संपादकीय

आधुनिकीकरण ने एक व्यक्ति के सामर्थ्य को वैश्विक रूप प्रदान किया है। उपग्रह संचार, वायु मार्गों एवं भारी जमीनी उपकरणों के साथ अब हमारी शक्ति और क्षमता वैश्विक हो गई है। अल्फ्रेड नार्थ वाइटहेड के शब्दों में आज का व्यक्ति जो भी बना है उसमें सम्पूर्ण दुनिया का उदय और सम्मिलन शामिल है। मानव जीवन ने विश्वरूप हासिल कर लिया है।

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स्वच्छ भारत यानी स्वस्थ भारत इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की। तब उन्होंने देश के प्रत्येक नागरिक से अपील की थी कि इसे जुड़कर मुहिम को सफल बनाए। आज इस मुहिम से न सिर्फ देश के बड़ी हस्तियां जुड़ रही हैं बल्कि समाज के कई वर्ग के लोग भी इस से जुड़ने लगे हैं। 

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हरियाणा के मेवात जिले के कोराली गांव की अमीना के छोटे से घर में तीन चार महीने पहले ही शौचालय बना है। उनका कहना है कि शौचालय बन जाने से वे अपने आपको जहां सुरक्षित महसूस करते हैं, वहीं पर उन्‍हें हर दिन अपने स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर जोखिम नहीं उठाना पड़ता।

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करीब चार दशक पहले की बात है। बिहार गांधी शताब्दी समिति में एक कार्यकर्ता के नाते मैं भी जुड़ा था। उसी दौरान मैंने देखा कि सिर पर मैला ढोने वाले दलित समाज के लोगों के साथ संभ्रांत लोग कैसा व्यवहार करते हैं। तब सिर पर मैला ढोने वाले लोगों से उस दौर का संभ्रांत समाज इतना अत्याचार करता था कि मेरा मन भर गया। तभी मैंने सिर से मैला उठाने वाले लोगों की मुक्ति के लिए काम करने की ठान ली। 

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विश्‍व के सबसे प्रभावशाली देशों के नेताओं के हांगझोऊ शिखर सम्‍मेलन के पारंपरिक घोषणा पत्र में 20 सदस्‍य देशों के लोगों को इस बात से अवगत कराया गया कि जी20 समूह ‘आतंकवाद के सभी रूपों’ का एकजुट होकर मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत, चीन, रूस, जर्मनी, अमरीका और कई अन्‍य विकसित तथा विकासशील देशों के समूह ने आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्धता ऐसे समय व्‍यक्‍त की है जब विश्‍वभर में यूरोप, अमरीका, दक्षिण एशिया या दक्षिण पूर्व एशिया सहित सभी महाद्वीप बढ़ते आतंकवाद का सामना कर रहे हैं। (Read in English)

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122वां संविधान संशोधन भारत के राजनैतिक-आर्थिक इतिहास में मील का पत्‍थर साबित होगा क्‍योंकि इस क्रांतिकारी कदम से देश को वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रूप में अब तक का सर्वाधिक प्रगतिशील कर सुधार प्राप्‍त हो रहा है। इससे एक तरफ कारोबार और उद्योग के लिए आसानी होगी, वहीं दूसरी तरफ सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह होगी कि उपभोक्‍ताओं के लिए वस्‍तुओं और सेवाओं की कीमत में कमी आएगी। इस कदम से केंद्र और राज्‍यों को राजस्‍व में किसी प्रकार का नुकसान भी नहीं होगा। इसके अलावा जीएसटी से ऐसी कर व्‍यवस्‍था वजूद में आएगी जिससे सकल घरेलू उत्‍पाद में एक से डेढ़ प्रतिशत का इजाफा होगा और करों के मकड़जाल से मुक्ति मिलेगी। (Read in English)

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