मथुरा

   बरसात के बाद हुए जलभराव से होकर परिक्रमा करते श्रद्धालु  मथुरा। आज दिन में जोरदार हुयी बरसात के बाद जहां परिक्रमार्थियों  के लिए मौसम सुहावना हो गया वहीं गोवर्धन और वृन्दावन के परिक्रमा मार्गों में जलभराव होने से परिक्रमार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश होने से गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के कच्चे रास्ते में जहां कीचड़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी। वहीं कस्बा के प्रमुख मार्गों पर घुटनों तक पानी भर गया जिससे परिक्रमा देने वाले लोगों के पग रूक गये। गोवर्धन बाजार और जतीपुरा गिरिराज तलहटी परिक्रमा मार्ग में बारिश के चलते परिक्रमा बाधित रही।वहीं वृन्दावन नगर के विभिन्न इलाकों में हुए जलभराव के चलते जहां वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा वहीं स्थानीय नागरिकों को भी मार्गो से निकला दूभर हो गया। घण्टों तक तक पानी न निकलने से लोगों को भारी दिक्कतों से गुजरना पड़ा। नगर के गोपीनाथ बाजार, पत्थरपुरा, रंगजी मंदिर, सीएफसी तिराहा, किशोरपुरा तिराहा, विद्यापीठ चैराहा, पुराना शहर, दाऊजी तिराहा, हरिनिकुंज क्षेत्र आदि में हुए जलभराव से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

Read More

मृतक की बेबा ने की एसएसपी से शिकायत मथुरा। एक महिला के पति की हत्या कर सुबूत मिटाने के उद्देश्य से बिना महिला की मर्जी और पुलिस को सूचना दिये नामजद लोगों ने शव का दाह संस्कार कर दिया और मृतक की बीमा पाॅलिसियों को छल, कपट, धोखाधड़ी से ले लिया। एसएसपी के आदेश पर मामले की रिपोर्ट गोविंद नगर थाने में दर्ज हुयी है। गोविंद नगर थाने की महाविद्या कालोनी निवासी मदन मोहन अग्रवाल की पुत्री उमंग सैकसरिया पत्नी अशीण सैकसरिया ने रिपोर्ट लिखाई है कि उसके पति अशीण सैकसरिया की हत्या के सुबूत मिटाने के लिए राधा सैकसरिया पुत्री मनोज निवासी वैलकम टावर तालवाड़ी रामदेर रोड सूरत गुजरात आदि तीन लोगों ने उसके पति का माल हड़प लिया है।   

Read More

मथुरा। हिंदूवादी नेता गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने नोडल अधिकारी यमुना कार्य योजना , अपर जिला मजिस्ट्रेट को मुडि़या पूनौ व श्रावण-मेले के दृष्टिगत उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में ‘यमुना कार्य-योजना’ के सुचारु संचालन को लेकर भेजे पत्र में कहा है कि मथुरा-वृन्दावन के घाटों पर हजारों श्रद्धालु यमुना-दर्शन व स्नान हेतु आ रहे हैं। मसानी एसपीएस सहित मथुरा-वृन्दावन के सभी सीवेज पम्पिंग स्टेशन्स का नियमित व निरंतर संचालन होता रहे, इस दिशा में निरंतर निरीक्षण व सावधानी बरता जाना अत्यन्त आवश्यक है। नगर पालिका मथुरा- वृन्दावन व प्रदूषण नियंत्रण विभाग को श्रावण मेला से पूर्व ही ‘पालीथिन निशेध अभियान’ आरम्भ करने व कठोरता बरतने हेतु निर्देशित किया जाये।  मथुरा व वृन्दावन के घाटों व संपर्क मार्गों पर निरंतर विशेष सफाई अभियान चलवाया जाये एवं फाॅगिंग व चूना आदि छिड़कवाया जाये। मथुरा व वृन्दावन क्षेत्र में स्थापित सीवेज पम्पिंग स्टेषन्स पर अनेक पम्प खराब स्थिति में होने के कारण उनकी पूर्ण क्षमता का उपयोग न होने व संबंधित नालों से पूरी तरह सिल्ट न हटाये जाने के कारण नालों का जल ऐसपीऐस में न जाकर ओवरफ्लो होकर सीधा यमुनाजी में पहुँच रहा है, जिसे रोकने हेतु समुचित व्यवस्था करायी जाये। घाटों पर लगी अधिकांष हाईमास्क लाईट्स रखरखाव के अभाव में बन्द है, जिन्हें चालू कराया जाये।

Read More

 गांव बढ़ौता में सीडीओ मनीष कुमार वर्मा वृक्षारोपण करते हुए, साथ में प्रधान सुरेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक डा एके वाजपेई।  जीवन में हर इंसान रोपे पेड पौधे  चैमुहां के गावं बढ़ौता में रोपे गए 350 पौधे मथुरा। चैमुहां विकास खंड के गावं बढ़ौता मेें सीडीओ मनीष कुमार वर्मा ने वृक्षारोपण करते हुए कहा कि बिना पेड पौधे के जीवन संभव नहीं है। पेड पौधे हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं। जिनके बगैर जीवन नही है। पेड पौधे और इंसान एक दूसरे पूरक हैं।  वे सभी को पेड पौधे लगाने के प्रेरित करते कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर इंसान को जीवन में कम से कम दो वृक्ष अवश्य लगाने चाहिए। और उनकी देखभाल कर उन्हें जीवन की यादगार बनाने के लिए बडा करना चाहिए। गांव में परशुराम मंदिर के निकट ग्राम पंचायत की जमीन पर स्वंय कंजी के दो वृक्ष लगाए।  जबकि पूरी जमीन पर कंजी के 350 वृक्षों का रोपण कराया गया । उनकी देखरेख के लिए ग्राम विकास अधिकारी रामवीर को दिशा निर्देश देते हुए तार फेंसिंग कराने के आदेश दिए।  ग्रामीणों ने प्रधान सुरेन्द्र सिंह की अगुवाई में गांव बिजली के लिए पोलों की मांग की। वहीं गांव में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की। खराब सड़कों को दुबारा बनवाने की बात कही। सीडीओ ने ग्रामीणों को भरोसा देते हुए कहा कि उनकी सभी मांगे पूरी कराने के प्रयास किए जायेंगे। पहले वो कच्चा काम मनरेगा से कराएं इसके बाद पक्की सडक, जल निकास की समस्या से निजात दिलाई जायेगी। बिजली विभाग से बात कर उनके लिए दस खंबे उन्हें उपलब्ध कराये जायेंगे। इस अवसर पर सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।  

Read More

मथुरा। कृष्ण चन्द्र गाँधी सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर काॅलेज की ईकाई द्वारा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 66 वाँ स्थापना दिवस हर्षोउल्लास के साथ विद्यालय प्रांगण मे मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ कार्यक्रम अध्यक्ष विद्यालय के प्रधानाचार्य डा. रामसेवक एवं विद्यार्थी परिषद के प्रमुख अभिषेक गौतम, नगर मंत्री दीपक गोला एवं अन्य आचार्य बन्धुओ के द्वारा सर्वप्रथम माँ सरस्वती और भारत माँ के चित्र पर पुष्पा अर्जन और दीप प्रज्वलित किया। कार्यक्रम में अभिषेक गौतम ने कहा कि आज विगत 66 बर्षो से आभाविप छात्र हित और देश हित की सेवा मे लगे हुए है। कार्यक्रम के अध्यक्ष विद्यालय प्रधानाचार्य एवं विद्या भारती के जिला प्रभारी डा. रामसेवक ने आभाविप के स्थापना दिवस तथा राष्ट्रीय छात्र दिवस पर आभाविप के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कि शिक्षा परिवार की सामूहिक अन्तर्निहित शक्ति मे विश्वास रखकर रचनात्मक कार्य मे छात्रो के कर्तव्य का संयोजन करने वाला एवं दलगत राजनिति से ऊपर रहकर रचनात्मक दृष्टिकोण से सभी विषयों को देखने वाला यह छात्र संगठन देश को छात्रो के सम्मुख सर्वोपरि रखने का पक्षधर है। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय आचार्य व विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य उमेश शर्मा करते हुए सभी को राष्ट्रीय छात्र दिवस और आभाविप के स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाये दी और आभाविप से जुडने का आह्वान किया। इस दौरान काॅलेज के आचार्य राजीव पाठक, विनय कुमार, केशव, सुनील, सुरेश, सीताराम, सोम कुमार लवानियाँ, बाँके, जगवीर, लक्ष्मीराणा, जितेन्द्र, लोकेश आदि मौजूद थे।

Read More

 लोकनिर्माण विभाग में अधिकारी को डीएम के नाम संबोधित ज्ञापन देते नगर उद्योग व्यापार मंडल के सदस्य  कब ठीक होगी विद्युत, यातायात और सड़क की समस्या मथुरा। नगर उद्योग व्यापार मण्डल ने डीएम को संबोधित ज्ञापन लोकनिर्माण विभाग में अधिकारी को सौंप शहर की विद्युत, सड़क, यातायात समस्याओं के निराकरण की मांग की। शहर की अधिकांश सड़कें जर्जर हाल में हैं। यह बात किसी से छुपी नहीं है। विद्युत, जल निगम, मोबाइल कंपनियां आपसी तालमेल के अभाव में रोजाना सड़कें खोद देती हैं और फिर जलभराव और मकान गिरने का सिलसिला शुरू हो जाता है। महोली रोड, डैम्पियर, सौंख अडडा, कोतवाली, सहित पूरे शहर की सड़कें ठीक होनी चाहिए वहीं विकराल रूप धारण कर चुकी विद्युत समस्या का निराकरण होना चाहिए। विद्युत कटौती का समय निर्धारण हो और पूर्व सूचना मिले। भूमिगत केबिल के नाम पर पूरा शहर खोद डाला है। आधा-अधूरा काम होने से जहां मार्ग अवरूद्ध होते हैं वहीं करण्ट का भी भय बना रहता है। नगर पालिका द्वारा किसी भी क्षेत्र में गडढे भरने का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। उद्योग बंधु की बैठक में तय हुआ था कि नगर पालिका से उक्त राशि विद्युत विभाग को वापिस कराकर विद्युत विभाग को ही जिम्मेदारी दी जाये तथा जिन क्षेत्रों में गडढे खोदे गये हैं उन्हें ठीक कराया जाये। शहर की ध्वस्त यातायात व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। स्कूली बसों द्वारा शहर के अंदर जाम लगाया जाता है। चारपहिया वाहन भीतरी बाजारों मंे नहीं चलने चाहिए। इस अवसर पर नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के अध्यक्ष रमेश चतुर्वेदी, युवा अध्यक्ष सुनील साहनी, महामंत्री सुनील अग्रवाल, आनंद किशोर, कुंजनाथ चतुर्वेदी, दिलीप पाठक, दीनानाथ सहित काफी संख्या में व्यापार मौजूद थे।

Read More

ईद की तैयारियों को लेकर अधीनस्थों को अल्टीमेटम देते जिलाधिकारी राजेश कुमार  मथुरा। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने अलविदा की नमाज व ईद की तैयारियों के मदद्ेनजर सम्बन्धित अधिकारियों को कड़े निर्देशा देते हुए कहा कि आगामी सोमवार से पहले सभी आवश्यक तैयारियां हर हाल में पूरी हो जायें। सोमवार को अलग-अलग टीम बनाकर वे स्वयं भी तैयारियांे का जायजा लेगें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता अक्षम्य होगी। जिलाधिकारी ने नगर पालिका मथुरा को नमाज स्थलों पर सफाई की चुस्त-दुरूस्त व्यवस्था के निर्देश देते हुए कहा कि शाही ईदगाह मस्जिद से गोबर व गन्दगी आदि को तत्काल हटाया जाय। सफाई कार्य को प्राथमिकता के आधार पर कराये जाने के निर्देश दिये। नालों की सफाई हेतु अधिशासी अधिकारी मथुरा को कड़े निर्देश दिये। सड़कों की मरम्मत व पैच वर्क को समय से पूरा करने के लिये बिजली विभाग को निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि ईदगाह के अलावा अन्य मस्जिदें जहॅा पर नमाज अदा की जाती है वहां पर विशेष अभियान चलाकर सफाई सहित सभी कार्यों को पूरा किया जाय। उन्होंने नगर पालिका को लाइट आदि की व्यवस्था के निर्देश देते हुए कहा कि विद्युत विभाग इस अवसर पर निरंतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने नगर पालिका को यह भी निर्देश दिये कि जहॅा पर सोडियम लाइट लगायी जानी हो वहॅा तुरन्त लगायी जायें। 

Read More

मथुरा। भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए पूर्व कबीना मंत्री चै. लक्ष्मीनारायण का नरी सेमरी, अकबरपुर, चैमुंहा, आझई, जैंत, छटीकरा, बाईपास पर कार्यकर्ताओं ने अभूूतपूर्व स्वागत किया। नरी सेमरी में पप्पू, अभय पाल जादौन की अध्यक्षता में स्वागत हुआ। अकबरपुर में पातीराम सिसौदिया के निवास पर सिहाना, कौंकेरा, शिवाल, बझेरा, तरौली, अकबरपुर, अगरयाला, शहदपुर, बिलौड़ा, सैनवां, भरतिया, सेही, पसौली, मई, बसई सहित कई अन्य गांवों के लोगों ने उनका स्वागत किया। समाजसेवी ठा. पातीराम सिसौदिया ने कहा राष्ट्रीय पार्टी में आने से कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ा है। उनकी जीत का अंतर अब दोगुना होगा है।  स्वागत करने वालों पूर्व जिला पंचायत भूदेव सिंह, शिकारी, पूर्व प्रधान शिवाल बदन सिंह, पूर्व प्रधान तरौली पूरन सिंह, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि अकबरपुर जसवंत सिंह पवार, पूर्व उप प्रधान पसौली ठा. इन्द्रजीत सिंह, द्वारिका प्रसाद आर्य, चंदन सिंह, गिर्राज सिंह, प्रकाश, किशन लाल पंडित, राम निवास, उदय सिंह, हर प्रसाद, सीताराम, टीकम सिंह, चंदन सिंह दाताराम आदि मौजूद रहे। कस्बा में हाईवे पर पूर्व मंत्री चै. लक्ष्मीनारायन का स्वागत पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि ठाकुर ओंकार सिंह सिसौदिया, संजय सिंह सिसौदिया, सुरेश मेंबर, सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। आझई खुर्द मोड़ पर आरके हॉस्टल पर ब्रज मंडल क्षत्रिय राजपूत महासभा के जिला मंत्री ठा. थान सिंह ने की माला पहनाई। स्वागत करने वालों प्रधान भगवान सिंह, पूर्व प्रधान भूपेन्द्र सिंह, नारद सिंह, जय पाल सिंह, चंद्र पाल सिंह,  हरविलास, रमेश चंद, नवरत्न, सुभाष, विजेन्द्र, भोला प्रधान पूर्व प्रधान वेदराम, प्रधान राधे, सौदान सिंह, अजय, अशोक, गुलाब सिंह, नारद सिंह, सुखराम सिंह आदि मौजूद रहे। पूर्व मंत्री के साथ प्रतिनिधि मनोज फौजदार, प्रतिनिधि नरदेव चैधरी व चैधरी राजवीर सिंह का भी स्वागत हुआ।  

Read More

चार्ल्‍स कोर्रिया ने कहा था, ''भारत के शहरों में से सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण बात यह है कि यहां हमें विश्‍व प्रसिद्ध शिल्‍पकार मिलते हैं।'' निकट भविष्‍य में भारत के व्‍यापक मानचित्र पर स्‍मार्ट शहरों के उभरने के बाद वह अपने इस धारणा के प्रति और अधिक आश्‍वस्‍त हो गए होते। अफसोस! उनका देहांत हो चुका है। परियोजना को पूरा करने के लिए व्‍यापक स्‍तर पर तैयारियां चल रही हैं ताकि विकास एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए इस महत्‍वपूर्ण पहल को साकार रूप दिया जा सके। केंद्र की ओर से 48,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ अगले पांच वर्षों में 100 स्‍मार्ट शहरों को विकसित किया जाएगा। देश के शहरी क्षेत्र को तीव्र गति से विकसित करने के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल ने अगले पांच वर्षों में दो नए शहरी अभियानों के अंतर्गत शहरी विकास पर करीब एक लाख करोड़ रुपये के खर्च को स्‍वीकृति दे दी है। क्रमश: 48,000 करोड़ रुपये और 50,000 करोड़ रुपये के परिव्‍यय से इस वर्ष 25 जून तक प्रारंभ की जा रही यह दो परियोजनाएं स्‍मार्ट सिटी अभियान और 500 शहरों के कायाकल्‍प और शहरी बदलाव के लिए अटल अभियान (एएमआरयूटी) हैं। स्‍मार्ट सिटी अभियान के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में जीवन की शानदार गुणवत्‍ता को समर्थ बनाने के लिए मूल्‍य बुनियादी सुविधाओं, स्‍वच्‍छ और दीर्घकालिक पर्यावरण और कुशल समाधानों को अपनाने को सुनिश्‍चित करना है। अधिकारियों का दावा है कि स्‍मार्ट शहरी मिशन का उद्देश्‍य अभियान के अंतर्गत उन्‍नत शहरी पर्यावरण आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा जिससे सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और इसे सार्वजनिक स्‍थलों तक पहुंचाने के माध्‍यम से गरीबों को शहरी विकास के लाभ प्रदान करना है। साल 2011 की जनगणना के अनुसार, शहरी जनसंख्‍या के कुल जनसंख्‍या के 31 प्रतिशत के लिए करीब 37 करोड़ रुपये था। नवीनतम अनुमानों के अनुसार, करीब 5.80 करोड़ शहरी जनसंख्‍या गरीब है। सूत्रों ने बताया कि पिछल सरकार के द्वारा 2005 में शुभारंभ किए और मार्च, 2014 तक कार्याविन्‍त हुए जवाहरलाल नेहरू शहरी नवीकरण अभियान के कार्यान्‍वय से सबक लेते हुए नवीन पहलों को गठित किया जा चुका है। अमरीकी व्‍यापार विकास एजेंसी (यूएसटीडीए) ने इलाहाबाद, अजमेर और विशाखापत्‍तन शहरों को स्‍मार्ट शहरों में बदलने के लिए राजस्‍थान और आंध्र प्रदेश सरकारों के साथ एक समझौते पत्र पर हस्‍ताक्षर किए। चौदह देशों ने स्‍मार्ट शहरों को बनाने में रुचि दिखाई है। इनमें अमरीका, जापान, चीन, सिंगापुर, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैण्‍ड, स्‍वीडन, इजरायल, तुर्की और ऑस्‍ट्रेलिया शामिल हैं। अभियान के अतंर्गत, उन्‍नत शहरी वातावरण आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा जिससे बढ़े हुए रोजगारों और आजीविका अवसरों के माध्‍यम से गरीबों को लाभ मिलेगा। स्‍मार्ट शहरी अभियान के अंतर्गत, प्रत्‍येक चयनित शहर को पाँच वर्षों के लिए प्रतिवर्ष 100 करोड़ रुपये की केन्‍द्रीय सहायता प्रदान की जाएगी और मानदंडों के अनुसार प्रत्‍येक राज्‍य आकांक्षी स्‍मार्ट शहरों की निश्चित संख्‍या की संक्षित सूची तैयार करेगा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आकांक्षी स्‍मार्ट शहरों को एक पारदर्शी ''इस महत्‍वाकांक्षी अभियान के उद्देश्‍यों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से बेहतर प्रदर्शन की संभावनाओं के साथ वित्‍त पोषण के लिए शहरी चुनौती प्रतिस्‍पर्धा'' के माध्‍यम से चुना जाएगा। केन्‍द्र सरकार से मिलने वाली धनराशि के लिए राज्‍यों की योजना का मूल्‍यांकन किया जाएगा। सूत्रों ने यह भी स्‍पष्‍ट किया कि स्‍मार्ट शहर अभियान का लक्ष्‍य जीवन स्‍तर में सुधार के लिए उपलब्‍ध परिसम्पत्तियों, संसाधनों और बुनियादी ढांचे का कुशल उपयोग करने के लिए स्‍मार्ट शहरों को अपनाने को प्रोत्‍साहन देना है। शहरी योजना में स्‍थानीय लोगो की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। इनमें पुनर्संयोजन, पुनर्विकास, शहरी पहलों और नए शहरों के विकास को शामिल करते हुए क्षेत्र आधारित दृष्टिकोण के माध्‍यम से कार्यान्वित किया जाएगा। एक संवाददाता ने हाल ही में कुछ प्रमुख हिन्‍दी राज्‍यों के क्षेत्रों का दौरा किया तो देखा कि स्‍थानीय लोग स्‍मार्ट शहरों के संभावित स्‍थलों का आकलन कर रहे है और उन्‍होंने इन क्षेत्रों के अंदर और आसपास भूमि मूल्‍यों में वृद्धि के अपनी स्‍वयं की संभावनाएं तलाश करनी प्रारंभ कर दी हैं। ''यह सिर्फ धन लाभ की गणना नहीं है बल्कि हम बेहतर शहरी जीवन के लिए भी उत्‍सुक है और यदि हमने एक निर्धारित अवधि के भीतर बेतरतीब विकास की इस वर्तमान परंपरा को नहीं रोका तो आगामी पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी।'' कुछ स्‍थानों पर स्‍मार्ट शहरों के संभावित स्‍थलों पर शर्तें लगाई जा रही है और स्‍थानीय लोगों में पूर्ण उत्‍साह है। सूचना के अनुसार एक सांविधिक शहर वह है जिसमें एक नगर निगम होता है। 2011 के रिकार्डों के अनुसार, कुल 4,041 सांविधिक शहर / कस्‍बे हैं। इनमें से करीब 500 शहरों की जनसंख्‍या एक लाख से ज्‍यादा है। इन 500 शहरों में भारत की जनसंख्‍या का 73 प्रतिशत हिस्‍सा है। जानकार सूत्रों के अनुसार, स्‍मार्ट शहरों और AMRUT के तौर पर नामांकित हो सकने वाले शहर क्रमश: इस प्रकार हैं: अंडमान और निकोबार (1 और 1), आंध्र प्रदेश (3 और 31), असम (1 और 7), दिल्‍ली (1 और 1), कर्नाटक (6 और 27), केरल (1 और 18), उत्‍तरप्रदेश (13 और 54), पश्चिम बंगाल (4 और 28), महाराष्‍ट (10 और 37), आदि। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चिह्नित क्षेत्रों में पुनर्संयोजन और कमियों को अहमदाबाद की स्‍थानीय योजना की तर्ज पर ही आवश्‍यक सुधारों और हस्‍तक्षेपों के माध्‍यम से हल किया जाएगा। मुंबई के भिंडी बाजार और दिल्‍ली के पश्चिमी किदवई नगर जैसे मामलों में पहले से ही निर्मित क्षेत्र के पुनर्निर्माण के विकास के मामले स्‍मार्ट सिटी के लिए उत्‍तरदायी नहीं होंगे। पैन सिटी शहरों के घटकों में बुद्धिमता से किए गए परिवहन समाधान जैसे सुधार किए जा सकते हैं। स्‍मार्ट शहरों की पहल के योजनाकारों ने इनकी प्रमुख बुनियादी सेवाओं में पर्याप्‍त और स्‍वच्‍छ जलापूर्ति, स्‍वच्‍छता और ठोस अपशिष्‍ट प्रबंधन, कुशल शहरी गतिशीलता और सार्व‍जनिक परिवहन, गरीबों के लिए किफायती आवास, बिजली आपूर्ति, मजबूत सूचना-प्रौद्योगि‍की संपर्क, प्रशासन, विशेष रूप से ई-शासन, निवासियों की सुरक्षा, बेहतर तरीके से विकसित स्‍वास्‍थ्‍य और शिक्षा सेवाओं के अलावा दीर्घकालिक शहरी विकास को शामिल किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि स्‍मार्ट शहरी कार्ययोजना को विशेष उद्देश्‍य वाहनों के माध्‍यम से कार्यान्वित किया जाएगा जिसे प्रत्‍येक शहर के लिए बनाया जाएगा और राज्‍य सरकारें इन एसपीवी के संसाधनों को त्‍वरित गति से उपलब्‍ध कराने को सुनिश्चित करेंगी। स्‍मार्ट शहर और AMRUT दोनों ही एक विशेष माध्‍यम से एक दूसरे से जुड़े हैं। AMRUT में 50,000 करोड़ रुपये के निवेश के माध्‍यम से जलापूर्ति, सीवरेज प्रबंधन, तूफानी पानी का निकास, बच्‍चों की सुवि‍धाओं को पूरा करने के लिए विशेष योजना के साथ परिवहन और हरित क्षेत्रों एवं उद़यानों का विकास शामिल है। इस अभियान का उद्देश्‍य ई-शासन, पेशेवर नगरपलिका कैडर का गठन, स्‍थानीय शहरी निकायों के लिए विकास कोष और कार्य, भवन उपनियमों की समीक्षा, नगरनिगम करों के संग्रह और मूल्‍यांकन में सुधार, शहरी स्‍थानीय निकायों की ऋण रेंटिग, ऊर्जा और जल ऑडिट, नागरिक केन्द्रित शहरी योजना जैसे सुधारों को प्रा़प्‍त करना है। सूत्रों ने बताया कि सुधारों को आगे बढ़ाने के क्रम में, सरकार ने पिछले वर्ष के दौरान सुधारों की प्राप्ति के आधार पर प्रोत्‍साहन के तौर पर राज्‍यों / संघ शासित प्रदेशों को 10 प्रतिशत बजट आबंटन की भी योजना बनाई है। समयसीमा के साथ एक सुधार प्रक्रिया को दिशा-निर्देशों में राज्‍यों को वितरित की जाएगी। AMRUT अभियान को एक लाख और इससे ज्‍यादा जनसंख्‍या वाले 500 शहरों और कस्‍बों में कार्यान्वित किया जाएगा। इसे नदियों के किनारे बसे शहरों, कुछ राजधानी शहरों, पहाड़ी, द्वीपों और पर्यटन क्षेत्रों के कुछ महत्‍वपूर्ण शहरों में भी कार्यान्वित किया जाएगा। जेएनएनआरयूएम से भिन्‍न, केन्‍द्र सरकार व्‍यक्तिगत परियोजनाओं का मूल्‍यांकन करेगी लेकिन सूत्रों ने बताया कि राज्‍यों को चिह्नित शहरों की आवश्‍यकताओं, निष्‍पादन और निगरानी के आधार पर योजनाओं की डिजाइनिंग में लचीलापन अपनाने की सुविधा दी जाएगी। राज्‍य सिर्फ व्‍यापक सहमति के आधार पर केन्‍द्र को अपनी वार्षिक योजना प्रस्‍तुत करेंगे जिनके आधार पर निधि जारी की जाएगी। 10 लाख की जनसंख्‍या वाले शहरों और कस्‍बों के लिए परियोजना लागत की 50 प्रतिशत और 10 लाख की आबादी वाली परियोजना लागत की एक तिहाई केन्‍द्र सरकार द्वारा मदद की जाएगी। निधि को राज्‍य वार्षिक कार्ययोजनाओं में संकेतित महत्‍वपूर्ण उपलब्धियों के आधार पर 20:40:20 के अनुपात में तीन किश्‍तों में जारी किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि सरकार पहले से ही जेएनएनयूआरएम के अंतर्गत स्‍वीकृत और अपूर्ण परियोजनाओं को AMRUT के तहत केन्‍द्रीय वित्‍त पोषण को स्‍वीकृति दे चुकी है। 2005-2012 के दौरान स्‍वीकृत शहरी विकास से संबंधित जेएनएनयूआरएम परियोजनाओं और 50 प्रतिशत तक की प्रगति प्राप्‍त कर चुकी परियोजनाओं और 2012-14 के दौरान स्‍वीकृत परियोजनाओं को मार्च 2017 तक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अनुसार, 102 और 296 परियोजनाओं को पूरा करने के लिए संतुलन बनाने के लिए केन्‍द्रीय सहायता प्रदान की जाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दो लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा के न्‍यूनतम निवेश को अगले पाँच वर्षों में शहरी क्षेत्रों में लगाया जाएगा जबतक राज्‍य और शहरी स्‍थानीय निकाय 50 से 60 प्रतिशत तक के संसाधनों नहीं जुटा लेते हैं। इसके अतिरिक्‍त, परियोजना लागतों को पूरा करने के लिए आवश्‍यकता के अनुसार सार्वजनिक-निजी साझेदारी के आधार पर राज्‍यों और शहरी स्‍थानीय निकायों के द्वारा पर्याप्‍त निजी निवेश को भी जुटाया जाएगा।

Read More

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साइबर संबंधी जोखिमों को रक्तहीन युद्ध का वैश्विक खतरा बताया और देश के आईटी समुदाय का आह्वान किया कि वह विश्वसनीय साइबर सुरक्षा प्रणाली बनाकर पूरे विश्व की सेवा करे। नरेन्द्र मोदी यहां डिजिटल इंडिया सप्ताह के शुभारंभ समारोह में बोल रहे थे।  प्रधानमंत्री ने भारतीय आईटी उद्योग नेतृत्व से ‘ मेक इन इंडिया ’ कार्यक्रम के हिस्से के रूप में तथा आयात पर निर्भरता कम करने के लिए इलेक्ट्रोनिक उपकरणों तथा सामग्रियों का उत्पादन बढ़ाने को कहा।  नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज भारत के लिए यह कहना पर्याप्त नहीं है कि वह प्राचीन सभ्यता है और जनसांख्यिकी लाभ के साथ 125 करोड़ लोगों का देश है। उन्होंने कहा कि आधुनिक टेक्नोलॉजी को इन मजबूतियों से जोड़े जाने की जरूरत है।  प्रधानमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार लोगों के बीच डिजिटल-अंतर को बाधा बनने की अनुमति नहीं देने के लिए कृत संकल्प है। उन्होंने ई-गर्वनस तथा मोबाइल गर्वनस बारे में अपने विज़न को स्पष्ट किया। मोबाइल पर सभी महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री ने कहा “ मैं एक डिजिटल भारत का सपना देखता हूं, जहां ऊंच गति के डिजिटल हाईवे देश को जोड़े, 1.2 बिलियन जुड़े भारतीय नवाचार को प्रेरित करें, टेक्नोलॉजी यह सुनिश्चित करे कि नागरिक- सरकार संवाद भ्रष्ट न हो पाए।  प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले सेटेलाइट लांच करने के लिए भारत की आलोचना की जाती थी, लेकिन अब यह माना जाता है कि यह सेटेलाइट आम जन के मददगार है, उदाहरण के लिए मौसम का सटीक अनुमान व्यक्त करके किसानों की मदद की जा सकती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी तरह डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का उद्देश्य सामान्य-जन के जीवन को सुधारना है। उन्होंने कहा कि भारत भले ही औद्योगिक क्रांति चूक गया हो, लेकिन भारत आईटी क्रांति से नहीं चूकेगा। प्रधानमंत्री ने स्टार्ट-अप लांच करने के इच्छुक युवा उद्यमियों को पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने युवाओं से नावचार में शामिल होने का अनुरोध किया और कहा कि ‘ डिजाइन इंडिया ‘ उतना ही महत्वपूर्ण है जितना ‘मेक इन इंडिया‘। प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया के लोगो का अनावरण किया और डिजिटल भारत से संबंधित नीति दस्तावेजों को जारी किया। उन्होंने सीएससी ग्राम स्तरीय दो महिला उद्यमियों का अभिनंदन किया। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली, रविशंकर प्रसाद, जेपी नड्डा, थावर चंद गहलोत, जुआल ओराम तथा निर्मला सीतारमण उपस्थित थीं।

Read More