बैठक के दौरान नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के
पदाधिकारी एवं अधिकारी
मथुरा। आज नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर अपराधों मंे वृद्धि, विद्युत वितरण की बदतर स्थिति, सड़कों की दुर्दशा और अव्यवस्थित यातायात को लेकर बैठक की। इस बैठक में व्यापारियों ने प्रशासन, पुलिस और बिजली विभाग के अभियंता को बताया कि जनपद में अपराध तेजी से बढ रहे हैं। पुलिस वसूली में जुटी है, उसे अपराधियों से कोई लेना-देना नहीं है। थाने-चैकियों पर रिपोर्ट दर्ज नहीं हो रही हैं। जनमानस अपने आप को असहाय महसूस कर रहा है। शहर की विद्युत वितरण व्यवस्था बदतर स्थिति में है। प्त्येक फीडर पर दस से बारह घंटे तक कटौती हो रही है, कभी कंट्रोल से बिजली काटने तो कभी फाॅल्ट ठीक करने का बहाना विभाग बनाता है। विभाग द्वारा प्रत्येक क्षेत्र में छह घंटे की चार चरणों में विद्युत कटौती की जा रही है जिससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और पेयजल आपूर्ति चरमरा रही है। रात्रि कटौती से अपराध बढ रहे हैं। व्यापारियों को छह घंटे भी बिजली नहीं मिल रही। जब बाजार में ग्राहक होता है तो विभाग ओवरलोडिंग के नाम पर बिजली बंद कर देता है। अनेक बाद वार्ता के बाद भी कोई हल नहीं हुआ, जबकि ताज संरक्षित क्षेत्र के कारण यहां निर्बाध आपूर्ति मिलनी चाहिये। गत 2009 में डीएम और जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों और मुख्य अभियंता आगरा के साथ व्यापारियों की बैठक में आश्वासन था कि दो घंटे ही कटौती होगी लेकिन कोई भी निराकरण नहीं हुआ। केबिल डालने के नाम पर मनमानी हो रही है जिससे आये दिने दुर्घटनायें हो रही हैं। शहर की खराब सड़कें किसी से छुपी नहीं हैं। एक एजेंसी सड़क बनाती है तो दो महीने के अंदर दूसरी एजेंसी उसे खोद देती है। तालमेल के अभाव के कारण लोग इसका शिकार हो रहे हैं। महोली रोड के साथ डैम्पियर की दशा भी दयनीय है। शहर के भीतर की सड़कें भी जर्जर हैं। यातायात व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। जाम से सारा शहर प्रभावित है। विद्यालयांे के बड़े वाहन शहर में जाम लगाते हैं। कई बार बैठक के बाद निर्णय भी हुये लेकिन उनका क्रियान्वयन नहीं हुआ। यातायात पुलिस कर्मी चालान काटने और उगाही में लगे रहते हैं। उनका ट्रैफिक सुचारू करने में कोई मन नहीं है। इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार, एसएसपी राकेश सिंह, एसपी ट्रैफिक, सिटी मजिस्ट्रेट, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता विद्युत, व्यापारी नेता और पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग, रमेश चतुर्वेदी, सुनील अग्रवाल, जगदीश गुप्ता, प्रयागनाथ चतुर्वेदी, ललित अरोड़ा, गुरूमुखदास, अजय गोयल, राजनारायण गौड़, सुनील साहनी, रामप्रकाश शर्मा, बांकेलाल अग्रवाल टैंट वाले, छगनलाल खण्डेलवाल, रामनरेश अग्रवाल आदि मौजूद थे।
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