अहमदाबाद । गुजरात में बीजेपी की पकड ढीली होती जा रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है कि अगर गुजरात में अभी चुनाव हुए तो बीजेपी को 182 में से 60 सीटें ही मिलेंगी। आरएसएस और बीजेपी ने राज्य में यह सर्वेक्षण दलित आंदोलन के बाद कराया है। सर्वे के दौरान संघ प्रचारकों ने लोगों से उनका फीडबैक लिया और पार्टी के प्रति उनकी प्रतिक्रिया जानी। सर्वे में खुलासा हुआ है कि दलितों ने बीजेपी से दूरी बना ली है। गौरतलब है कि पिछले दिनों ऊना में मृत गाय की खाल उतारने पर दलित युवकों की पिटाई की गई थी। इसके विरोध में गुजरात में दो हफ्तों से दलित प्रदर्शन कर रहे हैं। आरएसएस इस बात से भी परेशान है कि दलितों के समर्थन में मुस्लिम आगे आ रहे हैं। सर्वे के अनुसार दलित और पाटीदार आंदोलन के कारण बीजेपी को 18 विधानसभा सीटों पर नुकसान हो सकता है। खबरों के अनुसार इस सर्वे के बाद ही आएसएस ने आनंदीबेन को इस्तीफे के लिए राजी किया। आनंदीबेन ने सोमवार को अपना इस्तीफा भी दे दिया। अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के अनुसार दलित आंदोलन और पाटीदार आरक्षण और की वजह से पार्टी की छवी खराब हुई है और 2017 के चुनावों में बीजेपी का 18 सीटों पर भारी अंतर से चुनाव हारना तय है। सर्वे में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि राज्य के आदिवासी भी अब सरकारी नौकरियों और भूमि आवंटन की प्रक्रिया में हिस्सेदारी की मांग लेकर आंदोलन कर सकते हैं। साभार-khaskhabar.com
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