हमारा धर्म साझा विश्वासों, मूल्यों और परंपराओं के जरिए राष्ट्र को एकजुट कर सकता है। जब किसी देश में धर्म को राष्ट्र की नींव के रूप में देखा जाता है, तो यह सांस्कृतिक एकता और सामूहिक उद्देश्य की भावना को मजबूत करता है...
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बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले ढाई दशक से मीडियाभारती के लिए लगातार लेखन कार्य कर रहे हैं।
हमारा धर्म साझा विश्वासों, मूल्यों और परंपराओं के जरिए राष्ट्र को एकजुट कर सकता है। जब किसी देश में धर्म को राष्ट्र की नींव के रूप में देखा जाता है, तो यह सांस्कृतिक एकता और सामूहिक उद्देश्य की भावना को मजबूत करता है...
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आगरा के ताज व्यू अपार्टमेंट्स में रहने वाली गृहणी पद्मिनी दीवाली की तैयारियों में व्यस्त थीं। ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से तंग आकर उन्होंने देर शाम एक ऑनलाइन दीवाली डील देखी और ‘अभी ऑर्डर करें’ पर क्लिक कर दिया। उन्हें क्या पता था कि वह भारत के रिटेल की नई कहानी का हिस्सा बन रही थीं! कुछ ही मिनटों में, फूल, दीये, लाइट्स, फल, और मिठाइयां, सब कुछ पैक होकर उनके घर पहुंच गया। एक युवा बाइक राइडर लाया सामान, और यूपीआई से पेमेंट लेकर चला गया...
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आगरा आने वाले पर्यटकों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित फेरी या क्रूज सेवा का सपना जल्द ही सच हो सकता है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा समर्थित और स्थानीय नदी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रचारित इस प्रस्ताव से आगरा के पर्यटन परिदृश्य में क्रांति आ सकती है। साथ ही, कई आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ भी मिल सकते हैं।
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मीडिया में लाइन से विज्ञापनों की कार्पेट बॉम्बिंग, ज्वेलरी शॉप में देर रात तक खरीदारी, रिकॉर्ड सेल के दावे, कीमतों में बेहिसाब इजाफा, भारत को सोने की चिड़िया बनाने को बेताब हैं! लेकिन यह चमक, यह दमक, आर्थिक कमजोरी, वैश्विक असंतुलन, भरोसे में सेंध की महक है। दया, कुछ तो गड़बड़ है!
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बिहार की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं पियक्कड़ दारुबाज। यह डर अब चुनावी जंग के कप्तानों को सताने लगा है। खासतौर पर एनडीए के रणनीतिकारों को, क्योंकि प्रशांत किशोर जो अपने को गांधीवादी विचारधारा के समर्थक बताते हैं, ने वायदा किया है कि राज्य में नशाबंदी खत्म करे देंगे...
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गोवर्धन केवल मिट्टी का एक टीला नहीं है, बल्कि एक जीवित देवता हैं, जिन्हें श्रीकृष्ण ने इंद्र के क्रोध से बृजवासियों को बचाने के लिए उठाया था। सात दिन तक यह पर्वत करुणा की छतरी बनकर गायों, संतों, ऋषियों और ग्रामीणों को आश्रय देता रहा। आज भी यह पर्वत श्रद्धा की सांसें लेता है। 21 किलोमीटर की परिक्रमा पथ पर नंगे पांव चलने वाले श्रद्धालु गीत, आंसू और प्रार्थनाओं के साथ अपनी भक्ति समर्पित करते हैं...
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