विज्ञान / तकनीक / गैजेट्स

एक जाने-माने सेल्फ-असेंबलिंग बैक्टीरियल शेल प्रोटीन की नई खोजी गई सेमीकंडक्टर प्रॉपर्टी सुरक्षित, पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रॉनिक्स का रास्ता खोल सकती है - मोबाइल फोन और स्मार्ट घड़ियों से लेकर चिकित्‍सा उपकरणों और पर्यावरण संबंधी सेंसर तक…

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एक पनडुब्बी अनजाने समंदर की गहराइयों में उतरती है, वो भी 1870 में, जब बैटरी नाम की चीज़ बस एक तजुर्बा भर थी। एलियन तीन पैरों वाली डरावनी मशीनों से हमला करते हैं, और वही कल्पना इंसानों को चांद तक ले जाने वाले रॉकेट की प्रेरणा बन जाती है। बिजली से ‘ज़ॉम्बी’ को ज़िंदा करने की कहानी, आज अस्पतालों में दिल बचा रही है...

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इस वर्ष भारतीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में राजस्व के $280 बिलियन का आंकड़ा पार कर जाने का अनुमान है। वर्ष 2035 तक एआई भारत की अर्थव्यवस्था में $1.7 ट्रिलियन जोड़ सकता है।

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साल 2025 की आख़िरी सुबह है। सर्दियों की धुंध अब भी इंडस्ट्रियल एरिया पर छाई हुई है। जगन्नाथ अपनी छोटी-सी फैक्ट्री का शटर उठाते हैं। अंदर तेल, लोहे और पसीने की जानी-पहचानी गंध फैली है। एक तरफ़ दफ़्तर में कंप्यूटर और डिस्प्ले बोर्ड लगे हैं। घर पर उनकी पत्नी रजनी ने चाय का पानी चढ़ा दिया है। टिफ़िन बांधते हुए, बच्चों के स्कूल के संदेश देखते हुए और बुज़ुर्ग माता-पिता की देखभाल करते हुए वह धीमी आवाज़ में चल रही ख़बरें सुन रही है। अर्थव्यवस्था, तकनीक, एआई और भविष्य जैसे शब्द कमरे में तैरते हुए बड़े अच्छे लगते हैं।

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यांत्रिक ऊर्जा का विद्युत ऊर्जा में रूपांतरण हमेशा से ही शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण विषय रहा है और शोधकर्ता इसके लिए नए तरीकों की खोज में रहते हैं। इसी के चलते, लचीले, कुशल, ऊर्जा-संचयन और दबाव-संवेदी पहनने योग्‍य उपकरणों के लिए एक अभिनव पीजोइलेक्ट्रिक उपकरण को पॉलीविनिलिडीन फ्लोराइड मैट्रिक्स में एम्बेडेड फूल के आकार के टंगस्टन ट्रायऑक्साइड नैनोमटेरियल के पॉलिमर नैनोकंपोजिट का उपयोग करके विकसित किया गया है...

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वैज्ञानिकों ने दुर्लभ-पृथ्वी यौगिक में एक नए प्रकार के चुंबकत्व की खोज की है, जिसका उपयोग क्वांटम और स्पिनट्रॉनिक तकनीकों में किया जा सकता है। यह पदार्थों के एक नए वर्ग की कल्पना करता है, जिसे तेज़, अधिक ऊर्जा-कुशल चुंबकीय और क्वांटम उपकरणों को डिज़ाइन करने के लिए अनुकूलित किया जा सकता है...

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एक नए अध्ययन ने जीवाणु जीन विनियमन के एक केन्द्रीय पाठ्यपुस्तक मॉडल को उलट दिया है और जीवाणु जीन विनियमन एवं उसके विकास को समझने के नए रास्ते खोले हैं। इससे संक्रमण तंत्र को अवरुद्ध करने वाले बेहतर एंटीबायोटिक्स या नियामक अवरोधकों को डिजाइन करने में मदद मिल सकती है...

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एक नए अध्ययन से पता चलता है कि ब्लैक होल की गतिविधियां अपने आस-पास नए तारों के जन्म को रोकती हैं। यह अध्ययन आकाशगंगाओं के विकास की गहरी समझ प्रदान कर सकता है और यह इस बात का उत्तर भी दे सकता है कि कुछ आकाशगंगाओं में तारा निर्माण की दर बहुत कम क्यों होती है।

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इंडिया एआई मिशन के लिए पांच वर्षों के दौरान में ₹10,300+ करोड़ आवंटित किए गए, जिसमें 38,000 जीपीयू लगाई गईं। प्रौद्योगिकी तथा एआई पारिस्थितिकी तंत्र में छह मिलियन लोग कार्यरत हैं। इस वर्ष प्रौद्योगिकी क्षेत्र का राजस्व 280 बिलियन डॉलर को पार कर जाने का अनुमान है। एआई 2035 तक भारत की अर्थव्यवस्था में 1.7 ट्रिलियन डॉलर जोड़ सकता है।

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अप्रैल-जून 2025 तक भारत में 1,002.85 मिलियन इंटरनेट ग्राहक हो चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच प्रति 100 जनसंख्या पर लगभग 46 ग्राहकों तक है, जो डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए उपग्रह इंटरनेट की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

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