दुनिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत के प्रति हालिया रवैया, जिसमें टैरिफ बढ़ाने, दबाव बनाने और सौदों की भाषा में रिश्तों को परिभाषित करने की कोशिश शामिल है, एक नए साम्राज्यवादी दौर की आहट है। ट्रंप का विश्व व्यापार संगठन से विमुख होना और वैश्विक व्यापार के नियमों को धता बताते हुए ‘अमेरिका फर्स्ट’ के नाम पर आर्थिक धौंस का प्रयोग, बताता है कि अमेरिका अब मित्र नहीं, मालिक बनना चाहता है।

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भारत ने सदैव ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना से विश्व बंधुत्व का परिचय दिया है, लेकिन कुछ राष्ट्र इस उदारता को हमारी कमजोरी समझने की भूल कर बैठे हैं। बांग्लादेश और तुर्की ऐसे ही दो उदाहरण हैं, जिनके साथ भारत के ऐतिहासिक संबंध होने के बावजूद, आज वे भारत के विरुद्ध खड़े दिखाई देते हैं। ऐसे में, इन देशों के साथ आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों का बहिष्कार करना न केवल न्यायसंगत है, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वाभिमान की रक्षा के लिए परम आवश्यक है...

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जो सिलिकॉन वैली चलाने का दावा करते हैं, कई मुल्कों की सत्ता भी संभालते हैं, अमेरिका के अस्पतालों में जान बचाते हैं, वही दुनिया के ज़ुल्म पर चुप क्यों रहते हैं? विदेशों में बसने वाला भारतीय समुदाय, सबसे कामयाब मगर सबसे बेअसर, असहाय क्यों नज़र आता है? क्यों हर जगह से भगाए जाते हैं? कमाई के प्रति इतने समर्पित, खुदगर्ज हो गए, कि आत्मबल और सम्मान का सौदा कर लिया, और अब दुम दबाके दुबई से न्यूयॉर्क, डबलिन, ओटावा, कुली गिरी कर रहे हैं...

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बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक उथल-पुथल और मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के नेतृत्व में हो रहे बदलाव भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। जहां बांग्लादेश के कट्टरपंथी तत्व पाकिस्तान और चीन के प्रभाव में भारत-विरोधी एजेंडे को हवा दे रहे हैं, वहीं भारत की उदारवादी नीतियां सवालों के घेरे में हैं। यह असंतुलन न सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों के लिए खतरा है, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। 

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मौजूदा दौर के दौरान विश्व राजनीति में तीन महाशक्तियों अमेरिका, रूस और चीन का दबदबा है। चौथी महाशक्ति कौन बने, उसके लिए भारत प्रबल दावेदार हो सकता है...

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शशि थरूर ने ट्रंप के बारे में जो टिप्पणी की, और एप्पल कंपनी को भारत से निकलने की सलाह देकर ट्रंप ने अमेरिका की इमेज को जितना नुकसान किया है वो निक्सन और क्लिंटन के विवादित कार्यकालों से सौ गुना ज्यादा बताया जा रहा है।

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