बृज खंडेलवाल

बृज खंडेलवाल वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले ढाई दशक से मीडियाभारती के लिए लगातार लेखन कार्य कर रहे हैं।

साफ संकेत मिल रहे हैं कि ट्रंप टैरिफ झटकों ने भारत को नींद से जगा दिया है। आत्मसम्मान पर चोट लगी है और दोस्ती से विश्वास उठ गया है। सकारात्मक बात यह है कि स्वाबलंबन से एक नया भारत निर्माण होगा। जल्दी ही तमाम अमेरिकन ब्रांड और सेवाओं के विकल्प खोजे जाएंगे। जनता पार्टी के जॉर्ज फर्नांडिस ने कोका कोला को लात मारकर डबल सेवन कोल्ड ड्रिंक के लिए मार्केट खोला था। देश के हिंदूवादी संगठन और स्वदेशी आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता तुरंत सक्रिय हों और अमेरिका पर निर्भरता घटाने के अभियान में लग जाएं।

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गरीबी के खिलाफ जंग में मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अगर 25 करोड़ लोग गरीबी की रेखा से ऊपर उठे हैं, तो ग्रामीण रोजगार योजनाओं ने इस क्रांति को सफल अंजाम दिया है, बेशक क्रियान्वयन बेहतर और भ्रष्टाचार मुक्त हो सकता था...

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कुछ तो हुआ है कि वॉशिंगटन के गलियारों में बेचैनी बढ़ गई है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद अमेरिका का चेहरा तमतमा गया है, और ट्रंप का गुस्सा उनके लगातार बयानों में झलक रहा है...

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बीते 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या केवल आम नागरिकों पर हमला नहीं था, बल्कि भारत की संप्रभुता और दृढ़ता को चुनौती थी। ऑपरेशन सिंदूर के तहत, भारत ने पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर सटीक सैन्य कार्रवाई करके साफ संदेश दिया कि अब भारत सीमा-पार से आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेगा।

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‘जब शासन सोता है, तो अराजकता पनपती है’, यह कहावत भारत की सड़कों पर चरितार्थ हो रही है। आवारा कुत्ते, बेसहारा गायें और उन्मुक्त्त बंदर आज हमारे मोहल्लों और गलियों को मैदान-ए-जंग बना चुके हैं, और तमाम सरकारी एजेंसियां तालमेल के अभाव में महज तमाशबीन बनी बैठी हैं...

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राजनीति शास्त्र की किताबें कहती हैं कि लोकतंत्र की बुनियाद ‘कानून के सामने बराबरी’ के सिद्धांत पर टिकी हुई है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 भी यही कहता है, लेकिन हक़ीक़त में यह सिद्धांत उन्हीं के पैरों तले कुचला जा रहा है, जो इंसाफ़ और हुकूमत के ‘रखवाले’ होने का ढोंग करते हैं। और ये हैं... जज, राज्यपाल, नेता व नौकरशाह। ये लोग कानून को अपने हिसाब से अपने पक्ष में घुमा लेते हैं क्योंकि इनको विशेषाधिकार प्राप्त हैं। जानकार बताते हैं कि विशेष दर्जा प्राप्त इन महान विभूतियों की एक लंबी लिस्ट भारत के हर हाइवे के टोल बूथ पर लगी होती है।

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