स्वास्थ्य

आगरा : अक्सर मटर के दाने के आकार की रसौली देखने को मिलती है लेकिन डॉ. कमलेश टंडन नर्सिंग होम में किए गए ऑपरेशन से नौ महीने के ​गर्भस्थ शिशु के आकार की रसौली निकाली गई। सबसे बड़ी रसौली का वजन 2.8 किलोग्राम था। इसके साथ छोटे-छोटे आकार की पांच और रसौली निकाली गईं।

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तम्बाकू सेवन – दुनियाभर में विकास के लाभों को क्षीण करने में प्रमुख बाधा है। यह समय से पहले की विकृति और मृत्यु दर का सबसे बड़ा कारण है। तम्बाकू के उत्पादों में लगभग 5000 से 7000 विषाक्त पदार्थ होते हैं। इनमें से सबसे खतरनाक निकोटीन, कार्बन मोनोऑक्साइड और टार है। (Read in English: Tobacco Usage – The Biggest Culprit Undermining All Development Efforts)

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अपनी लाड़ली नन्ही सी बच्ची को गोद में उठाए सुनीता सांदरा अत्यन्त प्रसन्न नजर आ रही थी। केवल दो दिन पहले ही बीजापुर जिला अस्पताल में इस बालिका का जन्म हुआ था। इससे पहले दो बार सुनीता का गर्भ गिर चुका था। क्योंकि, गर्भावस्था में जटिलता के कारण उसे बीजापुर से 170 किलोमीटर दूर जगदलपुर अस्पताल में भेजा गया था लेकिन तब चिकित्सीय कुशलता और उपकरणों की कमी के कारण ऐसे मामलों में इलाज की सुविधाएं नहीं थी। इसके परिणामस्वरूप कई बार अजन्मे शिशु या माता की मृत्यु हो जाती थी। 2015 तक जिला अस्पताल में बहुत ही कम कर्मचारी कार्य करते थे जिनमें तीन से चार डॉक्टर, 12 नर्सें और प्रमुख सर्जरी करने के लिए ऑपरेशन थिएटर में भी पर्याप्त उपकरण नहीं थे। (Read in English)

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आगरा : खांसने पर यूरिन लीक होता है या उम्र बढ़ने के बाद वैवाहिक संबंधों में दरार आ रही है तो अब महिलाओं की इन समस्याओं का इलाज सर्जरी (चीर-फाड़ के बिना) के बिना हो सकेगा। 

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आगरा : “महिलाओं में मीनोपॉज यानी लगभग 45-46 की उम्र के बाद पीरियड का बंद हो जाना और हार्मोनल असंतुलन जिसके कारण नकारात्मक लक्षणों को बढ़ती उम्र की वजह मान लिया जाता है। लेकिन, 45 की उम्र के बाद भी आप बिंदास जीवन जी सकती हैं। बशर्ते, आप 35 की उम्र तक आते-आते मीनोपॉज के प्रति सजग हो जाएं।” यह कहना था साउथ एशियन फैडरेशन ऑफ मीनोपॉज सोसायटी की प्रसीडेंट व रेनबो हॉस्पीटल आईवीएफ सेंटर की निदेशक डॉ. जयदीप मल्होत्रा का। 

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संसद ने एचआईवी एवं एड्स संक्रमित लोगों को उपचार कराने एवं उनके प्रति किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकने हेतु समान अधिकार सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया है। लोकसभा द्वारा इस वर्ष 11 अप्रैल को एवं राज्यसभा द्वारा 21 मार्च को ह्यूमन इम्युनोडेफिसिएंसी वायरस (एचआईवी) एवं एक्वॉर्ड इम्युन डेफिसिएंसी सिंड्रम-एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) विधेयक, 2017 पारित किया गया। (Read in English)

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