मथुरा

मथुरा। शेरगढ़ थाना प्रभारी योगेन्द्र यादव ने क्षेत्र में भय व आतंक फैलाकर धन वसूली के चक्कर में भगवान सिंह पुत्र छीता निवासी शेरगढ और उसके साथी को 3 यूपी गुण्डाएक्ट में निरूद्ध किया है। जबकि मांट थाना प्रभारी दुर्गेश कुमार ने राहुल पुत्र मुरारी निवासी नसीटी मांट आदि सात लोगों को जनता में भय व आतंक फैलाने पर धारा 110 में निरूद्ध किया है। एसओ मगोर्रा ने विनोद पुत्र ललित निवासी सहेलिया थोक सौंख आदि दस लोगों को धारा 110 में निरूद्ध किया है।

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कुम्हेर रोड की जर्जर स्थिति होने पर सडक में हुए गड्ढों में फंसा हुआ ट्रक वाशिंदे परेशान, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान  सौंख। तमाम दावे और वादों के बाद भी अभी तक कुम्हेर-सौंख रोड अपने निर्माण की बाट जोह रहा है। लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के चलते अभी तक सडक नहीं बन पायी है। मूडिया पूर्णिमा मेले की शुरूआत में स्थानीय जनता को लगा था कि मेले के अवसर पर सडक का निर्माण कार्य हो जायेगा लेकिन अभी तक सडक का निर्माण कार्य अधूरा पडा है।  राजस्थान से आवागमन का मार्ग पूरी तरह से टूटा पडा है। अक्सर वाहन इसमें फंस जाते है और मार्ग अवरूद्ध हो जाता है। इससे स्थानीय दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पडता है। बारिश के मौसम में सडक में होने वाले गड्ढों के चलते उनमें पानी भर जाता है। पानी भर जाने से सडन पैदा होने चलती है और आसपास के लोंगो का रहना दूभर हो जाता है। इस जर्जर मार्ग पर ही अनाज मंडी है। सडक के पूरी तरह से टूट जाने के कारण स्थानीय व्यापार पर भी असर पड रहा है। राजस्थान से अनाज, सरसों और कपास लाने वाले व्यापारी इस मार्ग से आने में कतराते हैं। परिणामस्वरूप कस्बा में व्यापार प्रभावित हो रहा है। सडक में गहरे गड्ढे हो जाने से अक्सर दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इस बारे में डा. देवी प्रसाद शर्मा, धीरज वर्मा, राजकुमार चैधरी, यदुराज सिंह पाण्डव, ओमप्रकाश चतुर्वेदी, जितेन्द्र कुमार, प्रह्लाद सिंह, सुनिया पहलवान, लक्ष्मण सिंह, आदि ने जिलाधिकारी से सडक निर्माण की मांग की है।    

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यमुना की दशा से आज पूरा ब्रज आहत है। यमुना की दशा किसी से छुपी नहीं है। यमुना को अविरल निर्मल बनाने के लिये ब्रज से अनेकों प्रयास किये जा रहे है। यमुना मिशन द्वारा भी यमुना को स्वच्छ बनाने के लिये निरन्तर प्रयास किया जा रहा है। दिनांक 21 अगस्त शुक्रवार को यमुना मिशन के कार्यालय पर राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक आहूत की गई। जिसमें यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं द्वारा यमुना की अविरलता और निर्मलता सुनिनिश्चत करने के लिये केन्द्र सरकार और राज्य सरकार पर दबाब बनाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। पं अनिल शर्मा ने कहा कि यमुना की अविरलता और निर्मलता तभी सुनिश्चित की जा सकती है जब यमुना में गिरते सभी नाले पूर्णतय बन्द किये जाये। यमुना मिशन केन्द्र तथा राज्य सरकार पर दबाब बनायेगा कि वह दिल्ली के साथ साथ मथुरा वृन्दावन में गिरते नालों को पूर्णतय बन्द करें। दिल्ली में यमुना में गिरते नाले यमुना को 75 प्रतिशत से अधिक प्रदूषित करते है एवं मथुरा में गिरते नाले यमुना को प्रदूषित करने के साथ साथ श्रद्धालुओं की आस्था पर कुठाराघात करते है।  रिचा शर्मा ने जानकारी देते हुये बताया कि यमुना मिशन का एक शिष्ट मंडल जल्द ही दिल्ली जाकर केन्द्र सरकार के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर यमुना में गिरती गन्दगी को रोकने के लिये ज्ञापन सौपेगे। उन्होने आगे जानकारी देते हुये बताया कि केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमाभारती जी से भी मिलने का समय लिया जा रहा है जल्द उनसे भी यमुना मिशन मिल ज्ञापन सौपेगा।  लपुटी पंडित ने कहा कि वृन्दावन से लेकर गोकुल तक यमुना में गिरते नाले हम यमुना भक्तों की आस्था पर चोट पहुॅचा रहे है। हमारे ही घर हमारे ब्रज में श्री यमुना में नालों का गिरना हमारी विफलता को प्रदर्शित करता है हम राज्य सरकार पर भी ब्रज में यमुना में नाले न मिलाये जाये इसके लिये दबाब बनायेगे।  बैठक में यमुना मिशन की आगे की रणनीति तय की गई। जिसमें यमुना मिशन से ब्रज के गांव गांव के लोगो को जोड़ने के लिये रूपरेखा तैयार की गई।   इस अवसर पर केएन शशी, मुकेश ठाकुर, मोनू शर्मा,राजेश तिवारी,पूजा सिंह, पं देवराज दीक्षित कमलेश कुर्मी, बाबू कुर्मी, जयकुमार कुर्मी, मथुरा कुर्मी, नारायण महाराजपुर, आदि उपस्थित थे।  

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आचार्य प्रवर स्वामी ए.एस. विज्ञानाचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य में तथा यमुना रक्षक दल व चेतना बोध मिशन के संयुक्त तत्वाधान में 5 अगस्त से 31 अगस्त 2015 तक गोविन्द मठ वृन्दावन में 27 दिवसीय ब्रज महोत्सव में आज दिनांक 21 अगस्त को गोविन्द मठ वृन्दावन में नरी गाँव के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान यमुना रक्षक दल के जिला प्रभारी डाॅ0 राजवीर सिंह के नेतृत्व में नरी गाँव के 20 युवाओं की टीम बनाई गई। जो ग्राम सुधार एवं ग्राम विकास एवं आदर्श गाँव बनाने के लिए कार्य करेगी। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि प्रदूषित जल के कारण प्रत्येक गाँव में 25 लोग कैंसर से पीडि़त होकर मर रहें हैं एवं पूरे जिले के अन्दर प्रदूषित जल पीने से प्रतिवर्ष 25 हजार की संख्या में लोग कैंसर से मर रहे हैं। इस भयंकर बीमारी की रोकथाम के लिए यमुना की शुद्धिकरण एवं कुण्ड-सरोवर का संरक्षण आवश्यक है। चेतना बोध मिशन के राष्ट्रीय प्रभारी स्वामी रामानन्द जी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आज मानव की सोच अर्थ केन्द्रित हो जाने के कारण वह सिर्फ अपना हित देखता हुआ पेड़ों को काट रहा है। जबकि पेड़ हमारी जीवनदायनी है। स्वार्थ के कारण वर्तमान का मनुष्य तालाबों, कुण्डों को प्रदूषित और उन पर लगातार अतिक्रमण कर रहा है। जिसके कारण कुण्डो व सरावरो का अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है और जल संकट गहरा रहा है। उसके अन्दर मानवीय, नैतिक एवं धार्मिक मूल्यो को अपने जीवन में स्थान न देने कारण सर्व समाज का हित  ध्यान में रखते हुए कार्य नहीं कर रहा है। जिसके कारण आपसी प्रेम व भाईचारा समाप्त हो गया है और पर्यावरण पूरी तरह प्रदूषित हो गया है। जिससेे सभी प्राणीओं का जीवन संकट में है। अतः हमें अपने सोच को नीति और धर्म केन्द्रित बनाकर अपने सोच को विकसित करना होगा। तभी इन विकराल समस्यायों का समाधान संभव है। गाय पर मंथन करते हुए बताया गया कि पिछले समय में भारतीय कृषि हल बैल होने के कारण कृषि गाय पर निर्भर थी। ट्रेक्टर से कृषि कार्य होने कारण बैलों की उपयोगिता समाप्त हो गई। इसलिए गाय समाज उपेक्षित हो गई। इसकी महत्ता पुनः अपने रूप में आये उसके लिए गाय की दूध की गुणवत्ता का प्रचार एवं उसके  मूत्र के औषिधीय गुण का उपयोग रोगों के निवारण में व्यापक रूप से होने पर लोग उसकी उपयोगिता समझे। तभी गाय की रक्षा हो सकती है।  इस अवसर पर यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय सलाहकार सोहन लाल आचार्य, राष्ट्रीय सचिव आरपी सिंह, राष्ट्रीय सचिव अजय शर्मा, जिला प्रभारी डाॅ0 राजवीर सिंह, महेशानन्द लाल बाबा, मुनेन्द्र कुमार यादव, दर्शन सिंह, राजेन्द्र सिंह, दिगम्बर सिंह, कुमारी अंजली, कल्याण दास बाब, महेश गिरि, आदि उपस्थित रहे।   

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आचार्य प्रवर स्वामी ए.एस. विज्ञानाचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य में तथा यमुना रक्षक दल व चेतना बोध मिशन के संयुक्त तत्वाधान में 5 अगस्त से 31 अगस्त 2015 तक गोविन्द मठ वृन्दावन में 27 दिवसीय ब्रज महोत्सव में आज दिनांक 20 अगस्त को गोविन्द मठ वृन्दावन में बरोली गाँव के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे वृन्दावन नगर पालिका चेयरमैन मुकेश गौतम। उन्होने कहा कि देश में तीन बड़े आन्दोलन हुए एक करपात्री महाराज का आन्दोलन, दूसरा अयोध्या का संतो का आन्दोलन और तीसरा संत जयकृष्ण दास जी का यमुना आन्दोलन। उन्होने कहा कि इनके यमुना आन्दोलन से दिल्ली तक की सरकार हिल चुकी है। यमुना आन्दोलन के प्रभाव से ही केन्द्र सरकार ने नमामी गंगे योजना में ब्रज में यमुना को जोड़ लिया है।  उन्होने ब्रज एवं गाय के विषय में बताया कि ब्रज विश्व का केन्द्र है। ब्रज  का विशेष महत्व है। गाय का संरक्षण बहुत आवश्यक है। गाय सभी ब्रजवासियों का पालने चाहिए। गाय के दूध से बड़े-बड़े रोग दूर हो जाते हैं। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि ब्रजवासी अपने घर में आने वाले अतिथियों का स्वागत सर्वप्रथम गाय के छाछ से करें। गाय की संख्या लगातार घटती जा रही है। भैंस के मुकाबले गाय का दूध मंहगा होना चाहिए तभी लोग ज्यादा से ज्यादा गाय पालेंगे इसके लिए हम सभी प्रयास करेंगे कि जो लोग गाय को बबचाने की बात करते हैं कि गाय का दूध और घी मंहगे दामों में खरीदें जिससे गौ पालकों को भैंस के मुकाबले गाय पालन में ज्यादा मुनाफा मिल सके। तभी गाय की रक्षा होगी। ब्रजवासियों के प्रत्येक घर में गाय होनी चाहिए। ब्रज में दूध-दही की नदियां बहनी चाहिए। ब्रज में मानवता का विकास हो। यमुना, कुण्ड, सरोवर, तालाब, एवं गाय आदि का संरक्षण हो यही ब्रज महोत्सव का उद्देश्य है। ब्रज का प्राचीन स्वरूप को वापस लाना है। ब्रज में शान्ति सद्भावना, प्रेम, भाईचारा, सत्य, न्याय आदि हो। ब्रज के प्रत्येक गाँव को एक आदर्श गाँव बनाना है। यही इस ब्रज महोत्सव का उद्देश्य है। यमुना के विषय में उन्होने बताया कि यमुना बिना ब्रज की अधूरा है। यमुना को हथिनी से मुक्त कराये बिना हम चैन से नहीं बैठेंगे। इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इस दौरान बरौली के गौरव सिसौदिया के नेतृत्व में 20 युवाओं की टीम बनाई गई।  इस अवसर पर चेतना बोध मिशन प्रभारी स्वामी रामानन्द जी, यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय सलाहकार सोहन लाल आचार्य, राष्ट्रीय सचिव आरपी सिंह, महेशानन्द लाल बाबा, गोपालाचार्य जी, म.प्र. के सम्वर्क ऋषि नगर अध्यक्ष श्रीदास प्रजापति, मुनेन्द्र कुमार यादव, कल्याण दास बाब आदि उपस्थित रहे।   

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नई दिल्ली : देश की प्रथम महिला शुभ्रा मुखर्जी का सुबह निधन हो गया है। उन्‍होंने सवेरे 10 बजकर 51 मिनट पर अंतिम सांस ली। शुभ्रा मुखर्जी का जन्‍म 17 सितंबर 1940 को जेस्सोर (अब बंगलादेश में) में हुआ था और 13 जुलाई 1957 को प्रणब मुखर्जी के साथ उनका विवाह हुआ था। शुभ्रा मुखर्जी ने स्‍नातक तक शिक्षा हासिल की थी। वह देश के राष्‍ट्रीय कवि गुरुदेव रविन्‍द्र नाथ टैगोर की प्रबल प्रशंसक थीं। वह रविन्‍द्र संगीत गायिका थीं और उन्‍होंने देश के कई हिस्‍सों में ही नहीं बल्कि यूरोप, एशिया और अफ्रीका में भी कवि रविन्‍द्र नाथ के डांस-ड्रामा में कई वर्षों तक हिस्‍सा लिया था। शुभ्रा मुखर्जी ने ‘गीतांजलि ट्रूप’ की स्‍थापना की थी जिसका मकसद रविन्‍द्र नाथ टैगोर के डांस-ड्रामा और गीतों के जरिये व्‍यक्‍त किए गए दर्शन को फैलाना था। ट्रूप के सभी कार्यक्रमों की वह मार्गदर्शक थीं। वह अत्‍याधिक प्रतिभाशाली चित्रकार भी थीं। उनकी कलाकृतियों की कई समूह और एकल प्रदर्शनियां आयोजित की गई थीं। वह अपनी मां को अपनी रचनात्‍मक प्रेरणा का स्रोत मानती थी। उनकी मां भी एक चित्रकार थीं। उनके कार्यों की काफी सराहना हुई। उन्होंने दो पुस्‍तकें : ‘चोखेर अलॉय’ और ‘चेना अचेनाई चीन’ लिखीं हैं। ‘चोखेर अलॉय’, उनका इंदिरा गांधी के साथ करीबी संबंधों का निजी विवरण है और ‘चेना अचेनाई चीन’ चीन की उनकी यात्रा पर एक यात्रा वृतांत हैं। शुभ्रा मुखर्जी और प्रणब मुखर्जी के तीन संतानें हैं- अभिजीत मुखर्जी, इंद्रजीत मुखर्जी और शर्मिष्‍ठा मुखर्जी।

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