उत्तरप्रदेश के राज्यपाल से मिला यमुना मुक्तिकरण अभियान का शिष्टमंडल, राज्यपाल ने कहा कि यमुना जी के प्रति मेरी भी आस्था हैं
यमुना मुक्तिकरण अभियान के पांच सदस्यीय शिष्टमंडल द्वारा उत्तरप्रदेश के राज्यपाल महामहिम श्री राम नायिक जी से मुलाकात की गई । 2 फरवरी दिन सोमवार को मथुरा के वेटनरी काॅलेज में यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल महोदय से मुलाकात कर यमुना की स्थिति से अवगत कराया। अभियान के संयोजक राधकान्त शास्त्री व सहसंयोजक सुनील सिंह जी द्वारा राज्यपाल महोदय को यमुना की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि जहाॅ यमुना को देवी समझ उसे पूजा जाता है उसके जल से स्नान और आचमन किया जाता है उसी ब्रज में यमुना तल पर केवल दिल्ली और उससे आगे पड़ने वाले गन्दे नालों का जहरीला जल बहकर आ रहा है। यमुनोत्री से निकले शुद्ध जल को मध्य में ही बांध बनाकर रोक लिया गया है और उसकी धारा को बहाॅ से अन्यत्र मोड़ दिया गया है। आज वैष्णवों और और कृष्ण भक्तोे के लिये सर्वाधिक महत्व रखने वाली यमुना महारानी ब्रज मेे नहीं इससे धर्म और आस्था को ही नहीं अपितु यमुना किनारे बसने वाले करोड़ो लोगो और जीवों के जीवन खतरे में है। उन्होने आगे कहा कि इस बार श्रीमान मन्दिर, श्री पुष्टिमार्ग और भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) के संयुक्त तत्वाधान में 15 मार्च को कोसी से दिल्ली तक हजारों लाखों यमुना भक्तों की निर्णायक पदयात्रा निकाली जा रही है जिनका केवल एक ही लक्ष्य होगा केवल यमुना मुक्ति । उत्तरप्रदेश के राज्यपाल महामहिम राज्यपाल महोदय ने यमुना की स्थिति पर दुःख व्यक्त करते हुये कहा कि मेरी भी आस्था यमुना के प्रति है और यमुना की ऐसी स्थ्तिि होना किसी भी स्थिति में ठीक नहीं है। मैं स्वयं प्रधानमंत्री जी को स्वयं की टीप्पणी के साथ पत्र लिखूॅगा और उसकी काॅपी आपके पास भी भेजूॅगा। आप लोगो के लिये जो यमुना नदी की स्वच्छ बनाने के लिये प्रयास किये जा रहे वह सराहनीय है। मुझसे जो भी बनेगा मैं वह हर संभव प्रयास यमुना के लिये करूॅगा।
इस अवसर पर यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ एवं प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी ने भी यमुना मुक्ति को लेकर अपने विचार राज्यपाल महोदय के सन्मुख रखे।
राज्यपाल महोदय है अभियान के शिष्टमंडल की सभी बातों को समझ यमुना मुक्ति के लिये हर सम्भव सहयोग का आश्वासन दिया।
अभियान के शिष्टमंडल में अभियान राष्ट्रीय संयोजक राधाकान्त शास्त्री, सहसंयोजक सुनील सिंह, राष्ट्रीय महासचिव हरेश ठेनुआ, प्रदेश संयोजक श्याम चतुर्वेदी, जिलाकार्यकारी अध्यक्ष पंकज चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय वीर गुर्जर महासभा ने दिया यमुना मुक्तिकरण अभियान को समर्थन
गोवर्धन में गुर्जर धर्मशाला में राष्ट्रीय वीर गुर्जर महासभा की राष्ट्रीय बैठक में गुर्जर भाइयों द्वारा अपनी संस्था की ओर से यमुना मुक्तिकरण अभियान को समर्थन देते हुये 15 मार्च की पदयात्रा में हजारों की संख्या में भाग लेने का आश्वासन दिया। गुर्जर धर्मशाला में आयोजित गुर्जर महासभा की बैठक में भारी संख्या में गुर्जर भाइयों ने भाग लिया और यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में हजारों की संख्या में चलने की बात कही। इस बैठक में भाग लेने यमुना मुक्तिकरण अभियान के राष्ट्रीय संस्कृति मंत्री श्री रमेश कृष्ण शास्त्री जी बैठक में पहुॅचे। उन्होने यमुना के महात्म से सभी गुर्जर भाइयों को अवगत कराते हुये यमुना की वर्तमान स्थिति भी बताई और यमुना को अविरल निर्मल बनाने के लिये इस अभियान में 15 मार्च को कोसी से दिल्ली तक की पदयात्रा में भाग लेने का आवह्न किया। राष्ट्रीय वीर गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नारायण सिंह पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष मुक्खी सिह गुर्जर, राष्ट्रीय महासचिव सत्यवीर सिंह गुर्जर ने कहा कि पूज्य संत रमेश बाबा महाराज के निर्देशन में यमुना मुक्ति के लिये चलाये जा रहे यमुना मुक्तिकरण अभियान में हम सभी गुर्जर भाइयों का पूर्ण समर्थन है। कोसी से दिल्ली तक के हाइवे के निकट पड़ने वाले सभी गुर्जर बाहुल्य गांवो के हजारों गुर्जर भाई यमुना बचाने के लिये बाबा महाराज के आदेशानुसार पदयात्रा में भाग लेगें इसके अलावा देश के विभिन्न इलाकों के भी हजारों गुर्जर भाई पदयात्रा में भाग लेने 14 मार्च को ही कोसी पहुॅच जायेगंे।
राष्ट्रीय वीर गुर्जर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामवीर सिंह गुर्जर, जिलाअध्यक्ष मान सिंह ने कहा कि यमुना के लिये हमारी अगाध आस्था है और आज उसकी यह स्थिति हमसे नहीं देखी जाती है। यमुना की वर्तमान स्थिति के कारण आस्था के साथ किसानों की कृषि , और स्वास्थ दोनो को बहुत हानि पहुॅच रही है । इसलिये हम यमुना मुक्तिकरण के साथ हजारों की संख्या में पदयात्रा में सम्मिलित होगें।
इस अवसर पर राष्ट्रीय वीर गुर्जर महासभा के मध्यप्रदेश अध्यक्ष रणवीर सिंह, हरचरन सिंह, भगवान सिह, पोपिन गुर्जर, कुलदीप गुर्जर, हरेन्द्र गुर्जर, आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
भारतीय किसान यूनियन (भानू) के 2 फरवरी के भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन की प्रेस रिलीज
भूमिअधिग्रहण बिल को लेकर भाकियू ( भानू ) के सैकड़ो किसानों ने किया कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन
केन्द्र सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण बिल में किये संसोधन का देश भर के किसानों द्वारा विरोध किया जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन ( भानू ) भूमि अधिग्रहण बिल में किये संसोधन के विरोध में व यमुना मुक्ति को लेकर प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी द्वारा उत्तरप्रदेश के सभी 76 जिलों में 2 फरवरी को भाकियू भानू के सभी जिलाध्यक्षों द्वारा एक साथ राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस क्रम में मथुरा जिले में भारतीय किसान यूनियन भानू द्वारा भारतीय किसान यूनियन भानू के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रतन सिंह पहलवान के नेतृत्व में भूमि अधिग्रहण बिल में विरोध में राष्ट्रपति और यमुना मुक्ति को लेकर प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। 2 फरवरी सोमवार को दोपहर 12 बजे भाकियू भानू के सैकड़ो कार्यकर्ता एस.एस.पी आवास के सामने इकठ्ठे हुये हुये और प्रदर्शन किया। उपस्थित सभी किसानों को सम्बोधित करते हुये भाकियू भानू के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रतन सिंह पहलवान व राष्ट्रीय महासचिव सुनील सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के अधिकारों का हनन कर रही है। जमीन किसान की माॅ है जिसकी वह जिन्दगी भर सेवा करता है और उसी माॅ स्वरूप जमीन को उसकी बिना मर्जी के छीन लिया जाये यह अन्याय देश का किसान कभी नहीं सह सकता है। अगर इसे वापस नहीं लिया गया तो सरकार को किसानों के देश व्यापी आन्दोलन का सामना करना पड़ेगा।
भाकियू भानू के प्रदेश मुख्य महासचिव हरेश ठेनुआ, मण्डल महासचिव रमेश सिकरवार, मण्डल महासचिव हरपाल सिंह ने कहा कि हम किसानों के अधिकारों का हनन नहीं होने देगें। सरकार द्वारा इस संसोधन का वापस लेना चाहिये। यदि ऐसा नहीं हुआ तो किसान आन्दोलन के लिये मजबूर हो जायेगा। इसके साथ ही किसान नेताओं ने यमुना मुक्ति की आवाज को भी बुलन्द करते हुये कहा कि हमें ब्रज में निर्मल यमुना जल चाहिये इसके लिये सरकार को ब्रजवासियों और यमुना भक्तों की भावनाओं का खयाल रखते हुये यमुना को मुक्त कर उसकी अविरलता बनानी चाहिये।
जिला प्रभारी रोहतान सिंह जिलाध्यक्ष रीतराम सिंह, जिलामहासचिव बलवीर सिंह हवलदार मथुरा नगर अध्यक्ष महेन्द्र राजपूत ने कहा कि नया भूमि अधिग्रहण बिल किसानों के खिलाफ है इसमें किसानों का हित नहीं है। यदि किसान की जमीन उसकी बिना मर्जी के छीन ली जायेगी और वह कुछ नहीं कर सकेगा यह देश के किसान को और वेवश बनायेगा। वैसे भी देश के किसानों की हालत दयनिय है यह कानून देश के किसानों को और मजबूर बनायेगा। इसके साथ ही सभी भाकियू भानू कार्यकर्ताओं द्वारा यमुना को मुक्त कर अविरल प्रवाह के लिये संघर्ष करने की कटिवद्धता को दोहराते हुये कहा कि सरकार को यमुना को मुक्त करनी चाहियें।
इस अवसपर जिलासचिव इन्द्रजीत सिंह, जिलाउपाघ्यख रामगोपाल सिकरवार, सुरेन्द्र प्रधान ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल के वापस न होने तक भाकियू भानू चुप नहीं बैठेगी।
इसके बाद भाकियू भानू के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन करते हुये पैदल मार्च करते हुये दोपहर दो बजे अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
विरेन्द्र सिह सोलंकी, चै हरवंश, सत्यप्रकाश गर्ग, नबाब सिंह, नत्थो गोला, ठा. रूप सिंह, ओमप्रकाश चैधरी, रूपसिंह बघेल, आनन्द बल्लभ, नवल वघेल, मोहन बघेल, राधेश्याम, रामबाबू, जीतू, हरिओम, बच्चू, ओमवीर, राम, महेश ठाकुर पोदीना आदि उपस्थित रहे।
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