मीडिया में लाइन से विज्ञापनों की कार्पेट बॉम्बिंग, ज्वेलरी शॉप में देर रात तक खरीदारी, रिकॉर्ड सेल के दावे, कीमतों में बेहिसाब इजाफा, भारत को सोने की चिड़िया बनाने को बेताब हैं! लेकिन यह चमक, यह दमक, आर्थिक कमजोरी, वैश्विक असंतुलन, भरोसे में सेंध की महक है। दया, कुछ तो गड़बड़ है!
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