यमुना मुक्तिकरण अभियान के केन्द्रीय कैम्प कार्यालय वृन्दावन पर यदुवंशी समाज के 52 गांवो के प्रधान गोपाल सिंह ने यमुना मुक्तिकरण अभियान को अपना पूरा समर्थन देते हुये कहा कि 11 गांव की पंचायत, 22 गांव पंचायत तथा 52 गांव की जब पंचायते हुयी थी तभी हम सभी ने यमुना मुक्तिकरण अभियान को खुला समर्थन दे दिया था। आज केन्द्रीय कार्यालय पर ग्राम प्रधान कमहीं के साथ वहाँ की सरदारी को लेकर अपना समर्थन व्यक्त करने आये हैं और हमारे सभी गांव जानते है कि श्री रमेश बाबा के संकल्प में ही हम सभी ब्रजवासियों का हित है। इसलिये हम और हमारा यदुवंशी समाज हजारों की संख्या में यमुना मैया को मुक्त कराने 15 मार्च को पदयात्रा में चलेगा।
अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने कहा कि यदुवंश शिरोमणी भगवान श्री कृष्ण की पटरानी माँ यमुना को बचाने के लिये यमुना के हर ब्रजवासी बच्चे को उसकों मुक्त कराने के लिये 15 मार्च को साथ चलना है होगा। इस बार की पदयात्रा निर्णायक होगी इस बार बिना यमुना मुक्त कराये यमुना भक्त नहीं हटेगें।
कमहीं गांव के प्रधान बच्चू सिंह ने कहा कि हमारे गांवो में बाबा के प्रति अगाध श्रद्धा है अतः यमुना आन्दोलन को लेकर बहुत उत्साह और उमंग है एवं पदयात्रा में चलने के लिये गांव का बच्चा बच्चा चलने के लिये तैयार है।
इस अवसर पर चन्द्रपाल सिंह, विपती सिंह, अर्जुन सिंह, देवी मुकदम, रामहरि सिंह,
मध्यप्रदेश मुरैना के करहधाम में मची यमुना मुक्तिकरण की धूम
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में स्थित करह धाम में चल रहे वार्षिकोत्सव में उमड़ी लाखों की अपार भीड़ में जिसमें यमुना मुक्तिकरण अभियाान की टीम भाग लेने पहुॅचे जहाँ उनके द्वारा धार्मिक नदी यमुना की स्थिति से भी श्रद्धालुओं को अवगत कराया साथ ही अभियान द्वारा यमुना को मुक्त कराने को निकाली जा रही 15 मार्च 2015 को निकाली जा रही पदयात्रा के विषय में जानकारी दीं। वार्षिकोत्सव में चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों में से सर्वाधिक आकर्षण का केन्द्र ब्रज की रासलीला बनी हुयी है। वार्षिकोत्सव में चल रही रासलीला के रासाचार्य के आवह्न पर अभियान के संगठन महामंत्री मुक्खी सिंह व सांस्कृतिक सचिव रमेश चन्द्र शास्त्री ने उपस्थित जन सैलाब से 15 मार्च से चलने वाली पदयात्रा में कोसी पहुॅचने का आवह्न किया और बताया कि हमारे आराध्य श्री कृष्ण हैं और उनकी पटरानी श्री यमुना जी है। हम सभी श्री कृष्ण के उपासक है, ब्रजप्रेमी है और यमुना भक्त है तो ब्रज में बिना यमुना के हम सुख से कैसे बैठे है ? हमारी माँ यमुना हथिनी कुण्ड पर कैद है और जो यमुना ब्रज में बह रही है उसमें केवल दिल्ली और उससे आगे पड़ने वाले गन्दे नालों का गन्दा जल ही बह रहा है। उठो जागो और चलों यमुना मुक्तिकरण अभियान के साथ। इसके बाद में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने 15 मार्च को जायेगे, यमुना जी को लायेगें आदि नारों से पूरे पण्डाल को गुंजायमान कर दिया।
नौहझील और फरह क्षेत्र में किया जन संपर्क
श्री मान मन्दिर, श्री पुष्टिमार्ग एवं भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) के नेतृत्व में यमुना को मुक्त कराने के लिये चलाये जा रहे यमुना मुक्तिकरण अभियान के पदाधिकारियों द्वारा नौहझील और फरह क्षेत्र में जन संपर्क किया गया। नौहझील क्षेत्र में अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ द्वारा सुल्तानपुर, तेहरा, सुरीर, टैंटी गांव, मीरपुर, आदि गांव में जन संपर्क कर लोगो से 15 मार्च को कोसी से दिल्ली तक चलने वाली पदयात्रा में चलने की अपील की गई । राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ ने कहा कि अब समय आ गया है कि यमुना के लिये निर्णायक आन्दोलन किया जाये और इस आन्दोलन में ब्रजवासियों की भारी संख्या में सहभागिता की आवश्यकता है इसलिये अपनी यमुना मैया को मुक्त कराने के लिये 15 मार्च की पदयात्रा में चलना होगा। इस अवसर पर विजेन्द्र सिंह, भोला बाबा, जयदेव सिंह, लाखन, डाॅ ओमप्रकाश, सुरेन्द्र प्रधान, राजवीर आदि उपस्थित रहे।
दूसरी तरफ फरह ब्लाक में अभियान के फरह ब्लाक के पदाधिकारी, ठा. गिरधारी लाल व सतीश उपाध्याय द्वारा शाहेपुर, करनपुर, ववरौत, ढामाखेमा, सनौरा, बरारी, वबरौत, मगदूम आदि गांवों में जनसंपर्क किया गया और लोगो से 15 मार्च को चलने का आवह्न किया गया।
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