अंतरिम बजट में कराधान के संबंध में कोई विशेष परिवर्तन तो नहीं किया गया है लेकिन, कराधान में लगातार निरंतरता उपलब्ध कराने के लिए स्टार्टअप और सॉवरेन वेल्थ या पेशंन फंड द्वारा किए गए निवेशों के लिए कुछ विशेष कर लाभों तथा कुछ आईएफसी यूनिटों की कतिपय आय पर छूट की समय सीमा को 31 मार्च 2025 तक एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। आयात शुल्क सहित प्रत्यक्ष करों और अप्रत्यक्ष करों की दरें यथावत रखी गई हैं...
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