अपने सूखे खेत में कृषि भूमि की निरंतर गिरती उर्वरता को देख किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें बढ़तीं जा रही हैं। मुश्किल हालात में किसानी कर रहे किसान की हालत समझी जा सकती है लेकिन बदले हुए परिदृश्य में कृषि अधिकारी ऐसे किसानों के खेत की मिट्टी का नमूना लेकर किसानों को बता रहे हैं कि किस तरह से इस जांच के बाद वह खेतों में सही मात्रा में खाद डाल सकेगा, किस तरह भूमि की उर्वरता और पोषण बेहतर होगा और अच्छी पैदावार के साथ उसकी आय भी बढ़ सकेगी जो पर्यावरण के भी अधिक अनुकूल होगी।

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