मथुरा

यमुना स्वच्छ हो अपने अविरल निर्मल रूप में बहे इसके लिये देश भर से यमुना भक्तों की हुॅकार गूॅजने लगी है। यमुना को हथिनी कुण्ड से मुक्त कराने व यमुना के सामानान्तर नाले निर्माण की मांग को लेकर यमुना रक्षक दल निरन्तर आन्दोलन कर रहा है। यमुना के प्रति लोगो में जाग्रति लाने के लिये यमुना रक्षक दल द्वारा यमुना के प्रदूषित जहरीले जल से प्रभावित यमुना भक्तों से संपर्क कर उन्हे यमुना आन्दोलन से जोड़ा जा रहा है। हरियाणा में बल्लभगढ़ और फरीदाबाद में यमुना रक्षक दल द्वारा प्रचार रथ चलाया जा रहा है।  यमुना रक्षक दल द्वारा 4 जुलाई शुक्रवार को हरियाणा के बल्लभगढ़ की नई अनाजमंडी की व्यापारी एसोशियेसन के सदस्यों, फरीदाबाद के सैक्टर 3 में पंजाबी सभा के पदाधिकारियों व सैक्टर 7 व 10 के यमुना भक्तों से संपर्क कर उन्हे यमुना की पीर सुना आन्दोलन में बढ़चढ कर भाग लेने की बात कही। यमुना रक्षक दल के राष्टिय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि दिल्ली के बजीराबाद से ओखला के बीच दिल्ली के 180 से अधिक नाले नई यमुना का निर्माण कर बल्लभगढ़ फरीदाबाद की ओर भेजते जिसके कारण यमुना किनारे से 50-50 किमी. तक का भूमिगत जल प्रदूषित हो चुका है जिसके कारण तमाम प्रकार की बीमारियों से लोग ग्रसित हो रहे है। आज यमुना किनारे का कोई घर ऐसा नहीं है जिसमें रोगी न हों। यमुना आ रहे प्रदूषित जल के कारण हमारी कृषि और पशुधन को भी भारी नुकसान हो रहा है। आज आवश्यकता है कि  हम लोग यमुना शुद्ध और मुक्त करने के लिये एक जुट हो खडे हो जाये वरना आगे बहुत देर हो जायेगी। यमुना रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह चैहान ने बताया कि दिल्ली से हरियाणा में यमुना में बहकर आ रहा यमुना जल 40 वीओडी से अधिक बीओडी लेवल है उसमें टीडी एस लेवल 1700 से अधिक है जो जल पीने और स्नान योग्य तो क्या कृषि के लिये भी हानिकारक है। अगर यमुना की यही स्थिति बनी रही है तो आगे आने वाली पीढी के लिये काफी भयावह स्थिति पैदा हो जायेगी। इस अवसर पर यमुना रक्षक दल के राजेन्द्र भगत जी, अरूण चतुर्वेदी, मूलचन्द शर्मा, कृष्णकान्त अवस्थी, मोहन यादव, नत्थों सिंह प्रधान, कैलाश अग्रवाल, विनोद मित्तल आदि उपस्थित थे।   

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यमुना स्वच्छ हो अपने अविरल निर्मल रूप में बहे इसके लिये देश भर से यमुना भक्तों की हुॅकार गूॅजने लगी है। यमुना को हथिनी कुण्ड से मुक्त कराने व यमुना के सामानान्तर नाले निर्माण की मांग को लेकर यमुना रक्षक दल निरन्तर आन्दोलन कर रहा है। यमुना के प्रति लोगो में जाग्रति लाने के लिये यमुना रक्षक दल द्वारा यमुना के प्रदूषित जहरीले जल से प्रभावित यमुना भक्तों से संपर्क कर उन्हे यमुना आन्दोलन से जोड़ा जा रहा है। हरियाणा में बल्लभगढ़ और फरीदाबाद में यमुना रक्षक दल द्वारा प्रचार रथ चलाया जा रहा है।  यमुना रक्षक दल द्वारा 4 जुलाई शुक्रवार को हरियाणा के बल्लभगढ़ की नई अनाजमंडी की व्यापारी एसोशियेसन के सदस्यों, फरीदाबाद के सैक्टर 3 में पंजाबी सभा के पदाधिकारियों व सैक्टर 7 व 10 के यमुना भक्तों से संपर्क कर उन्हे यमुना की पीर सुना आन्दोलन में बढ़चढ कर भाग लेने की बात कही। यमुना रक्षक दल के राष्टिय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि दिल्ली के बजीराबाद से ओखला के बीच दिल्ली के 180 से अधिक नाले नई यमुना का निर्माण कर बल्लभगढ़ फरीदाबाद की ओर भेजते जिसके कारण यमुना किनारे से 50-50 किमी. तक का भूमिगत जल प्रदूषित हो चुका है जिसके कारण तमाम प्रकार की बीमारियों से लोग ग्रसित हो रहे है। आज यमुना किनारे का कोई घर ऐसा नहीं है जिसमें रोगी न हों। यमुना आ रहे प्रदूषित जल के कारण हमारी कृषि और पशुधन को भी भारी नुकसान हो रहा है। आज आवश्यकता है कि  हम लोग यमुना शुद्ध और मुक्त करने के लिये एक जुट हो खडे हो जाये वरना आगे बहुत देर हो जायेगी। यमुना रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह चैहान ने बताया कि दिल्ली से हरियाणा में यमुना में बहकर आ रहा यमुना जल 40 वीओडी से अधिक बीओडी लेवल है उसमें टीडी एस लेवल 1700 से अधिक है जो जल पीने और स्नान योग्य तो क्या कृषि के लिये भी हानिकारक है। अगर यमुना की यही स्थिति बनी रही है तो आगे आने वाली पीढी के लिये काफी भयावह स्थिति पैदा हो जायेगी। इस अवसर पर यमुना रक्षक दल के राजेन्द्र भगत जी, अरूण चतुर्वेदी, मूलचन्द शर्मा, कृष्णकान्त अवस्थी, मोहन यादव, नत्थों सिंह प्रधान, कैलाश अग्रवाल, विनोद मित्तल आदि उपस्थित थे।   

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मथुरा : जिलाधिकारी बी चन्द्रकला के निर्देशानुसार एवं मुख्य विकास अधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल के आदेशानुसार मनरेगा श्रमिकों को निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत कराने के निर्देश दिए।

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कटरा : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को उधमपुर—कटरा रेलवे लाइन राष्ट्र को समर्पित की।  पच्चीस किमी लंबी इस रेलवे लाइन को पूरा करने में करीब 18 साल का लंबा समय लगा है। इसकी वजह यह थी कि इस लाइन पर बनाई गई दस सुरंगों में से एक में लगातार पानी रिसता था। इस कमी को दूर करने के लिए सभी संभव प्रयास किए गए लेकिन उसके बाद भी यह पता नहीं चल पाया था कि पानी कहां से निकल रहा है। हालांकि अंत में विदेशी इंजीनियरों के साथ मिलकर इस समस्या को निदान भी ढूंढ़ लिया।  करीब 11 सौ करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस रेलवे लाइन के शुरू हो जाने के बाद मां वैष्णों देवी की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु दिल्ली से सीधे कटरा तक रेल से पहुंच पाएंगे। पहले उन्हें जम्मू या उधमपुर पर उतरकर वहां से वाया सड़क मार्ग कटरा तक जाना होता था। मां वैष्णों देवी के दर्शन के लिए बेस कैंप कटरा ही है। वहीं से यात्रा की चढ़ाई शुरू होती है।  यह मार्ग कई खासियतों से भरपूर है। इस रेलवे लाइन पर 50 पुल हैं। इसके अलावा इस मार्ग में 10 सुरंग हैं। यहां पर बने एक पुल की ऊंचाई 85 मीटर है। यह कुतुब मीनार की ऊंचाई 73 मीटर से भी अधिक है। इसकी कुल लंबाई 308 मीटर है। इस मार्ग पर पड़ने वाली सुरंगों की लंबाई भी करीब 10.936 किमी है। इस मार्ग पर कुल दो स्टेशन हैं। उधमपुर—कटरा रेलवे लाइन जो 25.624 किमी है, इसकी शुरुआत 1996—97 में हुई थी। उस समय इसकी लागत 183.28 करोड़ रुपये आंकी गई थी। वहीं अब जब यह प्रोजेक्ट संपन्न हो रहा है तो यह लागत 1090 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इस मार्ग पर आधा सफर क्योंकि सुरंग में है इसलिए इनमें सुरक्षा के इंतजाम भी खास किए गए हैं। सुरंग में सुरक्षा के लिए विंड वेलोसिटी सेंसर, ट्रेन लोकेशन सेंसर, फायर फायटिंग सिस्टम—इंक्यूपमेंट, डायरेक्शन बोर्ड, ऑटोमैटेड हूटर जैसी तकनीक के अलावा इस पूरे मार्ग पर चौबीस घंटे रेलवे सुरक्षा बल और रेल राज्य पुलिस, जीआरपी, को तैनात किया गया है।  उधमपुर—कटरा रेल लाइन सरकार की महत्वाकांक्षी कश्मीर रेल परियोजना का हिस्सा है। इसके तहत कश्मीर को शेष भारत से रेल नेटवर्क से जोड़ने का निश्चय किया गया था। यह प्रोजेक्ट मौजूदा रूप में मूल रूप से अस्सी के दशक में सोचा गया था। हालांकि इससे भी पहले 19वीं शताब्दी में जम्मू—कश्मीर के तत्कालीन राजा महाराजा प्रताप सिंह ने जम्मू और कश्मीर को जोड़ने के लिए रेल लाइन बिछाने की योजना बनाई थी। लेकिन इसमें लगने वाली भारी लागत और परिश्रम और उसके लिहाज से इस लाइन की कम उपयोगिता को देखते हुए उन्होंने इस पर अमल को टाल दिया।  केंद्र सरकार ने जब अस्सी के दशक में इस योजना को तैयार किया तो पहले—पहल इसको लेकर काफी तेजी से काम हुआ। लेकिन फिर इसको लेकर कार्य थोड़ा धीमा हो गया। इसके बाद सरकार ने इस परियोजना की महत्ता को देखते हुए इसे राष्ट्रीय परियोजना के तौर पर मान्यता दी। जम्मू से 50 किलोमीटर दूर शिवालिक रेंज की पहाड़ी पर मौजूद माता वैष्‍णव देवी मंदिर में हर साल लाखों भक्‍त दर्शन के लिए आते हैं।  इस रूट पर 100 किलो‍मीटर प्रति घंटे के रफ्तार से ट्रेनें दौड़ेंगीं।

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”प्रतिभाशाली छात्रों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्रा एंव प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्रा वितरित मथुरा। बीएसए काॅलेज आपॅफ इंजी0 एण्ड टैक्नोलाॅजी, मथुरा में इंजीनियरिंग डिप्लोमा, 10$2 विज्ञान वर्ग ;पी0सी0एम0द्ध एवं स्नातक के छात्रा/छात्राओं को 2 जून से 30 जून, 2014 चल रहे वोकेश्नल कोर्स का 30 जून, 2014 को समापन किया गया। संस्था के सेमीनार हाॅल में आयोजित समापन समारोह के मुख्य अतिथि एवं प्रबन्ध् समिति सदस्य दीनानाथ चैध्री, संस्था के वाईस-चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल व संस्था निदेशक डाॅ0 सुध्ीर कुमार गोयल द्वारा संयुक्त रूप से माँ सरस्वती के चित्रापट के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्चन कर किया गया। संस्था के वाईस-चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल एवं मुख्य अतिथि दीनानाथ चैध्री ने छात्रों को सम्बोध्ति करते हुए कहा कि संस्था द्वारा आयोजित निःशुल्क वोकेश्नल कोर्स के माध्यम से छात्रों को प्रशिक्षित किया गया है तथा वोकेश्नल कोर्स में भाग लेने वाले छात्रा/छात्राआंे को कम्प्यूटर की नवीनतम जानकारियों के साथ-साथ इंजीनियंिरग की विभिन्न विधओं के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई जिससे कि छात्रा अपने कैरियर का चुनाव अपनी रूचि एवं क्षमताआंे के अनुसार कर सकें। वोकेश्नल कोर्स में प्रतिभाग करने वाले छात्रों द्वारा कार्यक्रम के दौरान अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए एवं काॅलेज प्रबन्ध्न को ध्न्यवाद देते हुए कहा कि इस कोर्स के माध्यम से हमें कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी के साथ-साथ इंजीनियरिंग के विभिन्न पाठ्यक्रमांे के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई है। इस तरह के निःशुल्क वोकेश्नल कोर्स से छात्रा/छात्राओं को अपने कैरियर चुनने में मदद मिली है वहीं नवीनतम जानकारियाँ प्राप्त हुई हैं। प्रतिभागी छात्रा कु0 नीतू चैध्री ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ”मैं काॅलेज में उच्च कोटि के संशोध्नों व अध्यापकगणों के सहज, सरल स्वभाव व विद्वता से कापफी प्रभावित हूँ। संस्था द्वारा समाजहित में निःशुल्क वोकेश्नल कोर्स आयोजित करना सराहनीय एवं प्रशंसनीय है। साथ ही मैं यह भी आशा करती हूँ कि छात्रों के मार्ग दर्शन हेतु इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित होते रहें। काॅलेज में संचालित विभिन्न कोर्सों के बारे में संस्था निदेशक डाॅ0 सुध्ीर कुमार गोयल ने छात्रों को विस्तृत जानकारी प्रदान की। सभी विभागाध्यक्षों द्वारा अपने-अपने विभाग की विस्तृत जानकारी कम्प्यूटर प्रेजेन्टेशन के माध्यम से प्रदान की। इस दौरान मुख्य अतिथि दीनानाथ चैधरी, वाईस-चेयरमैन प्रदीप अग्रवाल, निदेशक, डाॅ0 सुध्ीर कुमार गोयल, रजिस्ट्रार भगवान सिंह, डाॅ0 मुकेश सारस्वत, कार्यक्रम संयोजक आशीष अग्रवाल सहित सभी विभागाध्यक्षों द्वारा छात्रा/छात्राओं को प्रमाण-पत्रा प्रदान किये गये। वोकेश्नल कोर्स की समाप्ति के उपरान्त सभी प्रतिभागियों की परीक्षा ली गई जिसमें नीतू चैधरी ने प्रथम स्थान एवं कृष्णपाल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। साथ ही उक्त दोनों छात्रों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्रा प्रदान किये गये। कार्यक्रम के अन्त में ध्न्यवाद ज्ञापन डाॅ0 मुकेश सारस्वत द्वारा दिया गया।

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मथुरा। जिलाध्किारी मथुरा बी चन्द्रकला के कई दिनों से जनपद वाहर होने के बाद उनके वापस लोटनें पर आज जिलाध्किारी बी चन्द्रकला अपने कार्यालय पर बैठी। जिलाध्किारी के कार्यालय पर बैठनें की जानकारी होने पर जनपद के दूर दूर के सैकड़ों पफरियादी आज उनके कार्यालय पर उमड़ पड़ें जिलाध्किारी से न्याय की आस लगाये पफरियादियों की जिलाध्किारी कार्यालय के सामने लम्बी लम्बी लाइन लग गइ्र। सभी पफरियादी जिलाध्किारी की कार्यकुशलता और वेवाक टिप्पणी के चलते पफरियादी अपने साथ न्याय की उम्मीद लगा रहें है तभी तो जनपद में एक अच्छें अध्किारी की जानकारी जैसे जैसे लोगों को लग रही है वैसे वैसे पीडि़त पफरियादी अपनी अपनी समस्याओं को लेकर उनके कार्यालय पर आ रहें हें। जिसका परिणाम यह रहा कि जिलाध्किारी प्रातः 10 बजें अपने कार्यालय पर बैठी और करीब 2.3 बजें तक वह पफरियादियों की समस्याओं को सुनती रही। कोई अपनें यहाॅ पानी की समस्या को लेकर पहुंचा, तो कोई विद्युत कनेक्शन लगवाने की माॅग को लेकर, तो कोई नजर में पानी नहीं होने की समस्याओं को लेकर पफॅरियादी उमड़तें रहें। जिसकी वजह से जिलाध्किारी कार्यालय पर मेले जैसे माहोल नजर आ रहा था।  

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