मथुरा

परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप  मथुरा। थाना व कस्बा महावन के नगला लोका में पेड़ पर एक 25 वर्षीय युवक का शव मिलने से सनसनी है। परिवारीजन उसकी हत्या की आशंका जता रहे हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस जांच में जुटी है।  प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 वर्षीय अजित उर्फ भेदजीत पुत्र गोपाल सिंह निवासी नगला लोका थाना महावन कानपुर में हो रही पुलिस भर्ती का फिजीकल टेस्ट देने के लिये गया था। वह नोएडा में स्थित एक पंखा बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था। वहीं से वह पुलिस भर्ती टेस्ट देने के लिये गया था। वह रविवार टैस्ट देकर वह वापिस अपने गांव लौट रहा था तभी रास्ते में से उसने रात्रि करीब आठ बजे अपने पिता को फोन कर उसने कहा कि मैं सीधा नोएडा निकल रहा हूँ लेकिन आज सुबह पांच बजे खेत के पास बनी धर्मशाला पर उसका शव पेड़ से लटका हुआ मिला। घटना की सूचन पर पहुंची महावन पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम गृह घर परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जता रहे है। परिजनों के अनुसार उनके पुत्र की हत्या कर शव को पेड़ पर लटकाया गया है। पुलिस जांच में जुटी है। 

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राया। गांवजगतिया में अतिरिक्त दहेज न देने पर एक विवाहिता को ससुरालीजनों ने प्रताड़ित किया और मिटटी का तेल डालकर मारने का प्रयास किया। पीड़ित विवाहिता सुनीता के भाई महेन्द्र पुत्र धरमा निवासी सारस्वतपाड़ा फरह ने ओमप्रकाश निवासी जगतिया राया आदि सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी है।

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मथुरा। थाना हाईवे अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित एटीवी कट के पास तीन माह पूर्व एक 14 वर्षीय लड़की को अपहरण करने का नामजद सहित चार लोगों ने प्रयास किया लेकिन लड़की की चीख पुकार सुनकर नामजद उसे छोड़कर भाग गये। न्यायालय के आदेश पर तीन माह बाद घटना की रिपोर्ट चैदह वर्षीय प्रियंका की मां मायादेवी पत्नी स्व॰ खुशीराम निवासी नरहौली ने पिंटू पुत्र रामबाबू निवासी गोपाल नगर हाईवे आदि चार के खिलाफ दर्ज करायी है।  

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मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने फिल्म सरबजीत में सरबजीत की पत्नी का किरदार निभाया है लेकिन वे फिल्म के प्रचार के दौरान नदारद थी। अब ऋचा चड्ढा ने इस बात का खुलाया किया है कि वे क्यों फिल्म सरबजीत के प्रचार से दूर रहीं। ऋचा का कहना है कि अन्य कार्यो के लिए की गई प्रतिबद्धताओं के कारण वह अपनी हालिया रिलीज सरबजीत के प्रचार से नदारद रहीं।  उमंग कुमार निर्देशित फिल्म भारतीय किसान सरबजीत सिंह की जीवनी पर आधारित है, जिसे पाकिस्तान में आतंकवाद और जासूसी का दोषी करार दिया गया था और मौत की सजा सुनाई गई थी। इस फिल्म में सरबजीत की पत्नी का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री ऋचा वर्तमान में डोविड वुमार्क की इंडो-अमेरिकी फिल्म लव सोनिया की शूटिंग में व्यस्त हैं।    ऋचा ने अपने बयान में कहा, उमंग की फिल्म के प्रचार हेतु तारीख तय करने से पहले ही लव सोनिया की शूटिंग शुरू हो गई थी। मैं सरबजीत को मिली प्रतिक्रिया से काफी खुश हूं।  काश, मैं टीम के साथ शामिल होती, लेकिन अन्य कार्यो के लिए दी गई प्रतिबद्धिता भी जरूरी थी। तबरेज नूरानी द्वारा निर्देशित फिल्म लव सोनिया में दिग्गज कलाकार अनुपम खेर भी शामिल हैं। वैश्विक तौर पर मानव तस्करी के सच को दर्शाती फिल्म की शूटिंग मुंबई और लॉस एंजेलिस में होगी।    साभार-khaskhabar.com   

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नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के डार्विन में 30 मई से शुरू होने वाले चार देशों के टूर्नामेंट के लिए हॉकी इंडिया (एचआई) द्वारा घोषित की गई भारतीय महिला हॉकी टीम की कमान सुशीला चानू पुखरामबाम को दी गई है। इस टूर्नामेंट के लिए कप्तान रितु रानी को आराम दिया गया है। टूर्नामेंट में भारतीय टीम का सामना ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और जापान से होगा।    यह अगस्त में होने वाले रियो ओलम्पिक खेलों से पहले अंतिम इवेंट है। भारतीय महिला हॉकी टीम में सुशीला के साथ कई अन्य दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल हैं और दीपिका उप-कप्तान के पद पर बरकरार हैं। इसके साथ ही रानी रामपाल, पूनम रानी और वंदना कटारिया के शामिल होने से टीम के अच्छे परिणाम आने की उम्मीद जताई जा रही है।    अनुभवी खिलाडिय़ों के अलावा टीम में निक्की प्रधान, 18 वर्षीया मिडफील्डर प्रीती दुबे जैसी युवा खिलाड़ी भी शामिल हैं। कप्तान रितु के टीम में शामिल न होने के कारण रानी को उनके स्थान पर मिडफील्ड में खेलते देखा जा सकता है। दुबे को इस साल हॉकी इंडिया के पुरस्कार समारोह में असुंता लाकरा अपकमिंग प्लेयर ऑफ द ईयर अवार्ड (महिला अंडर-21) से नवाजा गया था।    टीम की कप्तान घोषित की गई चानू ने कहा कि इस दौरे के लिए टीम की कप्तान बनाया जाना काफी गर्व की बात है। हमने हॉकी बे कप में न्यूजीलैंड और जापान का सामना किया है। हमारा मुख्य लक्ष्य जापान और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन देना है और उनके खेल को काफी अच्छे से समझना है, क्योंकि वे ओलम्पिक खेलों में हमारे ग्रुप में ही शामिल हैं।  टीम की घोषणा के बारे में मुख्य कोच नील हॉगुड ने कहा कि हम टूर्नामेंट का इंतजार कर रहे हैं। हम तीन अच्छी टीमों के खिलाफ हैं और इससे हमें रियो ओलम्पिक के लिए अपनी तैयारियों में मदद मिलेगा। इसमें दो टीमें हमारे ही ग्रुप में हैं और इससे हमें अच्छे अभ्यास का अवसर मिलेगा।    डार्विन में होने वाले इस टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा करने वाली सभी टीमें विश्व हॉकी रैंकिंग में अच्छे स्थानों पर काबिज है। ऑस्ट्रेलिया तीसरे, न्यूजीलैंड चौथे और जापान 10वें रैंक पर है। भारत विश्व रैंकिंग में 13वें स्थान पर है।   भारतीय महिला हॉकी टीम :   गोलकीपर : सविता, रजनी एतिमार्पु। डिफेंडर : दीपिका (उपकप्तान), सुनीता लाकरा, निक्की प्रधान, दीप ग्रेस एक्का, सुशीला चानू (कप्तान), हनिआलुम लाल रुआत फेली। मिडफील्डर : रानी, नमिता तोप्पो, नवजोत कौर, मोनिका, प्रीति दुबे, रेणुका यादव। फॉरवर्ड : पूनम रानी, वंदना कटारिया, अनुराधा देवी थोकचोम, लिलिमा मिंज।  साभार-khaskhabar.com       

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नई दिल्ली। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कोई प्रशासन नहीं है और लोग अरविंद केजरीवाल सरकार की नीतियों से परेशान हैं। तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वे उपराज्यपाल के साथ लगातार टकराव की नीति पर हैं और विकास पर उनका ध्यान नहीं है। शीला ने अपने हजरत निजामुद्दीन इलाके में स्थित अपने आवास पर दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘पिछले एक साल में कुछ भी नहीं हुआ है। दिल्ली के लोग आप सरकार की नीतियों से परेशान हैं। वे हर दूसरे दिन घोषणाएं करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं होता। दिल्ली में कोई प्रशासन नहीं है।’’उन्होंने आगे कहा कि सरकार और उपराज्यपाल (एलजी) नजीब जंग के बीच के झगड़े को दिल्ली के लोग भुगत रहे हैं। शीला दीक्षित को आप के अरविंद केजरीवाल ने 2013 में सत्ता से बेदखल कर दिया था। शीला ने कहा, ‘‘जब केजरीवाल ने राजनीति में आने का फैसला किया था, तब उन्हें पता होना चाहिए था कि दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है। अब वे सत्ता में हैं तो उन्हें ऐसे झगड़ों में नहीं उलझना चाहिए। दिल्ली के लोग इसे भुगत रहे हैं, क्योंकि उनकी समस्याओं को समाधान नहीं हो रहा है।’’   उन्होंने आगे कहा, ‘‘दिल्ली का विकास सहयोग से ही हो सकता है, किसी टकराव से नहीं।’’शीला ने यह भी कहा कि आप की दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग ‘तर्कसंगत’ नहीं है और यह अपनी गलतियों को ‘छुपाने’ का बहाना है। दीक्षित ने कहा, ‘‘पूर्णराज्य की मांग करना सही है। लेकिन यह यथार्थपरक नहीं है, क्योंकि दिल्ली देश की राजधानी है। सांविधानिक रूप से दिल्ली को पूर्णराज्य का दर्जा दिया जाना संभव नहीं है, क्योंकि इसको लेकर संविधान में प्रावधान किए गए हैं। यह सिर्फ सरकार के लिए काम न करने का बहाना है और अपनी विफलता को छुपाने का एक बहाना है।’’ अपने मुख्यमंत्रित्वकाल के दौरान दीक्षित ने भी दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग की थी और कहा था कि यहां विकास की धीमी गति का मुख्य कारण विभिन्न एजेंसियों के बीच टकराव का होना है।    यह पूछे जाने पर कि 2013 में उनकी हार के क्या कारण थे, शीला ने केंद्र में कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार को ‘‘केंद्र सरकार में की गई दूसरों की गलतियों की कीमत चुकानी पड़ी।’’ शीला ने कहा, ‘‘हमें दूसरों के द्वारा किए गए कार्यों की कीमत चुकानी पड़ी। हम दिल्ली में सत्ता में थे तो स्वाभाविक रूप से (भ्रष्टाचार के आरोपों) का सीधा असर हम पर पड़ा, क्योंकि लोगों ने सोचा कि दिल्ली सरकार भी भ्रष्ट होगी। केंद्र सरकार के स्तर पर जो भी हुआ उसका असर दिल्ली पर भी पड़ा।’’ उन्होंने कहा कि जनता 2013 के चुनाव प्रचार में केजरीवाल के मुफ्त के वादे के ‘बहकावे’ में आ गई।  उन्होंने कहा, ‘‘हम लगातार तीन बार से सत्ता में थे, तो जाहिर है कि लोग बदलाव चाहते थे और ज्यादातर मतदाता अरविंद केजरीवाल के मुफ्त बिजली-पानी के झांसे में आ गए। लेकिन अब हर कोई अपने मत को लेकर पछता रहा है।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या 2013 के चुनाव प्रचार में आप के असर को पहले से भांपा था, शीला ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी ने उनकी तस्वीर का इस्तेमाल भ्रष्ट के तौर पर किया तो उसके खिलाफ अदालत नहीं जाना उनकी एक बड़ी ‘गलती’ थी।  उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव के खत्म होने तक मैं समझ गई थी कि आप ने एक प्रभाव छोड़ा है, क्योंकि हर कोई इसी के बारे में बात कर रहा था। लेकिन उन्होंने अपने चुनाव प्रचार में मेरी तस्वीर दिखाकर मुझे भ्रष्ट बताया। मुझे उन्हें अदालत में खींचना चाहिए था। मैं इसे समझ नहीं पाई क्योंकि मैं चुनावों में व्यस्त थी। यह एक गंभीर गलती थी।’’शीला दीक्षित ने हाल में पांच राज्यों मेंहुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर पार्टी में ‘बदलाव’ की बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पार्टी को बेहतर तरीके से खुद को व्यवस्थित करने की जरूरत है। पार्टी को नए चेहरों को लाने की जरूरत है। कई लोग हैं जो महासचिव के पद पर सालों से जमे हुए हैं। उन्हें हटाकर युवाओं को लाया जाना चाहिए।’’    साभार-khaskhabar.com 

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