मथुरा

वृन्दावन। पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम ने पालिका के संचालित नलकूपों, पानी की टंकियों, ओवरहैंड टैंकों का निरीक्षण किया। नलकूपों, पानी की टंकियों एवं ओवरहैंड टैकों में छोटी-छोटी कमियां पाये जाने पर पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम द्वारा उन कमियों का मौके पर दर्ज करवाकर तत्काल निराकरण कराया गया। पालिकाध्यक्ष ने जलकल प्रभारी योगेन्द्र शर्मा को सख्त निर्देष देते हुए कहा कि वह इस भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए वृन्दावन नगर में पालिका से संचालित हैडपम्पों को शीघ्र से शीघ्र ठीक कराएं। पालिकाध्यक्ष मुकेश गौतम ने कहा कि नगर की पानी की समस्या का निराकरण करने के लिए हर तिराहे-चैराहे पर पालिका द्वारा स्टैंड पोस्ट लगवाये जाएंगे, जो कि पानी की समस्या को निराकरण करने में मददगार साबित होंगे। पालिकाध्यक्ष ने निरीक्षण के दौरान कई जगह चाबियों की लीकेज को सही कराने के आदेश दिये, साथ ही रात्रि में बोल्टेज सही हो जाते है इसलिए पूर्ण रात्री पम्पों से सभी मौहल्लों को एक-एक घण्टे की अतिरिक्त सप्लाई देने की आदेश दिये तथा पुरानी व्यवस्था से ही पेयजल सप्लाई दिन में चलेगी। उन्होने जलकल प्रभारी को निर्देश दिया कि जहां जहां वाटर लेबिल नीचे गिरने की संभावना है उसके लिए अतिरिक्त पाईप और संसाधनो की व्यवस्था करायी जाये। पालिकाध्यक्ष ने नलकूपों संचालकों एवं पानी की टंकियों के संचालकों को भी सख्त निर्देश दिए कि अपने कार्य में किसी भी प्रकार की कोई कोतवाही न बरतें, नलकूपों एवं पानी की टंकिया में लगे बूस्टरों का सही ढ़ंग से संचालन करें, अगर किसी भी लापरवाही के चलते नलकूपों की मोटर फूंकती है, स्टार्टर खराब होता है, बूस्टर खराब होता हैं, बूस्टर बंद पड़ा पाया जाता है तो उसकी जिम्मदेारी पम्प चालक एवं पानी की टंकियों के संचालक की ही होगी।

Read More

मथुरा। सपा के वरिष्ठ नेता व अखिलेश यादव के चाचा और प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव 16 मई को जनपद भम्रण पर आ रहें हैं। श्री यादव 16 मई को लखनऊ से हैलीकाप्टर से चलकर प्रातः 9.15 बजे वृन्दावन स्थित यूविर्सिर्टी के पीछें बनें हैलीपैड पर उतरेगे। जहाॅ जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा उनकी आगवनी की जायेगी उसके पंश्चात मंत्री शिवपाल यादव श्री भक्ति वेदान्त गुरूकुल  एंण्ड इन्टरनेशनल स्कूल का शिलान्यास करेगे उसके पंश्चात मंत्री जी विभागीय समीक्षा करेगे तथा 11 बजें हैलीकाप्टर द्वारा लखनऊ के लिए रवाना हो जायेगे।

Read More

गोवर्धन। कस्बे के परिक्रमा मार्ग मंे मूलचंद पुत्र रामजीलाल निवासी राधाकुण्ड की बाइक संख्या यूपी 85 6682 को मोहनलाल पुत्र नत्थी निवासी मौहल्ला देशलाल राधाकुण्ड चोरी करते रंगे हाथ पकड़ा गया। पकड़े गये चोर को पकड़ कर पहले तो लोगों ने उसकी जमकर धुनाई कर डाली और फिर उसे पुलिस को सौंप दिया।

Read More

मथुरा। जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था व ट्रस्ट के संस्थापक परम् पूज्य बाबा जय गुरुदेव महाराज ने 18 मई 2012 को अपना पंच भौतिक शरीर छोड़ा था। यह दिन ऐतिहासिक व स्मरणीय है। गुरु महाराज की पावन प्रीति को यादगार बनाने के लिये तीसरे वार्षिक भण्डारा सत्संग मेले का आयोजन दिनांक 16 से 21 मई 2015 तक जय गुरुदेव आश्रम मथुरा में संस्था व ट्रस्ट के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है। बाबा जी अनन्त सत्ता के स्वामी व उच्च आध्यात्मिक पहुंच के महापुरुष थे। आत्माओं के कल्याण के साथ अच्छे समाज का निर्माण उनका एक बड़ा लक्ष्य था। बाबा जी ने लोगों को आगाह करते हुये कहा था कि आगे समय बड़ा नाजुक, दुःखदाई और हाहाकारी आने वाला है। इसलिये हमारी प्रार्थना और अपील है कि कोई हिंसा मत करें। जीव हिंसा बहुत बड़ा पाप है। जीवन को शाकाहारी सदाचारी बनायें, इसी से आंखों में मां, बहन, बहू, बेटी की पहचान आयेगी जो इस समय की बहुत बड़ी आवश्यकता है। वो चाहते थे कि एक अच्छे समाज की स्थापना हो। सब लोग आपस में प्रेम, मोहब्बत से रहें। अपना अपना काम मेहनत ईमानदारी से करें। सबका आदर सम्मान हो और सब लोग थोड़ा सा समय निकालकर भगवान की सच्ची पूजा, भजन, खुदा की सच्ची इबादत और प्रार्थना करें। भण्डारे को यादगार बनाने के लिए मेला परिसर को 41 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 35 विभाग बनाकर उसकी जिम्मेदारी लोगों को सांैप दी गई हैं। पूजन व प्रसाद वितरण का कार्यक्रम 18 मई को रात्रिः 9.30 बजे से प्रारम्भ होगा, भण्डारे का दिन 19 मई मंगलवार है। सत्संग नित्य प्रातः 5ः30 और सायं 5ः00 बजे होगा। प्रार्थना, साधना का कार्यक्रम प्रातः व सायं होगा। दहेज रहित विवाह सायंकाल 9ः00 बजे से होगा। प्रतापगढ़, गाजीपुर व झांसी जिले और नेपाल राष्ट्र आदि के कई भण्डारा (लंगर) अपने सेक्टरों में पहुंच चुके हंै। मेले के अवसर पर संगतें शर्बत प्याऊ भी चलायेंगी।

Read More

सौंख। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने गौरव गुप्ता को भाजयुमो का बृज प्रदेश मंत्री बनने पर हर्ष व्यक्त किया है। हर्ष व्यक्त करने वालों में जिला योजना समिति के सदस्य प्रतिनिधि अनिल चैधरी, ऋषि पचैरी, सोनू अग्रवाल, सीताराम शर्मा, कुलदीप शर्मा, मनोज आदि प्रमुख हैं।

Read More

मथुरा : जनपद स्थित यमुना नदी खादर में चल रही अवैध निर्माण के खिलाफ मुहिम को उस वक्त और बल मिला जब कई सामाजिक संगठन और पर्यावरण कार्यकर्ता खुलकर इसके विरोध में सामने आए। 

Read More

 मथुरा : जनपद स्थित यमुना नदी खादर में चल रही अवैध निर्माण के खिलाफ मुहिम को उस वक्त और बल मिला जब कई सामाजिक संगठन और पर्यावरण कार्यकर्ता खुलकर इसके विरोध में सामने आए।  ध्यान रहे, वृंदावन के अंतर्गत पानी गांव से छटीकरा तक अवैध कालोनी काटने का धंधा चरम पर है। महंगी कारें जैसे बड़े तोहफे देकर एजेंटों के जरिए ग्राहकों को ‘लूटने’ का क्रम जारी है। शहर के कई बड़े होटलों में ऐसी कंपनियों के दफ्तर खोले गए हैं। क्षेत्र में कम से कम 50 ऐसी कंपनियां इन गतिविधियों में लिप्त हैं। अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापनों के जरिए ग्राहकों को आकर्षित किया जा रहा है। ‘रुपये 2.40 लाख का प्लॉट खरीदो और रुपये 2.56 लाख का बोनस वापस पाओ’ जैसे लुभावने नारों के चलते ग्राहक आसानी से इनके मकड़जाल में फंस जाते हैं। विज्ञापनों में कहीं भी यह नहीं लिखा जाता है कि इस प्लॉट का आकार क्या होगा और यह कहां होगा। नियम और शर्तों का कहीं भी उल्लेख नहीं किया जा रहा है। विज्ञापनों में यह जानकारी भी नहीं दी गई है कि ये फ्लैट और प्लॉट विकास प्राधिकरण से ‘अप्रूव’ कराए गए हैं या नहीं...। कहां बन रहे हैं और कितने मंजिल के बन रहे हैं, इसकी भी कोई जानकारी विज्ञापनों में नहीं दी गई है।  राष्ट्रीय हरित अधिकरण पहले ही 14 सरकारी विभागों को यमुना नदी की खादरों में चल रहे अवैध निर्माण के खिलाफ नोटिस भेज चुका है। अधिकरण ने 26 मई तक नोटिस का जवाब मांगा है।    'ब्रज बचाओ समिति' के संयोजक मनोज चौधरी ने कहा कि खादरों पर कालोनी काटना अवैध है। वृन्दावन और मथुरा में इन कालोनाइजर का बड़ा खेल है। भोले-भाले लोग इनके जाल में फंस जाते हैं। इनके निशाने पर वृन्दावन से बाहर के लोग होते हैं जो इस कृष्णनगरी में अपना आशियाना बसाना चाहते हैं। ऐसे लोगों को यहां जमीन दिखाकर उनको ठगा जाता है और उनसे मोटी कमाई करके ये कंपनियां रफूचक्कर हो जाती हैं।   सामाजिक कार्यकर्ता पंकज दीक्षित ने बताया कि पट्टे के नाम पर ये लोग सरकार से खेत ले लेते हैं और फिर उसी में कुछ दिन खेती करके उसे मोटी रकम लेकर बेच देते हैं। अगर प्रशासनिक अधिकारी नजर रखें तो उसमे अवैध कालोनी का निर्माण न हो सकेगा और आम लोगों को इनका शिकार होने से बचाया जा सकता है।  कालोनाइजर विजय कांत शर्मा ने बताया कि खादरों की जमीनों को न तो बेच सकते हैं और ना ही कालोनी बनाई जा सकती हैं। यदि ऐसा कोई करता है यह तो अवैध गतिविधि है। सरकार ये जमीन किसान को खेती करने के लिए देती है न कि उसे बेचने के लिए। यहां के क्षेत्रीय अधिकारियों की मिलीभगत से ये कंपनियां फर्जी कालोनी काट देती हैं और दिल्ली, फरीदाबाद और गुड़गांव आदि के लोगों को बेच देते हैं। बाद में इन कंपनियों के कर्ता-धर्ता बोरिया बिस्तर बांधकर यहां से गायब हो जाते हैं। ये बाहर से आए कुछ कालोनाइजर हैं जो इस इलाके में सक्रिय हैं।  इधर, हमारे सहयोगी प्रकाशन समाचारएक्सप्रेस.कॉम से बात करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि खादरों में किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं है। अगर कोई ऐसा करता है तो उसे वहां से हटाया जाएगा।  

Read More

 मथुरा : जनपद स्थित यमुना नदी खादर में चल रही अवैध निर्माण के खिलाफ मुहिम को उस वक्त और बल मिला जब कई सामाजिक संगठन और पर्यावरण कार्यकर्ता खुलकर इसके विरोध में सामने आए।  ध्यान रहे, वृंदावन के अंतर्गत पानी गांव से छटीकरा तक अवैध कालोनी काटने का धंधा चरम पर है। महंगी कारें जैसे बड़े तोहफे देकर एजेंटों के जरिए ग्राहकों को ‘लूटने’ का क्रम जारी है। शहर के कई बड़े होटलों में ऐसी कंपनियों के दफ्तर खोले गए हैं। क्षेत्र में कम से कम 50 ऐसी कंपनियां इन गतिविधियों में लिप्त हैं। अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापनों के जरिए ग्राहकों को आकर्षित किया जा रहा है। ‘रुपये 2.40 लाख का प्लॉट खरीदो और रुपये 2.56 लाख का बोनस वापस पाओ’ जैसे लुभावने नारों के चलते ग्राहक आसानी से इनके मकड़जाल में फंस जाते हैं। विज्ञापनों में कहीं भी यह नहीं लिखा जाता है कि इस प्लॉट का आकार क्या होगा और यह कहां होगा। नियम और शर्तों का कहीं भी उल्लेख नहीं किया जा रहा है। विज्ञापनों में यह जानकारी भी नहीं दी गई है कि ये फ्लैट और प्लॉट विकास प्राधिकरण से ‘अप्रूव’ कराए गए हैं या नहीं...। कहां बन रहे हैं और कितने मंजिल के बन रहे हैं, इसकी भी कोई जानकारी विज्ञापनों में नहीं दी गई है।  राष्ट्रीय हरित अधिकरण पहले ही 14 सरकारी विभागों को यमुना नदी की खादरों में चल रहे अवैध निर्माण के खिलाफ नोटिस भेज चुका है। अधिकरण ने 26 मई तक नोटिस का जवाब मांगा है।    'ब्रज बचाओ समिति' के संयोजक मनोज चौधरी ने कहा कि खादरों पर कालोनी काटना अवैध है। वृन्दावन और मथुरा में इन कालोनाइजर का बड़ा खेल है। भोले-भाले लोग इनके जाल में फंस जाते हैं। इनके निशाने पर वृन्दावन से बाहर के लोग होते हैं जो इस कृष्णनगरी में अपना आशियाना बसाना चाहते हैं। ऐसे लोगों को यहां जमीन दिखाकर उनको ठगा जाता है और उनसे मोटी कमाई करके ये कंपनियां रफूचक्कर हो जाती हैं।   सामाजिक कार्यकर्ता पंकज दीक्षित ने बताया कि पट्टे के नाम पर ये लोग सरकार से खेत ले लेते हैं और फिर उसी में कुछ दिन खेती करके उसे मोटी रकम लेकर बेच देते हैं। अगर प्रशासनिक अधिकारी नजर रखें तो उसमे अवैध कालोनी का निर्माण न हो सकेगा और आम लोगों को इनका शिकार होने से बचाया जा सकता है।  कालोनाइजर विजय कांत शर्मा ने बताया कि खादरों की जमीनों को न तो बेच सकते हैं और ना ही कालोनी बनाई जा सकती हैं। यदि ऐसा कोई करता है यह तो अवैध गतिविधि है। सरकार ये जमीन किसान को खेती करने के लिए देती है न कि उसे बेचने के लिए। यहां के क्षेत्रीय अधिकारियों की मिलीभगत से ये कंपनियां फर्जी कालोनी काट देती हैं और दिल्ली, फरीदाबाद और गुड़गांव आदि के लोगों को बेच देते हैं। बाद में इन कंपनियों के कर्ता-धर्ता बोरिया बिस्तर बांधकर यहां से गायब हो जाते हैं। ये बाहर से आए कुछ कालोनाइजर हैं जो इस इलाके में सक्रिय हैं।  समाचारएक्सप्रेस.कॉम से बात करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि खादरों में किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं है। अगर कोई ऐसा करता है तो उसे वहां से हटाया जाएगा।  

Read More

 मथुरा : जनपद स्थित यमुना नदी खादर में चल रही अवैध निर्माण के खिलाफ मुहिम को उस वक्त और बल मिला जब कई सामाजिक संगठन और पर्यावरण कार्यकर्ता खुलकर इसके विरोध में सामने आए।  ध्यान रहे, वृंदावन के अंतर्गत पानी गांव से छटीकरा तक अवैध कालोनी काटने का धंधा चरम पर है। महंगी कारें जैसे बड़े तोहफे देकर एजेंटों के जरिए ग्राहकों को ‘लूटने’ का क्रम जारी है। शहर के कई बड़े होटलों में ऐसी कंपनियों के दफ्तर खोले गए हैं। क्षेत्र में कम से कम 50 ऐसी कंपनियां इन गतिविधियों में लिप्त हैं। अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापनों के जरिए ग्राहकों को आकर्षित किया जा रहा है। ‘रुपये 2.40 लाख का प्लॉट खरीदो और रुपये 2.56 लाख का बोनस वापस पाओ’ जैसे लुभावने नारों के चलते ग्राहक आसानी से इनके मकड़जाल में फंस जाते हैं। विज्ञापनों में कहीं भी यह नहीं लिखा जाता है कि इस प्लॉट का आकार क्या होगा और यह कहां होगा। नियम और शर्तों का कहीं भी उल्लेख नहीं किया जा रहा है। विज्ञापनों में यह जानकारी भी नहीं दी गई है कि ये फ्लैट और प्लॉट विकास प्राधिकरण से ‘अप्रूव’ कराए गए हैं या नहीं...। कहां बन रहे हैं और कितने मंजिल के बन रहे हैं, इसकी भी कोई जानकारी विज्ञापनों में नहीं दी गई है।  राष्ट्रीय हरित अधिकरण पहले ही 14 सरकारी विभागों को यमुना नदी की खादरों में चल रहे अवैध निर्माण के खिलाफ नोटिस भेज चुका है। अधिकरण ने 26 मई तक नोटिस का जवाब मांगा है।    'ब्रज बचाओ समिति' के संयोजक मनोज चौधरी ने कहा कि खादरों पर कालोनी काटना अवैध है। वृन्दावन और मथुरा में इन कालोनाइजर का बड़ा खेल है। भोले-भाले लोग इनके जाल में फंस जाते हैं। इनके निशाने पर वृन्दावन से बाहर के लोग होते हैं जो इस कृष्णनगरी में अपना आशियाना बसाना चाहते हैं। ऐसे लोगों को यहां जमीन दिखाकर उनको ठगा जाता है और उनसे मोटी कमाई करके ये कंपनियां रफूचक्कर हो जाती हैं।   सामाजिक कार्यकर्ता पंकज दीक्षित ने बताया कि पट्टे के नाम पर ये लोग सरकार से खेत ले लेते हैं और फिर उसी में कुछ दिन खेती करके उसे मोटी रकम लेकर बेच देते हैं। अगर प्रशासनिक अधिकारी नजर रखें तो उसमे अवैध कालोनी का निर्माण न हो सकेगा और आम लोगों को इनका शिकार होने से बचाया जा सकता है।  कालोनाइजर विजय कांत शर्मा ने बताया कि खादरों की जमीनों को न तो बेच सकते हैं और ना ही कालोनी बनाई जा सकती हैं। यदि ऐसा कोई करता है यह तो अवैध गतिविधि है। सरकार ये जमीन किसान को खेती करने के लिए देती है न कि उसे बेचने के लिए। यहां के क्षेत्रीय अधिकारियों की मिलीभगत से ये कंपनियां फर्जी कालोनी काट देती हैं और दिल्ली, फरीदाबाद और गुड़गांव आदि के लोगों को बेच देते हैं। बाद में इन कंपनियों के कर्ता-धर्ता बोरिया बिस्तर बांधकर यहां से गायब हो जाते हैं। ये बाहर से आए कुछ कालोनाइजर हैं जो इस इलाके में सक्रिय हैं।  समाचारएक्सप्रेस.कॉम से बात करते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि खादरों में किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति नहीं है। अगर कोई ऐसा करता है तो उसे वहां से हटाया जाएगा।  

Read More

मथुरा। अमर नाथ शिक्षण संस्थान द्वारा संचालित ग्रोइंग सोल किड्ज गुरूकुल में मदर्स-डे का कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । परजाजननी भगवती श्रीमां को समर्पित इस समारोह में, जीवन में ‘‘मां’’ के महत्व पर आधरित बच्चों की प्रस्तुतियों ने हर किसी को भाव-विभोर कर दिया । बच्चों की माताओं ने भी विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं अमर नाथ शिक्षण संस्थान की वरिष्ठ पुस्तकालयाध्यक्षा ने कहा कि मां केवल जननी ही नहीं है बल्कि वह जीवन को सही दिशा देने वाली सच्ची पथ-प्रदर्शक है । मां की महत्ता शब्दों में बयां नहीं की जा सकती है । उसे सिपर्फ महसूस किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन रूपी बगिया को बिना मां के सजाया-संवारा नहीं जा सकता है। उन्होंने मुन्नवर राणा की कविता के अंश ‘‘अभी जिन्दा है मां मेरी, मुझे कुछ नहीं होगा। मैं घर से जब निकलता हूँ, दुआ भी साथ चलती है।’’ को जब सुनाया तो विद्यालय का वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। विद्यालय की निदेशिका सोनिका शर्मा द्वारा संचालित मदर-डे के कार्यक्रम में सबसे अध्कि आकर्षण के केन्द्र पाकिस्तान के एक स्कूल में आतंकी हमले में मारे गये बच्चों व हाल मंे आये भूकंप में हुई जनहानि को समर्पित कार्यक्रमों की रही । बच्चों ने भी अपनी मां को प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी बाल भावनाओं का अहसास कराया। सभी अभिभावकों ने विद्यालय में आयोजित मदर-डे के कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुये कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से बच्चों मे अच्छे संस्कार आयेंगे तथा वे बड़ों का भी सम्मान करेेंगे। कृष्णा पुरम् बिरला मंदिर पर स्थित ग्रोइंग सोल किड्ज गुरूकुल में इस अवसर पर माताओं के बीच विभिन्न प्रकार की बौद्विक प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं, जिनमें बच्चों की माताओं ने बड़ी रूचि एवं उत्साह के साथ भाग लिया।  प्रतियोगिता में ‘‘बेस्ट मदर आपॅफ द डे’’ का खिताब कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती मिथलेश वाजपेयी ने श्रीमती रूचि अग्रवाल को प्रदान किया। निर्णायक मण्डल में डा. रजनी सक्सेना, डा. मध्ुबाला शर्मा एवं संगीता सारस्वत थीं। कार्यक्रम की तैयारियों में ग्रोइंग सोल किड्ज गुरूकुल की शिक्षिका निशा इषरानी, स्वीटी, अल्पना, अमृता, प्रियंका, राध्किा सहित सभी शिक्षिकाओं का योगदान सराहनीय रहा।

Read More