संपादकीय

परिवहन नेटवर्क का विस्‍तार वृद्धि के लिए पहली जरूरत है और शहरीकरण उसका लगभग निश्चित परिणाम है। इसलिए, अब जबकि भारत वृद्धि के पथ पर अग्रसर है, हमारे यहां शहरीकरण का बढ़ता स्‍तर और शहरों में जनसंख्‍या का भारी घनत्‍व है। जैसा कि अपेक्षित था, वाहनों की संख्‍या में समग्र व़द्धि के साथ हम देश में सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्‍तार होते भी देख रहे हैं।  

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वर्ष 2015 कृषि क्षेत्र के लिए एक चुनौतीपूर्ण साल था। देश के कई हिस्‍सों में रूखे मौसम और सूखे के कारण किसानों के लिए यह परेशानियों का लगातार दूसरा वर्ष था जिसने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे के तत्‍काल समाधान की आवश्‍यकता को रेखांकित किया। इनका दुष्‍प्रभाव इसके बाद के वर्ष में भी दृष्‍टिगोचर हो रहा है क्‍योंकि वर्तमान गेहूं की रबी बुआई पिछले वर्ष की तुलना में 20.23 लाख हेक्‍टेयर कम हुई है। दालों और सब्‍जियों के दाम लगातार ऊंचे बने हुए हैं।

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जैसे ही 'लंच' करने बैठे, 'अल जजीरा' देखते-देखते 'गुरुजी' ने सवाल उछाला कि अमेरिका बगदादी पर लगातार हमले करने के अलावा उसकी 'फंडिंग' के रास्तों को रोकने में 'तत्परता' क्यों नहीं दिखाता...। तो, खाना एक तरफ रखकर उन्हें 'शिवजी की कहानी' सुनाई...। 

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सीबीआई का छापा पड़ा तो बड़ा 'गुस्सा' आया...। एक 'अनुभवहीन' नेता की तरह जोर से गालियां 'फेंक' के मारी। जब शाम को अपनेआप को टीवी पर देखा तो समझ आया कि ये क्या कर डाला। आनन-फानन में सबको इकट्ठा करके मंथन किया कि एक 'घाघ' का मुकाबला इसी तरह से करें या कुछ 'सोच-विचारकर'...। दिमाग लगाया तो कुछ वास्तविक 'सवाल' उभरे जो पूछने थे... पूछ डाले...। 

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सेवा में  राजेश कुमार जिलाधिकारी, मथुरा महोदय, 'वर्ल्ड टॉयलेट डे' के अवसर पर ‘ब्रज बचाओ समिति’ के तत्वाधान में आयोजित एक बैठक में मथुरा जनपद में टॉयलेट संबंधी सुविधाओं - असुविधाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

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दीपक एक युवक है जो कुल्‍लू में एक स्‍थानीय रेस्‍टोरेंट में बरतन धोने का काम करता है। उसकी आंखों की रोशनी चली गई है। आंखों की जांच के बाद उसे पता चला कि उसकी दृष्टि लौट सकती है, किन्‍तु इसमें हजारों रुपये लग सकते हैं। 

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