मथुरा

मथुरा। थाना हाइवे क्षेत्र स्थित बाजना पुल के समीप तूरी लेने जा रहे व्यक्ति का टैªक्टर डिवाइडर पर चढ़ गया, जिससे टैªक्टर का गयाल ठीक करने के प्रयास करते हुए टैªक्टर के पहिए के नीचे दब गया जिससे उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकालकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज परिजनों को सूचना दे दी।  प्राप्त जानकारी के अनुसार आज बुधवार बाजना पुल के समीप तूरी से भरे ट्रैक्टर की गयाल ठीक करने का प्रयास कर रहे ट्राॅली सवार 32 वर्षीय निरंजन पुत्र प्रदीप निवासी मगोर्रा की ट्रैक्टर के पहिये के नीचे आने से मौत हो गयी। बताया गया कि निरंजन सुरीर क्षेत्र में संचालित ईंट भट्टे पर तूरी ले जाकर व्यापार करता है। वह आज भी तूरी लेकर जा रहा था कि अचानक तूरी के पल्ले पुल की तरफ डिवाइडर पर आ गये। वह उसे ठीक करने के प्रयास में लग गया तभी ट्रैक्टर के आगे बढ जाने से वह नीचे आ गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया।

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मथुरा। शहर में मकान फटने का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा है। किसी न किसी क्षेत्र में आये दिन मकान फटने की खबरें मिलती रहती हैं। किस क्षेत्र में कब कौन सा मकान धराशायी हो जाये इससे लोगों में भय बना हुहा है। ताजा मामला शहर के कोतवाली रोड स्थित दलपत खिड़की कुत्ता पायसा का है, यहां रहने वाले मूललचन्द गुप्ता का मकान आज भरभराकर गिर गया। हालांकि इससे कोई जनहानि नहीं हुयी। आसपास के मकानों में भी दरारें पड़ी हुयी हैं जो कभी भी गिर सकते हैं। इसी क्षेत्र के निवासी प्रमोद सिंघल का मकान भी जीर्ण-क्षीर्ण अवस्था में पड़ा हुआ है जो कभी भी धराशायी हो सकता है। वहीं धर्मवीर के मकान का भी यही हाल है। इनके मकान में बड़ी दरारें पड़ी हुयी हैं। जिससे लोगों में भय बना हुआ है। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि पानी की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने के चलते मकानों की नींव में पानी जाने के कारण यह स्थिति बनी हुयी है। अगर शीघ्र ही नगर पालिका प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया तो क्षेत्र में कभी भी जनहानि हो सकती है।

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नई दिल्ली। टू व्हीलर निर्माता कंपनी टीवीएस ने अपनी चर्चित बाइक स्टार सिटी प्लस का स्पेशन एडिशन लॉन्च किया है। टीवीएस ने स्टार सिटी प्लस को चॉकलेटी-गोल्ड कलर में लॉन्च किया है। दिल्ली में इस चॉकलेटी स्टार प्लस सिटी की एक्स शोरूम कीमत 49,234 रूपए रखी है।    इस बाइक के एलॉय व्हील गोल्ड कलर में शेष बॉडी चॉकलेटी कलर में दी गई है। ग्राफिक्स ब्राऊन व गोल्ड कलर में हैं। ज्ञातव्य है कि स्टार सिटी प्लस बाइक में 109.7 सीसी का 4 स्ट्रोक, सिंगल सिलेंडर इंजन लगा है।    इस बाइक में 4-स्पीड गियरबॉक्स दिया गया है। इस स्पेशल एडिशन को कंपनी के सभी शोरूम पर उपलब्ध कराया गया है। गौरतलब है कि टीवीएस की स्टार सिटी प्लस 110 सीसी सेगमेंट में काफी चर्चित बाइक है।    साभार-khaskhabar.com     

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कानपुर। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के नौवें संस्करण में गुजरात लायंस और कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम आज यहां आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों को इनके पिछले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर ने करारी शिकस्त दी थी। गुरुवार को दोनों टीमें हार को भूलकर प्लेऑफ के लिए पूरा जोर लगाते दिखेंगें। नियमित कप्तान सुरेश रैना के वापस आने से गुजरात की टीम बेशक मजबूत होगी। रैना ने बेंगलोर के खिलाफ हुए मैच में हिस्सा नहीं लिया था। वह अपनी पत्नी के पास नीदरलैंड्स में थे जिन्होंने हाल ही में बच्ची को जन्म दिया है। यह नौ साल में पहला मौका था, जब रैना ने आईपीएल मैच में हिस्सा नहीं लिया था। बेंगलोर के खिलाफ अपने पिछले मैच में करारी हार झेल चुकी कोलकाता की टीम को गुजरात के खिलाफ अपने स्टार हरफनमौला खिलाड़ी आंद्रे रसेल के बिना ही मैदान पर उतरना होगा। पिछले मैच में उन्हें मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत हो गई थी।   कोलकाता की टीम ने अपने 12 मैचों में सात में जीत हासिल की है और अगर वह गुजरात के खिलाफ पूरे दो अंक हासिल करने में कामयाब हो जाती है तो वह लगभग प्लेऑफ में पहुंच जाएगी। गुजरात के भी कोलकाता के बराबर ही अंक हैं, लेकिन वह उससे नेट रनरेट में पीछे है। गुजरात को पता है कि उसे किस तरह मैच में वापसी करनी है। रैना का नौ साल का अनुभव टीम के लिए ऐसे समय में काफी अहम साबित हो सकता है। अगर ब्रेंडन मैक्लम, ड्वायन स्मिथ और एरॉन फिंच का बल्ला चला, तो कोलकाता के गेंदबाजों के लिए यह किसी बुरे सपने से कम नहीं होगा। दोनों टीमों के बीच कोलकाता में हुए पिछले मैच में गुजरात को जीत हासिल हुई थी, लेकिन गौतम गंभीर इस बार नतीजा अपने पक्ष में चाहेंगे और पूरी तैयारी से मैदान पर उतरेंगे।   गंभीर के गेंदबाजों में गुजरात के दिग्गज बल्लेबाजों को रोकने की काबिलियत तो है लेकिन समय पर वह ऐसा कर पाते हैं या नहीं, यह उनके लिए चुनौती होगी। गुजरात के पास ड्वायन ब्रावो, रैना और दिनेश कार्तिक जैसे बल्लेबाज भी हैं जिन्होंने मध्य क्रम में टीम को सफलता दिलाई है। कोलकाता के खिलाफ रैना, डेल स्टेन ओर जेम्स फॉल्कनर को टीम में शामिल कर सकते हैं। यह दोनों गेंदबाज कोलकाता के बल्लेबाजों के लिए खतरा साबित हो सकते हैं। वहीं, कोलकाता को पिछले कुछ मैचों में अपने शीर्ष क्रम में समस्या का सामना करना पड़ा है। हालांकि, मध्य क्रम में यूसुफ पठान और आंद्रे रसेल ने टीम को संभाले रखा है, लेकिन रसेल का टीम से बाहर होना टीम के लिए चिंता का विषय है। गंभीर की कोशिश होगी कि वह और रोबिन उथप्पा टीम को मजूबत शुरुआत दें। कोलकाता का मजबूत पक्ष उसका स्पिन आक्रमण है, जिसमें पीयूष चावला, सुनील नरेन और शाकिब अल हसन जैसे नाम हैं। हालांकि ग्रीन पार्क की घास भरी पिच पर गेंदबाजी करना इनके लिए काफी मुश्किल हो साबित हो सकता है।   टीमें (संभावित) :   कोलकाता नाइट राइडर्स : गौतम गंभीर (कप्तान), रोबिन उथप्पा, मनीष पांडे, यूसुफ पठान, सूर्यकुमार यादव, पीयूष चावला, ब्राड हॉग, शाकिब अल हसन, उमेश यादव, क्रिस लिन, मोर्ने मोर्केल, सुनील नरेन, जेसन होल्डर, कोलिन मुनरो, मनन शर्मा, कुलदीप यादव, शेल्डन जैकसन, अंकित सिंह राजपूत, जयदेव उनादकट, राजगोपाल सतीश।   गुजरात लायंस : सरबजीत लड्डा, अक्षयदीप नाथ, अमित मिश्रा, ड्वायन ब्रावो, पारस डोगरा, एकलव्य द्विवेदी, जेम्स फॉल्कनर, एरॉन फिंच, इशान किशन, रविन्द्र जडेजा, शादाब जकाती, दिनेश कार्तिक, शिविल कौशिक, धवल कुलकर्णी, प्रवीण कुमार, ब्रेंडन मैक्लम, प्रदीप सांगवान, जयदेव शाह, उमंग शर्मा, ड्वायन स्मिथ, डेल स्टेन, प्रवीण ताम्बे, एंड्रयू टाय।    साभार-khaskhabar.com     

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भगवान श्री गणेश विघ्नहर्ता है और समस्त सुखों को प्रदान करने वाले हैं। उनकी स्तुति साधकों की हर मनोकामना पूरी तरह देती है। गणेशजी को खुश करना बहुत ही आसान है। जैसे भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए किसी विशेष सामग्री और विधि की जरूरत नहीं होती है उसी प्रकार माता पार्वती और शिव पुत्र गणेश को खुश करना भी सरल है। जो भक्त इनके प्रति जितनी श्रद्धा रखता है गणेश जी उस पर उतने ही कृपालु बने रहते हैं। शास्त्रों में गणेश जी को खुश करके उनसे झट मनोकामना पूरी करवाने के कुछ उपाय बताए गये हैं।    दूर्वा--   गणेश जी को खुश करने का सबसे सस्ता और आसान उपाय है दूर्वा से गणेश जी की पूजा करना। दूर्वा गणेश जी को इसलिए प्रिय है क्योंकि दूर्वा में अमृत मौजूद होता है। गणपति अथर्वशीर्ष में कहा गया गया है कि जो व्यक्ति गणेश जी की पूजा दुर्वांकुर से करता है वह कुबेर के समान हो जाता है। कुबेर देवताओं के कोषाध्यक्ष हैं। कुबेर के समान होने का मतलब है व्यक्ति के पास धन-धान्य की कभी कमी नहीं रहती है।    मोदक--   गणेश जी को प्रसन्न करने का दूसरा सरल तरीका है मोदक का भोग। गणपति अथर्वशीर्ष में लिखा है कि जो व्यक्ति गणेश जी को मोदक का भोग लगाता है गणपति उनका मंगल करते हैं। मोदक का भोग लगाने वाले की मनोकामना पूरी होती है। शास्त्रों में मोदक की तुलना ब्रह्म से की गयी है। मोदक भी अमृत मिश्रित माना गया है।    घी----   पंचामृत में एक अमृत घी होता है। घी को पुष्टिवर्धक और रोगनाशक कहा जाता है। भगवान गणेश को घी काफी पसंद है। गणपति अथर्वशीर्ष में घी से गणेश की पूजा का बड़ा महात्म्य बताया गया है। जो व्यक्ति गणेश जी की पूजा घी से करता है उसकी बुद्धि प्रखर होती है। घी से गणेश की पूजा करने वाला व्यक्ति अपनी योग्यता और ज्ञान से संसार में सब कुछ हासिल कर लेता है।    साभार-khaskhabar.com     

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हिन्दू परंपरा में ‘ॐ’ शब्द को सबसे पावन माना जाता है। ॐ तीन अक्षरों से बना है, जो सर्व विदित है । अ उ म् । ‘अ’ का अर्थ है उत्पन्न होना, ‘उ’ का तात्पर्य है उठना, उडना अर्थात् विकास, ‘म’ का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् ‘ब्रह्मलीन’ हो जाना। रसोईघर दक्षिण-पूर्व दिशा में ही क्यों !  संसार के  कण-कण में ॐ की ध्वनि  व्याप्त है।  तीन अक्षर से बने ॐ की शक्ति अपरम्पार हैं, ब्रह्मा, विष्णु, महेश इस महाशक्तिशाली मंत्र का हमेशा जाप करते हैं। इस मंत्र में ब्रह्मा, विष्णु, महेश की शक्तियां समाहित हैं। प्रलय नाद हो या जीवन की शुरुआत इस परब्रह्म शब्द की शक्ति के द्वारा ही सम्भव हैं।    ओंकार ध्वनि ‘ओम’ को दुनिया के सभी मंत्रों का सार कहा गया है। यह उच्चारण के साथ ही शरीर पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ती है। भारतीय सभ्यता के प्रारंभ से ही ओंकार ध्वनि के महत्त्व से सभी परिचित रहे हैं।   तपस्वी और ध्यानियों ने जब ध्यान की गहरी अवस्था में सुना की कोई एक ऐसी ध्वनि है जो लगातार सुनाई देती रहती है शरीर के भीतर भी और बाहर भी। हर कहीं, वही ध्वनि निरंतर जारी है और उसे सुनते रहने से मन और आत्मा शांती महसूस करती है तो उन्होंने उस ध्वनि को नाम दिया ओम।    साधारण मनुष्य उस ध्वनि को सुन नहीं सकता, लेकिन जो भी ओम का उच्चारण करता रहता है उसके आसपास सकारात्मक ऊर्जा का विकास होने लगता है। फिर भी उस ध्वनि को सुनने के लिए तो पूर्णत: मौन और ध्यान में होना जरूरी है। जो भी उस ध्वनि को सुनने लगता है वह परमात्मा से सीधा जुडऩे लगता है। परमात्मा से जुडऩे का साधारण तरीका है ओम का उच्चारण करते रहना।    तंत्र योग में एकाक्षर मंत्रों का भी विशेष महत्व है। देवनागरी लिपि के प्रत्येक शब्द में अनुस्वार लगाकर उन्हें मंत्र का स्वरूप दिया गया है। उदाहरण के तौर पर कं, खं, गं, घं आदि। इसी तरह श्रीं, क्लीं, ह्रीं, हूं, फट् आदि भी एकाक्षरी मंत्रों में गिने जाते हैं।    सभी मंत्रों का उच्चारण जीभ, होंठ, तालू, दाँत, कंठ और फेफड़ों से निकलने वाली वायु के सम्मिलित प्रभाव से संभव होता है। इससे निकलने वाली ध्वनि शरीर के सभी चक्रों और हारमोन स्राव करने वाली ग्रंथियों से टकराती है। इन ग्रंथिंयों के स्राव को नियंत्रित करके बीमारियों को दूर भगाया जा सकता है।   प्रात: उठकर पवित्र होकर ओंकार ध्वनि का उच्चारण करें। ओम का उच्चारण पद्मासन, अर्धपद्मासन, सुखासन, वज्रासन में बैठकर कर सकते हैं। इसका उच्चारण 5, 7, 10, 21 बार अपने समयानुसार कर सकते हैं। ओ जोर से बोल सकते हैं, धीरे-धीरे बोल सकते हैं। ओम जप माला से भी कर सकते हैं।     साभार-khaskhabar.com     

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