मथुरा

नई दिल्ली । वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर आंद्रे रसैल क्रिकेट के सबसे नए और छोटे फॉर्मेट में अब तक काफी सफल रहे हैं। रसैल ने इसी साल भारत में आयोजित टी20 विश्व कप और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में कुछ मैच विजयी पारियां खेली थीं। साथ ही दक्षिण अफ्रीका के इमरान ताहिर इस समय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लेग स्पिनर में से एक माने जाते हैं।   रसैल और ताहिर दोनों ने इस साल इंग्लैंड में होने वाले नटवेस्ट टी20 ब्लास्ट के लिए नॉटिंघमशायर काउंटी से अनुबंध किया है। पिछले साल ताहिर नॉटिंघमशायर के लिए तीन मैच में 10 विकेट लेने में सफल रहे थे, लेकिन चोट के कारण वे बीच में ही टूर्नामेंट से हट गए थे।    नॉटिंघमशायर के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट मिक न्यूवैल ने कहा कि हम रसैल और ताहिर से पिछले कुछ समय से संपर्क में थे। हमें उन्हें अपनी टीम से जोडक़र काफी खुश हैं। रसैल बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों क्षेत्र में गजब के खिलाड़ी हैं। साथ ही वे बड़े टूर्नामेंटों में खुद को साबित कर रहे हैं। वे शानदार तेज गेंदबाज हैं और हमें उम्मीद है कि वे कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) टी20 टूर्नामेंट के लिए जाने से पहले हमें कुछ मैच जिताने में मदद करेंगे। रसैल चार और ताहिर सात मैच खेलेंगे।    ताहिर ने पिछले साल हमारे साथ खेल का लुत्फ उठाया था और वे वापस हमसे जुडऩे को बेकरार थे। टर्निंग और बाउंसी पिच पर ताहिर खतरनाक साबित होंगे। वे हमारे स्पिनर्स समित पटेल, मैथ्यू कार्टर, सैम वुड व कोनोर मार्शल के लिए मेंटर का काम करेंगे।      साभार-khaskhabar.com  

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मुंबई । देश के शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में पिछले सप्ताह आधी फीसदी से अधिक तेजी रही। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 0.71 फीसदी यानी 189.43 अंकों की तेजी के साथ शुक्रवार को 26,843.03 पर बंद हुआ।   इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 0.79 फीसदी यानी 64.15 अंकों की तेजी के साथ 8,220.80 पर बंद हुआ।   सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों में पिछले सप्ताह तेजी रही। टाटा मोटर्स (12.49 फीसदी), कोल इंडिया (9.81 फीसदी), अडाणी पोट्र्स (6.68 फीसदी), एक्सिस बैंक (5.79 फीसदी) और एनटीपीसी (5.58 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।   सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे सन फार्मा (10.57 फीसदी), भेल (8.00 फीसदी), गेल (2.45 फीसदी), ल्यूपिन (2.14 फीसदी) और सिप्ला (2.04 फीसदी)।   बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी तेजी रही। मिडकैप 0.42 फीसदी या 47.61 अंकों की तेजी के साथ 11,394.64 पर और स्मॉलकैप 0.34 फीसदी या 37.75 अंकों की तेजी के साथ 11,148.71 पर बंद हुआ।   गुरुवार 2 जून को मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दूसरे मानसून पूर्वानुमान में कहा कि इस साल जून-सितंबर में मानसून की बारिश औसत से अधिक होगी। पिछले लगातार दो साल मानसूनी बारिश औसत से कम रही है। आईएमडी ने कहा, ‘‘समग्र तौर पर देश में मानसूनी बारिश दीर्घावधि औसत का 106 फीसदी रह सकती है।’’   दूसरे अनुमान के मुताबिक देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में मानसूनी बारिश दीर्घावधि औसत का 108 फीसदी और मध्य भारत और दक्षिण भारत में यह 113 फीसदी होगी। विभाग ने देश में जुलाई महीने की मानसूनी बारिश को 107 फीसदी के साथ औसत से अधिक रहने की संभावना जताई और अगस्त महीने के लिए सामान्य रहने की संभावना जताई। पूर्वोत्तर क्षेत्र में हालांकि मानसूनी बारिश 94 फीसदी के साथ औसत से कम रहने की संभावना है।   मंगलवार 31 मई जारी एक आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक प्रमुख आठ उद्योगों का उत्पादन अप्रैल में 8.5 फीसदी बढ़ा। यह दर मार्च में 6.4 फीसदी थी और एक साल पहले समान अवधि में नकारात्मक 0.2 फीसदी थी। इन आठ उद्योगों का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 38 फीसदी योगदान होता है।   मंगलवार को ही जारी एक अन्य सरकारी आंकड़े के मुताबिक देश की विकास दर 2015-16 में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सर्वाधिक 7.6 फीसदी रही। भारत ने जहां चीन को पीछे छोड़ दिया, वहीं देश के लिए भी यह दर पिछले पांच सालों में सर्वाधिक है। बीते वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में विकास दर 7.9 फीसदी रही।   आंकड़े के मुतााबिक वास्तविक प्रति व्यक्ति आय भी 6.2 फीसदी बढक़र 77,435 रुपये हो गई। बीते वित्त वर्ष में प्रथम तिमाही की विकास दर 7.5 फीसदी, दूसरी तिमाही की 7.6 फीसदी, तीसरी तिमाही की 7.2 फीसदी और चौथी तिमाही की 7.9 फीसदी रही।   साभार-khaskhabar.com

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दिग्गज अभिनेत्री और राजनेता हेमा मालिनी ने मथुरा में हिंसा और तनाव के माहौल के दौरान सोशल मीडिया पर फिल्म की शूटिंग की तस्वीरें साझा करने को लेकर अपनी आलोचना करने वालों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एक ‘ईमानदार’ व्यक्ति होने के नाते वह अपना काम कर रही हैं और लोग ‘मुख्य मुद्दे से ध्यान भटका रहे हैं।’ पुलिस और अतिक्रमण कर्ताओं के बीच गुरुवार को चले हिंसक संघर्ष के बाद यहां तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अतिक्रमण करने वालों की गोलियों से दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों समेत 24 लोगों की जान चली गई। हेमा ने ट्वीट्स के जरिए कहा, ‘‘मथुरा में हूं। शोक संतप्त परिवारों को दिलासा दिया। मुझे समझ नहीं आता कि मीडिया को यह क्यों लगता है कि कानून और व्यवस्था के लिए संसद जिम्मेदार है।’’अभिनेत्री ने कहा, ‘‘वे इस मुख्य मुद्दे से ध्यान भटका रहे हैं कि कानून और व्यवस्था राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। मुझे निशाना क्यों बनाया जा रहा है? मैं अपना काम कर रही हूं।’’ हेमा ने लिखा, ‘‘मथुरा का हर नागरिक मेरी ईमानदारी की गवाही देगा। मैं रहन-सहन की स्थिति में सुधार कर रही हूं। सडक़ें और पीने का पानी मुहैया करा रहीं हूं। यह एक सांसद की जिम्मेदारी नहीं है कि वह पुलिस बल का नेतृत्व करें, विद्रोहियों का दमन करे या अतिक्रमण हटाए। मेरी जिम्मेदारी विकास करना है और मैं ईमानदारी से अपना काम कर रही हूं।’’    साभार-khaskhabar.com

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ब्रज प्रेस क्लब व उपजा के बैनरतले सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक, अधिवक्ताओं व पत्रकारों ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि। डीएम को सौंपा मुख्यमंत्री नाम ज्ञापन मथुरा। जवाहर बाग में को कथित सत्याग्रहियों से खाली कराते समय शहीद हुए जांबाज पुलिस अधिकारी एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी तथा एसओ संतोष कुमार यादव की शहादत को सलाम करते हुए ब्रज प्रेस क्लब व उप्र जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के के बैनरतले सामाजिक, धार्मिक, राजनैतिक, अधिवक्ताओं व पत्रकारों ने होलीगेट पर कैंडल मार्च निकाल श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।  इस अवसर पर ब्रज प्रेस क्लब अध्यक्ष व उपजा प्रदेश उपाध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट ने बताया कि हम मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी मांग करते हैं कि जावाहरबाग में शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी व एसओ फरह संतोष कुमार यादव के नाम पर शहीद स्मारक पार्क बनाया जाये। दोनों शहीद अधिकारियों के परिवारों को एक-एक करोड रूपये का मुआवजा, परिवार के दो-दो लोगों को सरकारी नौकरी, बच्चों की पढ़ाई का खर्च व आवास भी दिया जाये तथा जवाहर बाग कांड में घायल हुए पुलिसकर्मियों का पूरा इलाज व पांच-पांच लाख रूपये की आर्थिक सहायता दी जाये। कैंडल मार्च में प्रमुख रूप से बार के पूर्व सचिव नंदकिशोर उपमन्यु एडवोकेट, समाजसेवी देवेन्द्र गौतम गुड्डू भईया, पूर्व कांग्रेस शहराध्यक्ष आबिद हुसैन, मलिक अरोड़ा, हेमंत गुर्जर, पूरन कौशिक, नितिन गौतम, मुकुल गौतम, परवेज अहमद, मुकेश कुशवाह, उमर कुरैशी, रहीश कुरैशी, सुशील गोस्वामी, हेमंत शर्मा, आरती शर्मा, वकील खान, सोमेन्द्र भारद्वाज, विवेक प्रिय आर्य, असफाक चौधरी, गिरीश कुमार, संजय शर्मा पिपरौनिया, राजू पंडित, मुकेश धनगर, विक्रम बाल्मिक, हरवीर चाहर, देवेश चौधरी, रामरतन चौधरी, कुंजबिहारी चतुर्वेदी, अधिवक्ता अजय शर्मा, मयंक अग्रवाल, रिचा शर्मा, अधिवक्ता अनीता चावला, खलिल, जाहिद, अजीम, सुभाष सैनी आदि थे।   

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मथुरा। शनिवार शाम यूपी के डीजीपी ने मथुरा कांड के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव की मौत की पुष्टि कर दी है। बताया गया कि मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव मारा गया है।  इसकी पुष्टि उत्तर प्रदेश के डीजीपी जावीद अहमद ने की और कहा कि मथुरा के एसएसपी ने इस बारे में उन्हें सूचित किया है। डीजीपी ने कहा कि कई शवों की पहचान की गई है। इसमें रामवृक्ष यादव के साथियों ने उसके शव की पहचान की है। गाजीपुर में उसके परिवार के लोगों को सूचना दे दी गई है।  रामवृक्ष ने कहा था- नेताजी आ रहे हैं... यूपी के मथुरा में जवाहर बाग से कब्जा हटाने आई पुलिस पर हमले के मामले में नया खुलासा हुआ है। 270 एकड़ के इस इलाके पर खुद को सत्याग्रही बताने वाले स्वाधीन भारत सुभाष सेना के नेता रामवृक्ष यादव ने अपने समर्थकों से कहा था कि वह नेताजी सुभाष चंद्र बोस से अगले 2 महीने में मुलाकात करेगा और उनके मिलते ही भारत का इतिहास बदल जाएगा। तब तक वे जवाहर बाग पर ही रुके रहें। मथुरा में पुलिस पर उपद्रवियों के हमले में एसपी और एसएचओ समेत 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा का मास्टरमाइंड रामवृक्ष कहां है, इस पर अभी सस्पेंस है। खुद को सत्याग्रही कहने वाले घायल लोगों का एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। रामवृक्ष यादव के इन सपोर्टर्स के पास खाने के लिए न तो अनाज था, न सब्जियां और न ही दूध। ये लोग पिछले दो महीने से खिचड़ी-दलिया खाकर किसी तरह दिन गुजार रहे थे। इन लोगों से कहा गया कि जल्द ही नेताजी खुद आंदोलन की बागडोर संभालेंगे। इसके बाद जल्द ही भारत से जंगलराज खत्म हो जाएगा। 87 साल के गोरखपुर के रहने वाले दयाशंकर के मुताबिक, हम जय गुरुदेव को पिछले 30 साल से गेहूं और चावल देते चले आ रहे थे। बाद में रामवृक्ष यादव ने नया गुट बना लिया। यादव ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया था कि वह नेताजी को लोगों के सामने लाएगा। अगर वह ऐसा नहीं कर पाया तो उसे फांसी चढ़ा दें।   देश के कई हिस्सों में गए आंदोलनकारी   पुलिस की मानें तो ये आंदोलनकारी गुजरात, वेस्ट बंगाल, महाराष्ट्र और ओडिशा में भी गए। आखिर में इन लोगों ने मथुरा के जवाहर बाग को अपना ठिकाना बना लिया। पुलिस का ये भी कहना है कि ज्यादातर फॉलोअर्स यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। आंदोलनकारियों के मुताबिक, रामवृक्ष यादव कभी-कभी ही उनसे मिलता था। लोगों को बाहरी दुनिया में घुलने-मिलने की इजाजत नहीं थी। लोगों को सुबह 3 बजे उठना पड़ता था। नहाना-पूजा-नाश्ते के बाद वे दिनभर आराम कर सकते थे। डिनर शाम 5 बजे ही हो जाता था।   मथुरा में तनावपूर्ण शांति  मथुरा के जवाहर बाग में अब जली गाडिय़ां, बिखरे पत्थर और बड़ी तादाद में पुलिस के जवान तैनात हैं। शनिवार को यहां तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।  कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मी ने बताया कि कल तो ऐसा लग रहा था मानो जंग छिड़ी हो। एसपी साहब बाग से लगी कॉलोनी के लोगों से बात कर रहे थे कि कुछ लोग उन्हें बाग के भीतर खींच ले गए।  कुछ समझते, इससे पहले पेड़ पर चढ़े लोग फायरिंग करने लगे। बम फेंकने लगे। एसएचओ पर भी 20-25 लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। आला अफसरों को फौरन सूचना दी गई। पर न फोर्स आई और न जवाबी कार्रवाई का ऑर्डर। कहा गया- इंतजार करो। जब तक ऑर्डर आता, एसपी साहब और एसएचओ मर चुके थे। उपद्रवी कई और जवानों को मार गिराते यदि वहां आठ फीट की दीवार न होती। शाम 6 बजे फोर्स पहुंची। इसके बाद जवाबी कारवाई हुई। इसमें 22 उपद्रवी मारे गए। जवाहर बाग में चलती थी रामवृक्ष की हुकुमत जवाहर बाग को रामवृक्ष यादव ने छावनी में तब्दील कर लिया था। उसकी मर्जी के बिना कोई बाग में आ-जा नहीं सकता था। पुलिस भी नहीं। उसकी दहशत ऐसी थी कि बाग में मौजूद कई अफसर अपने दफ्तर और सरकारी घर छोडक़र चले गए थे। जबकि यह जगह एक ओर पुलिस लाइन और एसपी ऑफिस और दूसरी ओर जज कॉलोनी से घिरी है।    साभार-khaskhabar.com      

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मथुरा(रहीश कुरैशी/हेमंत शर्मा):जवाहर बाग मामले में आया डीजीपी जावीद अहमद का बयान। दो अधिकारियों और 22 उपद्रवियों की मौत, 23 पुलिसकर्मी घायल। चंदन बोस और रामवृक्ष यादव हैं मुख्य आरोपी। मृतकों की शिनाख्त बाकी। घटना को लेकर लोक राज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक मनोज चौधरी द्वारा पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग.  

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