नई दिल्ली । क्रिकेट इतिहास में जब भी सफल कप्तानों का जिक्र होगा तो उसमें भारत के महेंद्र सिंह धोनी का नाम बेशक आएगा। धोनी का नाम भारत के ही नहीं विश्व के सफलतम कप्तानों की सूची में आता है। धोनी ने बुधवार को भारत की एकदिवसीय और टी20 क्रिकेट टीम के कप्तान पद से अचानक इस्तीफा देकर हर किसी को चौंका दिया।
एक ऐसे देश में जहां संन्यास लिया नहीं जबरन लिवाया जाता रहा है, धोनी ने अपने चरम पर रहते कप्तानी से हटने का फैसला किया और नई मिसाल पेश की। उनका यह फैसला हैरानीभरा रहा जिससे पूरा क्रिकेट जगत सकते में है। धोनी से इस्तीफे की उम्मीद किसी को नहीं थी। मैदान पर कैप्टन कूल के नाम से मशहूर धोनी ने कप्तानी छोडऩे का फैसला भी उतने ही शांत अंदाज में लिया, जिस तरह वे मैदान पर कप्तानी करते रहे हैं।
क्रिकेट के सार्वकालिक महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के कहने पर चयनकर्ताओं ने धोनी को टीम की कमान सौंपी थी और धोनी ने सचिन की सिफरिश को शत प्रतिशत सही ठहराया। अपनी पहली परीक्षा में उन्होंने भारत का नाम इतिहास में दर्ज करा दिया। दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले टी20 विश्व कप में धोनी पहली बार भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे थे। धोनी ने जीत के सिलसिले को इस तरह शुरू किया कि टीम फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर विजेता बनकर लौटी।
इसके बाद धोनी जीत और कप्तानी की नई इबारत लिखते चले गए। टी20 विश्व कप जीत के बाद राहुल द्रविड़ के एकदिवसीय में कप्तानी छोडऩे के बाद धोनी को टीम का कप्तान बनाया गया। धोनी ने इस प्रारूप में भी सफलता के नए आयाम लिखे। 2011 में भारतीय सरजमीं पर खेले गए 50 ओवरों के विश्व कप के फाइनल में धोनी ने छक्का लगाकर 28 साल बाद देश को विश्व कप खिताब दिलाया।
अनिल कुंबले ने टेस्ट में टीम की कप्तानी छोड़ी तो धोनी यहां भी जिम्मा लेने को आगे खड़े थे। नवंबर, 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई श्रंखला के चौथे टेस्ट मैच में धोनी को टीम की कमान सौंपी गई। टेस्ट में भी धोनी ने टीम को पहली बार नंबर-1 बनाया। धोनी भारत के इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने आईसीसी के सभी आयोजनों में टीम को जीत दिलाई है। धोनी की कप्तानी में ही भारत ने 2013 में हुई चैम्पियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। एकदिवसीय में धोनी ने कुल 199 मैचों में टीम का नेतृत्व किया। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर माने जाने वाले धोनी ने टीम को कप्तान रहते कुल 110 मैचों में जीत दिलाई जबकि 74 मुकाबलों में उन्हें हार मिली। चार मुकाबले टाई और 11 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकला। कप्तान रहते हुए एक बल्लेबाज के तौर पर भी धोनी कामयाब रहे। उन्होंने कप्तान रहते एकदिवसीय में 54 का औसत और 86 के स्ट्राइक रेट से 6,683 रन बनाए।
वे विश्व क्रिकेट में सबसे ज्यादा एकदिवसीय मैचों में कप्तानी करने के मामले में तीसरे नंबर पर आते हैं। उनसे ज्यादा ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग और न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग ने एकदिवसीय मैचों में कप्तानी की है। धोनी को क्रिकेट इतिहास में करिश्माई कप्तान भी कहा जाता है। क्रिकेट के मैदान पर उन्होंने कई बार ऐसे जोखिम उठाए जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने 72 टी20 मैचों में टीम की कमान संभाली और 41 जीत टीम को दिलाई और 28 हारों का सामना किया।
एक मैच टाई और दो मैचों का परिणाम नहीं निकला। वे टी20 में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले खिलाड़ी हैं। टी-20 में कप्तान रहते उन्होंने 122.60 के स्ट्राइक रेट से 1112 रन बनाए। टी20 में वे बिना अर्धशतक लगाने के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। टी20 में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 48 रन है। पांच साल बाद उन्होंने भारत को एक बार फिर विश्व विजेता बनाया। भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश की संयुक्त मेजबानी में खेले गए 50 ओवरों के विश्व कप में भारत ने धोनी के कप्तान रहते ही जीत हासिल की।
भारत ने 28 साल बाद इस विश्व कप पर कब्जा जमाया था। 2015 में हुए विश्व कप में धौनी भारत को सेमीफाइनल तक ले गए। धोनी की कप्तानी में ही भारत ने अब तक खेले गए छह टी20 विश्व कप में हिस्सा लिया और धोनी की कप्तानी में भारत दो बार विश्व कप के फाइनल तक पहुंचा। एक बार टीम विजेता बनी तो 2014 में उपविजेता। 2014 के फाइनल में उसे श्रीलंका ने मात दी। पिछले साल भारत की मेजबानी में हुए टी-20 विश्व कप में भी भारत ने सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां उसे वेस्टइंडीज के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
धोनी ने कप्तानी में अपनी सफलता इंडियन सुपर लीग (आईपीएल) में भी जारी रखी। उन्होंने इस समय निलंबित चल रही चेन्नई सुपर किंग्स को दो बार आईपीएल का विजेता बनाया जबकि चार बार उपविजेता बनी। चेन्नई ने धोनी के कप्तान रहते हर साल आईपीएल के सेमीफाइनल में जगह बनाई। धोनी ने दिसंबर, 2014 में टेस्ट से संन्यास ले लिया था। धोनी ने 60 टेस्ट मैचों में टीम की कमान संभाली जिसमें 27 में उन्हें जीत और 18 में हार मिली जबकि 11 मैच ड्रॉ रहे।
आईए अब देखते हैं धोनी के वनडे और टी20 में कप्तानी छोडऩे पर दिग्गजों की राय :-
धोनी को टी20 और वनडे विश्व कप में सफलता हासिल कराने वाले भारत के कप्तान के रूप में शानदार करिअर की बधाई। मैंने उन्हें आक्रामक खिलाड़ी से सटीक एवं निर्णायक कप्तान के रूप में उभरते देखा है। यह उनकी सफल कप्तानी का जश्न मनाने और उनके फैसले का सम्मान करने का दिन है।
सचिन तेंदुलकर (पूर्व भारतीय कप्तान) धोनी ने देश को दो वल्र्ड कप और एक चैम्पियंस ट्रॉफी दिलाई है। वे स्वयं कैसे कप्तानी से हटने का फैसला कर सकते हैं। यह तो चयनकर्ताओं को तय करना चाहिए कि धोनी कप्तान रहे या नहीं।
मोहम्मद अजहरुद्दीन (पूर्व कप्तान, भारत) भारत के सबसे सफल कप्तान एमएस धोनी जिन्होंने अपने सपने को हकीकत में बदला और कई लोगों प्रेरणा दी कि ज्यादा सपने देखो, ज्यादा मेहनत करो और ज्यादा बड़े बनो। सेल्यूट आपको।
सुरेश रैना (भारतीय ऑलराउंडर) धोनी एक सच्चे लीडर हैं, जिन्होंने कई क्रिकेटर्स को प्रेरणा दी। चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान मुझे ओपनिंग पर भेजकर उन्होंने मेरे करिअर को नई दिशा दी।
मोहम्मद कैफ (पूर्व भारतीय बल्लेबाज) टीम इंडिया के कप्तान के रूप में आपकी उपलब्धियों को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। अविश्वसनीय माही, वेलडन।
रोहित शर्मा (भारतीय बल्लेबाज) 9 साल तक टीम का नेतृत्व करने और बेहतरीन परिणाम देने के लिए धोनी को सलाम, आप जैसा कप्तान मिलना टीम के लिए शानदार रहा।
इरफान पठान (भारतीय ऑलराउंडर) धोनी भारतीय क्रिकेट की जीवित किवदंती हैं। उन्होंने लोगों का शानदार मनोरंजन किया है और देश को दो वल्र्ड कप दिलाए हैं।
कृष्णामाचारी श्रीकांत (पूर्व भारतीय कप्तान) सौरव गांगुली के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट को जो ऊंचाई मिली थी धोनी ने उसे और आगे बढ़ाया है। वे चाहते तो एक-दो साल और कप्तानी कर सकते थे।
चेतन चौहान (पूर्व भारतीय ओपनर) धोनी को भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक के रूप में याद किया जाएगा। वे बेहतरीन इंसान हैं और अब भी भारतीय क्रिकेट में काफी योगदान दे सकते हैं। मेरी राय में अब कोहली का समय है कि वे तीनों प्रारूप में कप्तानी संभाले। वे सुपरस्टार हैं और चुनौती के लिए तैयार हैं।
माइकल क्लार्क (पूर्व कप्तान, ऑस्ट्रेलिया) मैं धोनी को उनके बतौर कप्तान शानदार करिअर के लिए बधाई देता हूं। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने टी20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी जीती।
अनुराग ठाकुर (पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष) यहां तक कि सर्वकालिक महान कप्तानों में से एक ने फैसला कर लिया कि अब बहुत हो चुका। शाबाश धोनी एक अविश्सनीय कप्तानी दौर के लिए।
साभार-khaskhabar.com
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