मथुरा

नई दिल्ली। राज्यों में मिल रही लगातार हार ने कांग्रेस में राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। लेकिन, कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त के बावजूद राहुल गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इसे लेकर इशारा किया। एक पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि क्या चुनाव नतीजों की पृष्ठभूमि में राहुल को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की योजनाओं को अभी टाल दिया जाएगा, सुरजेवाला ने कहा, आपका सुझाव शानदार है, हम इसे सीधे सीधे खारिज करते हैं। वहीं, राहुल के करीबी समझे जाने वाले एक दूसरे कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल को आप जितना सोचते हैं उससे जल्दी पदोन्नति दी जाएगी। माना जा रहा है कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के सचिवालय में भी जल्द ही फेरबदल हो सकता है।     साभार-khaskhabar.com   

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बाइक खरीदने से ज्यादा मुश्किल काम है बाइक लोन, जिसके लिए पचासों पेपर वर्क करने पड़ते हैं। एजेंट छोटे से बाइक लोन के लिए कई बार तो अपना हिस्सा भी मांग लेते हैं। लेकिन होंडा टू-व्हीलर्स (Honda Two wheelers) ने अब इस ग्राहकों को इस परेशानी से छुटकारा दिलाने की तैयारी कर ली है। अब आपको होंडा की कोई भी बाइक और स्कूटर खरीदना हो तो केवल डीलरशिप पर जाए और मॉडल पसंद करें। होंडा आपको केवल एक घंटे में लोन कराएगा। होंडा टू-व्हीलर्स (Honda Two wheelers) और इंडसंड बैंक के बीच हुए एक करार में कोई भी होंडा (Honda) मोटरसाइकिल व स्कूटर खरीदने पर टू-व्हीलर की पूरी कीमत के 90 फीसदी तक लोन की सुविधा ग्राहकों को दी जाएगी। यह लोन 3 साल यानि 36 महीने के लिए दिया जाएगा और इसके लिए कोई एक्स्ट्रा फीस नहीं ली जाएगी। 0 फीसदी प्रोसेसिंग चार्ज वाले इस लोन की प्रक्रिया में एक घंटे से भी कम समय लगेगा। लोन की यह सुविधा होंडा (Honda) की सभी डीलरशिप पर उपलब्ध है।   कंपनी के मुताबिक 60 हजार रूपए की बाइक या स्कूटर खरीदने पर करीब 7500 रूपए की प्रोसेसिंग फीस लगती है, जो अब 0 हो जाएगी। इससे ग्राहकों को ही फायदा होगा। गौरतलब है कि हीरो से पार्टनरशिप टूटने के बाद होंडा (Honda) की पोजिशन हीरो मोटोकॉर्प के मुकाबले थोड़ी कम हो गई है। इस तरह की स्कीम देकर होंडा (Honda) का मकसद ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों के बीच अपनी पैठ मजबूत बनाना है।       साभार-khaskhabar.com   

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पेरिस। वर्ष का दूसरा ग्रैंडस्लैम टेनिस टूर्नामेंट फ्रेंच ओपन रविवार (22 मई) से शुरू होगा। एकल वर्ग में 17 ग्रैंडस्लैम विजेता स्विट्जरलैंड के टेनिस स्टार 34 वर्षीय रोजर फेडरर अनफिट होने से इसमें नजर नहीं आएंगे। वर्ष 1998 के बाद ऐसा पहली बार होगा जब फेडरर फ्रेंच ओपन में नहीं खेलेंगे। साथ ही वर्ष 1999 के यूएस ओपन के बाद पहली बार फेडरर कोई ग्रैंडस्लैम मिस करेंगे।   फेडरर के नाम लगातार 65 ग्रैंडस्लैम खेलने का विश्व रिकॉर्ड है। जब फेडरर ने पहली बार ग्रैंडस्लैम मिस किया था, तब उनकी उम्र 18 साल थी और एटीपी रैंकिंग में नं. 1 और 2 पोजिशन पर दोनों अमेरिकी पीट सैम्प्रास व आंद्रे अगासी काबिज थे। तब फेडरर को क्वालिफाइंग टूर्नामेंट खेलना पड़ा था और वे उसके दूसरे राउंड में हार गए। फिलहाल फेडरर दुनिया के नंबर तीन खिलाड़ी हैं, लेकिन वे इस साल अधिकतर समय चोटों से परेशान रहे हैं। फेडरर ने फ्रेंच ओपन से नाम वापस लिए जाने पर कहा कि मैंने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि मैं शेष सत्र में खेल सकूं और मेरे करिअर को आगे बढ़ा सकूं।    उल्लेखनीय है कि दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविक भी वर्ष 2005 में पहला ग्रैंडस्लैम खेलने के बाद से कोई टूर्नामेंट खेलने से नहीं चूके हैं। फ्रेंच ओपन उनका लगातार 46वां ग्रैंडस्लैम होगा। साल में चार ग्रैंडस्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन, विंबलडन व यूएस ओपन होते हैं।         साभार-khaskhabar.com   

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एक वक्त ऐसा आया था जब सैफ अली खान ने अपना पारिश्रमिक 18 करोड़ कर लिया था। वक्त ने करवट ली और आज सैफ ने अपना पारिश्रमिक 6 करोड़ कर लिया है लेकिन निर्माताओं का अभाव नजर आ रहा है। हाल ही में समाचार थे कि उन्हें ‘जुगलबंदी’ से बाहर कर दिया गया है, फिर खंडन आया नहीं वे काम कर रहे हैं। अब एक ताजा समाचार मिला है कि सैफ अली खान अपनी सफल फिल्म ‘परिणीता’ के निर्देशक प्रदीप सरकार के साथ काम करने वाले हैं। रानी  मुखर्जी स्टारर ‘मर्दानी’ के बाद निर्देशक प्रदीप सरकार अपनी अगली पेशकश की तैयारियों में लग गए हैं। उन्होंने इस फिल्म के लिए सैफ अली खान को साइन किया है। कहा जा रहा है कि प्रदीप सरकार की यह फिल्म ‘शिमला कॉफी हाउस’ नाम के नाटक पर आधारित है।   यह एक मनोवैज्ञानिक ड्रामा है जो शिमला की पहाडिय़ों पर बने एक छोटे से कॉफी हाउस के इर्द-गिर्द घूमता है। इस शॉप को सतीश नाम वेटर चलाता है। इस शॉप में एक लेखक आता है ताकि अपनी शॉर्ट स्टोरीज लिख सके। यहाँ उसकी मुलाकात अपने एक फैन होती है। लेखक और उसका फैन किसी बात पर सहमत नहीं होते हैं और वेटर भी उनके बीच में फंस जाता है, यही से कहानी का मूल प्लॉट निर्मित होता है। अभी यह पता नहीं चला है कि इस फिल्म में कोई नायिका है या नहीं, क्योंकि जिस प्रकार की कहानी बताई जा रही है उसमें किसी नायिका की आवश्यकता महसूस नहीं हो रही है। आधिकारिक तौर पर अभी  तक सिर्फ सैफ के नाम की घोषणा हुई है।   साभार-khaskhabar.com   

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मथुरा : अभिनेत्री और मथुरा से सांसद हेमा मालिनी पर ‘बदसलूकी’ और ‘अभद्रता’ करने का आरोप लगा है। आरोप है कि सांसद के ‘अभद्र’ व्यवहार से आहत हुए पीड़ित की तबीयत बिगड़ गई और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। (Read in English: Hema Malini Accused Of Using ‘Foul’ Words!)

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मथुरा। बाबा जयगुरुदेव के चतुर्थ वार्षिक भण्डारा सत्संग-मेला के दूसरे दिन राष्ट्रीय उपदेशक द्वय ने जयगुरुदेव नाम योग साधना मन्दिर के पीछे बने मंच से श्रद्धालुओं को सम्बोधित किया। सतीश चन्द्र ने कहा कि बाबा जयगुरुदेव महाराज ने 60 वर्षों तक जीवों के कल्याण के लिये कार्य किया और 116 वर्ष की आयु पूरी करके 18 मई 2012 को इस संसार से अलविदा हो गयें। गुरु महाराज की दया-दुआ, साधन-भजन करने वालों को बराबर मिलती है। केवल भौतिक जगत में सानिध्य का लाभ नहीं मिलता है। जो लाभ शरीर द्वारा होता है, वह नहीं मिलेगा। गुरु के अमृत वचनों में सब मन्त्र हैं, सब कुछ मौजूद है। उनकी आज्ञा पालन से मुसलमान का चांद, हिन्दू का सूरज, ब्रह्मा, विष्णु, महेश सबकी प्रार्थना हो जाती है, सब खुश हो जाते हैं। जब तक धरती, सूरज, चांद रहेंगे यह संसार उनके ज्ञान के मशाल के लिये सदैव ऋणी रहेगा। हम सबको अपने गुरु के ज्ञान के मशाल को प्रज्वलित किये रहना है जिससे दुनियां के कोने-कोने में लोग जयगुरुदेव नाम से परिचित हो जायें।  बाबा जयगुरुदेव महाराज ने सन 1952 में काशी की धरती से सीधी सरल भाषा में आम सत्संग देना प्रारम्भ किया। सत्संग की नर्सरी बनारस, आजमगढ़ और जौनपुर में तैयार हुई। यहीं से सत्संग का बीज धीरे-धीरे पूरे भारत में फैलने के साथ नेपाल, मलेशिया आदि राष्ट्रों में फैला।  राष्ट्रीय उपदेशक ने कहा कि ‘सत्संग महिमा है अतिभारी, पर कोई जीव मिले अधिकारी।’ साध-संगत में आने से मन हरा-भरा हो जाता है और रगड़ों-झगड़ों में धीरे-धीरे कमी हो जाती है। सत्संग से मन की गंदगी साफ हो जाती है। लेकिन ऐसे जीव बहुत कम होते हैं जिनको यह मिलता है। रामायण में गोस्वामी जी महाराज ने सत्संग के प्रभाव से स्वभाव में भारी परिवर्तन होना बताया है कि कौआ प्रकृति का जीव कोयल बन जाता है और कोयल प्रकृति का जीव बगुला प्रकृति को प्राप्त कर लेता है। जन्मों-जन्मों के पुण्य कर्म का जब उदय होता है तब सन्त मिलते हैं।  उन्होंने कहा शब्द यानि नाम कभी नहीं मरता है। सारी सृष्टि की धुरी अमरलोक, सतलोक है। जब उस शब्द के मिलने के बारे में बताया जाये तो उसे सत्संग कहते हैं। क्योंकि शब्द सत्य और अविनाशी है। सन्त ही इस भेद को जानते हैं और उनके सत्संग में शब्द की महिमा की जानकारी मिलती है। धुर-धाम के बारे में सन्तों के अलावा और कोई नहीं जान सकता है। डा. करुणाकान्त ने बताया कि बाबा जयगुरुदेव जी महाराज की जन्मभूमि ग्राम खितौरा जि. इटावा है। बाबा जयगुरुदेव महाराज का अन्तिम संस्कार बने हुये जयगुरुदेव नाम योग साधना मन्दिर के पीछे किया गया था। उसी स्थान पर उनकी भव्य समाधि निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। 18 मई को रात्रि 9.30 बजे से मन्दिर और समाधि स्थल पर पूजन कार्य प्रारम्भ हो चुका है। पूजन प्रसाद के लिये जयगुरुदेव नाम योग साधना मन्दिर और समाधि स्थल पर लम्बी कतारें देखी गईं। मेले में लगे हुये शर्बत प्याऊ चिलचिलाती धूप में लोगों को राहत दे रहे हैं।   

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