वर्ष 2015 कृषि क्षेत्र के लिए एक चुनौतीपूर्ण साल था। देश के कई हिस्सों में रूखे मौसम और सूखे के कारण किसानों के लिए यह परेशानियों का लगातार दूसरा वर्ष था जिसने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे के तत्काल समाधान की आवश्यकता को रेखांकित किया। इनका दुष्प्रभाव इसके बाद के वर्ष में भी दृष्टिगोचर हो रहा है क्योंकि वर्तमान गेहूं की रबी बुआई पिछले वर्ष की तुलना में 20.23 लाख हेक्टेयर कम हुई है। दालों और सब्जियों के दाम लगातार ऊंचे बने हुए हैं।
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