मथुरा

मथुरा। शहर कांग्रेंस कमेटी की बैठक पार्टी कार्यालय पर अध्यक्ष बिहारी कान्त तिवारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में उत्तर प्रदेश कांग्रेंस विधान मंडल दल के नेता प्रदीप माथुर व एमएलसी विधान परिषद स्नातक प्रत्याशी विवेक बंसल मुख्य रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रदीप माथुर ने कहा कि 23 मार्च को एमएलसी चुनाव में हम सबकों अपने उम्मीदवार विवेक बंसल को विजयी बनाने के लिए जुटना हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आव्हान किया कि एमएलसी चुनाव में शिक्षित मतदाता होता है अतः हमें सभी शिक्षित वर्ग में डोर-टू-डोर जाकर विवेक बंसल को विजयी बनाना हैं। जिससें कांग्रेंस उ0प्र0 में पुनः अपनी ताकत प्राप्त करें। बैठक में चुनाव प्रचार के लिए एक 11 सदस्यीय कमेटी बनाने का निर्णय भी लिया गया। इस मौके पर प्रत्याशी विवेक बंसल ने कहा कि वह आपके बीच के ही कांग्रेंसी कार्यकर्ता है उक्त चुनाव में उनका क्षेत्र 10 जनपदों में आता है और इसमें विजय के लिए शिक्षित मतदाता के साथ साथ आप सबका सहयोग जरूरी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने हमनें विगत कार्यकाल में विद्यायक निधि से 60 लाख रूपयें के विकास कार्य कराये है। बैठक में दिनेश पाठक, आरपी सिंघल, सोहन सिंह सिसोदिया, विनोद शर्मा, लियाकत कुरैशी, कीर्ति कौशिक, जितेन्द्रमणि, उमेश भारद्वाज, मनोज गौड़, मलिक अरोड़ा, निशान्त अहमद, एमएम शर्मा, सभासद दीपक वर्मा, भारत यादव, उंकारनाथ चतुर्वेदी, आरपी सक्सैना, पंकज चतुर्वेदी, पारस चतुर्वेदी, जेपी शर्मा, देवेन्द्र भटनागर, दिलीप चैधरी, धीरज गोस्वामी आदि थे।

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बरसाना। जी हाॅं ब्रज में फाल्गुन मास में आने का कुछ अलग ही आनन्द है बरसाना की लठामार होली के दिन लाडली जी का मंदिर का नजारा कुछ अलग ही रहा। जो कि केसर अबीर गुलाल की खुश्बू से समूचा रगींली महल सहित बरसाना में लाखों की संख्या में आये श्रद्वालु भक्त इस अनोखी रंग गुलाल की होली को देख श्रद्वालु भक्त भाव विभोर हो उठे। इतना ही नहीं बल्कि देशी और बिदेशी श्रद्वालु भक्त भी इससे अछूते नहीं रहे। और जमकर होली का आनन्द लिया खूब अबीर गुलाल बर्षाया वहीं बरसाने की सखी हुरियारिनों से नन्द गाॅंव से बरसाना होली खेलने आये क्र्र्रष्ण के सखाओं ने होली खेली और बरसाने की हुरियारिनों के हाथों में लग रहीं लाठीयों से कृष्ण के हुरियारों की ढालों पर ख्ूाब लाठीयाॅ बर्षायी। और कृष्ण के हुरियारे ब्ज के रसिया सुनले ब्र्र्रषभान किशोरी जो मोते न खेली होली तौ तेरी मेरी कटटी फाग खेलन बरसाने में आये हैं नटबर नन्द किशोर गाते रहे और हुरियारिनों पर पिटते रहे।

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मथुरा। विरक्त संत रमेश बाबा, गुरू शरणानन्द जी व संत विज्ञानाचार्य जी महाराज के सानिध्य में यमुना रक्षक दल अपने यमुना सफाई अभियान में निरन्तर लगा हुआ है। गुरूवार को जिला प्रशासन की जेसीबी के साथ साथ यमुना सफाई अभियान का आज का जिम्मा उठाते हुये चैधरी गंगेश्वर प्रसाद सिंह एडवोकेट द्वारा जेसीबी व टेक्टर चलवाये गये। सफाई अभियान के तहत् घाटों के सामने मिट्टी हटाकर घाटों से तल को थोडी गहराई दी जा रही है। दुसरी तरफ घाटों के सामने से मिट्टी उठाकर कंस किले के पीछे डालकर मथुरा परिक्रमा मार्ग को दुरूस्त भी किया जा रहा है। सफाई कार्य में लोग भारी उत्साह के साथ श्रमदान कर रहे है उनका कहना है कि इन घाटों के दशकों के बाद दर्शन हुये है घाटों को पुनः देखकर हम भक्तों मे बहुत हर्ष है जब तक सफाई कार्य चलता रहेगा यमुना भक्तों के द्वारा इसी तरह श्रमदान कर अपनी यमुना मैया की सेवा की जायेगी। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि सरकारी तंत्र अनदेखी के कारण यमुना के साथ साथ उसके प्राचीन घाटों को भी दुर्दशा हो गयी हैं। जो घाट कृष्ण काल की लीलाओं की स्मृतियां सजोये थे उनको वक्त धूल ने मिट्टी में दफन कर दिया था। यमुना भक्तों के सहयोग से यमुना सफाई अभियान के जरिये ये घाट पुनः दिखाई देने लगे है अब जल्द ही यमुना भक्तों के सहयोग से इन घाटों पर शुद्ध यमुना जल कल कल करता बहेगा। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश यादव व संगठन मंत्री रमेश सिसौदिया ने कहा कि गउघाट पर सफाई अभियान से पहले यहां के घाटों का अधिकांश भाग कचरें के ढेरो में समा चुका था परन्तु अब ब्रज वासियों के सहयोग से ये पुनः चमचमाने लगे है। ब्रज वासियों के इसी प्रकार के सहयोग सरकारों को मजबुर हो यमुना जल ब्रज के लिये छोड़ना पडेगा। चैधरी गंगेश्वर प्रसाद सिंह एडवोकेट ने कहा कि ब्रज वासी का कर्तव्य है कि वे अपने मन, श्रम व धन से यमुना मैया की सार्मथ अनुसार सेवा करें। यमुना सभी की है और उनका हथिनी कुण्ड पर कैद रहना ब्रज के सम्मान की बात नहीं है इसलिये सभी ब्रजवासियों को एकजुट हो यमुना आन्दोलन में सहयोग करना चाहिये। इस अवसर पर दल के राष्ट्रीय सचिव अब्दुल जब्बार, नगर महामंत्री शरद वर्मा नगर प्रभारी त्रिलोकी व्यास, नगर सचिव डाॅ0 सुनील अग्रवाल, हिन्दु जागरण मंच के जिलाध्यक्ष पंकज पंडित, पवन जी कटाई वाले, अनिल चतुर्वेदी, गोलू शर्मा, विवेक शर्मा, मदन व्यास, राजू पेन्टर, बलराम शर्मा, केशव अग्रवाल, गोपाल पाण्डे, मिन्टू शर्मा, राधा बिहारी गोस्वामी, राकेश शर्मा, सत्या चचे, भोला पंडित दुर्गी चाचा, आदि उपस्थित थे।

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मथुरा। रंग भरनी एकादशी के नाम से विख्यात आवंला एकादशी पर श्री कृष्ण जन्मस्थान पर लठामार होली का परंपरागत आयोजन सम्पन्न हुआ। उक्त आयोजन शहर तथा देहात के हजारों नर नारी श्रीकृष्ण जन्म स्थान पर लठ्ठा मार होली समिति द्वारा आयोजित उक्त आयोजन में उमड़ पड़े। श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में होली की रंगत देखतें ही बन रही थीं और हर मार्ग से लोग श्रीकृष्ण जन्मभूमि की लठठामार होली देखनें उमड़ रहें थे। दोपहर से ही लोग होली की मस्ती में चूर होकर जन्मभूमि परिसर में आने वाले हर नर-नारी रंग गुलाल से सराबोर कर रहें थे। चारों और होली की मस्ती दिखाई दे रही थी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि लठ्ठामार होली समिति द्वारा हर वर्ष की तरह मल्लपुरा की हुरियारिन से होली खेलनें राधारानी की जन्मस्थली रावल के गोप गोपिकाओं को विध्वित निमंत्रण के साथ ही लठ्ठामार होली का शुभारंभ हुआ। इसके उपरान्त राधाकृष्ण स्वरूपों की शोभायात्रा जन्मभूमि परिसर में निकाली गई कृष्ण के साथ ग्वाल बाल जन्मभूमि परिसर में आने वाले रंग श्रद्वालुओं के ऊपर डाल रहें थे। वही मल्लपुरा की हुरियारिनें लाठियां भांज कर हुरियारों पर प्रहार कर रही थी जिसें वे हंसकर एवं अपनी ढाल आगे कर बचाव कर रहे थे। बड़ी ही अद्भुत दृश्य था मानों चारों और स्वयं राध कृष्ण ग्वाल वालों संग होली खेल रहें हो। समूचें जन्मभूमि परिसर में चारों ओर रंग और गुलाल के बादल नजर आ रहें थे चारों ओर लोग रंग और गुलाल से रगें होली की मस्ती में सरोवर नजर आ रहे थे। होली की मस्ती की अद्भूत छठा देखतें ही बन रही थी। बच्चें बूढ़ें नर नारी सभी रंग बिरंगें नजर आ रहें थे श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में हुरियारें चारों और घूम घूम कर हुरियारिनों को लजाठियां भांजनें पर मजबूर कर रहे थे। इस दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने पहलें से ही वैरिकेटिंग कर तलाशी के बाद ही अन्दर प्रवेश कराया जा रहा था तथा भूतेश्वर से आने वाले वाहनों को कृष्णा नगर की ओर व मसानी की ओर से आने वाले वाहनों को बाईपास की ओर मोड़ दिया गया। इस अवसर पर आयोजित श्रीकृष्ण जन्मस्थान के दृष्ट व हिन्दूवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, संस्थान के सचिव कपिल शर्मा, विजय बहादूर, पूर्व विद्यायक रामस्वरूप शर्मा, किशोर भरतिया, विजय बहादूर, सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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मथुरा। थाना गोवर्धन के ग्राम पल्सों में अज्ञात बदमाशों ने टैक्टर लूट कर ले जाते समय क्षेत्रीय ग्रामीणों की बदमाशों से जमकर मुठभेंड़ हुई, ग्रामीणों का दवाव देख बदमाश लूटा हुए टैक्टर को वहीं छोड़ कर भाग गये। घटना की रिपोर्ट टैक्टर स्वामी ने अज्ञात बदमाशों के विरूद्व दर्ज कराई हैं। मिली जानकारी के अनुसार रामेश्वर पुत्र रामहरी ग्राम पल्सों थाना गोबर्धन ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि अज्ञात बदमाश घर के वाहर खड़ें टैक्टर को लूट कर ले जाने लगें। जगार होने पर जब उसनें इसका विरोध किया तो बदमाशों ने उसें साथ मारपीट कर टैक्टर को ले जाने लगें। मारपीट के दौरान चीख पुकार की अवाज होने क्षेत्रीय ग्रामीणों में जगार हो गई, ग्रामीणों ने घेराबन्दी कर बदमाशों को ललकारा तो बदमाशों ने ग्रामीणों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाव में ग्रामीणों ने भी फायरिंग की। ग्रामीणों के दवाव के चलते बदमाश लूटें हुए टैक्टर को वहीं छोड़ कर भाग गये। घटना की सूचना मिलतें ही अपर पुलिस अधीक्षक नगर, व क्षेत्राधिकारी सदर मय फोर्स के घटना स्थल पर पहुंच गये, पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण कर बदमाशों की तलाश की लेकिन बदमाश पुलिस के हाथ नहीं लगे। घटना की रिपोर्ट टैक्टर स्वामी ने अज्ञात बदमाशों के विरूद्व रिपोर्ट दर्ज कराई हैं।  

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 नई दिल्ली रू चुनाव में कौन जीतता है और कौन दूसरे नम्‍बर पर रहता हैए इस बात के अलावा जो बात लोगों को दिलचस्‍प लगती है वह है कि कितने प्रत्‍याशी अपनी जमानत बचा सके। यदि प्रत्‍याशी अपनी जमानत बचा लेते हैं तो यह भी उनके लिए गर्व की बात होती हैए जबकि जमानत के जब्‍त होने को अक्‍सर अपमानजनक समझा जाता है। भारत के निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार यदि प्रत्‍याशी मतदान के कुल वैध मतों के कम से कम छठे भाग के बराबर मत प्राप्‍त करने में विफल रहता है तो उसकी जमानत की राशि सरकारी खजाने में जमा हो जाती है।   1951.52 के पहले लोकसभा चुनाव में लगभग 40 प्रतिशत अर्थात् 1874 उम्‍मीदवारों में से 745 प्रत्‍याशियों की जमानत जब्‍त हो गई। तब से लगभग सभी लोकसभा चुनावों में जमानत के जब्‍त होने की संख्‍या बढ़ती गई। जमानत जब्‍त होने वालों की संख्‍या 1996 में हुए 11वीं लोकसभा के चुनावों में सबसे अधिक रही। उस समय 13952 प्रत्‍याशियों में से 12688 प्रत्‍याशियों अर्थात् 91 प्रतिशत उम्‍मीदवारों की जमानत जब्‍त हो गई। इस चुनाव में लोकसभा का चुनाव लड़ने वाले उम्‍मीदवारों की संख्‍या भी सबसे अधिक थी। इस संदर्भ में 2009 में हुआ पिछला लोकसभा चुनाव भी प्रत्‍याशियों के लिए अधिक अच्‍छा नहीं रहा। इसमें भी 85 प्रतिशत प्रत्‍याशियों की जमानतें जब्‍त हो गईं। प्रतिशत की दृष्टि से जमानत जब्‍त होने के मामलों में 1996 के चुनावों में 91 प्रतिशत और 1991 के चुनावों में 86 प्रतिशत के बाद जमानत जब्‍त होने वालों का यह तीसरा सबसे बड़ा चुनाव था। इससे पता चलता है कि जमानत का जब्‍त होना चुनाव लड़ने में बाधक नहीं रहा है।   राष्‍ट्रीय दलों के प्रत्‍याशी अपनी जमानत बचाने में बेहतर रहे हैं। 1951.52 में हुए पहले चुनावों में राष्‍ट्रीय दलों के 1217 उम्‍मीदवारों में से 344 अर्थात् 28 प्रतिशत प्रत्‍‍याशियों की जमानतें जब्‍त हुई। 1957 में हुए अगले चुनावों में स्थिति में सुधार हुआ। इस समय 919 प्रत्‍याशियों में से केवल 130 प्रत्‍याशियों अर्थात् 14 प्रतिशत उम्मीदवारों की जमानत जब्‍त हुई। 1977 के आम चुनावों में राष्‍ट्रीय दलों का निष्‍पादन सर्वोत्‍तम रहा। इन चुनावों में 1060 प्रत्‍याशियों में से केवल 100 प्रत्‍याशी अर्थात 9 प्रतिशत की जमानत जब्‍त हुई। तुलनात्‍मक दृष्टि से 2009 का आम चुनाव राष्‍ट्रीय पार्टियों के प्रत्‍याशियों के लिए उतने अच्‍छे नहीं रहे क्‍योंकि इसमें लगभग हर दूसरे प्रत्‍याशी की जमानत जब्‍त हो गई। 2009 में राष्‍ट्रीय दलों के 1623 प्रत्‍याशियों में से 779 उम्‍मीदवारों की जमानत जब्‍त हो गई। राष्‍ट्रीय दलों के प्रत्‍याशियों की स्थिति 11वीं लोकसभा के चुनावों में सबसे अधिक खराब रही। यहां 1817 प्रत्‍याशियों में से 897 अर्थात् 49 प्रतिशत प्रत्‍याशियों की जमानतें जब्‍त हो गईं।  समीक्षा भारती न्यूज सर्विस    

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