मथुरा

सामान्यत: दोपहर 12 बजे के लगभग करना ठीक माना जाता है। इसे किसी सरोवर, नदी या फिर अपने घर पर भी किया जा सकता है। परंपरा अनुसार, अपने पितरों के आवाहन के लिए भात, काले तिल व घिक का मिश्रण करके पिंड दान व तर्पण किया जाता है। इसके पश्चात विष्णु भगवान व यमराज की पूजा-अर्चना के साथ-साथ अपने पितरों की पूजा भी की जाती है। यदि माता-पिता, दादा-दादी इत्यादि किसी के निधन की सही तिथि का ज्ञान नहीं हो तो इस पर्व के अंतिम दिन यानी अमावस्या को जो इस बार 30 सितंबर की है, पर उनका श्राद्ध करने से पूर्ण फल मिल जाता है। पित पृक्ष में पिंड दान अवश्य करना चाहिए ताकि देवों व पितरों का आशीर्वाद मिल सके। अपने पितरों के पसंदीदा भोजन बनाना अच्छा माना जाता है। सामान्यत: पितृ पक्ष में अपने पूर्वजों के लिए कद्दू की सब्जी, दाल-भात, पूरी व खीर बनाना शुभ माना जाता है। पूजा के बाद पूरी व खीर सहित अन्य सब्जियां एक थाली में सजाकर गाय, कुत्ता, कौवा और चींटियों को देना अति आवश्यक माना जाता है। कहा जाता है कि कौवे व अन्य पक्षियों द्वारा भोजन ग्रहण करने पर ही पितरों को सही मायने में भोजन प्राप्त होता है, क्योंकि पक्षियों को पितरों का दूत व विशेष रूप से कौवे को उनका प्रतिनिधि माना जाता है। पितृ पक्ष में अपशब्द बोलना, ईर्ष्या करना, क्रोध करना बुरा माना जाता है व इनका त्याग करना ही चाहिए। इस दौरान घर पर लहसुन, प्याज, नॉन-वेज और किसी भी तरह के नशे का सेवन वर्जित माना जाता है। पीपल के पेड़ के नीचे शु्द्ध घी का दिया जलाकर गंगा जल, दूध, घी, अक्षत व पुष्प चढ़ाने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। घर में गीता का पाठ करना भी इस अवधि में काफी अच्छा माना गया है। यह सब करके आप अपने पितरों का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। यदि इस अवसर पर अपने पूर्वजों के सम्मान में उनके नाम से प्याऊ, स्कूल, धर्मशाला आदि के निर्माण में सहयोग करें तो माना जाता है कि आपके पूर्वज आप पर अति कृपा बनाए रखते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि पितरों को धन से नहीं, बल्कि भावना से प्रसन्न करना चाहिए। विष्णु पुराण में भी कहा गया है कि निर्धन व्यक्ति जो नाना प्रकार के पकवान बनाकर अपने पितरों को विशेष भोजन अर्पित करने में सक्षम नहीं हैं, वे यदि मोटा अनाज या चावल या आटा और यदि संभव हो तो कोई सब्जी-साग व फल भी यदि पितरों को प्रति पूर्ण आस्था से किसी ब्राह्मण को दान करता है तो भी उसे अपने पूर्वजों का पूरा आशीर्वाद मिल जाता है। यदि मोटा अनाज व फल देना भी मुश्किल हो तो वो सिर्फ अपने पितरों को तिल मिश्रित जल को तीन उंगुलियों में लेकर तर्पण कर सकता है, ऐसा करने से भी उसकी पूरी प्रक्रिया होना माना जाता है। श्राद्ध व तर्पण के दौरान ब्राह्मण को तीन बार जल में तिल मिलाकर दान देने व बाद में गाय को घास खिलाकर सूर्य देवता से प्रार्थना करते हुए कहना चाहिए कि मैंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार जो किया उससे प्रसन्न होकर मेरे पितरों को मोक्ष दें, तो इससे आपके पितरों को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है व व्यक्ति का पूर्ण श्राद्ध का फल प्राप्त हो जाता है।  साभार-khaskhabar.com  

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बॉलीवुड के प्रेम सलमान खान की हीरोइन सोनम कपूर का कहना है कि उनके पिता दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर कट्टर नारीवादी हैं, जिन्होंने अपनी दो बेटियों और एक बेटे को बिना किसी भेदभाव के पाला है। सोनम ने फिल्म ‘नीरजा’ में साहसी विमान परिचारिका नीरजा भनोट का किरदार निभाया था। सोनम का कहना है कि नीरजा की कहानी उन्हें बेहद प्रोत्साहित करती है। सोनम ने फिल्म ‘नीरजा’ में साहसी विमान परिचारिका नीरजा भनोट का किरदार निभाया था। सोनम का कहना है कि नीरजा की कहानी उन्हें बेहद प्रोत्साहित करती है। सोनम एनडीटीवी इंडिया के ‘यूथ फॉर चैलेंज’ सम्मेलन में ‘महिलाएं कितनी महत्वकांक्षी हो सकती हैं?’ विषय पर चर्चा में हिस्सा लेने आई थीं। उन्होंने गीतकार पटकथा लेखक और एड गुरु प्रसून जोशी के साथ मंच साझा किया था।जोशी ने कहा, ‘‘यह दुखद है कि हमें महिलाओं के बारे में ऐसे सम्मेलनों में बात करनी पड़ती है। इसका अर्थ यह है हमारे समाज में सब कुछ ठीक नहीं है।’’           साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । अमेरिका के फेड रिजर्व तथा बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति पर बैठक, मानसूनी बारिश की चाल, वैश्विक बाजारों की चाल, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई), डॉलर के खिलाफ रुपये की दर और कच्चे तेल की कीमतों का अगले सप्ताह भारतीय शेयर बाजारों पर असर दिखेगा। निवेशकों की नजर मानसून की चाल पर टिकी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 15 सितंबर को जारी अपने साप्ताहिक अनुमान में कहा है कि देश में कुल मिलाकर इस साल एक जून से 14 सितंबर के बीच मानसूनी बारिश दीर्घकालिक औसत से पांच फीसदी कम हुई है।   वहीं, निजी क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस का आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम) सोमवार को खुलेगा तथा बुधवार को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड 300 से 334 रुपये तय किया गया है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई बैंक और यूके की कंपनी प्रूडेंशियल कॉरपोरेशन होल्डिंग का संयुक्त उद्यम है। सिंगापुर का टीमसेक (2 प्रतिशत) और प्रेमजी इन्वेस्ट (4 प्रतिशत) भी इसमें शेयरहोल्डर हैं। जेवी में आईसीआईसीआई बैंक की 68 फीसदी और प्रूडेंशियल की 26 फीसदी हिस्सेदारी है। आईसीआईसीआई बैंक आईपीओ के जरिए 18.13 करोड़ शेयरों या 12.65 फीसदी हिस्से की बिक्री करेगा। कंपनी की इश्यू के जरिए 5000 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है। ये इश्यू साइज पिछले छह साल में सबसे बड़ा होगा।   वहीं, वैश्विक मोर्चे पर बैंक ऑफ जापान के बोर्ड सदस्यों की मौद्रिक नीति पर दो दिवसीय बैठक मंगलवार से शुरू होगी। बैंक ऑफ जापान इस बैठक के बाद मौद्रिक नीति पर बुधवार को बयान जारी करेगा। जापान का केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति के लक्ष्य को दो फीसदी तक रखने में नाकाम रहने के बाद अपने प्रोत्साहन कार्यक्रम की व्यापक समीक्षा करेगा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीति निर्माताओं की दो दिवसीय बैठक मंगलवार को होगी। फेड रिजर्व ने संकेत दिया है कि इस बैठक में ब्याज दरों को यथावत रखा जाएगा। 15 सितंबर को जारी किए गए आर्थिक आंकड़ों में अमेरिका के औद्योगिक उत्पादन का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। इससे निवेशकों को उम्मीद है कि शायद फेड रिजर्व ब्याज दरें बढ़ाए। फेड रिजर्व ने जुलाई में हुई बैठक के बाद लगातार पांचवीं बार ब्याज दरों को 0.25 फीसदी से 0.5 फीसदी रखा था।           साभार-khaskhabar.com  

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ढाका । बांग्लादेश के बाएं हाथ के ऑलराउंडर शाकिब अल हसन और उनकी पत्नी उमेद अहमद शिशिर शुक्रवार को एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में बाल-बाल बचे। आईसीसी रैंकिंग में दुनिया के दूसरे नंबर के ऑलराउंडर शाकिब व शिशिर के साथ यह हादसा उस समय हुआ, जब हेलीकॉप्टर इस दंपति को कोक्स बाजार में उतारने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया।  दंपति खुशनसीब रहा और उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ। इस हादसे में एक शख्स की मौत हो गई है जबकि 4 अन्य घायल हो गए। शाकिब और उनकी पत्नी एक विज्ञापन की शूटिंग के सिलसिले में कोक्स बाजार गए थे। 29 वर्षीय शाकिब ने घटना के बाद कहा कि मैं ठीक हूं, लेकिन हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सुनकर मैं स्तब्ध रह गया। हालांकि दुर्घटना के बारे में कुछ भी नहीं पता, क्योंकि मैं शूटिंग में व्यस्त था। गौरतलब है कि यह हेलीकॉप्टर शाकिब और उनकी पत्नी को रॉयल ट्युलिप समुद्री रिजॉर्ट में एक विज्ञापन की शूटिंग के सिलसिले में छोडऩे के एक घंटे बाद ढाका से वापस लौटते समय इनानी बीच के पास दुर्घटना का शिकार हो गया। शाकिब के पास 42 टेस्ट, 157 वनडे और 54 टी20 मैच का अनुभव है। शाकिब के टेस्ट में 39.76 के औसत से 2823 रन और 147 विकेट, वनडे में 35.18 के औसत से 4398 रन और 205 विकेट तथा टी20 में 23.97 के औसत से 1103 रन और 65 विकेट हैं। शाकिब पिछले काफी समय से बांग्लादेश के नंबर एक खिलाड़ी हैं।             साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए आत्मघाती हमले के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपना विदेश दौरा रद्द कर दिया है। उरी हमले को लेकर हालात की समीक्षा करने के लिए गृहमंत्री राजनाथ ने आपात बैठक बुलाई है। राजनाथ कई बड़े अधिकारियों के साथ अपने घर पर मीटिंग करेंगे। मीटिंग में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, सुरक्षा सलाहकार अजील डोलाफ सहित सेना के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। जिसमें हालात से किस तरह से निपटा जाए इसकी रणनीति तैयार की जाएगी। आपको बता दें कि गृहमंत्री को आज से 5 दिवसीय रूस के दौरे पर जाना था। लेकिन, उरी में आज सुबह हुए हमले के बाद दौरा रद्द कर दिया है। राजनाथ सिंह को अमेरिका के दौरे पर भी जाना था जिसे भी उन्होंने रद्द करने का निर्णय लिया है। उरी चल रहे इस ऑपरेशन पर खुद गृहमंत्री नजर बनाए हुए हैं। इस मामले पर कड़ी नजऱ रखने के लिए राजनाथ सिंह ने कुछ आला अधिकारियों से भी बातचीत की है।                साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । अपने बयानों और ट्वीट से चर्चा में रहने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने सुप्रीम कोर्ट के जजों की बौद्धिक क्षमताओं की तीखी आलोचना की है। एक फेसबुक पोस्ट में काटजू ने सुप्रीम कोर्ट के जजों की बौद्धिक क्षमता पर सवाल उठाते हुए लिखा कि मौजूदा दौर में सुप्रीम कोर्ट के ज्यादातर जजों का बौद्धिक स्तर काफी कम है। काटजू ने यह आरोप भी लगाया है कि उच्चतम न्यायालय के ज्यादातर वर्तमान जज अपनी योग्यता के कारण नहीं, बल्कि वरिष्ठता के नियम के कारण इतने ऊंचे पद पर पहुंचे हैं।   काटजू ने लिखा है, सीजेआई बनने की लाइन में खड़े जस्टिस दीपक मिश्रा बहुत कम उम्र में ही ओडिशा हाई कोर्ट के जज बन गए थे। ऐसा उनके रिश्तेदार और पूर्व सीजेआई जस्टिस रंगनाथ मिश्रा के प्रभाव के कारण हुआ। रंगनाथ मिश्रा भारत के सबसे भ्रष्ट जजों में से एक थे। जस्टिस रमण भी सीजेआई बनने की पंक्ति में हैं। राजनैतिक संपर्कों के कारण वह भी काफी कम उम्र में ही आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के जज बन गए। बाद में वह सुप्रीम कोर्ट के जज बन गए। ऐसा उनकी योग्यता के कारण नहीं, बल्कि वरिष्ठता के कारण हुआ। काटजू ने अपनी पोस्ट की शुरुआत करते हुए लिखा है कि अब समय आ गया है कि भारतीयों को सुप्रीम कोर्ट के ज्यादातर जजों के मानसिक स्तर और बैकग्राउंड के बारे में बताया जाए। उन्होंने लिखा है, जस्टिस चेलमेश्वर और जस्टिस नरिमन जैसे कुछ जज हैं जो कि अपने बौद्धिक स्तर और चरित्र दोनों ही मामलों में बहुत ऊपर हैं, लेकिन इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के ज्यादातर जजों का मानसिक स्तर बहुत कम है। मैं ऐसा इसलिए कह सकता हूं कि मैं खुद करीब साढ़े 5 साल तक सुप्रीम कोर्ट का जज था और इस दौरान मैं लगातार अपने सहकर्मियों के साथ बातचीत किया करता था। काटजू ने लिखा है कि उच्चतम न्यायालय के जज ज्यादातर क्रिकेट और मौसम के बारे में बात किया करते थे। उनका आरोप है कि इन जजों की बातचीत में कभी बौद्धिक मसलों का जिक्र नहीं आता था। उन्होंने लिखा है, मुझे लगता है कि ज्यादातर सुप्रीम कोर्ट जजों को न्यायशास्त्र से जुड़े बड़े-बड़े नामों की जानकारी भी नहीं होगी। उन्हें यह भी नहीं पता होगा कि दुनिया भर में मशहूर न्यायशास्त्रियों का योगदान क्या है।                 साभार-khaskhabar.com  

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