मथुरा

मथुरा। शेरगढ़ थाना प्रभारी योगेन्द्र यादव ने क्षेत्र में भय व आतंक फैलाकर धन वसूली के चक्कर में भगवान सिंह पुत्र छीता निवासी शेरगढ और उसके साथी को 3 यूपी गुण्डाएक्ट में निरूद्ध किया है। जबकि मांट थाना प्रभारी दुर्गेश कुमार ने राहुल पुत्र मुरारी निवासी नसीटी मांट आदि सात लोगों को जनता में भय व आतंक फैलाने पर धारा 110 में निरूद्ध किया है। एसओ मगोर्रा ने विनोद पुत्र ललित निवासी सहेलिया थोक सौंख आदि दस लोगों को धारा 110 में निरूद्ध किया है।

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कुम्हेर रोड की जर्जर स्थिति होने पर सडक में हुए गड्ढों में फंसा हुआ ट्रक वाशिंदे परेशान, प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान  सौंख। तमाम दावे और वादों के बाद भी अभी तक कुम्हेर-सौंख रोड अपने निर्माण की बाट जोह रहा है। लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के चलते अभी तक सडक नहीं बन पायी है। मूडिया पूर्णिमा मेले की शुरूआत में स्थानीय जनता को लगा था कि मेले के अवसर पर सडक का निर्माण कार्य हो जायेगा लेकिन अभी तक सडक का निर्माण कार्य अधूरा पडा है।  राजस्थान से आवागमन का मार्ग पूरी तरह से टूटा पडा है। अक्सर वाहन इसमें फंस जाते है और मार्ग अवरूद्ध हो जाता है। इससे स्थानीय दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पडता है। बारिश के मौसम में सडक में होने वाले गड्ढों के चलते उनमें पानी भर जाता है। पानी भर जाने से सडन पैदा होने चलती है और आसपास के लोंगो का रहना दूभर हो जाता है। इस जर्जर मार्ग पर ही अनाज मंडी है। सडक के पूरी तरह से टूट जाने के कारण स्थानीय व्यापार पर भी असर पड रहा है। राजस्थान से अनाज, सरसों और कपास लाने वाले व्यापारी इस मार्ग से आने में कतराते हैं। परिणामस्वरूप कस्बा में व्यापार प्रभावित हो रहा है। सडक में गहरे गड्ढे हो जाने से अक्सर दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इस बारे में डा. देवी प्रसाद शर्मा, धीरज वर्मा, राजकुमार चैधरी, यदुराज सिंह पाण्डव, ओमप्रकाश चतुर्वेदी, जितेन्द्र कुमार, प्रह्लाद सिंह, सुनिया पहलवान, लक्ष्मण सिंह, आदि ने जिलाधिकारी से सडक निर्माण की मांग की है।    

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यमुना की दशा से आज पूरा ब्रज आहत है। यमुना की दशा किसी से छुपी नहीं है। यमुना को अविरल निर्मल बनाने के लिये ब्रज से अनेकों प्रयास किये जा रहे है। यमुना मिशन द्वारा भी यमुना को स्वच्छ बनाने के लिये निरन्तर प्रयास किया जा रहा है। दिनांक 21 अगस्त शुक्रवार को यमुना मिशन के कार्यालय पर राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक आहूत की गई। जिसमें यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं द्वारा यमुना की अविरलता और निर्मलता सुनिनिश्चत करने के लिये केन्द्र सरकार और राज्य सरकार पर दबाब बनाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। पं अनिल शर्मा ने कहा कि यमुना की अविरलता और निर्मलता तभी सुनिश्चित की जा सकती है जब यमुना में गिरते सभी नाले पूर्णतय बन्द किये जाये। यमुना मिशन केन्द्र तथा राज्य सरकार पर दबाब बनायेगा कि वह दिल्ली के साथ साथ मथुरा वृन्दावन में गिरते नालों को पूर्णतय बन्द करें। दिल्ली में यमुना में गिरते नाले यमुना को 75 प्रतिशत से अधिक प्रदूषित करते है एवं मथुरा में गिरते नाले यमुना को प्रदूषित करने के साथ साथ श्रद्धालुओं की आस्था पर कुठाराघात करते है।  रिचा शर्मा ने जानकारी देते हुये बताया कि यमुना मिशन का एक शिष्ट मंडल जल्द ही दिल्ली जाकर केन्द्र सरकार के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर यमुना में गिरती गन्दगी को रोकने के लिये ज्ञापन सौपेगे। उन्होने आगे जानकारी देते हुये बताया कि केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री उमाभारती जी से भी मिलने का समय लिया जा रहा है जल्द उनसे भी यमुना मिशन मिल ज्ञापन सौपेगा।  लपुटी पंडित ने कहा कि वृन्दावन से लेकर गोकुल तक यमुना में गिरते नाले हम यमुना भक्तों की आस्था पर चोट पहुॅचा रहे है। हमारे ही घर हमारे ब्रज में श्री यमुना में नालों का गिरना हमारी विफलता को प्रदर्शित करता है हम राज्य सरकार पर भी ब्रज में यमुना में नाले न मिलाये जाये इसके लिये दबाब बनायेगे।  बैठक में यमुना मिशन की आगे की रणनीति तय की गई। जिसमें यमुना मिशन से ब्रज के गांव गांव के लोगो को जोड़ने के लिये रूपरेखा तैयार की गई।   इस अवसर पर केएन शशी, मुकेश ठाकुर, मोनू शर्मा,राजेश तिवारी,पूजा सिंह, पं देवराज दीक्षित कमलेश कुर्मी, बाबू कुर्मी, जयकुमार कुर्मी, मथुरा कुर्मी, नारायण महाराजपुर, आदि उपस्थित थे।  

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आचार्य प्रवर स्वामी ए.एस. विज्ञानाचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य में तथा यमुना रक्षक दल व चेतना बोध मिशन के संयुक्त तत्वाधान में 5 अगस्त से 31 अगस्त 2015 तक गोविन्द मठ वृन्दावन में 27 दिवसीय ब्रज महोत्सव में आज दिनांक 21 अगस्त को गोविन्द मठ वृन्दावन में नरी गाँव के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान यमुना रक्षक दल के जिला प्रभारी डाॅ0 राजवीर सिंह के नेतृत्व में नरी गाँव के 20 युवाओं की टीम बनाई गई। जो ग्राम सुधार एवं ग्राम विकास एवं आदर्श गाँव बनाने के लिए कार्य करेगी। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि प्रदूषित जल के कारण प्रत्येक गाँव में 25 लोग कैंसर से पीडि़त होकर मर रहें हैं एवं पूरे जिले के अन्दर प्रदूषित जल पीने से प्रतिवर्ष 25 हजार की संख्या में लोग कैंसर से मर रहे हैं। इस भयंकर बीमारी की रोकथाम के लिए यमुना की शुद्धिकरण एवं कुण्ड-सरोवर का संरक्षण आवश्यक है। चेतना बोध मिशन के राष्ट्रीय प्रभारी स्वामी रामानन्द जी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आज मानव की सोच अर्थ केन्द्रित हो जाने के कारण वह सिर्फ अपना हित देखता हुआ पेड़ों को काट रहा है। जबकि पेड़ हमारी जीवनदायनी है। स्वार्थ के कारण वर्तमान का मनुष्य तालाबों, कुण्डों को प्रदूषित और उन पर लगातार अतिक्रमण कर रहा है। जिसके कारण कुण्डो व सरावरो का अस्तित्व समाप्त होता जा रहा है और जल संकट गहरा रहा है। उसके अन्दर मानवीय, नैतिक एवं धार्मिक मूल्यो को अपने जीवन में स्थान न देने कारण सर्व समाज का हित  ध्यान में रखते हुए कार्य नहीं कर रहा है। जिसके कारण आपसी प्रेम व भाईचारा समाप्त हो गया है और पर्यावरण पूरी तरह प्रदूषित हो गया है। जिससेे सभी प्राणीओं का जीवन संकट में है। अतः हमें अपने सोच को नीति और धर्म केन्द्रित बनाकर अपने सोच को विकसित करना होगा। तभी इन विकराल समस्यायों का समाधान संभव है। गाय पर मंथन करते हुए बताया गया कि पिछले समय में भारतीय कृषि हल बैल होने के कारण कृषि गाय पर निर्भर थी। ट्रेक्टर से कृषि कार्य होने कारण बैलों की उपयोगिता समाप्त हो गई। इसलिए गाय समाज उपेक्षित हो गई। इसकी महत्ता पुनः अपने रूप में आये उसके लिए गाय की दूध की गुणवत्ता का प्रचार एवं उसके  मूत्र के औषिधीय गुण का उपयोग रोगों के निवारण में व्यापक रूप से होने पर लोग उसकी उपयोगिता समझे। तभी गाय की रक्षा हो सकती है।  इस अवसर पर यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय सलाहकार सोहन लाल आचार्य, राष्ट्रीय सचिव आरपी सिंह, राष्ट्रीय सचिव अजय शर्मा, जिला प्रभारी डाॅ0 राजवीर सिंह, महेशानन्द लाल बाबा, मुनेन्द्र कुमार यादव, दर्शन सिंह, राजेन्द्र सिंह, दिगम्बर सिंह, कुमारी अंजली, कल्याण दास बाब, महेश गिरि, आदि उपस्थित रहे।   

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आचार्य प्रवर स्वामी ए.एस. विज्ञानाचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य में तथा यमुना रक्षक दल व चेतना बोध मिशन के संयुक्त तत्वाधान में 5 अगस्त से 31 अगस्त 2015 तक गोविन्द मठ वृन्दावन में 27 दिवसीय ब्रज महोत्सव में आज दिनांक 20 अगस्त को गोविन्द मठ वृन्दावन में बरोली गाँव के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे वृन्दावन नगर पालिका चेयरमैन मुकेश गौतम। उन्होने कहा कि देश में तीन बड़े आन्दोलन हुए एक करपात्री महाराज का आन्दोलन, दूसरा अयोध्या का संतो का आन्दोलन और तीसरा संत जयकृष्ण दास जी का यमुना आन्दोलन। उन्होने कहा कि इनके यमुना आन्दोलन से दिल्ली तक की सरकार हिल चुकी है। यमुना आन्दोलन के प्रभाव से ही केन्द्र सरकार ने नमामी गंगे योजना में ब्रज में यमुना को जोड़ लिया है।  उन्होने ब्रज एवं गाय के विषय में बताया कि ब्रज विश्व का केन्द्र है। ब्रज  का विशेष महत्व है। गाय का संरक्षण बहुत आवश्यक है। गाय सभी ब्रजवासियों का पालने चाहिए। गाय के दूध से बड़े-बड़े रोग दूर हो जाते हैं। यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत जयकृष्ण दास ने कहा कि ब्रजवासी अपने घर में आने वाले अतिथियों का स्वागत सर्वप्रथम गाय के छाछ से करें। गाय की संख्या लगातार घटती जा रही है। भैंस के मुकाबले गाय का दूध मंहगा होना चाहिए तभी लोग ज्यादा से ज्यादा गाय पालेंगे इसके लिए हम सभी प्रयास करेंगे कि जो लोग गाय को बबचाने की बात करते हैं कि गाय का दूध और घी मंहगे दामों में खरीदें जिससे गौ पालकों को भैंस के मुकाबले गाय पालन में ज्यादा मुनाफा मिल सके। तभी गाय की रक्षा होगी। ब्रजवासियों के प्रत्येक घर में गाय होनी चाहिए। ब्रज में दूध-दही की नदियां बहनी चाहिए। ब्रज में मानवता का विकास हो। यमुना, कुण्ड, सरोवर, तालाब, एवं गाय आदि का संरक्षण हो यही ब्रज महोत्सव का उद्देश्य है। ब्रज का प्राचीन स्वरूप को वापस लाना है। ब्रज में शान्ति सद्भावना, प्रेम, भाईचारा, सत्य, न्याय आदि हो। ब्रज के प्रत्येक गाँव को एक आदर्श गाँव बनाना है। यही इस ब्रज महोत्सव का उद्देश्य है। यमुना के विषय में उन्होने बताया कि यमुना बिना ब्रज की अधूरा है। यमुना को हथिनी से मुक्त कराये बिना हम चैन से नहीं बैठेंगे। इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इस दौरान बरौली के गौरव सिसौदिया के नेतृत्व में 20 युवाओं की टीम बनाई गई।  इस अवसर पर चेतना बोध मिशन प्रभारी स्वामी रामानन्द जी, यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय सलाहकार सोहन लाल आचार्य, राष्ट्रीय सचिव आरपी सिंह, महेशानन्द लाल बाबा, गोपालाचार्य जी, म.प्र. के सम्वर्क ऋषि नगर अध्यक्ष श्रीदास प्रजापति, मुनेन्द्र कुमार यादव, कल्याण दास बाब आदि उपस्थित रहे।   

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नई दिल्ली : देश की प्रथम महिला शुभ्रा मुखर्जी का सुबह निधन हो गया है। उन्‍होंने सवेरे 10 बजकर 51 मिनट पर अंतिम सांस ली। शुभ्रा मुखर्जी का जन्‍म 17 सितंबर 1940 को जेस्सोर (अब बंगलादेश में) में हुआ था और 13 जुलाई 1957 को प्रणब मुखर्जी के साथ उनका विवाह हुआ था। शुभ्रा मुखर्जी ने स्‍नातक तक शिक्षा हासिल की थी। वह देश के राष्‍ट्रीय कवि गुरुदेव रविन्‍द्र नाथ टैगोर की प्रबल प्रशंसक थीं। वह रविन्‍द्र संगीत गायिका थीं और उन्‍होंने देश के कई हिस्‍सों में ही नहीं बल्कि यूरोप, एशिया और अफ्रीका में भी कवि रविन्‍द्र नाथ के डांस-ड्रामा में कई वर्षों तक हिस्‍सा लिया था। शुभ्रा मुखर्जी ने ‘गीतांजलि ट्रूप’ की स्‍थापना की थी जिसका मकसद रविन्‍द्र नाथ टैगोर के डांस-ड्रामा और गीतों के जरिये व्‍यक्‍त किए गए दर्शन को फैलाना था। ट्रूप के सभी कार्यक्रमों की वह मार्गदर्शक थीं। वह अत्‍याधिक प्रतिभाशाली चित्रकार भी थीं। उनकी कलाकृतियों की कई समूह और एकल प्रदर्शनियां आयोजित की गई थीं। वह अपनी मां को अपनी रचनात्‍मक प्रेरणा का स्रोत मानती थी। उनकी मां भी एक चित्रकार थीं। उनके कार्यों की काफी सराहना हुई। उन्होंने दो पुस्‍तकें : ‘चोखेर अलॉय’ और ‘चेना अचेनाई चीन’ लिखीं हैं। ‘चोखेर अलॉय’, उनका इंदिरा गांधी के साथ करीबी संबंधों का निजी विवरण है और ‘चेना अचेनाई चीन’ चीन की उनकी यात्रा पर एक यात्रा वृतांत हैं। शुभ्रा मुखर्जी और प्रणब मुखर्जी के तीन संतानें हैं- अभिजीत मुखर्जी, इंद्रजीत मुखर्जी और शर्मिष्‍ठा मुखर्जी।

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प्रधानमंत्री के इस विशेष पैकेज के अंतर्गत आने वाले वर्षों में बिहार में 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाएं लागू करने का प्रावधान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि बिहार में असीमित क्षमता है। यह पूरे देश को मज़बूती प्रदान कर सकता है। भारत पूर्ण रूप से तभी विकसित होगा जब भारत के पूर्वी भाग का विकास होगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा है कि बिहार का विकास उनका महत्वपूर्ण एजेण्डा है।   विकसित राज्यों की श्रेणी में बिहार को स्थापित करने के लिए केन्द्र सरकार ने एक व्यापक पैकेज को स्वीकृति दी है। इस पैकेज में यह ध्यान रखा गया है कि सहायता के सारे स्रोत बिहार को आने वाले वर्षों में स्वावलंबी बनाने में मदद करें। समाज को स्वावलंबी बनाने के लिए उसकी युवा पीढ़ी का स्वावलंब होना अति आवश्यक है। साथ ही साथ समाज के वर्तमान के पालनकर्त्ता की आय को बढ़ाना भी आने वाली पीढ़ी को स्वावलंब बनाने में मदद करता है। इस पूरे पैकेज में युवा वर्ग को अपने पैरों पर खड़ा करना और किसान जो कि वर्तमान में बिहार के पालनकर्त्ता हैं, उनकी आय को बढ़ाने को मुख्य बिन्दु बनाया गया है। किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए प्रधानमंत्री ने यह घोषणा की है कि कृषि मंत्रालय को अब कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा। यह निर्णय किसानों के हित को सर्वोपरि रखते हुए लिया गया एक महत्वपूर्ण निर्णय है। मनुष्य और उत्पाद का आवागमन जहाँ सरल तरीके से हो, विकास पहले उसी क्षेत्र का होता है। अतः इस पैकेज में बिहार के विकास के लिए रोड, रेल, वायुमार्ग, जलमार्ग तथा डिजिटल कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया गया है। कनेक्टिविटी स्थापित करने से बिहार में इंडस्ट्रीज को बढ़ावा मिलेगा जोकि यहां के युवा वर्ग को रोज़गार उपलब्ध कराने में तथा किसानों को उनके उत्पाद का अधिक मूल्य दिलाने में काफी उपयोगी साबित होगा।  इस पैकेज में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, महत्वपूर्ण नदियों पर पुल का काम तथा रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के लिये 54,713 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत महात्मा गांधी सेतु के समानांतर गंगा नदी पर एक नए पुल का निर्माण, कोसी ओर सोन नदी के ऊपर पुल का निर्माण, धार्मिक पर्यटन से जुड़े क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण और रेलवे ओवरब्रिजेज का निर्माण शामिल है। भंडारण और यातायात सुविधा के अभाव में किसान अपने उत्पाद को कम दाम में बेचने पर मज़बूर हो जाता है। इस पैकेज में अनाज भंडारण क्षमता में विकास के लिए 814 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा ग्रामीण सड़क के विकास के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 22,500 किलोमीटर सड़क के निर्माण हेतु 13,820 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।  रेलवे के विकास के लिए बिहार में मुख्यतया चल रही ट्रेनों की गति को बढ़ाना एक चुनौती है। रेलवे सेवा को और तीव्र और बेहतर बनाने के लिए रेलवे दोहरीकरण / तिहरीकरण और विद्युतीकरण पर बल दिया गया है। 8109 करोड़ रुपये की लागत पर 676 किलोमीटर का दोहरीकरण / तिहरीकरण की व्यवस्था किए जाने का प्रावधान है तथा 761 करोड़ रुपये की लागत पर 574 किलोमीटर के विद्युतीकरण का प्रावधान किया गया है। इस तरह रेलवे के क्षेत्र में कुल 8870 करोड़ रुपये का प्रावधान इस पैकेज में किया गया है। मोकामा में गंगा नदी के ऊपर रेल व रोड पुल के निर्माण के लिए प्रारंभिक कार्य आरंभ कर दिया गया है। बिहार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को वायुमार्ग से देश और विदेश से जोड़ने हेतु पटना में नए एयरपोर्ट तथा गया, पूर्णिया और रक्सौल के एयरपोर्टों के विकास के लिए 2700 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। डिजिटल बिहार कार्यक्रम के अन्तर्गत मोबाइल फोन की उत्तम सुविधा के लिए 1,000 नए बीटीएस टॉवर्स को स्थापित करने का प्रावधान है। इससे दूर के क्षेत्रों में जहाँ मोबाइल फोन की सुविधा नहीं है, वहाँ इस सुविधा में मदद मिलेगी। राज्य में इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चर कलस्टर की स्थापना के लिए 150 करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। दरभंगा और भागलपुर में साफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क के दो केन्द्रों की स्थापना का प्रावधान है। दो नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलैक्ट्रोनिक्स ऐंड इन्फारमेशन टेक्नोलॉजी केन्द्र मुजफ्फरपुर और बक्सर में स्थापित करने का भी प्रावधान है। इसके साथ-साथ पटना के वर्तमान केन्द्र के विकास का भी प्रावधान है। ग्रामीण BPO को बढ़ावा देने का प्रावधान इस पैकेज में किया गया है। कनेक्टिविटी के ये सारे कार्यक्रम बिहार राज्य को विकास की दौड़ में लाने के लिए एक ट्रैक-फील्ड का काम करेंगे।  इस पैकेज के द्वारा बिहार के किसानों की एक और व्यापक समस्या जो कि उत्पादकता का कम होना है, के समाधान हेतु भी ध्यान दिया गया है। नए अनुसंधान और विकास तथा लैब टू फार्म को बढ़ावा देने के लिए राजेन्द्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय पूसा को केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय में परिवर्तित करने का प्रावधान है। मत्स्य पालन, पानी के सही प्रबंधन, खेती के यांत्रिकीकरण और गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन के द्वारा किसानों की आय को बढ़ाने के लिए 1800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एकीकृत कृषि पर शोध के लिए राष्ट्रीय संस्था का प्रावधान किया गया है।  युवा वर्ग को उत्तम शिक्षा और स्किल डेवलेपमेंट प्रदान करना उनकी सफल भागीदारी के लिए आवश्यक तत्व हैं। युवा वर्ग की इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए "प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना" के अंतर्गत एक लाख युवक-युवतियों के प्रशिक्षण का प्रावधान किया गया है। बिहार राज्य में एक बड़े स्किल विश्वविद्यालय की स्थापना का भी प्रावधान है जिसकी कुल लागत 1,250 करोड़ रुपये होगी। शिक्षा के क्षेत्र में भागलपुर के निकट ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय की जगह एक नए केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान है। साथ ही साथ बोध गया में एक नए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) की स्थापना का भी प्रावधान है। ट्रैक फील्ड के निर्माण के साथ-साथ सहभागियों को उत्तम दर्जे की शिक्षा एवं प्रशिक्षण दिये जाने के बाद प्रतिस्पर्धा को आरंभ कर लंबे समय तक कार्यान्वित करने के लिए राज्य को ऊर्जा की आवश्यकता होगी।  इस पैकेज में ऊर्जा का उत्पादन, ट्रांसमीशन और वितरण की व्यवस्था पर काफी बल दिया गया है। बक्सर में 1300 मेगावाट के नए बिजली उत्पादन केन्द्र का प्रस्ताव है।  इसके साथ-साथ गाँव-गाँव में बिजली की व्यवस्था पहुंचाने के लिए दीन दयाल उपाध्याय ग्राम विद्युत योजना में राज्य के लिए 5,880 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का उद्देश्य खेतों में पर्याप्त और घरों में निरंतर बिजली देने का है। हर गांव में दो अलग-अलग लाइनों की व्यवस्था की जाएगी। Integrated Power Development Scheme के अंतर्गत शहरों में निरंतर बिजली देने का प्रावधान किया गया है। इस स्कीम के अन्तर्गत 250 करोड़ रुपये का प्रावधान राज्य के लिए किया गया है।  महिलाओं को बेहतर सुविधा मिले इसके लिए घर-घर में रसोई गैस पहुंचाने पर इस पैकेज में बल दिया गया है। बिहार राज्य में गैस की आपूर्ति के लिए जगदीशपुर-हल्दिया लाइन के लिए 2,300 करोड़ रुपये की लागत से 617 किमी की पाइप-लाइन बनाने का प्रावधान किया गया है। पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइप-लाइन का बिहार में विस्तार करने के लिए 1,800 करोड़ रुपये का प्रावधान है। मुजफ्फरपुर में 110 करोड़ रुपये की लागत से एक नए एलपीजी प्लाँट की स्थापना की जाएगी। बिहार राज्य में स्थित बरौनी रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता को 12,000 करोड़ रुपये की लागत से 6 मिलियन टन से 9 मिलियन टन तक बढ़ाने का प्रावधान इस पैकेज में है तथा बरौनी में ही एक पेट्रोकेमिकल प्लांट की स्थापना का प्रावधान है। रक्सौल से नेपाल में अमलेसगंज तक पेट्रोल-डीजल पाइपलाइन का निर्माण किया जाएगा।  पटना, गया और भागलपुर के तीन चिकित्सा महाविद्यालयों को बेहतर बनाने के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।  बिहार के युवा वर्ग को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने हेतु पर्यटन के क्षेत्र में 600 करोड़ रुपये की लागत से वैशाली, बोध गया, चम्पारण, विक्रमशिला, सुल्तानगंज, पटना इत्यादि जगहों पर हैरिटेज टूरिस्ट सर्किल के विकास का प्रावधान किया गया है।  राज्य के युवा वर्ग को रोजगार देने के लिए राज्य में अधिक से अधिक औद्योगिक यूनिट्स की स्थापना हो, यह सरकार का लक्ष्य है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए Income Tax Act में संशोधन कर बिहार के पिछड़े क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित करने हेतु प्लांट और मशीनरी की लागत में 15% की राशि के बराबर टैक्स में अतिरिक्त कटौती का प्रावधान किया गया है। यह कटौती 1 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2020 तक की अवधि के बीच हुए निवेश पर लागू होगी। इसके साथ ही साथ नए प्लांट और मशीनरी में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए भी 1 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2020 तक की अवधि के बीच पिछड़े क्षेत्रों में निवेश की 15% अतिरिक्त राशि Depreciation Allowance के तौर पर पहले वर्ष में दी जाएगी।  बिहार राज्य की ऊर्जा की जरूरतों को देखते हुए निजी क्षेत्र को भी ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भागीदार बनाया जा रहा है। बाँका में 4,000 मेगावाट का एक अल्ट्रा मेगा पॉवर प्लांट (Ultra Mega Power Plant) निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ 20,000 करोड़ रु. की लागत पर प्रस्तावित है।  वर्ष 2013 में 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बिहार के लिए एक स्पेशल प्लान की घोषणा की गई थी। सरकार के द्वारा उठाए गए कदमों से इन कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में अब तीव्रता लाई गई है। बचे हुए कार्यक्रमों को 8,282 करोड़ रुपये की धनराशि मुहैया कराकर पूरा किया जाएगा।  प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत बिहार में 1 करोड़ 34 लाख नए अकाउंट खोले गए और 1 करोड़ 23 लाख खाताधारकों को रु-पे डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं। इन खातों में 1 हजार 680 करोड़ रुपये की राशि लोगों ने अब तक जमा की है। प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत बिहार में 21,00,099 लोगों का एनरोलमेंट किया गया है। प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 11,25,073 लोगों को बिहार राज्य में इनरोल किया गया है। अटल पेंशन योजना का लाभ 33,760 लोग उठा रहे हैं।  प्रधान मंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत बिहार में 1 लाख से ज्यादा मुद्रा उद्यमियों को 868 करोड़ रुपये की राशि मुद्रा लोन के रूप में उपलब्ध कराई गई है। यह राशि 4 महीनों के दौरान उपलब्ध कराई गई है। बिहार राज्य में 6 हजार 292 बैंक शाखाएं हैं। प्रधान मंत्री की 15 अगस्त की उद्घोषणा के अनुसार 6292 महिला उद्यमियों और 6292 दलित उद्यमियों को Start up व Stand up योजना के अंतर्गत ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।  स्वच्छ विद्यालय के अंतर्गत जहां पूरे देश में 4 लाख 17 हजार 756 शौचालयों का निर्माण विद्यालयों में हुआ है उनमें से 56 हजार 912 शौचालय बिहार में बने हैं। सवा लाख करोड़ के नए पैकेज, चालीस हजार करोड़ के अतिरिक्त निवेश, सामाजिक सुरक्षा के व्यापक कार्यक्रमों और टैक्स में छूट के द्वारा औद्योगीकरण को बढ़ावा देने से बिहार में विकास के नए युग का आरंभ होगा।

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परिचय-यमुना मिशन के पेज को लाईक करते छात्र-छात्रायें यमुना मिशन कें कार्यकर्ताओं ने काॅलेज के छात्रों से यमुना मिशन के पेज को लाईक कराया। और यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं ने बीएसए काॅलेज के छात्राओं को यमुना के प्रति जागरूक किया। और कुछ दिन पूर्व ही मिशन द्वारा फेसबुक पेज सोशल मीडिया पर बनाया गया था। और अब तक 13000 लाईक मिल चुके है मिशन के कार्यकर्ताओं पेज को लाईक करने वालों को बधाई दी है। यमुना मिशन को युवा वर्ग का भी सहयोग मिल रहा है और अपने सहयोगीयों के साथ मिलकर यमुना मिशन के पेज को लाइक कराने में निरंतर सहभागिता निभा रहे है। राजेश तिवारी जी ने कहा कि जल ही जीवन है, श्री यमुने महारानी हमारे बृज में जल का स्त्रोत है जिन्हे कि आज हम सभी लोगों ने प्रदूषित कर रखा है आज यमुना मिशन कि पहल से हम सभी एकजुट होकर शासन-प्रसाशन आपसी सहयोग से संगठित होकर श्रीयमुना जी को शुद्ध व पवित्र करने केे लिए यमुना मिशन को भरपूर सहयोग प्रदान करे। बलराम शर्मा ने कहा युवा वर्ग से यह अपील की वह सभी भारी से भारी संख्या में यमुना मिशन के फेसबुक को लाईक करे और श्रीयमुना जी की सेवा से जुडे और महापुंण्य के भागी बने। इस दौरान लपूटी पंडित, आशिष शर्मा हनुमान जी वाले, मुकेश ठाकुर, महेश पंडित, गोविन्द ठाकुर, मीरा गोस्वामी, रिचा शर्मा, पूजा सिंह  रामवीर आदि उपस्थित रहे।    

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परिचय-यमुना मिशन के पेज को लाईक करते छात्र-छात्रायें यमुना मिशन कें कार्यकर्ताओं ने काॅलेज के छात्रों से यमुना मिशन के पेज को लाईक कराया। और यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं ने बीएसए काॅलेज के छात्राओं को यमुना के प्रति जागरूक किया। और कुछ दिन पूर्व ही मिशन द्वारा फेसबुक पेज सोशल मीडिया पर बनाया गया था। और अब तक 13000 लाईक मिल चुके है मिशन के कार्यकर्ताओं पेज को लाईक करने वालों को बधाई दी है। यमुना मिशन को युवा वर्ग का भी सहयोग मिल रहा है और अपने सहयोगीयों के साथ मिलकर यमुना मिशन के पेज को लाइक कराने में निरंतर सहभागिता निभा रहे है। राजेश तिवारी जी ने कहा कि जल ही जीवन है, श्री यमुने महारानी हमारे बृज में जल का स्त्रोत है जिन्हे कि आज हम सभी लोगों ने प्रदूषित कर रखा है आज यमुना मिशन कि पहल से हम सभी एकजुट होकर शासन-प्रसाशन आपसी सहयोग से संगठित होकर श्रीयमुना जी को शुद्ध व पवित्र करने केे लिए यमुना मिशन को भरपूर सहयोग प्रदान करे। बलराम शर्मा ने कहा युवा वर्ग से यह अपील की वह सभी भारी से भारी संख्या में यमुना मिशन के फेसबुक को लाईक करे और श्रीयमुना जी की सेवा से जुडे और महापुंण्य के भागी बने। इस दौरान लपूटी पंडित, आशिष शर्मा हनुमान जी वाले, मुकेश ठाकुर, महेश पंडित, गोविन्द ठाकुर, मीरा गोस्वामी, रिचा शर्मा, पूजा सिंह  रामवीर आदि उपस्थित रहे।    

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सौंख के गाढवाल मैदान पर पौधारोपण करते समाजसेवी सौंख समाचार। बुधवार की सुबह स्थानीय समाजसेवियों के द्वारा पौधारोपण किया गया। बरिश के मौसम को देखकर करीब एक दर्जन पौधे रौपे गये। पौधारोपण स्थानीय गढवाल मैदान पर किया गया। इस मौके पर चन्दन सिंह मिस्त्री, रामू ओमवीर, निजाम, सीटू, प्रवीण बंसल, आरिफ खान आदि उपस्थित थे।  

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