आगरा : बच्चों के ज्यादा सोने को लेकर हमेशा चिड़चिड़ करने वाले माता-पिता को यह समझ लेना चाहिए कि किशोरों के बेहतर मानसिक व शारीरिक विकास के लिए कम से कम नौ से साढ़े नौ घंटे की नींद आवश्यक है। विकास सम्बंधी कई हार्मोन किशोरों में नींद के दौरान ही बनते हैं। यानी बेहतर विकास और तनाव रहित दिनचर्या के लिए दिमाग का भोजन है नींद। यदि नींद पूरी न हो तो तनाव, चिड़चिड़ापन, मूड का खराब रहने का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। यहां तक कि नींद पूरी न होने पर किशोर डायबिटीज और ओबेसिटी का भी शिकार हो सकते हैं।
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