वल्‍लभभाई पटेल के जन्‍मदिवस 31 अक्‍टूबर को ‘राष्‍ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाने का निश्‍चय किया है। भारत के लौह पुरुष को श्रद्धांजलिस्‍वरूप 182 मीटर ऊंची यह प्रतिष्ठित प्रतिमा, साधु-बेट द्वीप पर बनाई जा रही है, जो गुजरात के नर्मदा जि़ले में केवड़ि‍या में बने सरदार सरोवर बांध से लगभग 3.5 किलोमीटर दक्षिण में है। यह प्रेरक स्‍मारक स्‍थल, जो अपने में कई शिक्षण-मनोरंजन संघटकों को समेटे हुए है, नर्मदा नदी की ओर सतपुड़ा और विंध्‍याचल पर्वतश्रेणी, गुरुदेश्‍वर से घिरी, सरदार सरोवर बांध और केवड़ि‍या शहर के बीच स्थित है। इस भव्‍य स्‍मारक की महिमा इसकी सुरम्य पृष्‍ठभूमि से और बढ़ जाएगी। इसकी अद्भुत अवस्थिति पारिस्थितिक-पर्यटन और क्षेत्रिय विकास के लिए लाभकारी है। ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्‍ट है। यह स्‍वतंत्रता के बाद लगभग 565 रियासतों के विखंडित समूहों की और भारतीय राज्‍य के निर्माण के पटेल के निष्‍कलंक कार्य का प्रतीक है। यह रक्‍तरंजित और दर्दनाक विभाजन के बाद अखंड भारत में तत्‍कालीन गृहमंत्री सरदार वल्‍लभभाई पटेल की अद्वितीय प्रशासनिक क्षमता और वीरता को श्रद्धांजलि के रूप में स्‍थापित  होगा। दुनियाभर के सैलानियों को भारत की खूबसूरती को सराहने के लिए पर्यटन को प्रोत्‍साहन देने और भारतीय एकता के प्रतीक पुरुष के अभिवादन में बिला शक सरदार जी की यह 182 मीटर ऊंची प्रतिमा एक अद्वितीय पहल है। भारत के पहले गृहमंत्री सरदार वल्‍ल्‍भभाई पटेल की विश्‍व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रिय परियोजना है, जिसके निर्माण का कार्यभार गुजरात सरकार ने अग्रणी इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो को सौंपा है। सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा के निर्माण की कुल लागत 2,979 करोड़ रुपये है, जो अभी तक इस परियोजना के लिए आवंटित कुल 700 करोड़ रुपये की धनराशि से बहुत अधिक है। लेकिन इसके एक राष्‍ट्रीय परियोजना घोषित होने के बाद सरकार द्वारा इसके त्‍वरित निर्माण और पर्याप्‍त वित्‍तपोषण को सुनिश्चित किया गया है। गुजरात की मुख्‍यमंत्री आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ‘यह विशाल निर्माण कार्य 2,979 करोड़ रुपये की लागत से चार वर्षों में पूरा होगा। इसका निर्माण अनुबंध देश की अग्रणी इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो को दिया गया है।’ 1,347 करोड़ रुपये मुख्‍य प्रतिमा पर खर्च होंगे, 235 करोड़ रुपये प्रदर्शनी हॉल और सम्‍मेलन केंद्र पर खर्च होंगे, वहीं 83 करोड़ रुपये मुख्‍य जगह से स्‍मारक को जोड़ने वाले पुल के निर्माण पर खर्च होंगे और 657 करोड़ रुपये इसके पूरा होने के बाद 15 वर्ष तक इसकी संरचना के अनुरक्षण के लिए होंगे। 182 मीटर ऊंची ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’, जो न्‍यूयॉर्क की ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ लिबर्टी’ (93 मीटर) से आकार में दोगुनी है, भावी पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। इस परियोजना में सरदार वल्‍लभभाई पटेल की जीवनी पर आधारित दृश्‍य-श्रव्‍य प्रस्‍तुति और एक प्रदर्शनी हॉल दुनियाभर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे। 75,000 घन मीटर बजरी, 5,700 मेट्रिक टन इस्‍पात संरचना, 18,500 इस्‍पात छड़ें और 22,500 मेट्रिक टन पीतल इस परियोजना में इस्‍तेमाल होगा। इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ परियोजना नर्मदा जिले के आदिवासी क्षेत्र और पर्यटन क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करेगी।  इस परियोजना का शुभारंभ गुजरात के पूर्व मुख्‍यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्‍टूबर, 2013 को सरदार पटेल की जयन्‍ती पर किया था। मोदी ने ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ के निर्माण हेतु लौह एकत्र करने के लिए देशस्‍तर पर अभियान की शुरुआत भी की थी और गुजरात सरकार का यह दावा है कि उसने राष्‍ट्र के लगभग सात लाख गांवों से लौह इकट्ठा कर लिया है। वास्‍तव में यह गुजरात के लिए गौरव का क्षण है, कि उसकी धरती के एक नेता ने इस अभूतपूर्व ऊंचाई पर स्‍थापना का सम्‍मान प्राप्‍त किया है। इसमें आश्‍चर्य नहीं कि पूरे गुजरात ने इसके आगे अपना शीश नवाया है। लेकिन सरदार पटेल को गुजरात तक सीमित करना उनके कार्य का अनादर है। उनका कार्य, हालांकि एक राज्‍य से शुरू है, सारी सीमाओं को तेजी से पार करता हुआ पूरी दुनिया और पूरी मानवता पर अपना असर छोड़ता है। सरदार पटेल के शब्‍द पूरी दुनिया में गूंज रहे हैं, इसलिए इसे एक राष्‍ट्रीय योजना घोषित करना कोई आश्‍चर्य की बात नहीं है। हमें आशा है कि पूरी दुनिया वास्‍तव में इसे एक राष्‍ट्रीय परियोजना के रूप में देखेगी न कि राजनीतिक रूप में और प्रत्‍येक भारतीय इस पर नाज़ करेगा। विश्‍व की सबसे बड़ी प्रतिमा की प्रस्‍तावित ऊंचाई न्‍यूयॉर्क की विश्‍व प्रसिद्ध ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ लिबर्टी’ से लगभग दोगुनी है और रियो डी जेनेरो की क्राइस्ट द रिडीमर की प्रतिमा से पांच गुना ऊंची है। यह सरदार सरोवर बांध से भी ऊंची है। यह प्रतिमा न तो अपने विहंगम आकार में गर्व का मान लिए हुए है, न ही यह शांत स्‍मारक के रूप में स्‍थापित होगी। बल्कि एक विशेष कार्य योजना द्वारा इसे एक जीवंत कार्य केंद्र बनाया जाएगा। ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ न सिर्फ भारत के स्‍वतंत्रता आंदोलन को याद करने के लिए बनाया जा रहा है, बल्कि सरदार पटेल की एकता, देश-भक्ति, समावेशी विकास और सुशासन की दूरदर्शी विचारधारा को विकसित करना है। यह स्‍मारक जल्‍दी ही एक पूरी तरह कार्यात्‍मक आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा जो लोगों को जोड़ेगा, स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा सुविधाएं उपलब्‍ध कराएगा, क्षेत्र की आदिवासी आबादी के लिए विभिन्‍न विकासात्‍मक गतिविधियां चलाएगा। इस योजना के चलते, नर्मदा जिला में आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा जो इस जिले के साथ-साथ राज्‍य के लिए भी लाभकारी होगा। आधुनिक बुनियादी ढांचा जिले में औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाएगा। विभिन्‍न पर्यावरण अनुकूल उद्योग इस क्षेत्र में स्‍थापित किए जा सकते हैं, जो न सिर्फ आम आबादी को रोजगार उपलब्‍ध कराएंगे बल्कि उनके जीवन-स्‍तर को ऊंचा उठाने में मदद करेंगे। जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केन्द्र क्षेत्र में स्थापित कर रहे हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में किसान भी लाभांवित होंगे। यह अंतिम नहीं है कि इस अद्भुत स्‍मारक की स्‍थापना से पर्यटन उद्योग को पुनर्जीवन मिलेगा। सरकार इस स्‍मारक की विकास का जीवंत केंद्र के रूप में परिकल्‍पना कर रही है। हालांकि कुछ भागों में इस परियोजना की संसाधनों और धन का अपव्‍यय बताकर आलोचना की गई है, लेकिन इस योजना के पीछे छिपे उद्देश्‍यों को देखा जाए तो यह हमारे देश के विकास के लिए एक आधुनिक केंद्र के रूप में उभर कर आएगा। पूरा होने के बाद, यह प्रतिष्ठित स्‍मारक अवश्‍य ही दुनियाभर के पर्यटकों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों, बुद्धिजीवियों और शोधार्थियों को अपनी ओर आकर्षित करेगा और यह योजना विश्‍व में भारत की एक नई पहचान है। सरदार जी की जीजिविषा और इच्‍छाशक्ति की तरह, यह स्‍मारक दुनिया में बाकी मूक स्‍मारकों के पार एक जीवंत आर्थिक केंद्र होगा।

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मथुरा। सिंड आर सेटी चैमुहाॅ द्वारा आयोजित 30 दिवसीय निःशुल्क मोबाईल रिपेयरिंग प्रशिक्षण शिविर के उद्द्याटन पर संस्था के पूर्व निदेशक वेदप्रकाश गर्ग ने युवाओ को संबोधित करते हुए कहा कि समय सबसे महत्वपूर्ण और जीवन की दिशा बदलने वाला होता है। आज समय की माॅग के अनुरूप बेरोजगार युवाओ को स्वरोजगार परक प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनना चाहिये। सिंड आर सेटी के प्रशिक्षण करने के उपरांत युवा आत्म विश्वास के साथ अपना स्वरोजगार प्रांरभ करें। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक सुरेन्द्र कुमार ने युवाओ से कहा कि यह प्रशिक्षण आपके सुनहरा भविष्य की ओर अग्रसर करने वाला है। उन्होने सिंड आर सेटी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विशेषता बताते हुए कहा कि यहाॅ से पूर्व मे प्रशिक्षित युवा अपना मोबाईल रिपेयरिंग का स्वव्यवसाय प्रांरभ कर अच्छी आय अर्जित कर रहे है। उन्हांेने आगामी प्रांरभ होने वाले 10 दिवसीय डेयरी एवं वर्मी कम्पोस्ट प्रशिक्षण, 45 दिवसीय कम्प्यूटर हार्डवेयर प्रशिक्षण कार्यक्रम, 30 दिवसीय महिला ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण, 21 दिवसीय ठाकुर जी की पोशाक की जानकारी देते हुए बताया कि उपरोक्त प्रशिक्षण के इच्छुक बेरोजगार युवा अपना पंजीकरण संस्थान पर करवा सकते है। जनपद के 18 से 45 वर्ष के मध्य के बेरोजगार युवा जिनकी शैक्षिक योग्तया 8 पास हो अपना आवेदन संस्थान मे कर सकते है।

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विद्यालय प्रबन्धक ने किसान नेता को दी देख लेने की धमकी मथुरा। जनपद के थाना नौहझील क्षेत्र के गाॅव बाजना में बाजना इन्टर कालेज में शासन से आई धनराशि के गबन के आरोप लगाते हुए किसान नेता रामबाबू कटेलिया ने इसकी शिकायत शासन से की गई थी। जिसकी जाॅच शुरू हुई तो विद्यालय के प्रबन्धक सपा नेता ने किसान नेता को विद्यालय प्रांगण में आयोजित पंचायत में बुलाया लेकिन पंचायत में दोनो नेताओं के मध्य तरकरार हो गई और सपा नेता ने किसान नेता रामबाबू कैटेलिया को देख लेने की धमकी दे डाली। जिसकी शिकायत किसान नेता रामबाबू कटेलिया ने थाना पुलिस को दी हैं।  मिली जानकारी के अनुसार ब्लाक नौहझील के गाॅव बाजना में सरकार से सहायता प्राप्त बाजना इन्टर कालेज हैं। जिसके प्रबन्धक सपा नेता राम स्वरूप चैधरी हैं। प्रबन्धक राम स्वरूप चैधरी ने शासन में पैठ के चलते विद्यालय के विकास के लिए लाखों रूपयें की धनराशि शासन से स्वीकृत कराई गई। जब इसकी जानकारी किसान नेता रामबाबू कटेलिया को हुई तो उन्होंने शासन में विद्यालय प्रबन्धक द्वारा 35 लाख रूपयें का गबन का आरोप लगाते हुए शिकायत कर दी। सपा नेता को इस शिकायत की जानकारी हुई तो उन्होंने क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से विद्यालय प्रांगण में एक महापंचायत बुलाई जिसमें शिकायतकर्ता व किसान नेता रामबाबू कटेलिया को भी बुलाया गया था। क्षेत्रीय लोगों के अनुरोध में किसान नेता रामबाबू कटेलिया महापंचायत में पहुंचे। अभी पंचायत सौहार्दपूर्ण वातावरण में चल ही रही थी कि तभी विद्यालय में विकास के लिए आई धनराशि के गबन को लेकर सपा नेता व किसान नेता दोनो के मध्य वाद विवाद होने लगा और थोड़ी देर में विवाद इतना वढ़ गया कि दोनो नेता झगड़ें पर आमदा हो गये। जिन्हें महापंचायत में मौजूद लोगों न बमुश्किल शान्त कराया। लेकिन इस दौरान सपा नेता रामस्वरूप चैधरी ने किसान नेता रामबाबू कटेलिया को देख लेने की धमकी दे डाली। जिस पर किसान नेता रामबाबू कटेलिया ने इसकी तहरीर थाना नौहझील में जान व सुरक्षा की माॅग करते हुए तहरीर दी हैं।  

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बल्देव। श्री भोलेबाबा गौशाला हथकौली का शुभारंभ संत रमेश बाबा द्वारा किया गया। इस अवसर पर संत रमेश बाबा ने गौ पूजा का महत्व बताया तथा यमुना प्रदूषण मुक्ति अभियान में बढ़ चढ़कर भाग लेने का आव्हान किया। इस अवसर पर अजय, पंकज बाबा, लक्ष्मण बाबा, हेमलता शास्त्री, महेश शास्त्री, सुनील सिंह, राधाकांत शास्त्री, राम कटोर पांडे, श्याम वीर सिंह, घमंडी सिंह, ओमवीर सिंह, धर्मेंद्र कुमार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। 

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मथुरा। उत्तर प्रदेश काग्रेंस कमेटी द्वारा प्रदत्त निर्देशानुसार शहर कांग्रेंस कमेटी पर शहर अघ्यक्ष मालिक अरोड़ा की अध्यक्षता में मासिक बैठक आहूत की गई। बैठक को सम्बोधित करते विद्यायक प्रदीप माथुर ने कांग्रेंस कार्यकर्ताओं से कहा कि आमजन समस्याओं के लिए सघर्ष कर उनका समाधान कराये तथा काग्रेंस संगठन को मजबूत करने के लिए बूथ स्तर से सदस्यता अभियान चलाये। बैठक में पर्यवेक्षक देवेन्द्र प्रताप सिंह की उपस्थिति मुख्य रूप से रहीं। बैठक में कांग्रेंस के वरिष्ठ नेता महेश पाठक ने कहा कि कार्यकर्ता काग्रेंस नीतियों को जन जन तक पहंुचाकर जनता के सुख दुख के साथ रहें उन्होंने कहा कि संगठन अगर मजबूत होगा तजो हम पुनः मजबूत होकर सत्ता में वापस आयेगे। इसलिये सदस्यता अभियान में ज्यादा ज्यादा सदस्य बनाये। बैठक में शहर अध्यक्ष मलिक अरोड़ा ने कहा कि हर कार्यकर्ता का सम्मान उनकी प्राथमिकता में है, उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से सदस्यता अभियान में तन व मन से जुट जाने का आव्हान किया। बैठक में यामिनी रमण आचार्य, बिहारी कान्त तिवारी, कुं0 नरेन्द्र सिंह, थान सिंह, विनोद चतुर्वेदी, ओम प्रकाश शर्मा, लियाकत कुरैशी, रमेश पंडित, दीपक वर्मा, विनोद शर्मा निशान्त अहमद, आरके मैसी, आदि ने सम्बोधित किया। इसके पश्चात होलीगेट पर कैम्प लगाकर सदस्यता अभियान चलाया गया। सदस्यता अभियान में दौलत राम गोला, पूरन सिंह, जितेन्द्रमणि, राजेश अग्रवाल, कीर्ति कौशिक, देवेन्द्र स्वरूप भटनागर, राजू फरूखी, चमन नागर, एमएम शर्मा, वीरेश चतुर्वेदी, शाकिर अली, अनूप चतुर्वेदी, राजकुमार गौतम, गंगाराम, प्रकाश यदुवंशी, आनन्द शर्मा आदि उपस्थित थे।

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मथुरा। सिंडिकेट बैंक द्वारा संचालित वित्तीय साक्षरता एवं ऋण परामर्श केन्द्र मथुरा ने राया ब्लाक के बिन्दु बुलाखी गांव में सिंडिकेट बैंक आयरा खेड़ा द्वारा लगाये गये प्रधानमंत्री जन धन योजना कैम्प में किसान भाईयों को जन धन योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की। खाता खोलने से होने वाले लाभ व बचत का महत्व उससे होने वाले लाभ व ऋण के सही प्रयोग के बारे में बताया। इस अवसर केन्द्र के परामर्शक अमित चतुर्वेदी ने ग्रामीणों को बताया की इस योजना में एक लाख की दुर्घटना बीमा व पांच हजार रूपये के आहरण की सुविधा है। पहले 100 दिन के अन्दर खुलने वाले खाता धारकों को 30000 रूपये का जीवन बीमा भी प्रदान किया जाएगा। इस बीमा का लाभ उन लोंगों को ही मिलगा जो प्रत्येक 45 दिन के अन्दर रूपये कार्ड का प्रयोग करना आवश्यक हैं। पांच हजार रूपये के अहरण की सुविधा छः माह तक सही लेन देन करने पर केवल महिलाओं को दी जाएगी। जिन लोगों के खाते पहले से ही जीरो बैंलेस पर खुलें हैं उन्हें खाता खोलने की आवश्यकता नहीं है। उनको भी इस सुविधा का लाभ मिल जाएगा। इस अवसर पर अमित चतुर्वेदी ने ग्रामीणों की समस्याओं का जिज्ञासा का निराकरण किया। इस अवसर पर सिंडिकेट बैंक अग्रणी जिला प्रबंधक व केन्द्र सलाहकार अमित चतुर्वेदी व राम खिलाडी शर्मा आदि मौजूद रहे।

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कलैक्ट्रेट सभागार में लोकअदालत की सफलता को लेकर आयोजित बैठक में जिला जज, डीएम एवं अन्य मथुरा। जिलाधिकारी राजेश कुमार एवं जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जनपद मथुरा में 6 दिसम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता हेतु विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निस्तारण कराने के सम्बन्ध में एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्टेªट सभाकक्ष में संयुक्त रूप से आयोजित हुई। बैठक में इस बात के लिये प्रयास किया गया कि सुलह समझौते के आधार पर फौजदारी के शमनीय वाद, दीवानी वाद, राजस्व वाद, भरणपोषण वाद, वैवाहिक, बैक रिकवरी से सम्बन्धित वाद, चैक बाउन्स चकबन्दी, बाॅट माप, परिवहन, रोडवेज, स्टाम्प, वन, विद्युत, छावनी परिषद, नगर पालिका, नगर परिषदों, नगर निकायों, आबकारी, सहायक श्रमायुक्त आदि से सम्बन्धित वाद निस्तारित हों तथा शेष वादों पर गहनता से समीक्षा की गयी। जिला जज ने बताया है कि आगामी 06 दिसम्बर 2014 को आयोजित हाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों के सम्बन्ध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा माॅनीटरिंग की जा रही है तथा किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा भी की जा रही है। श्री सिंह ने बताया कि सेवा सम्बन्धी सभी प्रकार के वाद जैसे पेंशन, जीपीएफ तथा अन्य रूके हुए क्लेम आदि के वाद भी निस्तारित किये जायेंगे। उन्होंने यह बताया कि इसबार अधिक से अधिक संख्या में लम्बित वादों को सुलह समझौता हेतु चिन्हित किया जा रहा है और कहा कि जितना अधिक प्रयास हम कर लेंगे उतनी ही सफलता हमें मिलेगी तथा वादों का बोझ भी विभागों पर कम हो जायेगा। उन्होंने यह भी आव्हान किया है कि राष्ट्रीय स्तर पर जनपद मथुरा का नाम प्रथम नम्बर पर लाने के लिये हम सभी को पूर्व की भाॅति एकजुट होकर सार्थक प्रयास ईमानदारी तथा मेहनत से करने होगे तभी हमें भरपूर सफलता मिलेगी। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने विभागीय अधिकारियों से विभागवार वादों की संख्या के बारे में विस्तृत जानकारी की तथा सभी अधिकारियों को निर्देश दिये है कि अभी हमारे पास समय है तहसील दिवस, पेंशन से सम्बन्धित सभी वाद तथा अन्य प्रकार के वाद चिन्हित कर आज से ही अपने अपने विभागों से सम्बन्धित इन वादों को अधिक से अधिक संख्या में निस्तारित कराने के सफल प्रयास किये जाये किसी भी स्थिति में लापरवाही ठीक नहीं होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिये है कि व्यक्तिगत रूप से वादकारियों से सम्पर्क कर वादों के निस्तारण की कोशिश हमें करनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जितने अधिक से अधिक वाद निस्तारित हो जायेगे उतनी अधिक राजस्व वसूली भी विभागों को प्राप्त होगी तथा वादकारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बैंक प्रबन्धकों तथा विभागीय अधिकारियों से यह भी कहा है कि आमजनों को 06 दिसम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय अदालत की जानकारी ग्रामीण वादकारियों तक आसानी से पहुॅचे इसके लिये बैंकों के बाहर तथा शहर के प्रमुख स्थल, प्रत्येक तहसील तथा ब्लाॅक कार्यालय पर बैनर आदि टाॅगकर इसका अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया जायें ताकि दूर दराज के वादकारियों को जानकारी मिल सके और वे अपने वादों का निस्तारण समय से करा सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक विभाग के अधिकारी समय से अपने विभाग से सम्बन्धित वादों का ब्यौरा उपलब्ध करादें जिससे कि समय रहते उनका निस्तारण कराया जा सके।  पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया कि पुलिस विभाग से सम्बन्धित सभी वादों में नोटिस जारी किये जा चुके है तथा अधिक से अधिक वादों को निस्तारित कराने के निर्देश पुलिस अधिकारियों को दिये गये है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत ओमवीर सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के अवसर पर अधिक से अधिक वादों में सुलह समझौते के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिये वृहद स्तर पर तैयारियां की जा रही है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों को निस्तारित कराने का भरपूर प्रयास करें।  उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में विभागीय अधिकारियों तथा वादकारियों से पहुॅचने का आव्हान किया है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन धीरेन्द्र प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी कानून व्यवस्था सुरेन्द्र कुमार शर्मा, नगर मजिस्टेªट हेमसिंह तथा विकास प्राधिकरण के सचिव श्याम बहादुर सिंह, समस्त उप जिलाधिकरियों सहित समस्त बैंकों के प्रबन्धक तथा विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित थे।  

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कलैक्ट्रेट सभागार में होती स्वास्थ्य समिति की बैठक  मथुरा। जिलाधिकारी राजेश कुमार की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के अन्तर्गत स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्साधिकारी तथा सभी चिकित्सकों को निर्देशित किया है कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के अन्तर्गत चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ ग्रामीण स्तर पर दूर दराज में रहने वाले ग्रामीण जनता तक पहुॅचना चाहिये। उन्होंने कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की ढिलाई अथवा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। चिकित्सक अपने-अपने स्वास्थ्य केन्द्रों पर समय से पहुॅचें तथा मरीजों का उपचार करें। तथा स्वास्थ्क्य कर्मियों पर भी विशेष निगरानी रखकर उनसे कार्य कराया जायें। स्वास्थ्य केन्द्रों पर साफ सफाई, दवाओं की उपलब्धता पूर्ण रहनी चाहिये, जननी सुरक्षा योजना में गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान उसके घर से निःशुल्क वाहन द्वारा स्वास्थ्य केन्द्र पर लाकर प्रसव के बाद सुरक्षित उसे घर तक पहुॅचाने का कार्य जिम्मेदारी से करें। प्रसव के बाद शासन द्वारा उपलब्ध करायी जा रही धनराशि तथा अन्य सुविधायें उसे उपलब्ध कराये तथाा उसके खान-पान का विशेष ध्यान रख्ें। उन्होंने यह भी कहा कि आशा, ए0एन0एम0, आॅगनवाड़ी कार्यकत्री तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति समय से शतप्रतिशत सुनिश्चित की जायें। टीकाकरण कार्य भी पूरी जिम्मेदारी से पूर्ण किया जायें। मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 बी0एस0 यादव ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से अवगत कराया तथा यह आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों का लाभ ग्रामीण स्तर तक प्रत्येक मरीज को उपलब्ध कराया जा रहा है। उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर साफ-सफाई, जनरेटर व्यवस्था तथा मरीज तथा तीमारदारों के बैठने की भी उचित व्यवस्था करारयी गयी है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल भी उपस्थित थी।

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