मथुरा

मुंबई । देश के प्रमुख शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिवस शुक्रवार को तेजी का रुख है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.40 बजे 98.89 अंकों की तेजी के साथ 26,977.13 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 23.50 अंकों की तेजी के साथ 8,297.30 पर कारोबार करते देखे गए।  बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 51.45 अंकों की तेजी के साथ 26,929.69 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 8.05 अंकों की बढ़त के साथ 8,281.85 पर खुला।       साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों के लिए आज भारतीय क्रिकेट टीम का चयन होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार जब इंग्लैंड के खिलाफ चयनकर्ता टीम इंडिया का चयन के लिए बैठेंगे तो यह तय है कि विराट कोहली को इन दोनों प्रारूपों की कप्तानी भी दी जा सकती है। जो भारत की सीमित ओवरों की क्रिकेट में नए युग की शुरूआत होगी। एमएस धोनी ने सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ दी और ऐसे में अब टेस्ट कप्तान विराट कोहली को इन दोनों प्रारूपों में टीम की कमान सौंपी जा सकती है। कोहली को कप्तानी का जिम्मा सौंपे जाने को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं है लेकिन चयनकर्ताओं के लिये उचित संतुलन बनाते हुए दो टीमों का चयन करना आसान नहीं होगा क्योंकि कई खिलाड़ी अब भी चोटों से जूझ रहे हैं। मुंबई के दो बल्लेबाज रोहित शर्मा और अंजिक्य रहाणे चोटिल होने के कारण बाहर हैं। इससे खराब फार्म में चल रहे शिखर धवन को फिट होने की स्थिति में के एल राहुल के साथ पारी का आगाज करने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। माना जा रहा है कि चयनकर्ता किसी बिल्कुल नये खिलाड़ी पर भरोसा दिखायें। कर्नाटक के राहुल चोटिल होने के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में नहीं खेल पाये थे जबकि दिल्ली के बल्लेबाज शिखर धवन भी न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान चोटिल हो गये थे। बायें हाथ के बल्लेबाज धवन ने जनवरी में आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया में वनडे मैच खेले थे। पहले दो मैचों में फ्लॉप रहने के बाद उन्होंने अगले तीन मैचों में एक शतक और दो अर्धशतक लगाये थे। इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टेस्ट मैच में तिहरा शतक जडऩे वाले करूण नायर को रहाणे के स्थान पर सीमित ओवरों की टीम में चुने जाने की संभावना है। दूसरे ऑफ स्पिनर जयंत यादव को चोटिल होने के कारण इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट मैच से बाहर रहना पड़ा था। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या चयनकर्ता मैच फिटनेस साबित किये बिना इन दोनों गेंदबाजी आलराउंडरों का चयन करते हैं या नहीं। धोनी भले ही कप्तानी से हट गये हैं लेकिन उन्होंने एक खिलाड़ी के रूप में खुद को उपलब्ध रखा है। चयनकर्ताओं को भी इससे अवगत करा दिया गया है जो कि अन्य दावेदारों पर उन्हें ही तरजीह देंगे।         साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक आज से शुरू हो रही है। यह बैठक दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में होगी। माना जा रहा है कि इस राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में पांच राज्यों में होने वाले चुनाव की रणनीति तय हो सकती है। साथ ही इस बैठक में नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक भी मुख्य मुद्दे होंगे। बैठक में सबसे पहले पार्टी पदाधिकारियों और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक होगी। बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सभी मुख्यमंत्रियों समेत देश भर से लगभग 350 सदस्य शामिल होंगे। पीएम भी बैठक में रहेंगे मौजूद: हांलांकि बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता अमित शाह करेंगे लेकिन बैठक में पीएम मोदी भी मौजूद रहेंगे। अमित शाह आज शाम पांच बजे बैठक का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद अमित शाह का अध्यक्षीय भाषण देंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीजेपी की इस बैठक में नोटबंदी का विरोध करने के लिए कांग्रेस, एसपी, बीएसपी और टीएमसी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पेश किया जाएगा। साथ ही कार्यकारिणी की बैठक में आम बजट को लेकर भी चर्चा होगी। बजट पर सदस्यों के विचार लिए जाएंगे और राजनीतिक व आर्थिक प्रस्ताव भी रखे जाएंगे। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नोटबंदी के फायदे और कृषि पर सरकार की नीतियों और उसके फायदों को गिनाया जाएगा। वहीं राजनैतिक प्रस्ताव में सर्जिकल स्ट्राइक को मोदी सरकार की बडी उपलब्धियों को भी बताया जायेगा।          साभार-khaskhabar.com  

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लखनऊ । उत्तरप्रदेश में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए बसपा सुप्रीमों मायावती ने पार्टी के 100 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। बसपा की इस सूची में 27 दलित उम्मीदवार है, जबकि 23 मुस्लिम उम्मीदवार है। बीएसपी की ओर से अब तक 200 कैंडिडेट्स का ऐलान किया गया है। गौरतलब है कि बसपा प्रमुख मायावती ने सभी 403 सीटों पर उम्मीदवारों के आकंड़े पहले ही जारी कर दिए थे। मायावती ने बताया कि कुल 403 सीटों में से एससी को 87, मुस्लिम को 97, ओबीसी को 106 और अगड़ी जाति के 113 उम्मीदवारों को चुना गया है। अगड़ी जातियों में 66 टिकट ब्राह्मणों को, 36 कायस्थ और 11 वैश्य और पंजाबी समाज के लोगों को दिए गए हैं। मायावती ने बताया कि टिकट बंटवारे में हमने ये देखा है कि कौन कितना हमारी पार्टी के आंदोलन से जुड़ा रहा है। आपको बता दें कि बसपा ने पार्टी के इतिहास में पहली बार सबसे ज्यादा 97 मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। यह आंकड़ा 2012 और उससे पहले के चुनावी इतिहास में सबसे ज्यादा है।          साभार-khaskhabar.com  

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ऋतिक रोशन की आने वाली फिल्म काबिल ने रिलीज से पहली ही काफी तारीफ बटोर ली है। फिल्म में ऋतिक रोशन की मौजूदगी फिल्म की यूएसपी रहेगी तो यामी की सादगी फिल्म में जान डालेगी। यहां दोनों का खास किरदार फिल्म के लिए सबसे खास रहेगा। लेकिन यहां एक बात यह भी है कि यह फिल्म ऋतिक के लिए तो बनी ही थी, पर यामी की एंट्री सीधे और आसान नहीं रह पाई है। जानकारी के मुताबिक फिल्म में जो किरदार यामी निभा रही हैं, उसके लिए पहली पसंद यामी गौतम नहीं थी। यामी से पहले दो अभिनेत्रियों ने इस रोल को ठुकरा दिया था, जब जाकर यह यामी की झोली में आया था। दरअसल इस फिल्म में ऋतिक और यामी दोनों ही नेत्रहीन जोड़े का किरदार निभा रहे हैं। यामी से पहले करीना कपूर को सबसे पहले एप्रोच किया गया, करीना ने यह किरदार करने से मना कर दिया। उसके बाद इस किरदार के लिए परिणीती चौपड़ा को प्रस्ताव दिया गया, लेकिन उन्होने ने भी मना कर दिया। तब जाकर यामी गौतम के पास इस किरदार के लिए पहुंचा गया। जानकारों की मानें तो इस रोल के लिए दो लोगों की मनाही की वजह फिल्म की कहानी थी। फिल्म में मुख्य किरदार नेत्रहीन युवक युवती का है। ऐसे में कोई भी स्थापित अभिनेत्री किसी भी तरह का नया रोल करने का रिस्क लेकर अपनी इमेज के लिए कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहती। ऐसे में दोनों ने इस रोल के लिए ना कह दिया। जब इस किरदार केलिए यामी को एप्रोच किया गया तो यामी केलिए यह मौका सुनहरा ही था। एक तो इतने बड़ा बैनर के साथ काम करने का मौका मिलना, दूसरा अपने अपोजिट ऋतिक रोशन जैसा सितारा होना ही काफी है। ऊपर से जो रोल उन्हें ऑफर किया गया वोभी किसी चैलेंज से कम नहीं था। ऐसे यामी ने अपनी एक्टिंग से रोल में पूरी जान डाल दी।    साभार-khaskhabar.com  

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नई दिल्ली । क्रिकेट इतिहास में जब भी सफल कप्तानों का जिक्र होगा तो उसमें भारत के महेंद्र सिंह धोनी का नाम बेशक आएगा। धोनी का नाम भारत के ही नहीं विश्व के सफलतम कप्तानों की सूची में आता है। धोनी ने बुधवार को भारत की एकदिवसीय और टी20 क्रिकेट टीम के कप्तान पद से अचानक इस्तीफा देकर हर किसी को चौंका दिया।  एक ऐसे देश में जहां संन्यास लिया नहीं जबरन लिवाया जाता रहा है, धोनी ने अपने चरम पर रहते कप्तानी से हटने का फैसला किया और नई मिसाल पेश की। उनका यह फैसला हैरानीभरा रहा जिससे पूरा क्रिकेट जगत सकते में है। धोनी से इस्तीफे की उम्मीद किसी को नहीं थी। मैदान पर कैप्टन कूल के नाम से मशहूर धोनी ने कप्तानी छोडऩे का फैसला भी उतने ही शांत अंदाज में लिया, जिस तरह वे मैदान पर कप्तानी करते रहे हैं। क्रिकेट के सार्वकालिक महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के कहने पर चयनकर्ताओं ने धोनी को टीम की कमान सौंपी थी और धोनी ने सचिन की सिफरिश को शत प्रतिशत सही ठहराया। अपनी पहली परीक्षा में उन्होंने भारत का नाम इतिहास में दर्ज करा दिया। दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले टी20 विश्व कप में धोनी पहली बार भारतीय टीम का नेतृत्व कर रहे थे। धोनी ने जीत के सिलसिले को इस तरह शुरू किया कि टीम फाइनल में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराकर विजेता बनकर लौटी। इसके बाद धोनी जीत और कप्तानी की नई इबारत लिखते चले गए। टी20 विश्व कप जीत के बाद राहुल द्रविड़ के एकदिवसीय में कप्तानी छोडऩे के बाद धोनी को टीम का कप्तान बनाया गया। धोनी ने इस प्रारूप में भी सफलता के नए आयाम लिखे। 2011 में भारतीय सरजमीं पर खेले गए 50 ओवरों के विश्व कप के फाइनल में धोनी ने छक्का लगाकर 28 साल बाद देश को विश्व कप खिताब दिलाया। अनिल कुंबले ने टेस्ट में टीम की कप्तानी छोड़ी तो धोनी यहां भी जिम्मा लेने को आगे खड़े थे। नवंबर, 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई श्रंखला के चौथे टेस्ट मैच में धोनी को टीम की कमान सौंपी गई। टेस्ट में भी धोनी ने टीम को पहली बार नंबर-1 बनाया। धोनी भारत के इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने आईसीसी के सभी आयोजनों में टीम को जीत दिलाई है। धोनी की कप्तानी में ही भारत ने 2013 में हुई चैम्पियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। एकदिवसीय में धोनी ने कुल 199 मैचों में टीम का नेतृत्व किया। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर माने जाने वाले धोनी ने टीम को कप्तान रहते कुल 110 मैचों में जीत दिलाई जबकि 74 मुकाबलों में उन्हें हार मिली। चार मुकाबले टाई और 11 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकला। कप्तान रहते हुए एक बल्लेबाज के तौर पर भी धोनी कामयाब रहे। उन्होंने कप्तान रहते एकदिवसीय में 54 का औसत और 86 के स्ट्राइक रेट से 6,683 रन बनाए।  वे विश्व क्रिकेट में सबसे ज्यादा एकदिवसीय मैचों में कप्तानी करने के मामले में तीसरे नंबर पर आते हैं। उनसे ज्यादा ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग और न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग ने एकदिवसीय मैचों में कप्तानी की है। धोनी को क्रिकेट इतिहास में करिश्माई कप्तान भी कहा जाता है। क्रिकेट के मैदान पर उन्होंने कई बार ऐसे जोखिम उठाए जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने 72 टी20 मैचों में टीम की कमान संभाली और 41 जीत टीम को दिलाई और 28 हारों का सामना किया। एक मैच टाई और दो मैचों का परिणाम नहीं निकला। वे टी20 में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले खिलाड़ी हैं। टी-20 में कप्तान रहते उन्होंने 122.60 के स्ट्राइक रेट से 1112 रन बनाए। टी20 में वे बिना अर्धशतक लगाने के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। टी20 में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 48 रन है। पांच साल बाद उन्होंने भारत को एक बार फिर विश्व विजेता बनाया। भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश की संयुक्त मेजबानी में खेले गए 50 ओवरों के विश्व कप में भारत ने धोनी के कप्तान रहते ही जीत हासिल की।  भारत ने 28 साल बाद इस विश्व कप पर कब्जा जमाया था। 2015 में हुए विश्व कप में धौनी भारत को सेमीफाइनल तक ले गए। धोनी की कप्तानी में ही भारत ने अब तक खेले गए छह टी20 विश्व कप में हिस्सा लिया और धोनी की कप्तानी में भारत दो बार विश्व कप के फाइनल तक पहुंचा। एक बार टीम विजेता बनी तो 2014 में उपविजेता। 2014 के फाइनल में उसे श्रीलंका ने मात दी। पिछले साल भारत की मेजबानी में हुए टी-20 विश्व कप में भी भारत ने सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां उसे वेस्टइंडीज के हाथों हार का सामना करना पड़ा।  धोनी ने कप्तानी में अपनी सफलता इंडियन सुपर लीग (आईपीएल) में भी जारी रखी। उन्होंने इस समय निलंबित चल रही चेन्नई सुपर किंग्स को दो बार आईपीएल का विजेता बनाया जबकि चार बार उपविजेता बनी। चेन्नई ने धोनी के कप्तान रहते हर साल आईपीएल के सेमीफाइनल में जगह बनाई। धोनी ने दिसंबर, 2014 में टेस्ट से संन्यास ले लिया था। धोनी ने 60 टेस्ट मैचों में टीम की कमान संभाली जिसमें 27 में उन्हें जीत और 18 में हार मिली जबकि 11 मैच ड्रॉ रहे। आईए अब देखते हैं धोनी के वनडे और टी20 में कप्तानी छोडऩे पर दिग्गजों की राय :- धोनी को टी20 और वनडे विश्व कप में सफलता हासिल कराने वाले भारत के कप्तान के रूप में शानदार करिअर की बधाई। मैंने उन्हें आक्रामक खिलाड़ी से सटीक एवं निर्णायक कप्तान के रूप में उभरते देखा है। यह उनकी सफल कप्तानी का जश्न मनाने और उनके फैसले का सम्मान करने का दिन है। सचिन तेंदुलकर (पूर्व भारतीय कप्तान) धोनी ने देश को दो वल्र्ड कप और एक चैम्पियंस ट्रॉफी दिलाई है। वे स्वयं कैसे कप्तानी से हटने का फैसला कर सकते हैं। यह तो चयनकर्ताओं को तय करना चाहिए कि धोनी कप्तान रहे या नहीं। मोहम्मद अजहरुद्दीन (पूर्व कप्तान, भारत) भारत के सबसे सफल कप्तान एमएस धोनी जिन्होंने अपने सपने को हकीकत में बदला और कई लोगों प्रेरणा दी कि ज्यादा सपने देखो, ज्यादा मेहनत करो और ज्यादा बड़े बनो। सेल्यूट आपको। सुरेश रैना (भारतीय ऑलराउंडर) धोनी एक सच्चे लीडर हैं, जिन्होंने कई क्रिकेटर्स को प्रेरणा दी। चैम्पियंस ट्रॉफी के दौरान मुझे ओपनिंग पर भेजकर उन्होंने मेरे करिअर को नई दिशा दी। मोहम्मद कैफ (पूर्व भारतीय बल्लेबाज) टीम इंडिया के कप्तान के रूप में आपकी उपलब्धियों को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। अविश्वसनीय माही, वेलडन। रोहित शर्मा (भारतीय बल्लेबाज) 9 साल तक टीम का नेतृत्व करने और बेहतरीन परिणाम देने के लिए धोनी को सलाम, आप जैसा कप्तान मिलना टीम के लिए शानदार रहा। इरफान पठान (भारतीय ऑलराउंडर) धोनी भारतीय क्रिकेट की जीवित किवदंती हैं। उन्होंने लोगों का शानदार मनोरंजन किया है और देश को दो वल्र्ड कप दिलाए हैं। कृष्णामाचारी श्रीकांत (पूर्व भारतीय कप्तान) सौरव गांगुली के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट को जो ऊंचाई मिली थी धोनी ने उसे और आगे बढ़ाया है। वे चाहते तो एक-दो साल और कप्तानी कर सकते थे। चेतन चौहान (पूर्व भारतीय ओपनर) धोनी को भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक के रूप में याद किया जाएगा। वे बेहतरीन इंसान हैं और अब भी भारतीय क्रिकेट में काफी योगदान दे सकते हैं। मेरी राय में अब कोहली का समय है कि वे तीनों प्रारूप में कप्तानी संभाले। वे सुपरस्टार हैं और चुनौती के लिए तैयार हैं।  माइकल क्लार्क (पूर्व कप्तान, ऑस्ट्रेलिया) मैं धोनी को उनके बतौर कप्तान शानदार करिअर के लिए बधाई देता हूं। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने टी20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी जीती। अनुराग ठाकुर (पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष) यहां तक कि सर्वकालिक महान कप्तानों में से एक ने फैसला कर लिया कि अब बहुत हो चुका। शाबाश धोनी एक अविश्सनीय कप्तानी दौर के लिए।    साभार-khaskhabar.com  

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