6.19 से 7 बजे तक अमृत बेला में शुभ
मथुरा। फाल्गुन सदी पूर्णिमा गुरूवार 42 घड़ी 10 पल जो रात्रि के 11 बजकर 35 मिनट तक है मघा नक्षत्र 4 घटी 22 पल है जो प्रातः 8 बजकर 28 मिनट तक है।, उपरांत पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र आ जावेगा। होलिकादहन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा। हालिका दहन प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा को भद्रा रहित करना शास्त्रोक्त बताया गया है। इस दिन भद्रा प्रातः 10 बजकर 16 मिनट तक है, जो मृत्यु लोक में भद्रा रहता है। सायं काल में पूर्णिमा भद्रा से मुक्त है दिनांक 5 मार्च 2015 को होलिकादहन गौधूली वेला में प्रदोष काल में सूर्यास्त के बाद सायं काल 6ः18 मिनट के बाद अमृत घड़ी में 7 बजकर 48 मिनट अमृत घड़ी रहेगी, इसमें होलिकादहन प्रदोष काल में शुभ रहेगा। होलिका पूजन 10 बजकर 16 मिनट के बाद करें, शुक, केतु, मंगल एक स्थान पर स्थित हैं कहीं-कहीं बूंदा-बांदी, ओलावृष्टि, खड़ी फसल में नुकसान का योग है, महंगाई का रूख बनेगा, होलिका पर्व में त्यौहार वृष, कन्या, मकर राशि वालों को अशुभ फल एवं खर्च करने वाला होगा। वृष, मेष, मिथुन, कर्क, सिंह, तुला, धनु, कुंभ, मीन वालों को शुभाशुभ लाभ करने वाला होगा। दूर दराज क्षेत्रों में बर्फबारी से पुनः ठंड बढ़ेगी। यह त्यौहार राजीखुशी से सम्पन्न होगा।
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