मथुरा

कांग्रेसी दिखे नदारद  मथुरा। जिला एवं शहर कांग्रेस कार्यालय पर भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की 125वीं जयंती पर नेहरूजी के चित्र पर फूल-माला चढ़ायी गयीं। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी न तो जिलाध्यक्ष मौजूद थे और न शहर कांगे्रस कमेटी में शहर अध्यक्ष। जिला कांगे्रस कमेटी में तो मात्र नौ कार्यकर्ता ही नेहरू की 125वीं जयंती मनाने के लिये पहुंचे थे। कांग्रेसियों में कोई उत्साह इस दौरान दिखाई नहीं दिया।  इस अवसर पर रमेश दत्त शर्मा ने कहा कि संगठन को मजबूत करने की दिशा में कांग्रेसी जुट जाए। कांग्रेस ही देश को विकास के रास्ते पर ला सकती है। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में पंडित जवाहरलाल नेहरू का महत्वपूर्ण योगदान रहा और उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और देश को फिरंगियों से आजाद कराया। शहर कांग्रेस कमेटी पर कांग्रेसियों ने कहा कि नेहरू ने देश को सदैव प्रगति के मार्ग पर अग्रसर करने में पूरे प्रयास किये और आज कांग्रेस की ही देंन है कि देश टैक्नोलाॅजी के क्षेत्र में काफी आगे है।

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मथुरा। अखिल भारतीय काॅग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु जी की जयन्ती के 125वी जयन्ती समापन समारोह के अवसर पर इंदिरा गाॅधी इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाॅधी, पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह, अखिल भारतीय काॅग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राहुल गाॅधी ने संबोधित किया। काॅग्रेस जिला अध्यक्ष, मथुरा सोहन सिंह सिसौदिया, चै. रणवीर सिंह पाण्डव, बिहारी कान्त तिवारी, महेश रावत, विनोद शर्मा, लियाकत कुरैशी, पूरन कौशिक, जे.पी शर्मा (पप्पू), चै. मोहन सिंह, राकेश गौड़, प्रवीन भास्कर, मनोज सक्सैना, धमेन्द्र सिंह, सचिन चाहर, राजकुमार, प्रकाश शर्मा, विकास कुमार, आदि सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने प्रमुख रुप से भाग लिया। 

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मथुरा। प्रजातंत्र संरक्षक, मानवता संवाहक, समेत वैश्विक शान्ति ध्वजवाहक जैसी विभूतियों के बूते विश्व में जाने गये भारत के प्रथम प्रधान मंत्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू से दुनिया जितनी प्रभावित रही, मौजूदा कांग्रेस राष्ट्रनायक के आदर्शों से उतनी ही दूर होती जा रही है। यह मंथन डा. रमेश चन्द्र शर्मा स्मारक शोध एवं सेवा संस्थान के तत्वावधान में शनिवार को पण्डित जवाहरलाल नेहरू के 125 वें जन्म दिवस पर विश्राम घाट क्षेत्र में ‘नेहरू बनाम नेशन मेमोरियल’ स्मृति व्याख्यान में किया गया। संस्थापक अध्यक्ष डा. सुरेश चन्द्र शर्मा ने आरोप लगाया कि मौजूदा कांग्रेस की कार्यप्रणाली और पण्डित जवाहरलाल नेहरू के आदर्शों के बीच जमीन और आसमां का फर्क आ चुका है। लिहाजा नेहरू खानदान जो कभी बिस्मिल की जुबां में कुर्बानियों के लिए मशहूर था, आज भ्रष्टाचार और तानाशाही का कलंक ढो रहा है। हालात यहां तक आ पहुंचे कि राष्ट्रनायक की स्मृति में संरक्षित नेहरू मेमोरियल की मौलिकता पर भी सवाल उठने लगे। आखिर ऐसा हो भी क्यों नहीं? जब राष्ट्रनायक द्वारा स्थापित मूल्यों की अनदेखी की जाये तो उनकी लोकप्रियता भुनाने की कोेशिशों पर लगाम भी जरूर लगनी चाहिए। सूत्रों की मानें तो राहुल गांधी के नेतृत्व में नेहरू मेमोरियल की राजनीतिक बैठकें और डा. कर्णसिंह की अगुआई में 150 करोड़ रूपये की अतिरिक्त स्वीकृति ने संस्था को विवादों के कटघरे में ला खड़ा किया है। हालांकि विवाद बहुत-कुछ ऊसरदिमागी नौकरशाहों ने उर्वरात्मक विद्वानों की मलाई हड़पने के मकसद से भी इस खूबी के साथ बढ़ाया कि केन्द्रीय संस्कृति मंत्री तक को भी आभास नहीं हो पाया कि उन्हें मोहरा बनाकर कोई मंसूबा हासिल किया जा रहा है। डा. शर्मा ने रोष जताया कि प्रधान मंत्री की नेकनीयत को ध्यान में रख कर ही महामना स्मारक परियोजना संस्थान द्वारा भेजी गई थी जिसका नौकरशाहों ने जवाब तक न देने दिया। जबकि विश्व हिन्दी सम्मेलन में परियोजना सर्वत्र गहराई तक प्रतिध्वनित होती रही। डा. शर्मा ने आगे कहा कि यही स्थिति महामना पर टीवी धारावाहिक और वांङमय प्रकाशन की भी हुई है जिन्हें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा मानव संसाधन मंत्रालय के हवाले कर सूत्रधार को हाशिये पर रख दिया गया है। लगभग ऐसा ही कारनामा नेहरू मेमोरियल फण्ड के ऊसरदिमागी नौकरशाह नेहरू वांङमय प्रकाशन के साथ दिखा रहे हैं, जहां संपादक मण्डल का एक भी कर्मी न तो पण्डित जवाहरलाल नेहरू की हिन्दुुस्तानी भाषा से वाकिफ है और न ही उसके अंग्रेजी में अनुवाद की क्षमता रखता है। फिर भी वांङमय बाहरी टटपूंजियों के अनुवाद और टाइपिंग के सहारे नेहरू की जीवनियों की तरह छपते जा रहे हैं। डा. शर्मा ने खुलासा किया कि नेहरू की जीवनियों की तरह पण्डित जवाहरलाल नेहरू की धर्मनिरपेक्ष छवि बरकरार रखने के बरक्श बीआर नन्दा, एस. गोपालन और एम.जे अकबर जैसे जीवनी लेखकों ने नेहरू वंश के मथुरा अध्याय को छिपा दिया ताकि दुनिया को यह राज पता न चल सके कि सन्तान न होने के दुःख से पीडिघ्त पण्डित मोतीलाल नेहरू ने 1888 में मथुरा में धर्मानुष्ठान किया था। और संयोग से जब 14 नवम्बर 1889 को प्रयाग में पण्डित जवाहरलाल नेहरू का जन्म हो गया तो मथुरा में गोवर्धन नाथ मन्दिर और धर्मशाला बनवाकर मनौती पूरी की गई थी। दुर्भाग्य तो यह है कि इसकी न तो भाजपा सरकार को खबर है और न ही कांग्रेस को चिन्ता। मगर नेहरू ब्रांड को लेकर दोनों की भिडन्त का लोग यह जानकर लुत्फ उठा रहे हैं कि नेहरूओं के जरिये दूसरे महापुरूषों को जाना जाये या दूसरों जरिये नेहरूओं को। दोनों स्थितियों में बात एक ही है। फिर भी दंगल देखना किसे बुरा लगता है, इसलिए विवाद में लोग दिलचस्पी ले रहे हैं। इस तरह पक्षपात के चलते जहां नेहरू के जीवनी लेखकों ने भ्रामक इतिहास पैदा किया, वहीं अयोग्य संपादक रही-सही कमी नेहरू वांङमय में पूरी कर दिखा रहे हैं।  इससे पूर्व उपस्थितों ने मां यमुना एवं पण्डित जवाहरलाल नेहरू के चित्रपटों पर पुष्पार्चन से आयोजन की शुरूआत की तत्पश्चात् आयोजन स्थल मां यमुना समेत पण्डित जवाहरलाल नेहरू के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर मंसोला चतुर्वेदी, बादाम चतुर्वेदी, लोकेन्द्र कौशिक, मनोज चतुर्वेदी बंशीधर चतुर्वेदी आदि उपस्थित थे।

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जिला कांग्रेस कार्यालय पर नेहरू जी का जन्मदिवस मनाते कांग्रेसजन  मथुरा। जिला काॅग्रेस कमेटी कार्यालय पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरु की 125वीं जयन्ती वरिष्ठ काॅग्रेस नेता रमेश दत्त शर्मा की अध्यक्षता में मनाई गई। सर्वप्रथम पं. जवाहर लाल नेहरु के चित्रपट पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम को संबोधित करते हुये वरिष्ठ काॅग्रेस नेता ठा. मास्टर प्रताप सिंह ने कहा कि पं. जवाहर लाल नेहरु ने समकालीन भारत को निर्णायक रुप में अनेक ठोस तरीको से संवारा था और उनके शांतिपूर्ण कार्य काल में भी पं. जवाहर लाल नेहरु के अनेक आलोचक थें, परन्तु वे अपने विराट व्यक्तित्व, अपनी बुद्धि एवं राजनैतिक रुप से भी हम यह सोचने को मजबूर हो जाते है कि वह विचलित हुये बिना सत्ता का संचालन किया। इतना ही नही प्रधानमंत्री के रुप में उनका कार्यकाल ऐसा समय था जब विचारधारा का भीषण विवाद चल रहा था और असहमति का माहौल था। यह ऐसा समय था, जब उन्होंने नव आजाद देश का स्वरुप निर्धारण किया था।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुये जिला काॅग्रेस कमेटी के महामंत्री/प्रवक्ता पं. आशीष चतुर्वेदी ने कहा कि पं. जवाहर लाल नेहरु नई-नई विचारों वालें व्यक्ति थे, परन्तु वह कट्टर विचारधारा वाले व्यक्ति नही थे। वह राजनीतिज्ञ थें, परन्तु एक राजनीतिज्ञ की सीमा से ऊपर के व्यक्ति थे। वह शुरु से अंत तक एक काॅग्रेसी बने रहें। फिर भी अपने समय के आलोचकों के साथ अनेक बड़े मुद्दों पर विचार-विनिमय के मामले में व्यापक राजनीतिक परिदृश्य का ख्याल रखनेवाले व्यक्ति थे।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुये श्रीमती कमलेश चैधरी ने कहा है कि पं. जवाहर लाल नेहरु एक ऐसा व्यक्तित्व थे, जो विश्व के सर्वश्रेष्ठ व्यक्तियों के किसी भी जनसमूह में विलाक्षण थे।   इस अवसर पर काॅग्रेस नेता श्रीमती लता चैहान ने कहा कि पं. जवाहर लाल नेहरु को उनके विरोधियों द्वारा हर कदम पर चुनौती दी गई, परन्तु उन्होंने कभी-भी अपने आलोचकों से से विचार-विमर्श करने में कोई हिचक नही दिखाई। काॅग्रेसजनों द्वारा जवाहार बाग जाकर पं. जवाहर लाल नेहरु की प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया एवं केक काटा गया।  इस कार्यक्रम का संचालन युवा नेता प्रखर चतुर्वेदी ने किया तथा इस कार्यक्रम में महेन्द्र प्रताप गोतम, अब्दुल जब्बार, मो. तोहफीक, चै0 श्याम सिंह, छोटे लाल बाल्मीकि, जे.पी. मिश्रा, प्रभा सहनवाल, कुश कुमार सिंह, राजरानी(सभासद), देवकीनंदन गौड़, महावीर प्रसाद शर्मा, महावीर प्रसाद आर्य, रोशन लाल एवं आदि काॅग्रेसजन भी उपस्थित रहें।  वहीं शहर कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर पीपीसी डा. देवेन्द्र यादव ने स्व.जवाहरलाल नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें आधुनिक भारत का निर्माता बताया। जबकि लोकसभा युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम वाल्मीकि के नेतृत्व में जिला बाल शिशु गृह में अनाथ बच्चों को हलवा, टाफी वितरित कर उनके बीच नेहरूजी का जन्मदिवस बालदिवस के रूप में मनाया। इस दौरान पीपीसी डा. देवेन्द्र यादव, राहुल अरोड़ा, हाजी शाहबुद्दीन, महेश प्रधान, राजू अब्बासी, योगेश त्रिपाठी, गुड्डू गोस्वामी, मुकेश धनगर, देवेन्द्र भटनागर, आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। 

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मथुरा। शिक्षा मित्र अब सांसदों का घेराब कर अपनी नौकरी बहारी की मांग करेंगे तथा प्रदेश के हर जनपद से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेज एनसीटीई राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के दोहरे रवैय्ये का विरोध किया जाएगा। उप्र. दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष खेमचंद गौड़ द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार शिक्षामित्रों की समस्याओं का निदान कराने व एनसीटीई के दोहरे रवैय्ये के खिलाफ प्रदेश के सभी जनपदेां में शिक्षामित्र भाजपाई सांसदों का घेराब कर उन्हें प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप अपनी नौकरी बहाली की मांग करेंगे। 

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मथुरा। श्रीचित्रगुप्त परिषद की मथुरा इकाई द्वारा भरतपुर गेट स्थित श्रीचित्रगुप्त मंदिर में चित्रगुप्त जयंती का कार्यक्रम मनाया गया। इसमें विधायक प्रदीप माथुर परिषद के जिलाध्यक्ष हरीश चंद सक्सैना, पंकज सिन्हा, जेपी सक्सैना, एसएसपी जौहरी, धीरेन्द्र कुलश्रेष्ठ, जेपी निगम एड, जगदीश, डा. सीएम कुलश्रेष्ठ, गौरव निगम, वीरेन्द्र सक्सैना, संतोष श्रीवास्तव, सुधांशु, हिमांशु सक्सैना, सुशील सक्सैना, सुरेश सक्सैना, अशोक खर्रे तथा महिला बिंग की श्रीमती साधना सक्सैना, विनीता सक्सैना, माधुरी कुलश्रेष्ठ, ज्योति सक्सैना, अलका कुलश्रेष्ठ,शालीनी कुलश्रेष्ठ, रीना सक्सैना, आदि ने चित्रगुप्त महाराज को पुष्प अर्पित कर यज्ञ पूजन के साथ जयंती कार्यक्रम में भाग लिया। 

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