मथुरा

नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्लीवासियों की लाइफलाइन मेट्रो जल्द ही लोगों को झटका दे सकती है। मीडिया में चल रही खबरों की माने तो दिल्ली मेट्रो के किराए में दोगुने से ज्यादा की वृद्धि किए जाने की संभावना है। फिलहाल दिल्ली मेट्रो में अधिकतम किराया 30 रुपये हैं जिसे बढ़ाकर 70 रुपये किए जाने की संस्तुति की गई है।   बता दें कि वर्तमान में दिल्ली मेट्रो में कम से कम 8 रुपये किराया देना होता है जिसे बढ़ाकर 10 रुपये किए जाने की बात कही जा रही है।   इस बारे में डीएमआरसी फेयर फिक्सेशन कमिटी के प्रमुख एमएल मेहता से जब बात की गई तो उनका कहना था कि सोमवार को वह इस बारे में ज्यादा बात करेंगे। उन्होंने साफ किया कि बढ़ोतरी को लेकर मेट्रो का प्रस्ताव आया है।    इस प्रस्ताव में कम से कम 10 रुपया और अधिकतम 70 रुपया किराया करने का प्रस्ताव है। इस बढ़ोतरी के पीछे मेट्रो का कहना है कि मैंटेनेंस कॉस्ट, ऑपरेशनल कॉस्ट और स्टाफ के वेतन-भत्ते काफी बढ़ गए हैं।   मेट्रो का कहना है कि जापान की जैका कंपनी से डीएमआरसी ने हजारों करोड़ का ऋण लिया हुआ है। इसके अलावा और भी लोन हैं। जिनके भुगतान के लिए आय बढ़ाना जरूरी हो गया है। मेट्रो का यह भी कहना है कि उसके मुनाफे में कमी आई है। बता दें कि  तीन बार पहले भी मेट्रो का किराया बढ़ाया गया है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो चौथा मौका होगा जब किराया बढ़ाया जाएगा।  साभार-khaskhabar.com

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हरारे । जिम्बाब्वे का वनडे सीरीज में 3-0 से सफाया करने वाली टीम इंडिया की तीन मैचों की टी20 सीरीज में बेहद खराब शुरुआत रही। उसे शनिवार को हरारे स्पोट्र्स क्लब के मैदान पर पहले टी20 मैच में दो रन से हार का सामना करना पड़ा। माना जा रहा था कि टी20 में भी मेजबान टीम का वनडे जैसा ही हाल होगा, लेकिन अपने बेहतर खेल के साथ मेहमान टीम के घटिया प्रदर्शन के कारण जिम्बाब्वे जीत का स्वाद चखने में सफल रहा। भारत ने इस मैच के लिए जयदेव उनादकत और ऋषि धवन को धवल कुलकर्णी और बरिंदर सरण की जगह खिलाने का फैसला किया, जो गलत साबित हुआ। भारत को आखिरी गेंद पर जीत के लिए चार रन चाहिए थे और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी स्ट्राइक पर थे, लेकिन वे एक रन ही ले पाए। मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में धोनी ने कहा कि यह बल्ले और गेंद के बीच अच्छा मुकाबला था। मेरे हिसाब से अंतिम गेंद बहुत अच्छी डाली गई थी। हमारी गेंदबाजी और फील्डिंग अच्छी नहीं रही। इसके अलावा हमारे कुछ बल्लेबाजों ने अपना विकेट उपहार में दे दिया, जिनमें से कुछ तो अभ्यास के दौरान दिए जाने वाले कैच देकर आउट हुए। मैं जानता हूं कि ये ऐसी जगह है जहां उनमें से अधिकतर ने दबाव महसूस किया होगा। मुझे उम्मीद है कि वे इससे सीखेंगे। यह सीखने का सही समय है, लेकिन हमारे बल्लेबाजों ने भी गलतियां कीं। बहुत ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है, हम हमारी सर्वश्रेष्ठ एकादश के साथ नहीं उतरे। जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने अच्छी खेल दिखाया, लेकिन हमने गेंदबाजी बिल्कुल बढिय़ा नहीं की। जिम्बाब्वे की ओर से ताबड़तोड़ 54 रन की पारी खेलने वाले एल्टन चिगुंबुरा को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।  साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली । आरबीआई भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने गवर्नर के आधार पर दूसरा कार्यकाल लेने से साफ मना कर दिया है। 3 सितंबर, 2016 को रघुराम राजन अपना पदभार छोड़ देंगे राजन की जगह कौन लेगा, इन अटकलों पर बाजार गरम है। राजनीतिक सियासी महकमे का पारा भी चढ़ा हुआ है। इन बीच राहुल गांधी ने भी राजन को लेकर नरेंन्द्र मोदी पर हमला बोला है। राहुल ने बोला-मोदी को रधुराम राजन जैसे विशेषज्ञों की जरूरत नही है। बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी राजन के खिलाफ बगावती तेवर दिखा चुके हैं तो पीएम मोदी भी राजन पर पूछे गए सवाल के जवाब में मीडिया को झड़प लगा चुके हैं कि मीडिया को राजन के मामले पर कोई रूची नहीं दिखाई है। कांग्रेस ने यहां तक कह दिया कि मोदी सरकार राजन को रखने के लायक ही नहीं है। तमाम राजनीतिक और सियासी अटकलों के बीच सवाल मौजूद है कि कि राजन की जगह आखिरकार कौन लेगा। कौन भारतीय रिजर्व बैंक का गवर्नर बनेगा।        सुब्रमण्यम स्वामी लगातार कर रहे थे राजन को हटाने की मांग   बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी मोदी को पत्र लिखकर पहले ही राजन को हटाने की मांग की थी। स्वामी ने आरोप लगाया था कि राजन ब्याज दरों को कम करने और इकोनॉमी को रफ्तार देने में नाकाम रहे हैं। और सेंट्रल बैंक ने इलिजिबिलिटी नहीं होने के बावजूद 10 कंपनियों को बैंकिंग लाइसेंस के लिए इन-प्रिंसिपल मंजूरी दी। स्वामी ने बैंक लाइसेंस देने में नेताओं और एक पूर्व फाइनेंस मिनिस्टर से ‘फ्रेंडली’ ब्यूरोक्रेट्स से जुड़े फंड की मनी लॉन्ड्रिंग की भी आशंका जताई थी। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने सात नाम जाहिर किए जाने की शर्त पर सात संभावित नाम बताए हैं। इनमें विजय केलकर, राकेश मोहन, अशोक लाहिड़ी, उर्जित पटेल, अरुंधती भट्टाचार्या, सुबीर गोकर्ण, और अशोक चावला शामिल हैं। संभावित लोगों में उर्जित पटेल और अरुंधति भट्टाचार्या के नाम सबसे आगे हैं। पटेल मौजूदा वक्त में आरबीआई के डेप्युटी गवर्नर हैं और भट्टाचार्या देश की सबसे भारतीय स्टेट बैंक की चेयरपर्सन हैं।   अन्य लोग भी दिग्गज कहें जाते हैं जिनका वास्ता आरबीआई, भारतीय प्रशासनिक सेवा, इंटरनेशनल मोनेटरी फंड और वर्ल्ड बैंक से है। वित्त मंत्रालय से भी दो अधिकारी शक्तिकांत दास और अरविंद सुब्रमण्यम के नामों पर भी पहले अनुमान लगाया जा रहा था लेकिन फिलहाल संभावित नामों की फेहरिस्त से वे गायब हैं।  साभार-khaskhabar.com

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सेंट पीटर्सबर्ग । न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप यानी एनएसजी की मेंबरशिप पाने की दिशा में भारत को एक और बड़ी कामयाबी मिलती दिख रही है। रूस ने एनएसजी में भारत के समर्थन का संकेत दिया है। पत्रिका इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वह परमाणु मसलों पर भारत का समर्थन करने को तैयार है लेकिन इसे कानूनी दायरे में ही अंजाम दिया जा सकेगा।   साथ ही पुतिन ने कहा कि हम चीन से भी यह जरूर पूछेंगे कि वह भारत की मेंबरशिप का विरोध क्यों कर रहा है? हमने चीन से इस पर बात की भी है। एनएसजी देशों की अगली मीटिंग 20 से 24 जून तक द. कोरिया के सिओल में होनी है। पुतिन ने कहा कि सिओल में होने वाली मीटिंग में हम भारत की मेंबरशिप का मुद्दा उठाएंगे। साथ ही मीटिंग के दौरान चीन से ये जरूर जानना चाहेंगे कि वह भारत का विरोध क्यों कर रहा है? पुतिन ने ये भी कहा कि बड़ी आबादी वाले भारत की बड़ी आर्थिक समस्याएं हैं और ऊर्जा संबंधी उसकी अपनी जरूरतें हैं। उसे दूसरे देशों की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। पुतिन ने भारत-अमेरिका की दोस्ती से भी कोई ऐतराज नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे भारत-रूस के संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। साथ ही पुतिन ने कहा कि उन्हें नरेंद्र मोदी की विदेश नीति से कोई दिक्कत नहीं है। बता दें कि एनएसजी में भारत की सदस्यता पर चीन और तुर्की अड़ंगा लगाए हुए है। जहां चीन ने पाकिस्तान का राग अलापते हुए भारत की सदस्यता का विरोध किया है, वहीं तुर्की ने पाकिस्तान का साथ देना पसंद किया। चीन ने कहा है कि भारत को सदस्यता देने पर पाकिस्तान कमजोर पड़ जाएगा।   साभार-khaskhabar.com

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हीरे को महिलाओं का सबसे अच्छा दोस्त बताया जाता है, लेकिन जहां तक दीपिका पादुकोण का सवाल है, सोना उनका पसंदीदा है। अभिनेत्री का कहना है कि ‘पारंपरिक रूप से और सांस्कृतिक रूप से सोने बेहद खास हैं।’ दीपिका सोने की इतनी शौकीन हैं कि 2013 में एक खास पार्टी में उन्होंने एक पूरी सुनहरी पोशाक पहनी थी। अभिनेत्री को सोने के काम से सजी साडिय़ां पहनना भी पसंद है। दीपिका ने एक बयान में कहा, ‘‘पारंपरिक रूप से और सांस्कृतिक रूप से सोने बेहद खास है। यह उत्सवी है और सकारात्मकता और संपन्नता का प्रतीक है।’’अभिनेत्री ने कहा, ‘‘जब भी कोई समारोह या उत्सव होता है, मुझे ऐसे उपहार देना अच्छा लगता है, जिनमें कुछ सुनहरा हो, भले ही वह उपहार लपेटने के लिए कोई सुनहरी रंग का रिबन ही क्यों न हो।’’    साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली । तीस लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग लागू होने का इंतजार है। वेतन आयोग की सिफारिशें वित्त मंत्रालय के पास हैं और बुधवार को अधिकार प्राप्त सचिवों की समिति ने वित्तमंत्रालय को इस आयोग की रिपोर्ट पर अपनी संस्तुति दे दी है।   बताया गया कि समिति ने वेतन आयोग द्वारा दी गई सिफारिशों से भी आगे बढ करीब 18-30 प्रतिशत वेतन वृद्धि की सिफारिश की है। जहां वेतन आयोग ने कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 18000 रूपये और अधिकतम सवा दो लाख रूपये (कैबिनेट सचिव और इस स्तर के अधिकारी के लिए ढाई लाख रूपये) की सिफारिश की थी वहीं, सचिवों की अधिकार प्राप्त इस समिति ने इसमें 18-30 प्रतिशत की वृद्धि की बात कही है।    यानी 18000 रूपये के स्थान पर करीब 27000 रूपये और सवा दो लाख के स्थान पर सवा तीन लाख रूपये करने की सिफारिश की है। हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में गठित वेतन आयोग ने रिपोर्ट वित्तमंत्रालय को सौंप दी थी और इसके बाद प्रक्रिया के अनुरूप कैबिनेट सचिवों की अधिकार प्राप्त समिति ने वेतन आयोग की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद बुधवार को अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को सौंपी है।    वित्तमंत्रालय अब इस पर कैबिनेट नोट तैयार करेगा। वित्त मंत्रालय एक हफ्ते में नोट तैयार कर लेगा और कैबिनेट की बैठक में इसे पेश किया जाएगा। इधर केंद्रीय कर्मचारियों की यूनियनों ने सरकार पर दबाव बनाना आरंभ कर दिया है। यूनियन संगठनों का कहना है कि सरकार यदि सातवां वेतन आयोग जल्द लागू नहीं करेगी तो वे जुलाई में हडताल पर चले जाएंगे।    याद रहे, छठा वेतन आयोग 1 जनवरी, 2006 से लागू हुआ था और उम्मीद है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू होंगी और कर्मचारियों को एरियर दिया जाएगा। आमतौर पर राज्यों द्वारा भी कुछ संशोधनों के साथ इन्हें अपनाया जाता है।    कहा जा रहा है कि नए वेतन ढांचे में सातवें वेतन आयोग ने छठे वेतन आयोग द्वारा शुरू की गई पे ग्रेड व्यवस्था खत्म कर इसे वेतन के ढांचे में शामिल कर दिया है और कर्मचारी का ओहदा अब ग्रेड पे की जगह नए ढांचे के वेतन से तय होगा। सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि इस समिति की रिपोर्ट को वह पूरी तरह से लागू करेगी।     साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली । भारतीय महिलाओं के लिए आज का दिन इतिहास बन गया है। भारतीय वायुसेना को पहली बार तीन ऐसी महिला अफसर मिली हैं जो बाद में जाकर फाइटर पायलट बनेंगी। फ्लाइंग कैडेट भावना कंठ, मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी को हैदराबाद के पास वायुसेना एकेडमी में कमीशन मिल गया। पासिंग आउट परेड शुरू होने के साथ ही देश को पहली बार महिला लडाकू पायलट मिल गई है।  इन तीनों महिला अफसरों को वायुसेना के लडाकू बेडे में शामिल किया गया है।  करीब साल भर बाद ये पहली महिला पायलट्स होंगी जो फाइटर जेट्स उड़ाएगीं। इस मौके पर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल अरुप राहा भी यहां मौजूद है। फिलहाल, वायुसेना में 1500 से ज्यादा महिलाएं हैं  इनमें से सिर्फ करीब सौ ही परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर उड़ाती हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर तीनों को फाइटर पायलट की ट्रेनिंग का एलान किया गया था। इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट ये तीनों युवा महिलाएं अपनी शुरुआती ट्रेनिंग पूरी कर चुकी हैं। अब इनकी एक साल की एडवांस ट्रेनिंग कर्नाटक के बीदर में होगी।   कौन हैं ये तीनों पायलट   तीन में एक अवनी मध्य प्रदेश के रीवा से हैं। उनके पिता एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और भाई आर्मी में हैं। भावना बिहार के बेगूसराय की रहने वाली हैं। मोहना गुजरात के वडोदरा की हैं। उनके पिता एयरफोर्स में वारंट अफसर हैं।   क्या कहती हैं तीनों ऑफिसर्स    भावना कहती हैं कि मेरा बचपन का सपना था कि मैं लड़ाकू विमान की पायलट बनूं। जहां चाह होती है, वहां राह होती है। महिला और पुरुष में कोई अंतर नहीं होता है। दोनों में एक ही तरह की हुनर, क्षमता क्षमता होती है कोई भी खास अंतर नहीं होता है। मोहना कहती हैं कि मैं तो ट्रांसपोर्ट विमान उड़ाना चाहती थी लेकिन मेरे प्रशिक्षक ने मुझे लड़ाकू विमान के लिये प्रेरित किया। लड़ाकू विमानों का करतब और उनकी तेजी की वजह से मैं यहां पर हूं। अवनी का कहना है कि हर किसी का सपना होता है कि वो उड़ान भरें। अगर आप आसमान की ओर देखते हैं तो पंछी की तरह उडऩे का मन करता है। आवाज की स्पीड में उडऩा एक सपना होता है और अगर ये मौका मिलता है तो एक सपना पूरे होने के सरीखा है।    साभार-khaskhabar.com

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लंदन । ऑस्ट्रेलिया ने शूटआउट में भारत को 3-1 से हराकर शुक्रवार देर रात चैम्पियंस ट्रॉफी-2016 का खिताब जीत लिया। यह आस्टे्रलिया का 14वां खिताब है जबकि भारत को पहली इस प्रतियोगिता में रजत पदक मिला है।  एक दिन पहले पूल मैच में ऑस्ट्रेलिया के हाथों 2-4 से हारने वाली भारतीय टीम ने क्वीन एलिजाबेथ ओलम्पिक हॉकी सेंटर में बेहतरीन खेल दिखाया और विश्व चैम्पियन आस्टे्रलिया को निर्धारित समय तक एक भी गोल नहीं करने दिया। अंतिम पूल मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ बेहद आक्रामक खेल दिखाते हुए शुरुआती 15 मिनट में ही दो गोल कर दिए थे लेकिन भारत ने तीसरे और चौथे क्वार्टर में अच्छा खेल दिखाया था। भारत ने शुक्रवार को भी खेल का वही स्तर जारी रखा और ऑस्ट्रेलिया को गोल करने का एक भी मौका प्रदान नहीं किया। इस दौरान आस्टे्रलिया ने एक पेनाल्टी स्ट्रोक भी मिस किया। यह अलग बात है कि आस्ट्रेलियाई रक्षापंक्ति ने उसे भी गोल करने का मौका नहीं दिया। भारत ने तीसरे और चौथे क्वार्टर में अपना वर्चस्व कायम रखते हुए ऑस्ट्रेलिया को खूब छकाया। निर्धारित समय में एक भी गोल नहीं होने पर मैच अतिरिक्त समय तक खिंचा लेकिन उसमें भी गोल नहीं हुए। इसके बाद मैच का फैसला शूटआउट से होना निर्धारित हुआ। शूटआउट में भारत की ओर से सिर्फ हरमनप्रीत सिंह गोल कर सके जबकि ऑस्ट्रेलिया की ओर से डेनियल बील, साइनमन ओर्चाड और एरान जालेवस्की ने गोल किए। इस मैच के असल हीरो ऑस्ट्रेलियाई गोलकीपर टेलर लोवेल रहे, जिन्होंने भारत को शूटआउट में सिर्फ एक गोल करने का मौका दिया। भारत का दुर्भाग्य रहा कि उसके लिए एसवी सुनील और एस. उथप्पा जैसे अनुभवी खिलाड़ी शूटआउट में गोल नहीं कर सके। इन दोनों के अलावा सुरेंद्र कुमार भी गोल करने से चूके। भारत ने अब तक इस प्रतिष्ठित आयोजन का फाइनल नहीं खेला था। साल 1982 में भारत ने कांस्य पदक जीता था। तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में उसने पाकिस्तान को हराया था। भारत सात बार चौथे स्थान पर रहा है। भुवनेश्वर में आयोजित बीते संस्करण में भी भारत चौथे स्थान पर रहा था। साल 1978 में शुरु हुए इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया का वर्चस्व रहा है। उसने यह खिताब 1983 के बाद से कुल 14 बार जीते हैं। इसके अलावा वह 10 बार उपविजेता रहा है। पांच मौकों पर इस टीम ने कांस्य पदक भी जीते हैं। बहरहाल, शुक्रवार को ही जर्मनी ने ब्रिटेन को 1-0 से हराकर कांस्य पदक जीता। जर्मनी के लिए मैच का एकमात्र गोल मार्को मिल्टकाउ ने किया। इसी तरह पांचवें और छठे स्थान के लिए हुए मुकाबले में बेल्जियम ने दक्षिण कोरिया को हराया। भारत के हरमनप्रीत सिंह को सबसे अच्छा जूनियर खिलाड़ी चुना गया। जर्मनी के तोबाएस हाउके टूर्नामेंट के श्रेेष्ठ खिलाड़ी बने जबकि ब्रिटेन के जार्ज पिनर को सबसे अच्छा गोलकीपर चुना गया।    साभार-khaskhabar.com

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नई दिल्ली । टमाटर की फसल खराब होने के बाद अब दाल की कीमतों में उछाल आया है।  दलहन कीमतों के 170 रुपये किलो की ऊंचाई को छू जाने के साथ सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने के लिए म्यांमार और दक्षिण अफ्रीका से दलहन का आयात करने तथा बफर स्टॉक की मात्रा को बढ़ाने का फैसला किया है। एक उच्च-स्तरीय बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, खाद्य मंत्री रामविलास पासवान, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण और शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू के साथ मूल्य नियंत्रण करने के रास्तों के बारे में विचार-विमर्श किया। सरकार दलहन की कीमतों के 170 रुपये किलो और टमाटर की कीमत 100 रुपये होने को लेकर चिंतित है। बैठक में कीमतों में तेजी के कारणों और उसे नियंत्रित करने के संभावित विकल्पों के बारे में विचार-विमर्श किया गया। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि जब भी राज्यों की ओर से मांग पैदा हो बफर स्टॉक से अधिक दलहन को निकाला जाए और इसके साथ कीमत को नियंत्रित करने के लिए म्यांमार और अफ्रीका से इसका आयात किया जाए।    साभार-khaskhabar.com

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कोर्ट ने पुलिस की दलीलें की खारिज मथुरा। जवाहर बाग कांड के मुख्य मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव को न्यायालय ने अभी मरा नहीं माना है। इस संबंध में न्यायालय ने पुलिस की दी गई दलीलें खारिज करते हुए आदेश दिया कि शव की शिनाख्त परिजनों से और उसका जो विसरा है उसका डीएनए सीएमओ की मौजूदगी में कराये जाने के आदेश दिये हैं। न्यायालय  द्वारा एक अन्य मामले में पूर्व में गैर जमानती वारंट अभी जारी रहेंगे।  मिली जानकारी के अनुसार रवि सुरेशचंद दुबे ने 17 जून 2011 को 156(3) में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें रामवृक्ष एवं अन्य साथियों द्वारा जयगुरूदेव पेट्रोल पम्प, थाना हाईवे 10 मार्च 2011 को एक घटना की थी, जिसमें रामवृक्ष व उसके साथियों को अभियुक्त बनाया गया था। इसका ट्रायल चल रहा था। गुरूवार को इस केस की सुनवाई थी जिसमें इस केस में रामवृक्ष व उसके साथियों के गैर जमानती वारंट जारी थे। सुनवाई के दौरान थाना हाईवे के एक उपस्थित उपनिरीक्षक ने कोर्ट को यह बताया कि रामवृक्ष यादव अब जीवित नहीं है। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ कहा कि रामवृक्ष यादव की जवाहर बाग खाली कराने के दौरान उसकी मौत हो चुकी है। जिसकी शिनाख्त उसके साथ सह अभियुक्त ने भी की है। इस पर अपर जिला जज नवम् न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने आदेश दिया कि शव का जो विसरा है उसका डीएनए सीएमओ की मौजूदगी में हो तथा डीएनए का परिजनों से मिलान कराया जाए। कोर्ट को अगली सुनवाई में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाये।   

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