संपादकीय

भारत विश्व में सबसे ज्यादा युवाओं का देश है जिसकी लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या की आयु 35 वर्ष से कम है। उम्मीद की जाती है कि वर्ष 2020 तक भारत की आबादी की औसत आयु 28 वर्ष होगी जबकि अमेरिका की 35, चीन की 42 और जापान की औसत आयु 48 वर्ष होगी। वास्तव में युवा किसी भी देश की जनसंख्या में सबसे गतिशील और जीवंत हिस्सा होते हैं।

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दुनियाभर में ग्रामीण इलाकों में रहने वाले 2.5 बिलियन से ज्यादा लोग स्वच्छता की उचित सुविधाओं से वंचित हैं और एक बिलियन से ज्यादा लोग शौचालय न होने के कारण खुले में शौच करने के लिए विवश हैं। हमारे देश के हालात भी बेहतर नहीं हैं जहां आधी से ज्यादा आबादी खुले में शौच करती है।

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अटल जी के बारे लिखना उतना ही कठिन है जैसे गंगा की बहती धारा का वर्णन प्राय: शब्‍दातीत हो जाता है। कठोर होते हुए भी मृदुल, प्रतिपक्षी की आक्रामकता सहेजते हुए भी संबंधों में मैत्री की शालीनता, कठोर प्रहार करते हुए शब्‍द संयम और वाणी में सौम्‍यता, ऊँचाई होते हुए भी हरी दूब सी विनम्रता अटल जी को बस अटल जी बनाने वाले गुण हैं। 

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अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी एक प्रसिद्ध कविता में ईश्वर से प्रार्थना की है कि वह उन्हें इतनी ऊंचाई पर न पहुंचाए जिससे कि वह सबसे दूर हो जाएं। प्रार्थना के विपरीत उन्हें एक सर्वस्वीकार्य राष्ट्र पुरुष जैसी ऊंचाई मिली। उनका यह सोच निराधार साबित हुई और वह इतनी ऊंचाई पाकर भी कहीं भारतीय जनमानस से दूर नहीं हुए। 

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‘‘कांग्रेस सदस्यों में सरदार वल्लभभाई पटेल विभाजन के सबसे बड़े समर्थक थे लेकिन उन्हें भी विश्वास नहीं था कि भारत की समस्याओं का सबसे बेहतर समाधान विभाजन हो सकता है। उन्होंने अपने आप को बंटवारे के पक्ष से बाहर रखा। उनका कहना था कि इससे रंजिश और दंभ बढ़ेगा। उन्होंने अपने आप को हर कदम पर तब दुविधा में पाया जब तत्कालीन वित्‍तमंत्री लियाकत अली खां ने उनके प्रस्ताव ठुकरा दिए। बेहद गुस्से में उन्होने फैसला किया कि अगर कोई विकल्प न बचे, तो बंटवारे का प्रस्ताव मान लिया जाए। उनका विचार था कि अगर यह प्रस्ताव मान लिया गया तो यह मुस्लिम लीग के लिए एक कड़वा सबक होगा। पाकिस्तान थोड़े ही समय में लड़खड़ा जाएगा और जो सूबे भारत छोड़कर पाकिस्तान में शामिल हुए हैं उन्हें बहुत मुश्‍किलों का सामना करना होगा’’ - मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने अपनी आत्मकथा ‘‘इंडिया विन्स फ्रीडम’’ में यह बात आजादी मिलने के 10 साल बाद 1957 में लिखी। (Read in English: Maulana Abul Kalam Azad And Partition…)

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में नई सरकार ने पहले छह माह का कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था के वास्तविक क्षेत्रों की गतिविधियों में वापसी के पूर्वानुमान जैसे कि कृषि, उत्पादन और सेवा क्षेत्र में उल्लेखनीय और काफी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। 

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