मध्य प्रदेश में राजघाट आश्रम के अनुयाईयो ंसे समर्थन मांगते राधाकान्त शास्त्री
मध्य प्रदेश में यमुना मुक्तिकरण को आयोजित सभा में यमुना भक्तों को सम्बोधित करते संयोजक राधाकान्त शास्त्री
मथुरा। मध्य प्रदेश के सागर जनपद में वेवश नदी बांध के सन्निकट स्थित राजघाट आश्रम में ओर पास के गांव में चलायी जा रही हरिनाम संकीर्तन प्रभात फेरी के वार्षिकोत्सव के अवसर पर उपस्थित बीसियों हजार भक्तों ने भाग लिया। इस अवसर यमुना मुक्तिकरण अभियान के संयोजक राधाकान्त शास्त्री ने यमुना मुक्ति हुंकार भरी। उन्होने उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि अगर हमारी आस्था श्री कृष्ण में है तो हमें उनकी पटरानी मां यमुना की रक्षा के अभियान में भारी संख्या में भाग लेना होगा। नदियां देश की जीवन रेखा है और उनकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का धर्म है। यमुना जैसी धार्मिक नदी की रक्षा के लिये हरेक वैष्णव को आगे आना होगा। इसलिये आप सभी 15 मार्च को होने वाली यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा में कोसी से दिल्ली तक भाग ले। राजघाट आश्रम के महन्त राधारमण जी, गोपीनाथ महाराज और कविचन्द जी महाराज ने उपस्थित लोगो को यमुना की रक्षा के लिये प्रेरित करते हुये आन्दोलन में भारी संख्या में भाग लेने की अपील की। अभियान के सह संयोजक सुनील सिंह ने कहा कि यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा धर्म, आस्था, जीवन, प्रकृति और पर्यावरण की रक्षार्थ निकल रही हैं। इसमें सहभागिता करना प्रत्येक जीवमात्र का कर्तव्य है। इसलिये आप सभी वैष्णव भक्त जनों से अपील है कि यमुना जी की रक्षा के लिये अधिक से अधिक संख्याा में पदयात्रा में भाग ले। उन्होने आगे कहा कि पिछले वर्ष की पदयात्रा में मध्यप्रदेश के हजारों भक्तों ने भाग लिया था इस बार भी भक्तों की संख्याा में बढोत्तरी कर भारी संख्या मे पदयात्रा में भाग लेना होगा। सभा में उपसिथत हजारों श्रद्धालुओं ने ध्वनि मत से पदयात्रा में सम्मिलित होने का आश्वासन दिया और सभी ने हाथ उठाकर यमुना मुक्ति केे लिये सहयोग का संकल्प भी लिया।
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