मथुरा

  डा0 वैदिक - सईद भेंट पर व्यर्थ का वितण्डावाद पत्रकार मोहन स्वरूप भाटिया ने वरिश्ठतम पत्रकार डा0 वेद प्रताप वैदिक की पाकिस्तान यात्रा में मुम्बई हमलों के ’मास्टर माइन्ड’ और आतंकवादी संघठन जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद से हुई भेंट पर किए जा रहे विरोध को व्यर्थ का वितण्डावाद बताते हुए कहा है कि यह पत्रकार पर नहीं पत्रकारिता पर हमला है।  उन्होंने कहा है कि डा0 वैदिक वयोवृद्ध - ज्ञानवृद्ध पत्रकार हैं, सुलझे हुए अनुभवी पत्रकार हैं। उन्होंने हिन्दी और राश्ट्र की अस्मिता की रक्षा के लिए अनेक आन्दोलन किए हैं। डा0 वैदिक ने पत्रकारिता का एक युग देखा है आर संवाद समिति ’पी टी आई भाशा’ के सम्पादक के रूप में पत्रकारिता के मानदण्डों और मर्यादा का निर्वहन किया है।  मोहन स्वरूप भाटिया ने आगे कहा है कि हाफिज सईद का केवल एक रूप है कि वह आतंकवादी है, निर्दोश व्यक्तियों का हत्यारा है, भारत का षत्रु है, उसके प्रति डा0 वैदिक की किसी प्रकार की सहानुभुति या समर्थन का प्रष्न ही नहीं उठता है। उन्होंने सईद से भेंट के पष्चात् इस प्रकार का कोई वक्तव्य भी नहीं दिया है।  उन्होंने आगे कहा है कि पाठकों तक सचाई पहुँचाने के लिए एक प्रबुद्ध पत्रकार दुर्दान्त डकैत, दस्यु सुन्दरी, भृश्ट मंत्री, बलात्कार पीडि़ता आदि सभी अच्छे - बुरे लोगों से मिलता है किन्तु इसका यह अर्थ नहीं निकाला जाता है कि पत्रकार का उनसे किसी प्रकार का सम्बन्ध है। मोहन स्वरूप भाटिया ने कहा है कि यह प्रष्न निरुŸार है कि डा0 वैदिक की सईद से भेंट में क्या कुछ आपŸिाजनक था जिस पर सड़क से संसद तक बबाल मचाया गया है। उन्होंने पत्रकार संघठनों से अनुरोध किया है कि वे डा0 वैदिक को नैतिक मनोबल प्रदान करें जिससे भविश्य में पत्रकारों की नवोदित पीढ़ी विचलित न हो।    

Read More

मथुरा। मां भगवती दुर्गा मंदिर में गुरू पूर्णिमा के शुभ अवसर पर भक्तजनों द्वारा श्रद्वेय गुरूदेव आचार्य रामकृष्ण शास्त्री के सानिध्य में गुरू दीक्षा ग्रहण कर समर्पित मन से आस्था व्यक्त की। श्री गुरूदेव के सानिध्य में भण्डारे का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस शुभ अवसर पर प्राचीन सिद्व दुर्गा देवी मंदिर परिसर में प्रातः 9 बजे सत्यनारायण कथा सम्पन्न की गई। परम् श्रद्वेय गुरूजी द्वारा अपने श्रीमुख से गुरू महत्व पर प्रकाश डाला गया । गुरूमहिमा- परम श्रद्वेय सद्गुरूदेव महंत पण्डित श्री रामकृष्ण शास्त्री ने गुरू महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिना सद्गुरू कृपा के प्रभु प्राप्ति संभव नहीं है। सद्गुरूदेव की कृपा से शिष्य की समस्त विषम वासनाऐं निष्ट हो जाती है एवं इसे आत्मज्योति का साक्षात्कार हो जाता है। ‘‘सद्गुरू पूरे वैद्य है, अंजन है सत्संग। ज्ञान सवाई जब लमै, कटै मोतियांबिन्द।। सद्गुरू के लिए गुरूदेव विश्वनाथ शिवशंकर स्वरूप है। जहां गुरूदेव का निवास है वह शिष्य की काशी गुरूदेव का चरणामृत ही शिष्य हेतु गंगाजल है। समस्त पुराणों, शास्त्रों, धर्मग्रंथों, में सद्गुरू महिमा का गान ऋषि मुनियों ने किया है। गुरूदेव में हमें प्रभु का कृपामय रूप मां का ममतामय रूप, पिता का दुलार सब एक साथ प्राप्त हो जाता है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने श्री गुरूदेव की चरणरज की वन्दना करके ही हनुमान चालिसा इत्यादि ग्रंथों की रचना की है। सत्य ही कहा ‘‘गुरू नहीं तो जीवन शुरू नहीं’’ प्रत्येक मानव मात्र को अपने इस जीवन में गुरू दीक्षा ग्रहण करनी चाहिए। कार्यक्रम में अधिक से अधिक भक्तों ने बडें मनोयोग भाक्तिभाव से भाग लिया जिसमें प्रमुख रूप से पूर्व मंत्री रविकान्त गर्ग, पूर्व विधायक प्रणतपाल, नगर पालिका सभासद राजवीर सिंह, सुनील कौशिक, डा0 रोशन लाल, ब्रजमोहन, राजकुमार गौतम, दिनेश वाष्र्णेय, लक्ष्मण यादव, भरत पन्नालाल, गौरव सिंह, ओमवीर, प्रेमचन्द, पवन गौतम, कुलदीप, अरविन्द, जगत, पप्पू, पं0 विनोद, पं0 मनोज, ए.के. सिंह, अनिल शास्त्री, मयंक गौतम, ओमवीर पानी वाले, मनोहर, कनक, रमेश एडवोकेट, राम उपाध्याय, देव, नन्दकिशोर उपमन्यु, राधेश्याम, डा. आर.के. उप्पल, डा. बीना उप्पल, ममता शर्मा, ममता दीक्षित, मीनू, शालिनी, मीरा, आशा चैधरी पूर्व सभासद आदि उपस्थित थे।

Read More

मथुरा। आगरा-दिल्ली बाई पास स्थित जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में पाँच दिवसीय गुरुपूर्णिमा सत्संग मेला के समापन के अवसर पर संस्था के राष्ट्रीय उपदेशक सतीश चन्द ने श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि महापुरुष बराबर जीवों को समझाते रहे कि ये अज्ञान का देश है। इसमें मोह रूपी निद्रा में सारा जगत सो रहा है। जिस प्रकार व्यक्ति सोते समय सपने में राजा बन जाता है और नीद खुलने पर वह कुछ नहीं। उसी प्रकार इस जगत का कोई सामान मरने के बाद व्यक्ति के साथ नहीं जाता है। इससे होशियारी से काम लेना चाहिये। उन्होंने आगे कहा कि ‘मेहमान जवानी आती है, फिर लौट कभी नहीं आती हैं’ इन्सान दुनियाँ में जन्म लेकर जवानी के आने पर सुख की आशा और उम्मीद के साथ अपने श्वासों की पूँजी को विभिन्न प्रकार की चीजों के निर्माण और उपयोग में खर्च कर देता है। अपने सच्चे लक्ष्य को व्यक्ति भूल जाता है। यह जीवन चार दिनों का है। पहला दिन बचपन, दूसरा बाल्यावस्था, तीसरा जवानी की अवस्था, चैथा बुढ़ापे का तथा पाचवाँ दिन मौत का है। 

Read More

वेद मंदिर परिसर में वैदिक विधि विधान से यज्ञ हुआ सम्पन्न। मथुरा। संसार में ईश्वर सबका नियता है। ईश्वर की व्यवस्था को जो तोडता है वह समझो पाखण्ड फैला रहा है। अगर हम यह मान लें कि ईश्वर सर्वशक्तिमान व सर्वदृष्टा है तो दुनिया में हम कोई गलत काम नहीं कर सकते हैं उक्त विचार गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आर्य समाज के वेद मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में गुरुकुल विश्विद्यालय के कुलाधिपति आचार्य स्वदेश ने व्यक्त किये। श्री आचार्य ने बताया कि आज ही के दिन गुरुवर विरजानन्द ने महर्षि दयानन्द को आदेश दिया था कि देश में फैले अन्धकार को मिटाकार फिर से देश को विश्व का सिरमौर बना दो। उन्होनें कहा चरित्र ही मानव की सुगन्धि है। जब हमारा चरित्र अच्छा होगा तो हम सत्याचरण करेगें। सत्याचरण रुपी धर्म को को अपनाकर अपने जीवन को देश धर्म को समर्पित करें तभी देश बचेगा। इससे पहले वेद मंदिर परिसर में वैदिक विधि विधान से यज्ञ सम्पन्न हुया, जिसमें हजारों श्रद्वालुओं ने आहूतियां दी। तथा वहां उपस्थित श्रद्वालुओं के लिए विशाल भण्डारे का आयोजन हुआ। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष अनूप चैधरी, गुरुकुल विश्वविद्यालय के प्राचार्य आचार्य हरीप्रकाश, सत्यप्रिय आर्य प्रधान, भगत सिंह वर्मा, आचार्य शत्रुजित शास्त्री, आनन्द स्वरुप केला, प्रेम सिंह जादौन, विपिन बिहारी, विवेक प्रिय आर्य, रमेशचन्द्र आर्य, सत्यप्रकाश अग्रवाल, कृष्णगोपाल गुप्ता, कपिल प्रताप सिंह, आचार्य नरेन्द्र, विकास ओम आर्य, हरी सिंह आर्य, महाशय अमीचन्द, देवी सिंह आर्य, कमलदेव आर्य, वीना आर्य, सरोज रानी आर्य, पुष्पा देवी आर्य, सत्यवती देवी, राजबाला देवी सहित हजारों श्रद्वालु उपस्थित रहे।

Read More

मथुरा। मथुरा। ब्रज में सावन की शुरूआत ठंडी हवाओं के चलने और बर्षा होने से शुरू हुई। कई दिनों से लोग तेज गर्मी महसूस कर रहे थे। पसीना-पसीना हुए लोग भगवान से वर्षा की उम्मीद लगाये थे। इतने बड़े गुरू पूर्णिमा मेले में भी श्रद्धालु बरसात के इंतजार में थे लेकिन बरसात नहीं हुई। आज ब्रज मंे सावन की शुरूआत सुबह तो भारी गर्मी से शुरू हुई लेकिन दोपहर डेढ़ बजे से ध्ूाल भरी आंधी ठंडी हवाएं और बूंदा-बादी से मौसम जरूर सुहाना हो गया। कई दिनों तपिस झेल रहे ब्रजवासियों ने आज राहत की सांस ली। बदलों के घिरने और घटाओं का आनंद भी कुछ छढ तो नजर आया। वर्षा भी हुई। लोगों ने सुकून महसूस किया। सावन की शुरूआत पर ही यहां बरसात होने से अच्छे संकेत मिल रहे हैं। आगामी समय में मौसम विभाग भी वर्षा होने की भविष्यवाणी कर चूका है । देखते है सावन ब्रज में कैसा जाता हैं।

Read More

उस्फार मंदिर पहुंचने पर हुआ स्वागत,भजन-कीर्तन 20 को गोगामेडी में समाप्त होगी पदयात्रा, होगा भंडारा मथुरा। बाबा जाहरवीर गोगा जी की पदयात्रा 07 जुलाई को भरतपुर से चलकर 08 जुलाई को मंगलवार को उस्फार स्थित जाहरवीर मंदिर पर पहुंची। जिसका जगह-जगह श्रद्वालुओं द्वारा फूलों से स्वागत किया गया। प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी बाबा जाहरवीर की 10वीं पदयात्रा निकाली गयी। यह पदयात्रा नीमदागेट  कुम्हेर रूदिया नगर, भरतपुर स्थित मंदिर से प्रारंभ होकर जाजमपट्टी होते हुए मंगलवार को उस्फार मंदिर पर पहुंची। भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया। यहां से पदयात्रा फिर शुरू होकर गोवधर््ान, डींग, नगर, अलवर, बहरोड, पचैरीकला, बुहाना,सूरजगढ़, पिलानी, चांदगैठी, सादुलपुर,बाबा की जन्मभूमि ददरेवा, सिद्वमुख,भादरा होते हुए गोरखटीला गोगामेडी पहुंचेगी। 20 जुलाई को जागरण के साथ भंडारा का आयोजन होगा। बाबा के सेवक सुरेश गोयल ने बताया कि पदयात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। यात्रा में भक्त खाने के बर्तन, कपड़े, ओढ़ने,बिछाने,टाॅर्च आदि सामान साथ लेकर चले। जिससे उन्हें मार्ग में कोई परेशानी न हो सके। व्यवस्थाओं में इस पद यात्रा में अध्यक्ष चै. जयप्रकाश सिंह, संयोजक सुरेश गोयल, संचालक जगदीश प्रसाद शर्मा, उपाध्यक्ष महेशचन्द्र, व्यवस्थापक श्यौराज सिंह, प्रचार मंत्री हरीशंकर, सत्तो, डोरीलाल, कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह, यात्रानाथ अमर सिंह नाथ, डम्पी नाथ ये पदाधिकारी उपस्थित रहे।  

Read More



Mediabharti