मथुरा

मथुरा। केन्द्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने आज शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के आवास पर जाकर उनके परिवार के लोगों से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक यहां रहीं केंद्रीय मंत्री ने एसपी आवास पर शहीद के परिजनों को सांत्वना दी। वे जवाहरबाग को खाली कराने में अपनी जान की आहूती देने वाले शहीद एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के मथुरा स्थित सरकारी निवास पर पंहुची और परिवार के लोगों को ढांढस बंधाते हुये सांत्वना दी कि केन्द्र सरकार उनके परिवार की मदद के लिये पूरी तरह तैयार है। इसके बारे में वे चर्चायें करेंगी और जितना संभव होगा मदद की जायेगी। उन्होंने पूरी घटना के पीछे प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा करते कहा कि अगर सरकार पहले से ही चेत जाती तो यह घटना नहीं होती।

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मथुरा। भारतीय जनता पार्टी के सांसदों का छह सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल आज जवाहरबाग प्रकरण की पूरी जानकारी करने के लिये पंहुचा लेकिन जवाहरबाग के मुख्य द्वार पर पुलिस प्रशासन ने जब उन्हें रोका तो आपस में काफी जद्दोजहद हुयी। यहां तक कि पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह कह दिया कि आप मरे हुये लोगों पर राजनैतिक रोटियां सेंकने के लिये आये हैं। इस पर सांसद प्रतिनिधिमण्डल के लोग उग्र हो गये और उन्होंने कहा कि आज से ढाई साल पहले प्रशासन द्वारा इन लोगों को यहां से क्यों नहीं निकाला? आज जब एक सम्मानित प्रतिनिधि मण्डल यहां जाने के लिये आया है तो पुलिसबल द्वारा उसे रोका जा रहा है। प्रतिनिधि मण्डल में आये भाजपा के वरिष्ठ नेता कल्याण सिंह के पुत्र और एटा के सांसद राजवीर सिंह राजू भैया ने कहा कि जवाहरबाग प्रकरण की निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिये। हम केवल सौ कदम तक ही अंदर जाना चाहते थे जिससे वस्तु स्थिति हमारे सामने आ सके लेकिन प्रशासन न जाने क्यों हमें वहां जाने से रोक रहा है। सांसदों के प्रतिनिधिमण्डल में राजेश दिवाकर, राजेन्द्र अग्रवाल, विधायक मनीष सिसौदिया, राजवीर सिंह, वीएल वर्मा ब्रजप्रांत अध्यक्ष, धर्मपाल सिंह विधायक शामिल थे। मथुरा से पूर्व सांसद तेजवीर सिंह, पूर्व विधायक प्रणतपाल, पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग, अजय पोईया आदि भी प्रतिनिधिमण्डल के साथ थे।

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मथुरा। अलीगढ से आये रालोद के पूर्व मंत्री ठा. दलवीर सिंह ने आज पत्रकारों से बातचीत करते हुये कहा कि राष्ट्रीय लोकदल ने आज से डेढ वर्ष पूर्व ही विधानसभा में यह प्रश्न उठाया था कि जवाहरबाग में उपद्रवियों द्वारा कब्जा कर रखा है लेकिन सरकार ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। यदि सरकार द्वारा उनकी बात गंभीरता से ली जाती तो आज यह स्थिति उत्पन्न न होती। हमारे दो होनहार अधिकारी इस घटना में मारे गये। इसका हमें भारी दुख है। हम विधानसभा में भी इस प्रकरण को जोरदारी के साथ उठायेंगे। रालोद हमेशा से ही देशहित और सीमाहित में देश की जनता व सत्ता में बैठे लोगों को अपनी आवाज बुलंद कर अवगत कराता रहा है। जवाहरबाग में जो हुआ वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि जवाहरबाग में इन दोनों अधिकारियों की प्रतिमाएं लगवायी जायें तथा परमवीर चक्र से इन्हें सम्मानित किया जाये। जिन्होंने कानून की रक्षा के लिये अपनी जान दे दी। इस अवसर पर रालोद विधायक पूरन प्रकाश, जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिकरवार, कुँ० नरेन्द्र सिंह, रविन्द्र नरवार आदि मौजूद थे।

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नई दिल्ली। मथुरा हिंसा को समाजवादी पार्टी की सरकार और खासतौर पर शिवपाल सिंह यादव घिरते जा रहे हैं। शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने मथुरा के जवाहर बाग पर कब्जा जमाने वाले सत्याग्रहियों पर हुई कार्रवाई में देरी के लिए अखिलेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। शंकराचार्य ने यूपी सरकार पर रामवृक्ष यादव को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि वह हिंसा वाला यादव था और मथुरा हिंसा के पीछे यादव-यादव का खेल था।  शंकराचार्य ने कहा है कि हिंसा जातिवाद के चलते हुई। उन्होंने कहा, सरकार भी यादवों की है। अन्याय की चक्की को अन्न नहीं दिया जाना चाहिए था। वहां अस्त्र-शस्त्र जमा हो रहे थे, उत्पीडऩ हो रहा था। इसे पहले ही दूर कर लेना चाहिए था और ऐसे विनाश भी नहीं होता। वहीं, एसपी नेता नावेद सिद्दकी ने कहा है कि यह मामला हाई कोर्ट में था। यह कहना कि यादवों को बचाया जा रहा है, यह बेबुनियाद बात है।  बीजेपी ने की सीबीआई जांच की मांग  उधर, इस मामले में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा और कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के घिरने के बाद बीजेपी भी सरकार पर हमलावर है। इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर बीजेपी ने यूपी सरकार पर हल्ला बोला है। बीजेपी युवा मोर्चा के सदस्य लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे हैं तो मथुरा में भी बीजेपी कार्यकर्ता धरने पर बैठे हैं।      इससे पहले शनिवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मुख्यमंत्री अखिलेश के चाचा शिवपाल को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था, यदि नेताजी (एसपी प्रमुख मुलायम सिंह यादव) में जरा भी शर्म बची है तो उन्हें मंत्री शिवपाल यादव का इस्तीफा तत्काल ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा, अखिलेश यादव जी, यदि आपको चाचा-भतीजे का रिश्ता बनाए रखना है तो आपको जनता से कहना चाहिए कि आपका जनता से कोई संबंध नहीं है।    बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने भी आरोप लगाया था कि मथुरा घटना में हमलावर लोग शिवपाल सिंह यादव के गुंडे थे। केंद्रीय राज्यमंत्री और फतेहपुर से बीजेपी सांसद साध्वी निरंजन ज्योति ने रविवार को कहा था कि इस घटना के दोषी यूपी सरकार में वरिष्ठ मंत्री शिवपाल सिंह यादव हैं। उन्होंने शिवपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।   साभार-khaskhabar.com

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मथुरा। मथुरा के जवाहर बाग पार्क को 2 जून को हुई हिंसा के 72 घंटो बाद मीडिया के लिए खोला गया है, लेकिन अंदर की भयावह नजारा देखने को मिला।  रामवृक्ष यादव के नेतृत्व में स्वाधीन भारत सुभाष सेना ने पार्क को आयुध फैक्ट्री बना रखा था। पुलिस ने यहां से न सिर्फ भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं, बल्कि विस्फोटकों का जखीरा इस बात की गवाही दे रहा है कि पार्क में बम बनाने वाली फैक्ट्री भी थी। पुलिस को यहां से विस्फोटक पाउडर, इलेक्ट्रॉनिक प्लेट और छर्रे मिले। एसएसपी राकेश सिंह ने बताया कि जवाहर बाग में सर्च ऑपरेशन में बीडीएस और फॉरेंसिक टीम को 2.5 किग्रा गन पाउडर, 5 किग्रा गंधक, 1 किग्रा पोटास, 1 इलेक्ट्रॉनिक प्लेट और 0.5 किग्रा लोहे के छर्रे मिले हैं। पुलिस को शक है कि यहां बारूदी सुरंग हो सकती है, इसलिए लखनऊ से एक टीम यहां आकर बारूदी सुरंगों की तलाश कर रही है। उपद्रवियों के पास से मिले असलहे और ऑपरेशन के वक्त हुए धमाकों से उठी रंगीन लपटों को देख पुलिस को जवाहर बाग में बारूदी सुरंग बिछी होने का अंदेशा है। पार्क के भीतर अस्थाई सुपरमार्केट दो साल से पार्क के अंदर बैठकर अपनी समानांतर सरकार चलाने वाले रामवृक्ष यादव और उसके समर्थकों ने पार्क में सबकुछ जुटा रखा था। श्मशान बन चुके इस पार्क में कपड़े, किताबें और कॉमिक्स के अवशेष बिखरे पड़े हैं। पार्क में मिले अवशेषों से पता चल रहा है कि इस संगठन ने एक अस्थाई सुपरमार्केट जैसी व्यवस्था कर रखी थी। रामवृक्ष का फाइनेंसर फरार  घटना के बाद से रामवृक्ष यादव का फाइनेंसर राकेश बाबू गुप्ता फरार चल रहा है। बताया जा रहा है कि वह बदायूं जिले का रहने वाला है। वह प्रसिद्धिपुर गांव की को-ऑपरेटिव कमेटी का सेक्रेटरी है। यादव को हथियार खरीदने के पैसे यही शख्स देता था। लोगों का कहना है कि गुप्ता बड़ी प्रॉपर्टीज का मालिक है और लग्जरी गाडिय़ों में घूमता है। यह बात भी सामने आई है कि हथियार आलू की बोरियों में भरकर जवाहर बाग लाए जाते थे। वहीं, मथुरा के जवाहर बाग पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों के साथ पुलिस की गुरुवार को हुई मुठभेड़ में घायल दो और लोगों की मौत हो जाने से मृतकों की संख्या बढक़र 29 हो गई है।  साभार-khaskhabar.com

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आगरा। मशहूर अभिनेत्री व मथुरा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद हेमा मालिनी ने सोमवार को मथुरा के जवाहरबाग की हिंसक झड़पों को लेकर उनकी नैतिकता व राजनीतिक निर्णय पर सवाल उठाने वाले आलोचकों पर पलटवार किया। हेमा ने बताया, ‘‘मीडिया सहित वे तथ्यों को जांचे बिना मुझे निशाना बना रहे हैं और मेरी ईमानदारी पर शक कर रहे हैं। मुझे जैसे ही घटना की जानकारी मिली, मैं तुरंत मथुरा पहुंची और पीडि़तों के साथ-साथ अधिकारियों से भी मिली।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने दो महीने पहले मथुरा के जिलाधिकारी राजेश कुमार से अवैध कब्जा धारकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था। यकीनन राज्य प्रशासन व राजनीतिक नेताओं की नाकामी की वजह से हादसा हुआ।’’  हेमा ने कहा कि हिंसा की रिपोर्ट करने और इन दुखद घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों को बेनकाब करने की बजाय उन्होंने ‘मुझे निशाना बनाना और संसदीय क्षेत्र में किए मेरे काम पर चर्चा करनी शुरू कर दी।’ उन्होंने कहा कि मीडिया को अहसास नहीं है कि क्या ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें इन घिनौनी घटनाओं के पीछे छिपे चेहरों को पहचानने की जरूरत है।’’ हेमा ने दावा किया कि उन्होंने मथुरा व वृंदावन के लिए बहुत काम किया है और अपने संसदीय क्षेत्र में दूसरों से ज्यादा वक्त बिताया है। साभार-khaskhabar.com    

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