मथुरा

बिना सहमति के अतिक्रमण हटाया तो विरोध होगा- रमेशचन्द्र मथुरा। प्रशासन द्वारा चलाये जा रहें अतिक्रमण हटाओं अभियान के विरोध मे व्यापारी के हित में जनपद के सभी व्यापारी मंडल एक मंच पर आ गये हैं। और सभी व्यापारी प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने संयुक्त पत्रकार वार्ता कर प्रशासन द्वारा चलायें जा रहें गैर कानूनी तारीके से अभियान की कड़ें शब्दों में निन्दा की तथा प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर बगैर व्यापारी संगठनों की सहमति से अभियाना चलाया गया तो व्यापारी बाजार बन्द कर सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे। अगर इस दौरान कोई अनहोनी होती है तो इसका जिम्मेदार प्रशासन होगा। पत्रकार वार्ता के समय नगर उधोग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अघ्यक्ष रमेश चतुर्वेदी, पूर्व मंत्री व व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष रविकान्त गर्ग, महामंत्री सुनील अग्रवाल, मीनालाल बजाज, प्रयागनाथ चतुर्वेदी, सुनील साहनी, अजय गोयल, शशिभानु गर्ग, बांकेलाल अग्रवाल, राधेश्याम गुप्ता, शैलेश अग्रवाल, दिनेश आनन्द पापें, गोपाल चतुर्वेदी, मदन मोहन श्रीवास्तव, बौबी खुराना, विजय बन्टा, संजय एल्पलाइन, अशोक खंडेलवाल, श्याम बिहारी, कंचन लाल अग्रवाल, त्रिलोकी नाथ बंसल, पवन गोयल आदि उपस्थित थे।  

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अभी चार गांव और बाकी हैं- पूरन कौशिक  तहसील शुभारम्भ पर स्थानीय लोगों द्वारा माला दुपटटा ओढ़ एवं बुके देकर सम्मान करती एक महिला  गोवर्धन। गिरिराज धाम में तहसील की स्थापना के लिये लम्बे समय तक संघर्ष करते रहे स्थानीय ब्राम्हण नेता पूरन कौशिक को यहां चहुँ ओर मुक्त कण्ठ से इस सफलता का श्रेय दिया जा रहा है। वहीं पूरन कौशिक अभी भी इस तहसील से बाकी रह गये चार गांवों को इसमें जोड़े जाने की मांग को लेकर संघर्ष को बाकी बता रहे है। वहीं अस्थाई भवन में स्थापित की गयी तहसील के अपने मूल भवन की स्थापना तक वे संघर्ष का क्रम जारी रखेंगे। वहीं विगत रोज तहसील की स्थापना के वक्त पूरी तरह शासन प्रशासन और सपा मय रहे मंच को उन्होंने अपनी मांग मुखर स्वर मंे सुना भी दी है।  इतना ही तहसील स्थापना के मौके पर ही भरी सभा के बीचों बीच उन्हें इस सफलता के लिये बधाई देने वालों का तांता लग गया था। तहसील के संघर्ष की सफलता पर लोगों ने स्वयं द्वारा लाये गये फूल मालाओं दुपटटा पटुकओं से उनका स्वागत कर उन्हें लाद दिया गया। वहीं इस कार्यक्रम में आये बाहर के नेताआंे द्वारा भी उनके इस तहसील के लिये किये गये संघर्ष की पूरी जानकारी स्थानीय नेताओं से ली गयी थी। विदित हो कि एक चुनावी सभा में गिरिराज धाम में तहसील स्थापना की तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव सरकार द्वारा की गयी घोषणा सरकार बदलते ही कागजों में सिमट कर रह गयी थी। फाइलों के बोझ तले दबी तहसील की इस घोषणा को नयी सपा सरकार में यहां के स्थानीय ब्राम्हण नेता पूरन कौशिक ने बड़े ही जोर शोर से उबारा और उसे एक विशाल आन्दोलन के रूप में खड़ा कर दिया था। श्री कौशिक ने तहसील स्थापना की मांग को लेकर गोवर्धन तहसील संघर्ष समिति का मंच तैयार कर संघर्ष आरम्भ किया और जब उनकी संघर्ष समिति यहां गिरिराज धाम में विशाल जन सैलाब के साथ सड़कों पर उतरी तो लखनऊ में सपा सरकार के हर गलियारें में इसकी गूंज सुनाई दी। सपा सरकार ने मुलायम सिंह यादव की उक्त भूली बिसरी घोषणा की भूल को सुधारते हुए तहसील निर्माण की प्रक्रिया तत्काल आरम्भ कर दी। इसके बावजूद पूरे मनोयोग से जुटे रहे पूरन ने दस हजार पोस्ट कार्ड सपा सरकार को भेज कर तहसील की मांग दोहरायी। कई बार स्वयं मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों से मुलाकात कर इस घोषणा की याद दिलाई और इसके लिये लगातार प्रयासरत रहे। इसी के परिणाम स्वरूप गोवर्धन तहसील की विगत रोज आधार शिला सपा नेता और राज्य सभा सांसद प्रो0 राम गोपाल यादव द्वारा रखी गयी। जब पूरन कौशिक से हमने इस बारे वार्ता कर इस सफलता का श्रेय दिये जाने के बावत पूछा तो उनका कहना सिर्फ ये था कि अभी तो इस गोवर्धन तहसील में 4 गांवों को और शामिल किये जाने का संघर्ष बाकी है जिन्हे अपरिहार्य कारणों से इसमें शामिल कर दिये जाने से छोड़ दिया गया था। जब तक मुखराई, कौन्हई, जुल्हैंदी और बसौंती ये चार गांव इस तहसील में शामिल नहीं होते मेरा संघर्ष लगातार जारी रहेगा। विदित हो कि इन चार गांवों का मुददा पूरन कौशिक ने विगत रोज तहसील के शुभारम्भ पर आयोजित भरी सभा में मुख्यातिथि सपा सांसद प्रो0 रामगोपाल यादव के सम्मुख उठाया भी था जिसे एक सिरे स्वीकार कर उन्हें आश्वासन दिया गया कि ये प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जायेगी और उन गांवों को तहसील में जोड़ लिया जायेगा।  वहीं गोवर्धन तहसील संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूरन कौशिक एवं उनकी समिति के सभी सदस्यों ने तहसील की स्थापना पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ब्रज वासियों की ओर से अपना बारम्बार साधुवाद दिया है। वहीं तहसील स्थापना के उपरान्त नगर भ्रमण पर निकले श्री कौशिक और उनकी तहसील संघर्ष समिति के सदस्यों का जगह जगह लोगों ने स्वागत सत्कार और सम्मान कर उन्हें इस सफलता पर बधाईयाँ दी है।

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गोताखोर ढूंढ रहे हैं चारों के शव मथुरा। कृष्ण जन्माष्टमी ब्रज में मनाने आये एक ही क्षेत्र के पांच युवकों को वृन्दावन के केसीघाट पर यमुना में स्नान करना मंहगा पड़ गया। स्नान करते समय गहरे पानी में चले जाने से पांचों युवक डूब गये। बड़ी मुश्किल से एक को निकाला गया, जबकि चार युवकों का अभी तक पता नहीं है। गोताखोर उनका शव बरामद करने में लगे हुये हैं। इस हृदयविदारक घटना से लोगों मंे शोक की लहर है। मिली जानकारी के अनुसार बदायूं के इसलाम नगर थाना क्षेत्र निवासी रोहित, रामदास पुत्र जगपाल, राजेन्द्र पुत्र हरपाल, नीरज पुत्र सूरज, सुनील पुत्र सत्यपाल जो सभी 17 और 22 वर्ष के बीच की उम्र के हैं। ये सभी आज दोपहर डेढ बजे यमुना के वृन्दावन स्थित केसीघाट पर स्नान करने गये थे। अचानक गहरे पानी में जब ये डूबने लगे तो घाट पर मौजूद गोताखोरों ने बचाने का प्रयास किया। रोहित को तो इन लोगों ने बचा लिया लेकिन अन्य चार युवकों को नहीं बचाया जा सका। पुलिस, पीएसी और स्थानीय गोताखोर उनके शव तलाशने मंे लगे हैं। समाचार लिखे जाने तक चारों शव नहीं मिल पाये थे।  

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मथुरा। मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी देखकर वापिस लौट रहे युवकों की स्कार्पियो कार यमुना एक्सप्रेस वे पर तेजगति में टायर फट जाने से पलट गयी जिससे उसमें सवार तनी लोगों की मौत हो गयी तथा आधा दर्जन लोग घायल हो गये जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में उपचार के लिये भेजा गया हे। मिली जानकारी के अनुसार यमुना एक्सप्रेस वे पर थाना मांट क्षेत्र में माइल स्टोन 97 पर गाँव जनकपुर के पास नोएडा की ओर जा रही स्काॅर्पियो संख्या यूपी 14 सीसी 9131 का कार का टायर अचानक फट गया जिसकी वजह से तेजगति से चलती स्काॅर्पियो पलट गयी और दूसरी तरफ बने रोड पर जा गिरी। इस हादसे में कार में सवार 28 वर्षीय सनी, 25 वर्षीय प्रवीण और 27 वर्षीय चंदन की मौत हो गयी तथा धीरज, ऋषि, अंकित, पूजा और सोनिया घायल हो गये जिन्हें उपचार के लिये विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बताते हैं कि यह सभी मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दर्शनांे के लिये आये हुये थे और वापिस दिल्ली की ओर लौट रहे थे तभी यह हादसा हुआ है। स्काॅर्पियो में सवार सभी लोग भऊआ बिहार के रहने वाले बताये जा रहे हैं। हालांकि पोस्टमार्टम गृह पर एक मृतक का शव ही मिला। अन्य दो की पुष्टि पोस्टमार्टम गृह पर नहीं हुयी है। बताया गया कि दोनों को आगरा रैफर किय गया है। संभावना है कि वहां उनकी मौत हुयी है। 

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 प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर में भी नंदोत्सव के दौरान मौजूद श्रद्धालु  मथुरा। संपूर्ण ब्रज में आज नंदोत्सव की धूम देखी गयी। प्रसिद्ध श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर आज नंदोत्सव में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के सभी अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे तो पंडित, पुजारी भी किसी से पीछे नहीं थे।  श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर नंदोत्सव धूमधाम से मनाया गया। संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और मीडिया प्रभारी विजय बहादुर सिंह, गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी सहित मंदिर के सभी प्रमुख लोग और कर्मचारी नंदोत्सव मनाने में लगे रहे। खूब सामान श्रद्धालुओं को लुटाया गया। जगह-जगह नंदबाबा का खजाना लूटने के लिये श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर पंहुच चुकी थी। प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर में भी नंदोत्सव धूमधाम के साथ मनाया गया। द्वारिकाधीश मंदिर में आज सुबह नंदोत्सव मनाया गया। श्रद्धालुओं को दर्शन देने के लिए प्रभु द्वारिकानाथ आज गर्भगृह से निकलकर बाहर आ गए। यहां पर नंद बाबा के रूप में गोस्वामियों ने भक्तों को खेल-खिलौने और प्रसाद लुटाया। मंदिर के पुजारी और प्रमुख सेवा में जुड़े लोग नंदबाबा बनकर खजाना लुटाते देखे गये। भगवान श्रीकृष्ण कन्हैया लाल की जय जयकार के उदघोष पूरे मंदिर में सुनाई पड़ रहे थे। द्वारिकाधीश मंदिर में इस मौके पर मंदिर के प्रमुख पुजारी और सेवायत लोगों का मंदिर की ओर से मान सम्मान किया गया। श्रद्धालुओं मंे नंदबाबा का खजाना लूटने की होड़ मची रही। इसके अतिरिक्त ब्रज के छोटे-बड़े मंदिरों में आज बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ नंदोत्सव मनाया गया। 

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 नंदबाबा को बधाई देने पहुंचे गोकुल के श्रद्धालु  मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण के रात्रि हुये जन्म के बाद वासुदेव जी गोकुल लेकर भगवान कृष्ण कन्हैया को पंहुचे तो पूरे गोकुल में आज सुबह से ही बधाई गायन शुरू हो गया। गोकुल के मंदिर में आयोजित उत्सव में बढ चढकर गोकुल वासियों ने भाग लिया। आज के दिन प्राचीन परंपराओं के अनुसार नंदबाबा के घर सभी गोकुलवासी बधाई देने पंहुचते हैं और नाचते-गाते हैं। कोई हाथी लेकर आ रहा है तो कोई घोड़ा तो कोई पालकी और महिलायें गाने लगती हैं हाथी लाये, घोड़ा लाये और लाये पालकी, जय कन्हैया लाल की इन उदघोषों के साथ मां जशोदा और नंदबाबा को बधाईयां दी जाती हैं। यह उत्सव गोकुल के मंदिर में आज भी प्रातः उस समय साक्षात हो गया जब हल्दी, चंदन मिश्रित पदार्थ लोगों पर डाला गया। ‘लला की छिछी’ के नाम से यह भक्तों पर डाला गया। हल्दी मिश्रित चंदन की छटा अपने ऊपर डलवाने के लिये ब्रजवासी और बाहर से आये श्रद्धालु आतुर देखे गये। गोकुलवासी भगवान के आगमन और जन्म की खबर सुनकर फूले नहीं समा रहे हैं। आज पूरे गोकुल में भारी उत्सव मनाया जा रहा है। महावन, दाऊजी के ब्रजवासी भी गोकुल पंहुच चुके हैं। सुबह से ही महिलायें रंग, बिरंगे परिधानों में सजकर इस महोत्सव को देखने के लिये मंदिर पंहुचती हैं। प्रातः काल से यह क्रम काफी देर तक गोकुल के मंदिरों मंे चला। 

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