मण्डलायुक्त प्रदीप भटनागर मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण -पर्यटन विभाग के कार्यों में सुधार के निर्देश -वृन्दावन को माॅडल सिटी बनाने के लिये दिए निर्देश मथुरा। मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण के सभागार में मण्डलायुक्त प्रदीप भटनागर ने बोर्ड की बैठक ली तथा विभिन्न विभाग के अधिकारियों को विकास कार्यों में शिथिलता बरते जाने पर हिदायत दी। उन्होंने पर्यटन विभाग के कार्यों में सुधार लाने के निर्देश भी दिये। मण्डलायुक्त के समक्ष विकास प्राधिकरण द्वारा विकास कार्यों से सम्बन्धित कई प्रस्ताव रखे गये जिन्हें आयुक्त द्वारा स्वीकृति दे दी गयी तथा मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण द्वारा कराये गये विकास कार्यों पर भी उन्होंने संतोष जाहिर किया। मण्डलायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा मथुरा-वृन्दावन को प्राथमिकता के आधार पर लिया है और उन्होंने वृन्दावन को माॅडल सिटी बनाने के लिये भी कहा है। उन्होंने बताया कि पूरे उप्र में सात शहरों को माॅडल सिटी बनाया जायेगा जिसमें वृन्दावन का भी नाम है। माॅडल सिटी बनाने को लेकर संबंधित लोगों द्वारा काफी सुझाव आयुक्त को दिये गये जिसमें यातायात व्यवस्था, पार्किंग की सुविधा, परिक्रमा मार्ग में सड़क निर्माण जो अब तक डाबरीकरण था, उसके बराबर कच्चे मार्ग की भी बात उनके सामने आयी। उन्होंने कहा कि परिक्रमार्थियों को किसी किस्म की परेशानी न हो इसके लिये कच्चे मार्ग का निर्माण कराया जाना जरूरी है। सफाई व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिये भारी वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाने की बात मण्डलायुक्त ने कही। उन्होंने वृन्दावन मंे विद्युत के न आने पर सोलर लाइटों की व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं। सभागार में भारी सख्या में साधु-संत भी मौजूद थे। उन्होंने कमिश्नर के सामने प्रस्ताव रखा कि यमुना किनारे मांट क्षेत्र की खाली पड़ी भूमि पर साधुओं के लिये पांच एकड़ भूमि में समाधि स्थल तथा गायों को मिटटी में गाढ़ने के लिये पांच एकड़ भूमि दे दी जाये तो यमुना को प्रदूषण से बचाया जा सकता है। इस पर आयुक्त ने शीघ्र ही विचार कर भूमि आवंटित करने का आश्वासन साधु-संतों को दिया। बैठक में डीएम राजेश कुमार, मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यायक्ष सीपी सिंह, सचिव एसबी सिंह सहित अन्य प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारी मौजूद थे।
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