इस्लामाबाद । परमाणु आपूर्ति समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए अमेरिका का भारत को समर्थन मिलने से पाकिस्तान तिलमिला गया है। आनन-फानन में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सदस्यता पर समर्थन के लिए एनएसजी देशों के राजनयिक मिशन को अपनी बात समझाने के लिए बुलाया। पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में इन देशों से कहा कि भारत को एनएसजी सदस्यता मिलना दक्षिण एशिया की रणनीतिक स्थायित्व पर नकारात्मक असर डालेगा। इस बीच, पाकिस्तान प्रधानमंत्री के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने तीन देशों के विदेश मंत्रियों से बात कर एनएसजी सदस्यता के मुद्दे पर समर्थन की बात कही। पाकिस्तान के शीर्ष विदेश सलाहकार ने कहा है कि 48 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल होने के भारत के प्रयास को रोकने के लिए पाकिस्तान प्रभावशाली ढंग से लगातार प्रयास कर रहा है। सरताज अजीज ने पाकिस्तान की सीनेट में कहा, गैर भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण के लिए पाकिस्तान का प्रयास फलीभूत होगा। अजीज का यह बयान भारत के एनएसजी में शामिल होने के प्रयास और इस दिशा में देश को अमेरिका, स्विट्जरलैंड और मैक्सिको से मिले समर्थन के बाद आया है। अजीज पाकिस्तानी सीनेटरों की ‘भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ती मिलीभगत’ को लेकर चिंता और उनकी इस आशंका का जवाब दे रहे थे कि एनएसजी सदस्य देश भारत के इसमें शामिल होने के आग्रह का सकारात्मक जवाब देंगे। भारत और पाकिस्तान दोनों ने ही एनएसजी की सदस्यता के लिए आवेदन किया है, जिससे दोनों देशों को परमाणु व्यापार में शामिल होने की अनुमति मिलेगी। सीनेट की सुरक्षा समिति के अध्यक्ष और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-क्यू के सीनेटर मुशाहिद हुसैन सैयद ने कहा कि एनएसजी सदस्य समूह में शामिल होने के भारत के आग्रह पर विचार कर रहे होंगे। भारत की वजह से रुक सकती है पाक की एंट्री सैयद ने यह आरोप लगाया कि पाकिस्तान की कूटनीति ‘असफल’ हो गई है। उन्होंने कहा कि अगर भारत एनएसजी का सदस्य बन जाएगा तो वह पाकिस्तान को समूह में शामिल होने से रोकने में सफल हो जाएगा। उन्होंने कहा, हमने ईरान और अफगानिस्तान को अलग-थलग कर दिया है और दोनों देश अब भारत के साथ अपने आर्थिक संबंध बेहतर कर रहे हैं। अमेरिका, स्विट्जरलैंड और मैक्सिको के समर्थन के बाद माना जा रहा है कि भारत एनएसजी सदस्यता हासिल कर लेगा। पाकिस्तानी अखबार ‘द डॉन’ की खबर के मुताबिक, अजीज ने रूस, न्यूजीलैंड और दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की। अजीज ने तीनों देशों के विदेश मंत्रियों से एनएसजी सदस्यता के मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करने की बात कही। पाकिस्तान विदेश विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक, अजीज की तीन देशों से बातचीत को पाकिस्तान का कूटनीतिक प्रयास माना जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा, अजीज ने सदस्यता के लिए पाकिस्तान के मजबूत दावे का जिक्र किया। अपनी सदस्यता के लिए पाक ने अपने दावे मे कहा- एनएसजी देशों के साथ ब्रीफिंग सेशन में पाक विदेश विभाग में संयुक्त राष्ट्र डेस्क की हेड तस्नीम असलम ने कहा, हमारे पास विशेषज्ञता के अलावा मानव शक्ति, इन्फ्रास्ट्रक्चर और एनएसजी मानकों के तहत कंट्रोल्ड एटॉमिक आइटम और सर्विस देने की क्षमता है। इतना ही नहीं, पाकिस्तान के पास शांति कार्यों के लिए पर्याप्त न्यक्लियर सामान मौजूद है। तस्नीम ने कहा, मैं ब्रीफिंग में आए सभी डिप्लोमेट्स से अपील करती हूं कि वे एनएसजी सदस्यता के मुद्दे पर नॉन-एनपीटी मुल्कों को समर्थन करने के लिए भेदभाव न करें। चीन कर रहा लगातार विरोध बता दें कि चीन की आड़ लेकर पाकिस्तान भारत की एनएसजी में एंट्री का विरोध कर रहा है। पाकिस्तान और चीन का तर्क है कि बिना नॉन-प्रोलिफिकेशन ट्रीटी (परमाणु अप्रसार संधि-एनपीटी) पर हस्ताक्षर किए बिना भारत कैसे एनएसजी की सदस्यता हासिल कर सकता है? अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने भी हाल ही अपने संपादकीय में लिखा था, भारत तब तक एनएसजी सदस्यता पाने का हकदार नहीं होगा, जब तक वह सभी मानकों पर खरा नहीं उतर जाता। चीन के विरोध के बावजूद मिल सकती है एनएसजी सदस्यता माना जा रहा है कि अमेरिका, स्विट्जरलैंड और मैक्सिको के समर्थन के बाद भारत को एनएसजी की सदस्यता मिल सकती है। वॉशिंगटन में भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान के मुताबिक, दोनों नेता भारत की मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (एमटीसीआर) में एंट्री को बेहतरी के रूप में देखते हैं। राष्ट्रपति ओबामा एनएसजी सदस्यता को लेकर भारत के आवेदन का स्वागत करते हैं। अमेरिका इस बात को दोबारा साफ करता है कि भारत सदस्यता के लिए तैयार है। हम दूसरे देशों से भी अपील करते हैं कि इस महीने होने वाली एनएसजी प्लेनरी की मीटिंग में वे भारत का समर्थन करें। खुद पर खतरे का आकलन कर रहा पाकिस्तान अजीज ने जोर देकर कहा कि देश के वैज्ञानिक और विशेषज्ञ भारतीय परमाणु सिद्धांत से देश की सुरक्षा को उत्पन्न रणनीतिक खतरे का आकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमित स्रोतों के बावजूद पाकिस्तान ने एक मजबूत परमाणु प्रतिरोधक क्षमता प्रणाली विकसित की है। अजीज ने कहा कि पाकिस्तान हिंद महासागर को परमाणुकृत करने की भारत की योजना के ‘खतरनाक निहितार्थ’ को भी उजागर करने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंद महासागर को परमाणु मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव पेश करने के विकल्प पर भी विचार कर रहा है। साभार-khaskhabar.com
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