मथुरा। अखिल भारतीय श्रीमाथुर/माहौर क्षत्रिय स्वर्णकार महासभा (रजि.) द्वारा राष्ट्रीय स्वर्णकार विकास चिंतन शिविर का आयोजन स्थानीय होटल गोवर्धन पैलेस में किया गया। जिसमें कि सम्पूर्ण भारतवर्ष से करीब 250 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चिंतन शिविर में स्वर्णकार समाज के राजनीति में भागेदारी, धारा 411 व 412 में पुलिस द्वारा किये जा रहे उत्पीड़न व बचाव तथा शिक्षा हेतु जागरूकता व रोजगार व समस्या एवं समाधान जैसी समस्याओं पर प्रतिनिधियों द्वारा समाजहित में अपने विचार व्यक्त किये गये।
कार्यक्रम का शुभारम्भ ठाकुर श्री बाँकेबिहारी जी के चित्रपट पर राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवशंकर वर्मा, अजय वर्मा प्रदेश प्रवक्ता उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी, श्रीमती चन्देश सोनी प्रदेश सचिव सपा महिला सभा उत्तर प्रदेश, अशोक कुमार वर्मा अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत झांसी आदि ने संयुक्त रूप से माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलित कर किया।
इस अवसर पर स्वर्णकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवशंकर वर्मा ने कहा कि स्वर्णकारों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका होने के बावजूद भी स्वर्णकार समाज सदा से राजनैतिक रूप से उपेक्षित रहा है। देशभर की कुल आवादी का 4 से 5 प्रतिशत स्वर्णकार समाज होने के बावजूद भी आज राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा हमारे समाज की राजनैतिक उपेक्षा कि जा रही है। समाज के लोगों को वोट बैंक के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है। अब समय आ गया है राजनैतिक दलों को अपनी ताकत का अहसास दिलाने का। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता अजय वर्मा ने कहा कि अब समय आ गया है कि एकजुट होने का जब तक समाज एकजुट नहीं होगा तब तक सम्मान नहीं मिलेगा। अपने हक की लड़ाई के लिये भी समाजिक एकजुटता आवश्यक है। उन्होंने रूढिवादी परम्पराओं के खातमे व कुरितियों को त्यागने के लिये समाज का आव्ह्ान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरितियों को समाप्त किया जाना चाहिये। समाज में आपसी बिखराव भी समाज के विकास में बड़ी बाधा है। इसलिये समाज के सभी लोग प्रेम से रहे व सद्भाव से रहे।
कार्यक्रम में डा. राजीव कुमार वर्मा सहायक महानिरीक्षक आर.पी.एफ., हेमल सोनी फाउण्डर सोनी राॅक्स, बनवारी लाल सोनी अध्यक्ष अखिल भारतीय स्वर्णकार विकास मंच, प्रताप सिंह वर्मा डिप्टी कमिश्नर, इं. महेन्द्र सिंह वर्मा, यू.सी. वर्मा, दीपक वर्मा सभासद, सुजीत वर्मा, रविन्द्र वर्मा, भगवती वर्मा, पंकज वर्मा, मुकेश वर्मा, सुनील वर्मा, महेन्द्रनाथ वर्मा, जगदीशचन्द वर्मा, नीरेश कुमार वर्मा, डा. देवेन्द्र वर्मा, सालिगराम वटिया, सुभद्रा सोनी, डा. इन्द्रा वर्मा, श्रवण कुमार वर्मा, नन्दगोपाल वर्मा, इं. विनोद सोनी, डा. सुधारानी वर्मा, रामनगीना वर्मा आदि ने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन रवि वर्मा ने किया।
Read More