मथुरा

कराची । पाकिस्तान के प्रांत बलूचिस्तान में कुछ आतंकियों ने पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पर हमला कर दिया। इस हमले में करीब 60 पुलिस ट्रेनी और अधिकारियों की मौत हो गई जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए। हमला बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा के सरयाब रोड स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के हॉस्टल में हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार रात 6 सशस्त्र आतंकवादियों ने हमले को अंजाम दिया। आतंकियों ने पुलिस वालों को बंधक बना लिया था। पाक सेना और सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया है। मारे गए आतंकियों में से एक ने सुसाइड जैकेट पहन रखी थी, जिसे सफलता पूर्वक डिफ्यूज कर दिया गया है। आतंकियो ने रात करीब 10 बजे ट्रेनिंग सेंटर के हॉस्टल में हमला बोला। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस समय हमला हुआ उस वक्त करीब 500 पुलिस केडेट्स मौजूद थे। पाक सेना और फ्रंटियर कॉन्सटैबुलरी ट्रूप्स ने 250 लोगों को सुरक्षित बचा लिया। बलूचिस्तान के गृह मंत्री मीर सरफराज बुगती ने पत्रकारों को बताया कि अब तक दो फ्लोर पर मौजूद लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। साथ ही बुगती ने बताया कि सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया है। साथ ही एक सुरक्षाकर्मी की भी मौत हो गई। बुगती ने कहा कि आतंकियों के खिलाफ अभियान अभी जारी है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि परिसर में कितने आतंकी घुसे थे। अंधेरा होने के कारण ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को परेशानी आ रही थी।  हमले में घायल हुए 100 लोगों को सिविल और मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में पुलिस ट्रेनी, अधिकारी और फ्रंटियर कॉर्प्स के दो जवान भी शामिल हैं।     साभार-khaskhabar.com    

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नई दिल्ली ।। समाजवादी कुनबे में मची कलह को शांत करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने पार्टी में उठे तूफान को शांत करने के लिए नया फॉर्मूला निकाला है। सूत्रों के मुताबिक, संगठन की जिम्मेदारी शिवपाल यादव संभालेंगे, लेकिन टिकट बांटने का अधिकार मुख्यमंत्री अखिलेश के पास रहेगा। साथ ही 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी का चेहरा भी अखिलेश यादव ही होंगे। सोमवार को पूरे दिन चले सियासी ड्रामे के बाद अब सुलह के आसार बनते नजर आ रहे हैं। दिनभर चले हाई वोल्टेज ड्रामे और बैठकों के बाद सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह ने फरमान सुना दिया है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अब सुलह की तरफ बढ़ रही है। मुलायम ने आदेश जारी कर दिया है कि संगठन की कमान शिवपाल के हाथ में रहेगी, लेकिन टिकट बांटने का अधिकार अखिलेश के पास रहेगा। साथ ही मुलायम ने साफ किया है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश ही पार्टी का चेहरा होंगे। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को विधायकों की मीटिंग में अखिलेश ने कहा कि पार्टी नेता जी और उनकी है, इसलिए टिकट वह ही बांटेंगे यानी टिकट बांटने के बहाने लड़ाई उत्तराधिकार की भी है। यह सबको पता है कि अखिलेश यादव नेता जी के स्वाभाविक उत्ताराधिकारी हैं, लेकिन नेता जी का भाई प्रेम न तो अखिलेश को रास आ रहा है और न ही उनके समर्थकों को। वहीं, समाजवादी पार्टी में मचे घमासान पर राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है। इस घटनाक्रम में सीएम अखिलेश यादव को लेकर अमर सिंह ने कहा कि वह मेरे नेता के बेटे हैं। उनको शुभकामनाएं। मुलायम कुनबे में मची कलह और खुद पर लगे आरोपों को लेकर अमर सिंह ने कहा कि खामोशी कई सवालों का जवाब है। दूसरी तरफ पार्टी से बर्खास्त किए गए रामगोपाल ने शिवपाल और अमर सिंह को धमकी दी। खुद पर लगे आरोपों से आहत रामगोपाल ने शिवपाल और अमर को उनके खिलाफ सार्वजनिक मंच से बोलने की चुनौती दी। रामगोपाल ने कहा कि उन पर इस तरह के घटिया आरोप अगर पब्लिक मीटिंग में लगाएंगे तो जनता मारेगी। बहरहाल, अगर सूत्रों पर यकीन किया जाए तो अब मुलायम के फॉर्मूले से सुलह होने जा रही है, लेकिन सवाल है कि यह फॉर्मूला कितना टिकाऊ होगा? अखिलेश और शिवपाल तत्काल भले ही सुलह कर लें, लेकिन भीतर खाने सबकुछ ठीक हो जाएगा, ऐसा कहना अभी मुश्किल है।       साभार-khaskhabar.com    

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शास्त्रानुसार प्रत्येक पूर्णिमा पर प्रात: दस बजे पीपल वृक्ष पर मां लक्ष्मी का फेरा लगता है। इसलिए जो व्यक्ति आर्थिक रूप से परेशान हो, वो इस समय पीपल के वृक्ष के पास जाये, उसका पूजन करें, जल चढ़ाये और लक्ष्मी जी की उपासना करे और कम-से-कम कोई भी एक लक्ष्मी मंत्र की एक माला करके आएं। किसी भी शुभ मुहूर्त या अक्षय तृतीया या पूर्णिमा या दीपावली या किसी अन्य मुहूर्त में सुबह जल्दी उठें। सभी आवश्यक कार्यों से निवृत्त होकर लाल रेशमी कपड़ा लें। अब उस लाल कपड़े में चावल के 21 दानें रखें। ध्यान रहें चावल के सभी 21 दानें पूरी तरह से अखंडित होना चाहिए यानि कोई टूटा हुआ दान न रखें। उन दानों को कपड़े में बांध लें। इसके बाद धन की देवी माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजन करें। पूजा में यह लाल कपड़े में बंधे चावल भी रखें। पूजन के बाद यह लाल कपड़े में बंधे चावल अपने पर्स में छुपाकर रख लें। ऐसा करने पर कुछ ही समय में धन संबंधी परेशानियां दूर होने लगेंगी। ध्यान रखें कि पर्स में किसी भी प्रकार की अधार्मिक वस्तु कतई न रखें। इसके अलावा पर्स में चाबियां नहीं रखनी चाहिए। सिक्के और नोट अलग-अलग व्यस्थित ढंग से रखे होने चाहिए। किसी भी प्रकार की अनावश्यक वस्तु पर्स में न रखें। इन बातों के साथ ही व्यक्ति को स्वयं के स्तर भी धन प्राप्ति के लिए पूरे प्रयास करने चाहिए। पैसों का कोइ जुगाड़ न बन रहा हो तथा घर में दरिद्रता का वास हो तो एक पानी भरे घड़े में राई के पत्ते डालकर इस जल को अभिमंत्रित करके जिस भी किसी व्यक्ति को स्नान कराया जाएगा उसकी दरिद्रता रोग नष्ट हो जाते हैं। किसी भी सप्ताह के रविवार को एक गिलास दूध का तांत्रिक उपाय करेंगे तो आप पैसों का सुख प्राप्त करने लगेंगे। यह तांत्रिक उपाय करने के लिए आपको रविवार की रात को सोते समय 1 गिलास में दूध भरकर अपने सिर के पास रखकर सोना है। इसके लिए ध्यान रखें कि नींद में दूध ढुलना नहीं चाहिए। सुबह उठने के बाद नित्य कर्मों से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद इस दूध को किसी बबूल के पेड़ की जड़ में डाल दें। ऐसा हर रविवार की रात की करें। यह एक तांत्रिक उपाय है और इससे आपके ऊपर लगी बुरी नजर दूर होगी। नकारात्मक शक्तियों का असर खत्म होगा और कार्यों में सफलता मिलने लगेगी। पैसों की कमी दूर हो जाएगी।       साभार-khaskhabar.com  

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त्वचा की रंगत निखारने तथा त्वचा संबंधी समस्याओं से निजात दिलाने में सबसे बेहतर और भरोसेमंद घरेलू सौंदर्य प्रसाधन माने जाते हैं। उपलब्धता में सुलभ, इस्तेमाल में आसान तथा कम समय में तैयार होने वाले घरेलू सौंदर्य प्रसाधन साइड इफेक्ट से रहित भी होते हैं। यदि आप भी अपने सौंदर्य को लंबे समय तक जवां बनाना चाहते हैं तो घरेलू सौंदर्य प्रसाधन आपके लिए वरदान सिद्घ हो सकते हैं। एक चम्मच शहद, एक चम्मच ग्लिसरीन तथा दो चम्मच नींबू का रस लेकर इन तीनों चीजों को एक कटोरी में एकसाथ मिलाएं। यह पैक आपकी त्वचा की रंगत निखारने के लिए प्राकृतिक ब्लीच का कार्य करता है। एक कटोरी में एक बडा चम्मच मुलतानी मिट्टी का पावडर लें। अब इसमें समान मात्रा में चंदन पावडर मिलाकर इस मिश्रण को गुलाबजल मिलाकर पतला करें। यह पैक त्वचा में कसावट और चमक लाने के लिए बेहतरीन फेस पैक है। इसका प्रयोग तैलीय त्वचा वाले युवाओं के लिए लाभकारी होता है। एक टमाटर को पीसकर उसका गुदा एक कटोरी में निकाले। अब इसमें एक छोटा चम्मच शहद मिलाकर दोनों को अच्छे से मिक्स करें। यह पैक आपकी त्वचा की कुदरती चमक को बखूबी निखारता है।        साभार-khaskhabar.com  

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रणबीर सिंह और दीपिका पादुकोण की लव स्टोरी में दरार की खबरें आने लगी हैं। फिल्म पद्मावती के सेट पर ऐसा क्या हुआ कि दोनों के बीच अलगाव की बातें उठने लगी। इसके पीछे सबसे अहम कारण शाहिद कपूर को माना जा रहा है।    बताया जा रहा है कि शाहिद कपूर की सिफारिश करने के चलते रणबीर दीपिका से नाराज हो गए हैं।मामले की जड़ दीपिका के उस फैसले की है जिसमें दीपिका ने ही शाहिद को फिल्म में लेने की सिफारिश की थी। यही से दोनों प्रेमियों के बीच दरार आनी शुरू हुई। इसके बाद बात तब बढ़ गई जब दीपिका ने स्क्रीन शेयरिंग में दीपिका शाहिद को ज्यादा रखने और दोनों के बीच इंटीमेट सीन्स को लेकर भी निर्णय हुए। बताया जा रहा है कि दीपिका ने ही निर्देशक संजय लीला भंसाली को कहा था कि फिल्म के फस्र्ट लुक में दीपिका और शाहिद को ही दिखाया जाए।            साभार-khaskhabar.com  

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इंदौर । पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थो पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) वसूलने या न वसूलने के बारे में हालांकि जीएसटी परिषद को फैसला करना है, लेकिन देश के सभी राज्यों में इन उत्पादों के मूल्यों में एकरूपता के लिये उद्योग जगत चाहता है कि इन्हें जीएसटी वसूली के दायरे में लाया जाये।    प्रधान ने मध्य प्रदेश सरकार के वैश्विक निवेशक सम्मेलन में शामिल होने के दौरान कहा, पेट्रोलियम पदार्थो को जीएसटी वसूली के दायरे में लाने के सवाल के जवाब में फिलहाल हम हां और ना, दोनों की स्थिति में हैं। यह विषय जीएसटी परिषद के सामने है। केंद्र और राज्यों के बीच इस पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा, फिलहाल जीएसटी में प्रस्ताव है कि पेट्रोलियम पदार्थो को इस कर प्रणाली में शून्य कर के साथ रखा जाये। लेकिन उद्योग जगत का कहना है कि इन पदार्थो पर भी जीएसटी की वसूली होनी चाहिये, ताकि आने वाले दिनों में देशभर में इनके मूल्य एक जैसे हो सकें।    उद्योगपतियों का मानना है कि सभी सूबों में इन पदार्थो के मूल्यों में एकरूपता आने से न केवल उनके कारोबार में इजाफा होगा, बल्कि राज्यों को भी इसका फायदा होगा। उन्होंने कहा,मामले से संबंधित पक्ष जीएसटी परिषद के सामने अपनी बात रखेंगे कि पेट्रोलियम पदार्थो को जीएसटी में शामिल किया जाये। देश के अलग। अलग राज्यों में पेट्रोल डीजल पर कर वसूली को लेकर बडे अंतर के बारे में पूछे जाने पर पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, यह राज्यों का विषय है कि वे किसी खास वस्तु पर कितना कर वसूलते हैं। हम कर वसूली को लेकर उन पर अपना कोई फैसला लाद नहीं सकते।              साभार-khaskhabar.com  

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