यमुना मुक्तिकरण अभियान के साथ आते हुये दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ के उपाध्यक्ष प्रवेश मलिक ने कहा कि यमुना मैया की समस्या को हल करने के लिये चल रही इस पवित्र मुहिम में हम आप के इस अभियान के साथ है। हमारे कार्यकर्ताओं आपको भरपूर सहयोग मिलेगा। यमुना मुक्तिकरण अभियान के सहसंयोजक सुनील ंिसह व राष्ट्रीय सलाहकार राधाप्रिय द्वारा प्रवेश मलिक को यमुना मुक्तिकरण अभियान की युवा शाखा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया। उन्हाने पदभार लेते हुये कहा कि यमुना हम सभी की माँ है और माँ की सेवा यह अवसर हमें प्राप्त हुआ है। हम पीछे नहीं हटेगें और इस बार अभियान के साथ जुड कर यमुना मैया को स्वच्छ बना कर ही दम लेगें।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के उत्तरप्रदेश प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य शांशक शर्मा व सुधान्षु जी भी अभियान के केन्द्रीय कैम्प कार्यालय पहुॅचे उन्होने भी अभियान के साथ जुड़ते हुये अभियान में बढ चढ कर सहयोग करने की बात कही।
ब्रज में यमुना तल पर यमुनोत्री का षुद्ध जल बिना किसी भी मिश्रण के बहे इस प्रमुख मांग को लेकर यमुना मुक्तिकरण अभियान कर रहा आन्दोलन
गौरवशाली इतिहास की स्वामिनी कृष्णप्रिया कालिन्दी आज प्रदूषण रूपी कालिया से जूझ रही है। जीवन देने वाली यमुना में विकास की अन्धी दौड में पर्यावरण संरक्षण के सारे नियमो को ताक पर रखते हुये यमुना में आज जहर घोला जा रहा है। परन्तु अब ब्रज में यमुना को लेकर सजगता आयाी है और ब्रज के पौराणिक घाटों पर यमुना का स्वच्छ निर्मल जल हिलोरे मारे इस उदेश्य को लेकर अभियान द्वारा आन्दोलन को गति दी जा रही है। यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार रवि मोंगा ने जानकारी देते हुये बताया कि अभियान की सरकार से मुख्य मांग है कि ब्रज में यमुना तल पर यमुनोत्री का शुद्ध जल बिना किसी भी मिश्रण के बहे इसके लिये प्रमुख रूप से सरकार को दो कार्य करने होगें जिसमें
पहला है कि यमुनोत्री से इलाहाबाद तक सम्पूर्ण यमुना तल पर शुद्ध जल का अविरल प्रवाह बनाये रखने के लिये पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के अन्तर्गत केन्द्र सरकार द्वारा एक अध्यादेश पारित हो जिससे यमुना जिन राज्यों से यमुना जी बह रही है उन राज्यों को शुद्ध जल की अविरलता सुनिश्चित करने के लिये बाध्य किया जा सके ।
दूसरा है कि चूकि यमुना 1376 किमी की यमुनोत्री से इलाहाबाद तक की यात्रा तय करती है और इस दूरी में यमुना तल पर कई गन्दे नाले गिरते है लेकिन उनमें से 76 प्रतिषत प्रदूषण अकेले ही देश की राजधानी दिल्ली में बजीराबाद से ओखला के बीच 22 किमी में गिरने वाले नालों के कारण होता है।
जिसके लिये सरकार को दिल्ली में यमुना के सामानान्तर नाला निर्माण करना होगा और सभी गन्दे नालों को उस नाले में मोड़ना होगा। जिसकी अनुसंसा माननीय उच्चतम न्यायालय, आई. आई. टी. (रूढकी व दिल्ली ) एवं कई राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरणविद् कर चुके है।
रवि मोगा जी ने आगे जानकारी देते हुये बताया कि यदि सरकार यमुना मुक्तिकरण अभियान की दोनो प्रमुख मांगो को मान लेती है तो उसके 2 साल के बाद हमें यमुना का बही पुरातन स्वरूप प्राप्त होगा।
और इस समयावधि में नालों की टेपिंग, सामानान्तर नाला निर्माण प्रक्रिया, वैकल्पिक जल स्त्रोत निर्माण प्रक्रिया, और यमुना तल की सफाई आदि प्रमुख रूप से सम्मिलित है। यदि यह सभी कार्य युद्धस्तर पर सरकार द्वारा प्रारम्भ कर दिये जाये तो 2 साल के अन्दर यमुना पुनः अपनी अविरल धारा के साथ ब्रज में वापस पधारेगी।
कोलकता में भक्तों ने सुनी यमुना मैया की पीर
कलकत्ता के मिदिनापुर में यमुना मुक्तिकरण अभियान के तहत एक जनसभा आयोजित की जिसमें यमुना की वर्तमान स्थिति, समस्या, निवारण और इसके चल रहे यमुना मुक्तिकरण अभियान की जानकारी दी गयी। इस जन सभा की अध्यक्ष आनन्द लोक संस्था, कोलकता के संस्थापक देव कुमार जी सर्राफ द्वारा की गई। जन सभा में मुख्य वक्ता के रूप में सभा को सम्बोधित करते हुये यमुना मुक्तिकरण अभियान से जुड़े हुये कथाप्रवक्ता श्री मृदुल कान्त शास्त्री ने यमुना के महात्म पर प्रकाश डालते हुये कहा कि यमुना सूर्य पुत्री और यमराज की बहिन है। उनके पूजन और अर्चन से व्यक्ति यमपाश के भय से मुक्त हो जाता है। यमुना जी श्री कृष्ण की अष्ट पटरानियों में से चतुर्थ पटरानी है। परन्तु वर्तमान में यमुना की दर्शा अत्यन्त दयनीय हो गयी है। गौरवशाली अतीत की स्वामिनी यमुना आज अपने अस्तित्व के जूझ रही है। इसलिये साधु-सन्तों, ब्रजवासियों और यमुना भक्तों द्वारा 15 मार्च कोसीकलाॅ से दिल्ली तक पद यात्रा की जायेगी। उन्होने उपस्थित सभी लोागो से पदयात्रा में सम्मिलित होने का आह्वन किया। इस अवसर पर वृन्दावन से कोलकता गये सुनील गौतम एवं ब्रजमोहन पचैरी उपस्थित रहे।
सभा में मुख्य रूप से कलकत्ता के विद्युत माइती, सुशान्त हलधर, विश्वजीत महेश आदि उपस्थित रहे।
दिल्ली को हिलाने के लिये ब्रजवासी भर रहे हुंकार
यमुना मुक्तिकरण अभियान द्वारा 15 मार्च को कोसी से दिल्ली तक होने वाली यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा के अब कुछ ही दिन शेष हैं। अभियान के 25 प्रचार रथों द्वारा मथुरा के जिले के सभी गांवों में जा लोगो को जाग्रत करने का कार्य करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। अभियान के चल रहे इन प्रचार रथों पर अभियान के कार्यकर्ता व पदाधिकारी गांव गांव जा ब्रजवासियों के सहयोग का आवह्न कर रहे है। जिसका प्रत्येक गांव से भारी जन समर्थन के साथ प्रतिउत्तर मिल रहा है। अभियान क ेचल रहे सभी प्रचार रथों ने 9 मार्च से अब छाता, कोसी, होडल और उससे आगे के हाइवे से लगे हुये गांवो का रूख कर लिया है। 15 मार्च की पदयात्रा को अभूतपूर्व और अद्वितिय बनाने के लिये अभियान का एक एक सदस्य दिन रात एक कर मेहनत करने में जुट गया है। प्रचार रथों के गांव में पहुॅचते ही सैकड़ो ब्रजवासी इकठ्ठे हो जाते है और सभी के द्वारा एक स्वर में कहा जाता है कि अब की बार ‘‘यमुना मैया की स्वच्छ निर्मल धार’’
पदयात्रा को लेकर ब्रजवासियों में अपार उत्साह और उमंग है।
15 मार्च की पदयात्रा को लेकर हुयी अलग अलग गांवो में बैठकें
15 मार्च की पदयात्रा को अभियान के राष्ट्रीय संस्कृतिक सचिव श्री रमेश कृष्ण शास्त्री जी महाराज द्वारा धैगांव, अमराया, अलवाई, रनवारी, बझैरा, शिववाल, कौनही, कंुजेरा, अकबरपुर आदि गांवों में बैठके कर लोगो से पदयात्रा में चलने का आवह्न किया। श्री रमेशकृष्ण शास्त्री महाराज ने कहा कि यमुना के बिना ब्रजवासी अधूरे है चलो सभी ब्रजवासी इस बार अपनी यमुना मैया को लाने। एवं उन्होने सभी को संकल्प ने
इस अवसर पर हंसराज वेनिवाल, कपिल शास्त्री आदि मुख्यरूप से उपस्थित रहे।
अभियान के राष्ट्रिय सचिव राज शर्मा द्वारा अडूकी, मोहनपुर, टाउनशिप गेट, कोयला, अलीपुर, धाना समसाबाद, बरारी, बेरी ग्राम, खेरिया, झड़ गांव, रिफायरी आदि क्षेत्रों में अपनी प्रचार बाइक में माध्यम से प्रचार को गति दी। उन्होने सभी क्षेत्रवासियों से पदयात्रा में सम्मिलित होने का आह्वन किया साथ ही पदयात्रा में चलने वाले भक्तों के पंजीकरण किये गये।
अभियान के संत लाल दास बाबा, किषनदास बाबा, गिरधारी सिंह, हंसराज, गोयनकाँ, राधाकिषन पंडित जी, निहाल सिंह, विजय, पंकज शास्त्री, पंकज चतुर्वेदी, कुलदीप, देवेन्द्र आदि द्वारा सैकड़ो गांवो में जन संपर्क किया इसके साथ ही प्रचार रथों के माध्यमों पदयात्रा में सम्मिलित होने वाले पदयात्रियों के पंजीकरण कराये गयें।
बाह्मण सेवा संघ ने होली महोत्सव में दिया यमुना मुक्तिकरण अभियान को समर्थन
वृन्दावन में बाह्मण सेवा संघ द्वारा आयोजित होली मिलन महोत्सव में साधु-सन्त, भागवताचार्य, एवं समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। होली महोत्सव में बाह्मण सेवा संघ द्वारा यमुना मुक्तिकरण अभियान को समर्थन दिया गया। बाह्मण सेवा संघ के अध्यक्ष चन्दन लाल शर्मा ने कहा कि यमुना जी को ब्रज में वापस लाने के लिये चल रहे अभियान में हम सभी साथ है। इस अवसर पर अभियान से जुडे सत्यभान शर्मा ने महोत्सव में उपस्थित सभी से भारी संख्या में भाग लेने का आह्वन किया ।
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