मथुरा

मुझे याद नहीं आता कि 88 वर्षों के इतिहास में कभी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष और सचिव को सर्वोच्च न्यायालय ने बर्खास्त किया हो, लेकिन यह कदम चौंकाता नहीं। यह तो होना ही था। पिछली जुलाई में अदालत द्वारा लोढ़ा समिति की बोर्ड में पुनर्सुधार संस्तुतियों को स्वीकार किए जाने के बाद यह तय था कि दिन बहुरेंगे। मगर तब से लगातार बीसीसीआई यही कोशिश करती रही कि कहीं कोई बच निकलने का रास्ता मिल जाए।  एक के बाद एक तिकड़म लगाई जाती रही। कांग्रेसी राजनेता और देश के सबसे महंगे वकील कपिल सिब्बल की सेवाएं ली गईं। बोर्ड सदर ने पारदर्शिता लाने के लिहाज से कैग से ऑडिट करने की संस्तुतियों के मामले में आईसीसी को भी घसीटने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनेता सांसद और बोर्ड के सदर अनुराग ठाकुर की कोशिश और उनका झूठा हलफनामा गले की फांस बन गया। तय था कि दो जनवरी को जो आदेश आएगा, वह देश में क्रिकेट संचालित करने वाली संस्था की चूलें हिला कर रख देगा और यही हुआ भी। सदर और सचिव ही नहीं, बल्कि जिन राज्य संघों में संस्तुतियां लागू करने में आनाकानी की गई, वहीं के भी अधिकारी बर्खास्त हो गए। ठाकुर की हालत यह है कि अदालत की अवमानना के आरोप में उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। राजनीति में शुचिता और ईमानदारी की बात करने वाली भाजपा के ठाकुर ने जिस प्रकार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने में लगातार अड़ंगा लगाया, वह वाकई शर्मनाक रहा।  अहंकार, पदलोलुपता, हठधर्मिता क्या कुछ नहीं देखा देश ने ठाकुर एंड कंपनी में। ऊपर से तुर्रा यह कि बर्खास्तगी के बाद हिमाचल क्रिकेट संघ के भी अध्यक्ष ठाकुर ने जिस अंदाज में यह कहा कि उनका संघर्ष बोर्ड की स्वायत्तता के लिए है और वह जारी रहेगा, वह बता रहा था कि पूंछ जल गई लेकिन ऐंठन नहीं गई। ठाकुर किस स्वायत्तता की बात कर रहे हैं कि कोई पदाधिकारी दो पद नहीं संभाल सकता, 70 वर्ष उम्र की समयसीमा, किसी पदाधिकारी का नौ वर्ष से अधिक कार्यकाल नहीं, बोर्ड में खिलाडिय़ों का प्रतिनिधित्व, खिलाड़ी संघ को मान्यता, एक राज्य एक वोट आदि। कहां से गलत हैं? ठाकुर ने अपने वीडियो में बखान किया कि बोर्ड ने क्रिकेट को ऊंचे पायदान तक पहुंचाया है। एक से बढक़र एक का श्रेय पुराने खिलाडिय़ों की चयन समिति और खिलाडिय़ों को है न कि खेल की समझ रखने वाले बोर्ड अधिकारियों को।  वैसे माननीय ठाकुर यह भूल चुके हैं कि देश में इस खेल को पहले स्थान पर पहुंचाने के लिए क्रिकेट प्रेमियों को श्रेय जाता है, जो यह जानते हुए भी कि टेस्ट मैच अनीर्णित होगा, चार दशक पूर्व मैच के अंतिम दिन भी मैदान ठसाठस रखते थे। श्रेय उस मीडिया खासकर भाषायी मीडिया को जाता है, जिन्होंने आम जन को क्रिकेट पढऩा सिखाया। सबसे ऊपर तो बोर्ड को आभार मानना चाहिए, रेडियो की हिंदी कमेंट्री का जिसने हल जोत रहे बैल के गले में लटके ट्रांजिस्टर पर विविध भारती के गानों से दूर कर किसान को चौके-छक्के की ओर मोड़ दिया। इस लोकप्रियता को दोनों हाथों से बोर्ड ने भुनाया। वो बोर्ड, जो 1987 के विश्व कप की मेजबानी के लिए रिलायंस के आगे हाथ फैलाने पर मजबूर हुआ कि उसके पास एक करोड़ विदेशी मुद्रा तक नहीं थी, वहीं सरकार से प्रसारण अधिकार की बपौती खत्म कर बोर्ड को जगमोहन डालमिया ने 1996 विश्व कप के सफल आयोजन से जो मालामाल किया कि फिर मुड़ कर नहीं देखा।  बोर्ड यदि दुनिया का सबसे समृद्ध क्रिकेट संघ है, तो इसके लिए स्वर्गीय डालमिया और फिर आईपीएल की अवधारणा लेकर आए ललित मोदी को श्रेय देना चाहिए। ठाकुर बताएं कि पारदर्शिता का कब पक्षधर रहा है बोर्ड। खिलाड़ी नौकर और बोर्ड मालिक की भूमिका में ही रहे हैं। ठाकुर जी जांघिए में ही होंगे जब अस्सी के दशक में खिलाड़ी संघ की पहल करने का खामियाजा दिलीप वेंगसरकर और श्रीकांत को देश की कप्तानी से हाथ धोकर भुगतना पड़ा था। अगला दशक मैच फिक्सिंग जैसे धतकर्मों से भरा रहा। बोर्ड में श्रीनिवासन युग ने तो इस खेल की ऐसी-तैसी करके रख दी और सर्वोच्च न्यायालय का दखल इसी दौरान तब हुआ जब स्पॉट फिक्सिंग घोटाले ने बोर्ड की छवि तार-तार करके रख दी। अपने दामाद के पापों को छुपाने के लिए श्रीनिवासन ने जिस बेशर्मी के साथ अपने खास उच्च न्यायालय के दो सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की जांच समिति गठित करने के नाम पर लीपापोती की कोशिश की और जिस तरह से दामाद मयप्पन सहित आरोपियों को बरी किया, उसके खिलाफ अदालत में जो मामला गया उसकी ही यह परिणति हुई दो जनवरी को। ठाकुर और अरुण जेटली यदि मुखर होते तो श्रीनिवासन को, जिसके दुबई-कराची से गहरे संपर्क रहे हैं, इस्तीफा देना पड़ जाता और जो फिर बाद में जो घटा, न घटता। यही कारण है कि इस मामले में भाजपा की भी कम किरकिरी नहीं हुई है। पाकिस्तान के साथ 2022 तक सीरीज को लेकर एमओयू पर श्रीनिवासन ने ही हस्ताक्षर किए थे। इसमें राष्ट्रवादी पार्टी के इन नेताओं की भी सहमति न रहती तो ऐसा कभी नहीं होता।  क्या ठाकुर बोर्ड से संबद्ध इकाइयों के भ्रष्टाचारों पर पर्दा डालने को स्वायत्तता मानते हैं? क्रिकेट प्रेमी पूछ रहे हैं कि हैदराबाद, गोवा, जम्मू एवं कश्मीर, झारखंड आदि के स्टेडियम निर्माण में किए गए घोटालों का उन्होंने कभी संज्ञान लिया? क्या कार्रवाई हुई उन पर? स्वयं अनुराग घिरे हैं धर्मशाला स्टेडियम और होटल निर्माण को लेकर विवादों में। राज्य संघों को भेजी गई विपुल राशि का बोर्ड ने हिसाब मांगने की कभी जहमत उठाई? ठाकुर यह भी बताएं कि देश के राज्य क्रिकेट संघों से उनके कितने जिले जुड़े हैं? बोर्ड यह भी बताए कि आईपीएल प्रसारण अधिकार दिलाने की एवज में करोड़ों की राशि शरद पवार के दामाद सुले को बतौर स्वेट (पसीना) मनी कैसे दी गई? शशि थरूर को मंत्रीमंडल से क्यों इस्तीफा देना पड़ा था? उनकी महरूम पत्नी सुनंदा पुष्कर मौत से पहले कौन सा राज खोलने वाली थीं आईपीएल का? उसको भी उपकृत करने के लिए करोड़ों की रकम कैसे दी गई? ये तमाम सवाल अभी तक अनुत्तरित हैं। मुद्गल समिति की जांच रिपोर्ट में संदिग्ध 15 खिलाडिय़ों और प्रशासकों की जो सूची बंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपी थी, उसका क्या हुआ? देश यह जानने के लिए बैचेन है। 19 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय की ओर से बोर्ड के कामकाज के संचालन हेतु जो समिति गठित होगी, उम्मीद है कि उसमें सभी काबिल ही नामित होंगे और बोर्ड का पुनर्सुधार देश के अन्य सभी खेल संघों के लिए लाइट हाउस का काम करेगा और केंद्र सरकार जो भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़े हुए है, सफाई अभियान में पूरा सहयोग और समर्थन देगी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की चुप्पी कम खलने वाली नहीं है। उनको भी कोर्ट के आदेशानुसार गुजरात क्रिकेट संघ के सदर पद से तत्काल इस्तीफा देना चाहिए, समय की यही मांग भी है।   साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । निर्वाचन आयोग ने 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। चीफ इलेक्शन कमिश्नर नसीम जैदी ने बुधवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया। उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश में सात चरणों में चुनाव होंगे। मणिपुर में दो चरणों में चुनाव होंगे। वहीं पंजाब, गोवा और उत्तराखंड और एक-एक चरण में चुनाव होंगे। सभी राज्यों के नतीजे 11 मार्च को आएंगे। चुनाव की घोषणा के साथ ही इन पांचों राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई है।  उत्तर प्रदेश में सात चरणों में चुनाव उत्तर प्रदेश में सात चरणों में चुनाव होंगे। प्रथम चरण में 15 जिलों की 73 सीटों के लिए 11 फरवरी को मतदान होगा। दूसरे चरण के लिए 11 जिलों की 67 सीट पर 15 फरवरी को मतदान होगा। तीसरे चरण में 12 जिलों की 69 सीट 19 फरवरी को मतदान होगा। चौथे चरण में 12 जिलों की 53 सीट पर 23 फरवरी को मतदान होगा। पांचवें चरण में 11 जिलों की 62 सीट पर 27 फरवरी को मतदान होगा। छठवें चरण में 7 जिलों की 49 सीट पर 4 मार्च को मतदान होगा। वहीं सातवें और अंतिम चरण के लिए 7 जिलों की 40 सीट पर 8 मार्च को मतदान होगा। पंजाब- गोवा में एक चरण में मतदान पंजाब में 4 फरवरी को एक चरण में मतदान होगा। उत्तराखंड में भी एक चरण में 15 फरवरी को मतदान होगा। गोवा में भी एक चरण में 4 फरवरी को मतदान होगा। वहीं मणिपुर में दो चरणों में मतदान होगा। यहां 4 मार्च और 8 मार्च को मतदान होगा।  चुनाव आयोग साफ तौर पर चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 16 करोड़ से ज्यादा लोग चुनावों में हिस्सा ले रहे हैं। मतदाताओं को कलरफुल वोटर गाइड भी उपलब्ध कराई जाएगी। पोलिंग बूथ के बाहर सभी जानकारियों पोस्टर पर दी जाएंगी। इसपर नियमों का उल्लेख होगा। मतदाताओं के सहयोग के लिए भी बूथ बनाए जाएंगे। चुनाव आयोग ने कहा कि गोपनीयता बनाए रखने के लिए 30 इंच ऊंची स्टील और अन्य सामग्री से बनी छोटी केबिन का इस्तेमाल किया जाएगा। मतदान को दिव्यांगों के अनुकूल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा है कि सभी क्षेत्रों में मतदान जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। गोवा में वोट डालने के बाद एक पर्ची दी जाएगी।  चुनाव आयोग की इस बार अनूठी पहल की है। डिफेंस, पैरा मिलिट्री फोर्सेस में तैनात जवान इलेक्ट्रॉनिक पोस्टल बैलट से वोट डाल सकेंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को नॉमिनेशन पेपर पर फोटो लगाना होगा और उनको भारत का नागरिक होना चाहिए। कुछ जगहों पर महिलाओं के लिए अलग से पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। चुनाव प्रचार के दौरान ध्वनि प्रदूषण और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्रियों पर प्रतिबंध होगा। चुनाव आयोग ने कहा कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउड स्पीकर पर रोक रहेगी। केंद्र की पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में 28 लाख चुनाव में खर्च की सीमा होगी। मणिपुर में उम्मीदवार 20 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को बैंक में अकाउंट खोलवाना होगा और चंदे को यहां जमा कराना होगा। चुनाव आयोग सोशल मीडिया को सपॉर्ट करेगी। इसका इस्तेमाल प्रशासनिक स्तर पर किया जाएगा। मीडिया मॉनिटरिंग कमिटी ध्यान रखेगी कि किसी उम्मीदवार की पब्लिसिटी तो नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर ईवीएम पर नाम के साथ उम्मीदवारों का फोटो भी दिखेगा।    साभार-khaskhabar.com  

Read More

नई दिल्ली । दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो सांसदों की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और इसे ‘बदले की राजनीति’ करार दिया। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ‘यह मोदीजी की ‘बदले की राजनीति’ है। वह संदेश देना चाहते हैं कि अगर किसी ने नोटबंदी के खिलाफ बोला तो छोडेंग़े नहीं। सचमुच निंदनीय है।’ केजरीवाल की टिप्पणी शीर्ष पत्रकार राजदीप सरदेसाई के ट्वीट के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था, ‘जब टीएमसी जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) पर राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) का समर्थन कर रही थी, तब हमें चिट फंड मामलों में एक शब्द भी सुनाई नहीं दिया। अब टीएमसी नोटबंदी पर केंद्र के खिलाफ है, तो दो सांसद गिरफ्तार कर लिए गए हैं!’ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को तृणमूल सांसद सुदीप बंदोपाध्याय को रोज वैली चिट फंड घोटाले में गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले एजेंसी ने 30 दिसंबर को तृणमूल सांसद तपस पॉल को भी गिरफ्तार किया।     साभार-khaskhabar.com  

Read More

बलदेव । बहुजन समाज पार्टी बलदेव विधन सभा का श्री बलभद्र इण्टर कालेज बलदेव में विशाल भाईचारा कार्यकत्र्ता सम्मेलन आज बुध्वार को प्रातः दस बजे से आयोजित किया गया है। जिसको पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्राी रामवीर उपाध्याय, ठा.जयवीर सिंह, श्याम सुन्दर शर्मा,आदि नेता सम्बोध्ति करेंगें। बलदेव विधन सभा प्रभारी व प्रत्याशी प्रेमचन्द्र कर्दम ने सभी कार्यकत्र्ता व पदाध्किारियों से अध्कि से अध्कि संख्या में सम्मेलन में पहुंचने की अपील की है।

Read More

मथुरा । जनवरी के लगते ही सर्दी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। दो दिन से मौसम ने करवट ले ली। ठंड के प्रकोप ने फिर लोगों को जकड़ लिया। सुबह से ही घने कोहरे की चादर ने आसमान से जमीन तक दोपहर 12 बजे तक कोहरे की पर्त नीचे उतरती रही जिससे शीत लहर ने लोगों को पुनः शीत के आगोश में डाला। सर्दी के प्रकोप के पुनः बढ़ने से दो दिन पहले लोगों ने राहत महसूस की लेकिन आज पुनः ठंड बढ़ने से लोगों में फिर ठंड की बैचेनी बढ़ने लगी। यमुना किनारे पर कोहरे की चादर दोपहर तक तनी रही। विगत दो दिन से कोहरे के कारण कपकपाती सर्दी ने अचानक दस्तक दे दी है। ठंडी हवाएं चलने से सर्दी का प्रकोप बढने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक ध्ुंध् छाने कोहरा पिफर से बढ़ सकता है और अगले 24 घंटे में मौसम सापफ रह सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इन दिनों में उत्तरी हवाएं चलने लगी है जो अगले हफ्रते तक जारी रहेंगी। इससे रात को ठंड का अहसास होता है। इस के अलावा अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट हो सकती है।  जिले में सर्दी का प्रकोप लगातार जारी है। कड़ाके की सर्दी से लोग परेशान है। गरीबों का तो हाल और भी बुरा है। लोगों को ठण्ड से बचाने के लिए समजासेवी संस्थाओं द्वारा विभिन्न चैराहों पर लकड़ियाँ भी गिराई जिससे लोग अलाव जलाकर आग ताप सके और अपने आप को इस कड़ाके की ठण्ड में एक हद तक राहत पहुंचा सके लेकिन जिला प्रशासन और नगर पालिका द्वारा इस ओर अभी तक गंभीर रूप नहीं दिखा गया है। ठण्ड अध्कि है और शहर के हर चैक चैराहों और मुहल्लों से लकड़ियों की मांग उठने लगी है। शहर के तिराहे, चैराहों पर लोगों ने नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि उन लोगों की ओर अभी तक किसी ने ध्यान नहीं दिया है और ना ही उनके चैक और मोहल्ले में अलाव की व्यवस्था की गयी है। व्यापारी वर्ग पूरी तरह से ठप्प नजर आ रहा है। व्यापाारियों की माने तो नोटबंदी से वैसे ही व्यापार ठप्प पड़ा हुआ था ऊपर से ठंड ने ग्राहकों का आना भी रूकवा दिया। 

Read More

मथुरा । शास्त्रों मे ध्न की तीन गतियाॅ बतायी गई है। पहली उपभोग, दूसरी उपयोग और तीसरी नाश,। ध्न से जितना आप चाहों सुख के साध्नों को अर्जित कर लो बाकी बचे ध्न को सृजन कार्यो मे सद्कार्यो में अच्छे कार्यो में लगाओ तभी ध्न की सार्थकता है। यह उद्गार परम् पूज्य स्वामी बलराम दास जी महाराज ने गोविन्दराम गोयल चैरी. ट्रस्ट, कोलकाता के सौजन्य से कल्याणं करोति मथुरा द्वारा आयोजित निःशुल्क नेत्रा चिकित्सा शिविर के समापन समारोह के अवसर पर श्रीजी बाबा चिकित्सा संस्थान गोवधर््न रोड, मथुरा के प्रांगण में व्यक्त किये। आर. एन. सिंह, जज, कानपुर, ने विचार व्यक्त प्रकट करते हुये कहा कि कल्याणं करोति समाज में उपेक्षा के शिकार होने वाले बुजुर्गो के जीवन में प्रकाश लाने का काम कर रही है। इनके प्रयास अनुकरणीय है। कल्याणं करोति संस्था के कार्य देवतुल्य हैं। गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कल्याणं करोति द्वारा जो भी सेवा कार्य किये जा रहे है बहुत ही सराहनीय है  नेत्रा ज्योति प्रदान करना पुनीत कार्य है। नेत्रों के बिना संसार अंध्कारमय हो जाता है । नेत्रा ज्योति मिलने से मानव को नया जीवन मिलता है यह सराहनीय है। डाॅ. मनीष लाहैरी, प्राचार्य, के. डी. डेन्टल कालेज, ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कल्याणं करोति द्वारा नेत्रा चिकित्सा शिविर व विकलांग सेवा शिविर पीड़ित मानव के लिए जो सेवा कार्य किये जा रहे हैं वह प्रशंसनीय एवं सराहनीय है । मुझे यहाॅं आने का अवसर मिला अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूॅं। कार्यक्रम की अध्यक्षता महेशानन्द सरस्वती ने की।  संस्था महासचिव सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि परम् पूज्य मंहत बाबा बलराम दास जी महाराज की सदप्रेरणा से गोविन्दराम गोयल चैरी0 ट्रस्ट कोलकाता के सौजन्य से कल्याणं करोति, मथुरा द्वारा आयोजित निःशुल्क नेत्रा चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में दूर दराज के अंचलों से आये 2137 नेत्रा रोगियों ने पंजीकरण कराकर परीक्षण कराया। 

Read More

मथुरा । जिला अल्पसंख्या अध्किारी के अनुसार जनपद में हज यात्रा 2017 संबंध्ी आवेदन प्रपत्रा प्राप्त हो गये हैं। फार्म भरने की अंतिम तिथि 24 जनवरी निर्धरित है। हज यात्रा के इच्छुक पफार्म निःशुल्क किसी भी कार्य दिवस में प्रातः 10 से अपरांह 5 बजे तक उनके कलेक्ट्रेट परिसर स्थित उनके कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। हज यात्रा पर जाने से पूर्व अंतराष्ट्रीय पासपोर्ट बनवाना अनिवार्य है। इसके धरक ही हज आवेदन करने के पात्रा होंगे।

Read More

मथुरा । महात्मा ज्योतिराव फुले विकास समिति ने होलीगेट पर हस्ताक्षर अभियान चलाते हुए एक पत्रा डीएम को प्रेषित किया। जिसमें कहा गया है कि प्रधनमंत्राी को भेजे पत्रा में महात्मा ज्योतिराव पफूले विकास समिति ने मांग की है कि ज्योतिराव पफुले ने महाराष्ट्र की पावन भूमि सतारा में 11 अप्रैल 1827 में से जन्म लिया। लेकिन शूद्रों को शिक्षा का अध्किार न देने वाली समाज व्यवस्था ने दुखी कर दिया और आध्ुनिक भारत में समाज परिवर्तन, व्यवस्था परिवर्तन का आंदोलन शिक्षा के माध्यम से महिलाओं, दलितों, पिछड़ों, किसानों, मजदूरों, असहाय व निर्बल वर्गों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाले महात्मा ज्योेतिराव पफूले को भारत रत्न से सम्मानित करने व उनकी जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घेषित कराने एवं उनके द्वारा महाराष्ट्र में महिलाओं व दलितों के लिए खोले गये प्रथम विद्यालय में प्रथम शिक्षिका माता सावित्राी बाई पफुले की जयंती पर शिक्षक दिवस घोषित किया जाये व उनके नाम से राष्ट्रीय पुरूस्कार दिया जाये। इस अवसर पर शैलेद्र सिंह, ओमप्रकाश सैनी, ध्नश्याम सैनी, भारत चन्देल, भगवान दास सैनी, कन्हैयालाल सैनी, विक्रांत सिंह, चै. संजय, लोकेश राही, राजू मास्टर, जितेन्द्र सिंह प्रीतम सैनी भूप सिंह प्रधन आदि थे। 

Read More

मथुरा । महात्मा ज्योतिराव फुले विकास समिति ने होलीगेट पर हस्ताक्षर अभियान चलाते हुए एक पत्रा डीएम को प्रेषित किया। जिसमें कहा गया है कि प्रधनमंत्राी को भेजे पत्रा में महात्मा ज्योतिराव पफूले विकास समिति ने मांग की है कि ज्योतिराव पफुले ने महाराष्ट्र की पावन भूमि सतारा में 11 अप्रैल 1827 में से जन्म लिया। लेकिन शूद्रों को शिक्षा का अध्किार न देने वाली समाज व्यवस्था ने दुखी कर दिया और आध्ुनिक भारत में समाज परिवर्तन, व्यवस्था परिवर्तन का आंदोलन शिक्षा के माध्यम से महिलाओं, दलितों, पिछड़ों, किसानों, मजदूरों, असहाय व निर्बल वर्गों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाले महात्मा ज्योेतिराव पफूले को भारत रत्न से सम्मानित करने व उनकी जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घेषित कराने एवं उनके द्वारा महाराष्ट्र में महिलाओं व दलितों के लिए खोले गये प्रथम विद्यालय में प्रथम शिक्षिका माता सावित्राी बाई पफुले की जयंती पर शिक्षक दिवस घोषित किया जाये व उनके नाम से राष्ट्रीय पुरूस्कार दिया जाये। इस अवसर पर शैलेद्र सिंह, ओमप्रकाश सैनी, ध्नश्याम सैनी, भारत चन्देल, भगवान दास सैनी, कन्हैयालाल सैनी, विक्रांत सिंह, चै. संजय, लोकेश राही, राजू मास्टर, जितेन्द्र सिंह प्रीतम सैनी भूप सिंह प्रधन आदि थे। 

Read More

मथुरा । जनपद में पशुपालन विभाग की शक्ति चालित एवं हस्त चालित कुट्टी काटने की मशीन वितरण योजनान्तर्गत अनुसूचित जातिध्जन जाति के लघु/सीमांत पात्रा कृषकों को प्रत्येक ब्लाक में 2-2 के हिसाब से 50 प्रतिशत अनुदान पर शक्ति चालित व 75 प्रतिशत अनुदान पर हस्त चालित मशीन दी जायेंगी। शक्ति चालित मशीन हेतु न्यूनतम 5 व हस्तचालित मशीन हेतु कम से कम 2 बड़े दुधरू पशु पालने वाले कृषक योजना का लाभ पा सकेंगे। ऐसे इच्छुक कृषकों को इसके लिए आगामी 10 जनवरी तक निर्धरित प्रपत्रा पर आवेदन करना होगा।जिलाध्किारी नितिन बंसल ने जानकारी दी कि 20 हजार मूल्य तक शक्ति चालित मशीन का 50 प्रतिशत अथवा 10 हजार रू0 जो भी कम हो और 5 हजार मूल्य तक की हस्तचालित मशीन का 75 प्रतिशत अथवा 3750 रू0 जो भी कम हो बैंक खाते के माध्यम से अनुदान दिया जायेगा।

Read More