मथुरा

जनहुंकार रैली में हुंकार भरते प्रदेश के पूर्व कबीना मंत्री चै. लक्ष्मीनारायण। साथ हैं भाजपा नेता एसके शर्मा, रविकांत गर्ग, राजेश चैधरी, चेतन मलिक व अन्य भाजपा नेता। दूसरे चित्र में कलैक्ट्रेट पर मौजूद भारी भीड़। कलक्टेªट के गेट पर भाजपा का झंडा लहराती पार्टी महिला कार्यकर्ता   कलक्टेªट परिसर में डीएम कार्यालय की ओर अपनी समर्थकों के साथ कूच करते पूर्व मंत्री लक्ष्मी नारायण चैधरी एवं मनोज फौजदार  सपा सरकार के अनन्य भक्त हैं मथुरा के डीएम  जनपद पुलिस कर रही है लूटमार  किसानों को चैक न मिले तो बजा दी जायेगी ईंट से ईंट मथुरा। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिला कार्यालय जुबली पार्क से एक विशाल जनहुंकार रैली निकाली जो पुराना बस स्टैण्ड, टैंक चैराहा होते हुये कलैक्ट्रेट पंहुची। इस बीच पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदेश में बढते अपराधों और जनपद की ध्वस्त कानून व्यवस्था, ओलावृष्टि और सूखा राहत के चैक न मिलने, अघोषित विद्युत कटौती, जनपद की शहर और देहात क्षेत्रों की खराब सड़कों, नहर, रजवाहों में सफाई न होने और जेनर्म घोटाले व यमुना शु(िकरण पर अभी तक कार्य न होने पर नाराजगी जताई। भारतीय जनता पार्टी आज इसी सब को लेकर दलबल सहित कलैक्ट्रेट पंहुची। कलैक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन में पूर्व कृषि मंत्री चै. लक्ष्मीनारायण ने कहा कि ओलावृष्टि के किसानों को मुआवजे के रूप में 320 करोड़े रूपये की मांग की गयी थी जिसमें 305 करोड़ रूपये जनपद के किसानों को मिला जबकि केन्द्र सरकार ने प्रदेश सरकार को 2800 करोड़ रूपये ओलावृष्टि किसानों की मदद के लिये भेजा। उन्होंने सवाल उठाया कि यह पैसा कहां गया? या तो इसमें जिला प्रशासन दोषी है या प्रदेश सरकार? उन्होंने बताया कि सन 2010 में सूखा पड़ा था लेकिन उसका पैसा भी आज तक किसानों को नहीं मिला।   2014 के सूखे की रिपोर्ट भी जिला प्रशासन ने नहीं भेजी जिसकी वजह से आगे इन किसानों को यह पैसा कैसे मिल पायेगा? इसके बारे में हम जिलाधिकारी से कहते हैं कि वे तुरंत इसकी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजें जिससे 2017 के चुनावों में भाजपा सरकार बने तो यह पैसा सूखा पीड़ित किसानों को दिलाया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह बिगड़ी हुयी है। पुलिस लूटमार कर रही है और झूठे मामलों में लोगों को फंसाकर अपराधी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अड़ींग में पुलिस की नादिरशाही से एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी लेकिन जब उसके अंत्येष्टि की गयी तो पुलिस ने इस कदर अपना भय ग्रामीणों को दिखाया कि वहां उसकी अंत्येष्टि में दस आदमी भी नहीं पंहुच पाये। पूर्व सांसद चै. तेजवीर सिंह ने कहा कि 18-18 घंटे की विद्युत कटौती हो रही है जिससे ब्रजवासी पूरी तरह आहत हैं। पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग ने कहा कि इस जनपद का दुर्भाग्य है कि सूखा, ओलावृष्टि के पैसों के लिये किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मथुरा के डीएम सपा सरकार के अनन्य भक्त हंै। वे सत्ताधारी पार्टी के एजेंट हैं। भाजपा नेता अजय पोईया ने कहा कि किसानों के हालात इतने बुरे हो गये हैं कि मुआवजे के लिये उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मैनपुरी, एटा और फिरोजाबाद के पीड़ित किसानों को पूरा पैसा दे दिया गया है जबकि सर्वाधिक ओलावृष्टि से पीड़ित मथुरा जनपद के किसानों को अभी चैक नहीं दिये गये हैं। ठा. मेघश्याम सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार ने प्रदेश सरकार को पैसा दिया है लेकिन प्रशासन इस धन को किसानों तक नहीं आने दे रहा जो दुखद बात है। जल्द ही किसानों को पैसा नहीं मिला तो प्रशासन के खिलाफ ईंट से ईंट बजा दी जायेगी। भाजपा नेता एसके शर्मा ने कहा कि मथुरा के किसानों को केवल 27 प्रतिशत धनराशि मिली है जो प्रदेश सरकार की अकर्मण्यता उजागर करती है। केन्द्र जब धन दे चुका है तो प्रदेश और स्थानीय प्रशासन उसे किसानों तक क्यों नहीं पंहुचा रहा। इस अवसर पर पार्टी जिलाध्यक्ष डीपी गोयल, नगर अध्यक्ष संजय शर्मा, राजेश चैधरी, चेतन मलिक, मदनमोहन श्रीवास्तव सहित भारी संख्या में भाजपाई मौजूद थे।   नहीं आये ओम माथुर और हेमा मथुरा। आज भारतीय जनता पार्टी की जनहुंकार रैली में प्रदेश प्रभारी ओम माथुर और स्थानीय सांसद हेमा मालिनी के शामिल होने का कार्यक्रम तय हुआ था लेकिन ओम माथुर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की बैठक की वजह से मथुरा रैली में नहीं आये जबकि हेमा मालिनी अपने भाई की चेन्नई में होने वाली सर्जरी के चलते नही आ सकी। लक्ष्मीनारायण चैधरी ने दिखायी ताकत आज भाजपा की जनहुंकार रैली में पूर्व मंत्री और छाता क्षेत्र के विधायक लक्ष्मीनारायण चैधरी ने अपनी ताकत का ऐहसास कराया। देहात क्षेत्र से इस रैली में काफी संख्या में ग्रामीणों ने शिरकत की। इससे लगा कि अब भारतीय जनता पार्टी देहात क्षेत्र में भी मजबूत हो रही है और 2017 के विधानसभा चुनावों में इसके नतीजे सामने होंगे। चैधरी जैसे दिग्गज नेता के पार्टी में शामिल होने से भाजपा का देहात क्षेत्र पूरी तरह मजबूत हो गया है। आज रैली में इसका असर देखने को मिला। चैधरी के भारी संख्या में समर्थक जनहुंकार रैली में नजर आये।   सीओ से धक्कामुक्की आज भाजपा की जनहुंकार रैली में उस समय अफरा  तफरी मच गयी जब भाजपा के किसी कार्यकर्ता ने सीओ सिटी से धक्का मुक्की कर दी। पुलिसकर्मी कह रहे थे कि डण्डा मारा है लेकिन पार्टी के लोगों ने कहा कि धक्का मुक्की हुयी है। सीओ इससे नाराज नजर आये। युवक को पकड़ने की कोशिश की लेकिन पार्टी के लोगों ने उसे भगा दिया। पुलिसकर्मियों में इससे रोष देखा गया।  

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यमुनापुल का निरीक्षण करते डीएम राजेश कुमार एवं एसएसपी डा. राकेश सिंह  आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार एक माह के लिये कल से आवागमन होगा शुरू मथुरा। यमुनापार पुल से आवागमन बंद कर देने से जहां छात्रों को भारी परेशानी हो रही है वहीं स्कूली बच्चे भी रूट डायवर्जन के चलते परेशान हैं। यमुनापार क्षेत्र में रहने वाले लोग नावों के जरिये अपने गंतव्य तक पंहुच रहे हैं। आज पुल के पास ऐसी ही एक नाव जिसमें दो बाइक भी थीं और सवारियां भी, अचानक यमुना के पानी में डूबने की खबर मिली। हालांकि तत्काल ही दोनों बाइक और सवारों को निकाल लिया गया लेकिन जैसे ही इस घटना की जानकारी पुलिस-प्रशासन को हुयी तो मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी पंहुच गये और उन्होंने पुल पर बंद निर्माण और यमुना की स्थिति का निरीक्षण किया। बाद में जिलाधिकारी ने कहा कि अभी फिलहाल एक माह तक नये पुल पर वाहनों के लिये आवागमन सुचारू रहेगा उसके उपरांत ही इसे सुधारा जायेगा। यह भी बताया गया कि फिलहाल दुपहिया वाहन चालकों का निकलना शुरू कर दिया जाये। इस दौरान यमुना पुल पर पंहुचे डीएम राजेश कुमार और एसएसपी डा. राकेश सिंह ने यहां से आवागमन के लिये वैकल्पिक व्यवस्था किये जाने पर भी विचार किया। यमुना पुल पर निर्माण के चलते दोनों तरफ से आवागमन बाधित हो गया है। लोगों को लंबे रास्ते से जोकर यमुनापार पंहुचना पड़ रहा है। एक्सप्रेस वे से दिल्ली जाने वाले मथुरा के लोगों को तो यह बड़ा संकट पैदा हो गया है। उन्हें वृन्दावन या महावन होकर पंहुचना पड़ रहा है जबकि यमुनापार क्षेत्र के लोग तो इस समस्या से बेहद परेशान हैं। डीएम ने पुल से गुजर रहे स्कूली बच्चों और पैदल यात्रियों से भी पूछताछ की। बच्चों की परेशानी को देखते हुये बाद में जिलाधिकारी ने निर्णय लिया कि कल से दुपहिया वाहनों का आवागमन यहां से एक माह के लिये शुरू कर दिया जायेगा। इस दौरान यमुना में स्टीमर और बड़ी नावें चलाये जाने के वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया गया।

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मथुरा। जनपद में पिछले तीन माह से ओलावृष्टि किसानों को लेकर जो राजनीति हो रही है उसमें सभी शक्ति परीक्षण में लगे हुये हैं। समाजवाीद पार्टी भी इससे अछूती नहीं रही है।  हालांकि पार्टी द्वारा प्रशासन के खिलाफ कोई प्रदर्शन नहीं किया गया लेकिन किसानों को चैक न बंटने पर सपा ने भी कई जगह किसानों के स्वर में स्वर मिलाये। भारतीय जनता पार्टी, कांगे्रस और रालोद, बसपा सभी ने ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों को लेकर जमकर नेतागिरी की है लेकिन किसानों को इससे कोई फायदा नहीं हुआ। कुछ किसानों के चैक जरूर समय पर सही स्थिति में मिले लेकिन अधिकांश किसान आज भी ओलावृष्टि चैकों को लेकर भटकते फिर रहे हैं। आये दिन किसानांे के ज्ञापन और जिला प्रशासन को शिकायती पत्र मिल रहे हैं। किसानों के ओलावृष्टि से पीड़ित होने की राजनीति को प्रमुख दलों ने खूब भुनाया। प्रशासन और सरकारों के खिलाफ खूब आक्रोश व्यक्त किया और धरना, प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री तक बात पहुंचायी।  अब किसान पूछने लगे हैं कि आखिर इन चैकांे को लेकर नेता प्रशासन से प्रयास तो नहीं करते केवल अपनी-अपनी पार्टियों के जरिये आंदोलन और अपनी नेतागिरी चमकाने में लगे हैं। जबकि किसान इन नेताओं की हकीकत से पूरी तरह वाकिफ है।  

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मथुरा। गिटटी, मिटटी, बालू, पत्थर पर अविवहन शुल्क की मार झेल रहे ट्रक चालकों पर अब फिर पुनः वन विभाग का डंडा शुरू हो गया है। बीच में कई माह तक इस शुल्क से छुटकारा पाये रेत  सप्लायर अब पुनः इस टीम की चपेट में आने लगे हैं। इसी खौफ से राजस्थान से मथुरा आने वाले बालू के ट्रक अब आंख बचाकर मथुरा सीमा में आ रहे हैं। बालू, रेत, बजरफुट, गिटटी, चिलका का व्यापार करने वाली फर्मों द्वारा पूर्व में माननीय न्यायालय के आदेशों के चलते रिट याचिका पर इस अविवहन शुल्क से मुक्ति पा रखी थी, फिर भी रात के अंधेरे में वन विभाग के कर्मचारी अवैध तरीके से ये शुल्क वसूलते रहे। शिकवा-शिकायतों के बीच यह गोरखधंधा बंद हुआ फिर टीपी कटाने लोग जरूरी कागजों के लिये वन विभाग कार्यालय भी आने लगे हैं। अब पुनः कई दिन से घूम रही वन विभाग की इस्काट टीम द्वारा सड़क मार्गों पर ऐसी गाड़ियों को रोककर फाइलें ली जा रही हैं जिससे ट्रांसपोर्ट के धंधे में लगे लोगों के पैर उखड़ रहे हैं। कहीं सेलटैकस कर्मी तो कहीं एआरटीओ तो कहीं वन विभाग की गाड़ियों में सवार सरकारी नुमाइंदे वाहन चालकों के लिये मुसीबत बने हुये हैं। लखनऊ से आयी वन विभाग की टीम द्वारा जनपद में कई प्रमुख मार्गों पर जहां से गिटटी, पत्थर, बजरफुट, बालू, चिलका, लकड़ी आदि सामग्री की खेप निकलती हैं वहां गाड़ियों को रोककर अविवहन शुल्क वसूला जा रहा है। वन विभाग के कर्मचारी मौके से जल्दबाजी कर गाड़ी चालकों से फाइलें छुड़ा ले जाते हैं। जल्दबाजी में न तो गाड़ी मालिक न तो यह समझ पाते हैं कि यह सेलैटक्स कर्मी हैं या एआरटीओ के लोग। जब सुबह दिन निकलने के बाद लोग एक-दूसरे से फाइलों की जानकारी लेते देखे जा सकते हैं कि किस विभाग के कर्मी रात में फाइलांे को ले गये हैं।

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मथुरा। इण्डियन नेशनल ट्रेड यूनियन के जिलाध्यक्ष ताराचंद गोस्वामी ने ब्रज में आने वाले तीर्थयात्रियों के साथ हो रही अभद्रता पर रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मप्र धार जिले से मथुरा-वृन्दावन तीर्थयात्रा के लिये श्रद्धालु प्राईवेट बस से आ रहे थे तभी हाईवे स्थित नई मण्डी चैराहे पर ट्रैफिक पुलिस ने एंट्री न देने पर बस में सवार महिला तीर्थयात्रियों के साथ बदतमीजी और धक्का मुक्की की। पुलिस ने बस ड्राइवर श्याम सुन्दर से एंट्री के नाम पर एक हजार रूपये मांगे और न देने पर ट्रैफिक पुलिस के चार-पांच पुलिसकर्मियों ने एकराय होकर ड्राइवर श्याम सुन्दर व सूरजमल के साथ मारपीट की। उन्हें बचाने के लिये महिला श्रद्धालु शिवकान्ता पण्डित, शारदा बाई, मायादेवी, पारूल ने विरोध किया तो ट्रैफिक पुलिस ने उनके साथ गालियां दी और मारपीट की। ताराचंद गोस्वामी ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा की गयी इस प्रकार का दुव्र्यवहार तीर्थयात्रियों के साथ करना सही नहीं है। इस घटना की अनु शर्मा, मनोज कुंतल, प्रदीप गुप्ता, जय ठाकुर, लोकेश शर्मा, रघुवीर, प्रेम चैधरी, जयपाल सिंह, फारूख, पप्पू आदि ने निंदा की है।  

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 कलेक्ट्रेट सभागार में तहसील दिवस व अन्य शिकायतों के निस्तारण एवं समीक्षा बैठक के दौरान मौजूद जिलाधिकारी राजेश कुमार व अन्य अधिकारी।   मथुरा। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने तहसील दिवस की पुरानी शिकायतों का निस्तारण दो दिन में न करने पर सभी खण्ड विकास अधिकारियों को प्रतिकूल प्रवृष्टि दिये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बार-2 चेतावनी देने के बावजूद भी शिकायतों का निस्तारण इनके द्वारा नहीं किया जा रहा है। कलेक्ट्रेट सभागार में तहसील दिवस व अन्य शिकायतों के निस्तारण तथा कर एवं करेत्तर की समीक्षा बैठक की में डीएम ने विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान सभी अधिशासी अभियंताओं के वेतन रोके जाने के निर्देश देतेे हुए कहा कि पुरानी सभी शिकायतों के निस्तारण के बाद ही वेतन रिलीज किया जाय। उन्होंने कहा कि 10 सितम्बर तक तहसील दिवस की सभी पुरानी शिकायतों का निस्तारण हर हाल में किया जाये, ऐसा न करने वाले विभागों की रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी के पास भेजी जाय और उन सबके विरूद्ध कार्यवाही की जाय। महिला आयोग एवं शासन द्वारा संदर्भित शिकायतों को दो दिन के अन्दर निस्तारित किये जाने हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिये। परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी को निर्देश दिये कि किसी भी दशा में दलाल परिवहन कार्यालय में न आयें, यदि ऐसा नहीं होता है तो अधिकारी एवं कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। मनोरंजन कर निरीक्षक द्वारा नियो केबिल आॅपरेटर से वसूली न किये जाने के प्रकरण को गम्भीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि निरीक्षक को चार्जसीट देकर उनका वेतन रोका जायबैठक में एआरटीओ को निर्देश दिये कि आॅटो में अतिरिक्त लगी सीट को तत्काल हटाया जाय और उसकी रिपोर्ट नगर मजिस्टेªट को दी जाय। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन धीरेन्द्र प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी कानून व्यवस्था सुरेन्द्र शर्मा, नगर मजिस्टेªट विजय कुमार, सभी उप जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह, राजेश कुमार, अंजनी कुमार सिंह, रामअरज, विश्व भूषण मिश्रा, जिला विकास अधिकारी उमेश त्यागी सहित सभी तहसीलदार व अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। 

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