नई दिल्ली । नोटबंदी की प्लानिंग को लेकर पीएम मोदी ने काफी गोपनियता बरती थी। दरअसल पीएम मोदी ने नोटबंदी का फैसला लागू करने से पहले 6 अफसरों की एक टीम तैयार की थी। इस टीम मेें रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अढिया भी शामिल थे। 6 अफसरों की यह टीम पीएम मोदी के घर गुप्त रूम से काम कर रही थी। इस टीम में शामिल अफसरों को गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस टीम का चुनाव काफी सोच समझकर किया गया था। नोटबंदी पर सारी रिसर्च पीएम मोदी के घर ही हुई थी। साथ ही जिन अफसरों की टीम के जिम्मे यह काम था, उन्हें मामले की पूरी समझ थी। 6 अफसरों की यह टीम पीएम मोदी के घर दो कमरों में काम करते थे। इन अफसरों की टीम ने एक साल तक इस मामले में रिसर्च की। गौरतलब है कि हसमुख अढिया को को सितंगबर 2015 में रेवेन्यू सेक्रेटरी बनाया गया था। रेवेन्यू सेक्रेटरी बनने के बाद अढिया वित्त मंत्री अरूण जेटली को रिपोर्ट कर रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार अढिया सीधे पीएम मोदी के संपर्क में थे। उनको जब भी किसी मुद्दे की चर्चा करनी होती थी तो ये दोनों गुजराती में बातचीत भी करते थे। नोटबंदी का फैसला लागू करने से पहले पीएम मोदी ने कैबिनेट की मीटिंग भी बुलाई थी। इस मीटिंग में पीएम मोदी ने मंत्रियों से कहा था कि अगर नोटबंदी की पॉलिसी फेल हुई तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मेरी होगी। इसके बाद पीएम मोदी 8 नवंबर की रात को 8 बजे नोटबंदी के फैसले का ऐलान किया। साभार-khaskhabar.com
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