कृषि / व्यापार / बचत

भारत जैसे देश में विनिर्माण बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि साल 2020 में विनिर्माण की जीडीपी में हिस्सेदारी करीब 17 फीसदी रही। वहीं, साल 2025 में इसे 25 प्रतिशत तक लेकर जाने का लक्ष्य है। इसके साथ ही 10 करोड़ लोगों को रोजगार और एक ट्रिलियन डॉलर के विनिर्माण का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन, इसके लिए इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों को स्मार्ट बनना होगा, जिसमें इंडस्ट्री 4.O मददगार साबित होगा...

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स्वतंत्रता के बाद पहली बार भारत में खादी ग्रामोद्योग उत्पादों का कारोबार 2022-23 में 1.34 लाख करोड़ रुपये की ऐतिहासिक ऊंचाई पर... खादी की बिक्री 2013-14 में 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर 2022-23 में 5,943 करोड़ रुपये हुई।

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पीएम आवास योजना के तहत तैयार मकानों की पुताई अब गाय के गोबर से बनाए गए पेंट से की जा रही है। साथ ही, सभी सरकारी इमारतों की पुताई भी इसी गोबर के पेंट से करने की य़ोजना बनाई गई है। बाजार में ये डिस्टेंपर और इनेमल पेंट खादी ग्रामोद्योग के जयपुर स्थित कुमारप्पा इंस्टीट्यूट में बनाया गया है...

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देश के नवयुवकों ने समय-समय पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सीमित संसाधनों के बल पर आधुनिकता के साथ कदम मिलाते हुए, एक से बढ़कर एक इनोवेशन किए हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है, गुजरात के एक युवा किसान ने, जिसने सौर ऊर्जा से चलने वाला मिनी ट्रैक्टर बनाकर किसानों को नया संदेश दिया है। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें", महज एक रुपये में अगले पूरे 24 घंटों के लिए...

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इतिहास हमें सिखाता है कि महामारियां यथास्थिति को तोड़ने के लिए जबरदस्त अवसर प्रदान कर सकती हैं। कोरोना वायरस ने यह चीख-चीखकर बता दिया है कि हमारा जीने का तरीका न सिर्फ हमारे लिए बल्कि इस ग्रह के लिए कितना भंगुर और विनाशकारी है। हमें न सिर्फ अपना जीने का तरीका बदलना होगा बल्कि उन मूल्यों को भी बदलना होगा जो आज इस हालात के लिए जिम्मेदार है। हमें कोशिश करनी होगी कि विकास का अर्थ सिर्फ पैसा ही न हो, उसमें स्वास्थ्य, पर्यावरण और अन्य जीवों की उन्नति भी शामिल हो। हमें स्थायी भविष्य की ओर बढ़ना होगा। चंद लोगों की तरक्की के लिए समूची मानव सभ्यता को दांव पर नहीं लगाया जा सकता है। इस आलेख को पूरा पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें", महज एक रुपये में, अगले पूरे 24 घंटों के लिए...

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सोने के गहनों की खरीदारी के लिए पूरे देश में हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी गई है। अब हॉलमार्क किए बगैर किसी भी सोने के गहने को दुकानदार बेच नहीं सकते हैं। पूरा आलेख पढ़ने के लिए अभी "सब्सक्राइब करें" महज एक रुपये में, अगले पूरे 24 घंटों के लिए... (अंग्रेजी में पढ़ें : How mandatory Gold hallmarking will change the game...)

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