मथुरा

ज्ञानदीप के सभागार में डीएम राजेश कुमार, एसएसपी मंजिल सैनी छात्रों की सुरक्षा को लेकर विद्यालय संचालकों की बैठक लेते हुए मथुरा। जिलाधिकारी राजेश कुमार तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी की अध्यक्षता में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था के सम्बन्ध में एक आवश्यक संगोष्ठी जनपद के समस्त माध्यमिक विद्यालयों, तकनीकी संस्थानों विद्यालयों के तथा बेसिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रबन्धकों के साथ ज्ञानदीप शिक्षा भारती के सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने पड़ौसी देश में हुई कुछ अनहोनी घटनाओं का जिक्र करते हुए शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों तथा उससे जुड़े प्रबन्धतंत्रों को सावधान करते हुए कहा है कि वे अपने अपने विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता प्रदान करते हुए ऐसे कदम उठायें कि कोई भी अराजक तत्व किसी भी अप्रिय घटना को अंजाम न दे सके और यदि वे ऐसा प्रयास भी करते है तो सतर्कता के कारण अपने मंसूवों में सफल न हो सके। उन्होंने सभी प्रबन्धकों तथा प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया है कि वे यह सुनिश्चित करलें कि विद्यालय की बाउन्ड्रीवाल क्षतिग्रस्त न हो, दो गेट अवश्य हो, गेट पर सुरक्षा गार्ड मय असलाह के तैनात हो एवं उसके पास विद्यालय में प्रवेश करने वाले किसी भी अन्जान व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नम्बर, प्रवेश का उदद्ेश्य दर्ज करने हेतु एक रजिस्टर भी हो, और आवश्यक तलाशी के बाद ही प्रबन्धक की अनुमति के बाद ही उसे अन्दर जाने दिया जायें। विद्यालय के मैनगेट पर एवं एक अन्य स्थान पर सीसीटीवी कैमरा अवश्य होना चाहिये। ताकि आने जाने वाले व्यक्ति की सीधी निगरानी की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस, प्रबन्धक तंत्र, अभिभावकों के बीच आपसी तालमेल बना रहे और आवश्यक जानकारियां एक दूसरे के पास समय से शीघ्रता से पहुॅचें इसके लिये एक दूसरे के मोबाइल नम्बर तथा उनके पते भी सबके पास उपलब्ध होने चाहिये। उन्हेांने लेट आने पर विद्यार्थी को विद्यालय के बाहर न रोकने बल्कि उसे अन्दर प्रवेश करने की हिदायत दी है। विद्यालय में कार्यरत सभी कर्मचारियों की पुलिस जाॅच कराकर ही उन्हें नियुक्त किया जाये। उन्होंने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा हमारी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अतः छोटी छोटी बातों पर भी ध्यान देना होगा ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। समय समय पर विद्यार्थियों के अभिभावक के साथ विचार विमर्श कर सुरक्षा सम्बन्धी नियम अथवा उसमें किये जाने वाले सुधारों बारे में भी जानकारी ले सकते है। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों से कहा है कि वे सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने सम्बन्धी अपने विद्यालयों की लेआउट तथा अन्य जानकारियों के सभी प्रपत्र पूर्ण कर उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस तथा सम्बन्धित थानों में अवश्य उपलब्ध करादें ताकि वे विद्यालयों भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ले सके। उन्होंने कहा कि यहॅा पर दिये जा रहे सभी सुरक्षा सम्बन्धी निर्देश नेट व जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में उपलब्ध है उन्हें सभी को उपलब्ध कराया जाये तथा प्रशासन तथा पुलिस के सहयोग से बिना किसी देरी के इसे तुरन्त अमल में लाया जाये। इस मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी ने कहा कि आगरा तथा एनसीआर को देखते हुए मथुरा को संवेदनशील क्षेत्र कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमें समय समय पर विद्यालयों में माॅकड्रील करवाना चाहिये ताकि आपातकाल की स्थिति में बच्चों में लावारिस बैग, संदिग्ध व्यक्तियों तथा आपराधिक तत्वों को पहचानने की क्षमता विकसित हो तथा वे इसके बारे में सूचित कर सके। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक अरूण कुमार दुबे ने आश्वस्त किया कि प्रशासन से सुरक्षा सम्बन्धी जो भी दिशा निर्देश व सुझाव दिये गये है उन्हें आदेश मानकर प्राथमिकता के आधार पर उनका पालन किया जायेगा। अन्त में ज्ञानदीप विद्यालय के प्रबन्धक मोहन स्वरूप भाटिया ने सभी का आभार प्रकट किया।

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गोवर्धन के जतीपुरा में श्रीमद भागबद कथा के दौरान रूकुमणी बिवाह का लुत्फ उठाती श्रद्धालु महिलाऐं गोवर्धन। गिरिराज परिक्रमा मार्ग स्थित जतीपुरा में श्रीमद भागवत कथा का      आयोजन चल रहा है। जिसमें आज कथा के छटवे दिन भागबत प्रबक्ता बाल व्यास गोपाल शर्मा की बाणी से श्रताओं को रूकमणी बिवाह की कथा का रसपान कराया गया। बाल व्यास गोपाल शर्मा ने श्रीमद भागवत के परम्परा के धर्म प्रचारक है। सनातन धर्मावलम्वी एवं वैष्णव सृष्टी पर श्री यमुना जी के 41 पद, अष्टसखा वार्ता, श्रीनाथ जी चरित्र, गिरिराज जी चरित्र, श्री सर्वोत्तम रसपान, श्री वल्लभ चरित्र, श्रीमद भागवत कथा रसपान गर्गसंिहता बृजलीला रसामृत का के द्वारा वचनामृत कर वैष्णवों श्रद्धालु भक्तों को आप्लाबित कर रहे है। वही भागवताचार्य बाल व्यास के वाणी से श्रीमद भागबत श्रोताओं को योगी राज भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर भावुक कर दिया और तत्पश्चात छटवे दिन की कथा में रूक्मणी विवाह रचाया गया। वही रूक्मणी विवाह के दौरान बृजवासियों बरातियों ने बरात का लुप्त उठाया। जतीपुरा में तोशनी बाल परिवार द्वारा श्रीमद भागवत कथा का ये आयोजन कराया गया है। इस अवसर पर सन्तोष कुमार माहेश्वरी, प्रशान्त माहेश्वरी, श्रीमती मधु, नमृता, खूवी लाल तापडिया, राधेश्याम तोशनी, बाल सुरेश बांगढ, रोजेश गगरानी, लीला देवपुरा आदि मौजूद रहे।

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मथुरा। वृन्दावन की रिपोटिंग पुलिस चैकी जैंत के गांव चैमुंहा में गत 27 फरवरी को ऊदल सिंह पुत्र शिवचरन के ऊपर जान से मारने की नीयत से बिहारीराम पुत्र राम सिंह आदि एक दर्जन लोगों व 15-20 अज्ञात लोगों ने फायरिंग की और घर में घुसकर पांच लाख रुपये लूट लिये। लाठी डंडों से मारपीट की औरतों के कपड़े फाड़ दिये उनकी बेइज्जती की घर का सामान तोड़कर नुकसान किया। फरवरी माह में हुई घटना की रिपोर्ट न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुई है।

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महासभा के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीश सुपानिया को मनोनयन पत्र देते सरंक्षक महंत नारायन गिरी, अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश गोसाई, आरएस गोस्वामी, राष्ट्रीय प्रवक्ता खगुल भारद्वाज एवं जिलाध्यक्ष पूरन कोैशिक  ब्राम्हण ने हमेशा समाज में मानवता का संचालन किया- महंत नारायण गिरी विप्रजनों की सभा के बीच जगदीश सुपानिया बने प्रदेश उपाध्यक्ष मथुरा/छाता। राष्ट्रीय स्तरीय सर्व ब्राम्हण महासभा के तत्वाधान में राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित प्रतिष्ठान में जनपद के सैकडों विप्रजनों व जनपद के ब्लांक नगर के समस्त पत्रकारों के मध्य सर्व ब्राहामण महासभा के राष्ट्रीय पदाधिकारीगणों ने पूर्व में घोषित प्रदेश उपाध्यक्ष पं0 जगदीश सुपानियां को मनोनयन पत्र व सम्मानपत्र देकर प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौपी। इस मौके पर आमत्रिंत विप्रजनों ने करतल ध्वनि से जगदीश सुपानिया के नेतृत्व में भविष्य में विप्र समाज की सेवा को अपनी सहमति प्रकट की। अभिनन्दन समारोह का शुभारम्भ दूधेश्वर मंठ के महंत नारायाण गिरी महाराज ने द्वीप प्रज्जलन कर किया। तत्पश्चात भगवान परशुराम के तैल चित्र पर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश गोस्वामी व राष्ट्रीय महामंत्री सुभेष शरमन ने माल्यापर्ण किया। तत्पश्चात मंच पर कोसीकलाॅ, छाता, शेरगढ, बरसाना, तूमौला, धमसींगा, आदि के विप्र सरदारी ने बारी बारी से स्वाफा पहनाकर पं0 जगदीश सुपानिया को प्रदेश उपाध्यक्ष बनने पर बधाई दी। कार्यक्रम के मुख्यातिथि पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री पं0 श्यामसुन्दर शर्मा ने जगदीश सुपानिया को प्रदेश उपाध्यक्ष बनने पर बधाई देते हुए कहा कि आज हमें हर्ष है कि विप्र समाज की सेवा को एक सच्चा साथी मिल गया है। हम इनके नेतृत्व में समाज की सेवा करते रहेगें। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि दिल्ली बार कौन्सिल के पूर्व चेयरमेन आरएस गोस्वामी ने आयोजित कार्यक्रम की भूरि भूरि प्रसन्नसा करते हुए कहा कि आज के इस आयोजन से एक इतिहास बनाकर विप्र समाज की आगामी पीढी को सामाजिक सन्देश दिया है। उन्हौने कहा कि विप्र समाज ने ही केवल अपने लिए ही नही सर्व समाज के लिए बलिदान दिया है और आयोजिक बन्धुओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से अन्य जातियों की सभाओं को पत्रकारों का सम्मान करने की प्ररेणा मिलेगी। कार्यक्रम के आयोजक व महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता खगुल भारद्वाज एवं जिलाध्यक्ष पूरन कौशिक ने आमंत्रित जनपद के पत्रकारों व विप्रजनों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हमारे अनुरोध को स्वीकार करते हुए आप सभी ने समाज को इस तरह के कार्यक्रम करने के लिए उत्साह वर्धन का कार्य किया है। आगे भी आपके आर्शीवाद से हम निंरतर प्रयास करते हुए विप्र समाज ही नही सर्व समाज के लिए कार्य करते रहेगें। महासभा के प्रदेश उपाध्क्ष जगदीश सुपानिया ने अपनी ताजपोशी होने के बाद क्षेत्रीय ब्राहामणों व जनपद के आमंत्रित पत्रकारों को अपना धन्यवाद देते हुए कहा कि आप सभी ने इस कार्यक्रम ने बढ चढकर हिस्सा लेकर मेरा ही नही पूरी महासभा को कृतज्ञ किया है। समाज ने मुझे जो जिम्मेदारी सौपी है उसका मै सत्यता से पालन करूगा। कार्यक्रम में सभा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों में राष्ट्रीय संयोजिका आस्था शर्मा, पूर्व चेयरमेन सिरसागंज सरोज शर्मा, महेशचन्द अवस्थी, पं0 रविन्द्र शर्मा, पं0 सुभाष बत्स, संजन शर्मा, अशोक शर्मा, आदि ने सभा को सम्वोधित किया। कार्यक्रम में कौशल उपाध्याय, राजू द्विवेदी, विनोद दीक्षित, देवकीनन्दन श्याम सखा, जेपी शर्मा, अखिलेश गौड, गोकलेश कटारा, केके पाठक, जेपी मिश्रा, सियाराम शर्मा, रामनारायन शर्मा, रामकिशन शर्मा, विनोद चर्तुवेदी, राजाराम शर्मा, सुभाष शर्मा, हेम कुमार शर्मा, हरीशचन्द शर्मा, डा0 एलपी शर्मा, भगवत पान्डेय, आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता खगुल भारद्वाज ने की। अंत में सभी के प्रति महासभा के जिलाध्यक्ष पूरन कौशिक ने जनपद के आमत्रिंत पत्रकारों एवं विप्रजनों का आभार व्यक्त किया।  

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मथुरा। जनपद की आबकारी टीम ने मुखविर की सूचना पर बल्देव के ग्राम भरतिया में एक मकान पर छापा मार कार्यवाही कर लाखों रूपयें कीमत की देशी शराब बरामद की हैं। वहीं शराब तस्कर मौके से फरार हो जाने में सफल रहें हैं। मिली जानकारी के अनुसार जनपद की आबकारी विभाग के क्षेत्रीय निरीक्षक को मुखबिर से सूचना मिली कि क्षेत्र के ग्राम भरतिया में अवैध शराब का भंडार रखा हुआ हेै टीम ने सूचना को सटीक मानते हुए गाॅव में छापा मार कार्यवाही की तो भरतिया निवासी रमेश व अजय के मकान में टीम को देशी शराब की 650 पेटी बरामद की लेकिन टीम को देख शराब तस्कर मौके से फरार हो गये। टीम ने शराब को कब्जें में कर ग्रह स्वामी व शराब तस्करोें के विरूद्व क्षेत्रीय थानें में रिपोर्ट दर्ज कराई हैं।

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सोनिया गाँधी माँगे भूल पर माफ़ी आज़ादी के 67 वर्षों बाद भारत रत्न से नवाजे गये महामना मदन मोहन मालवीय पर कांग्रेस द्वारा लगाये गये धर्मांतरण के आरोप को लेकर डाॅ0 रमेश चन्द्र शर्मा स्मारक शोध एवं सेवा संस्थान के तत्वावधान में रोष व्यक्त किया गया। संस्थापक अध्यक्ष डाॅ0 सुरेश चन्द्र शर्मा ने गणेश धाम कालोनी स्थित संस्थान में रविवार को बैठक में आरोप के प्रतिवाद में कहा कांग्रेस महामना द्वारा छुआछूत के खिलाफ किये गये समाज सुधार के कार्याें अज्ञानतावश धर्मांतरण समझ रही है। उदाहरण दिया कि अछूत के घर भोजन करने से समाज से बहिष्कृत हुए राजा महेन्द्र प्रताप को महामना ने ही वृन्दावन की खुली सभा में रूढि़वादियों को शास्त्रार्थ की चुनौती देकर वापस समाज में स्थान दिलाया था। ऐसी ही अन्य बुराइयों के विरोध में भी महामना ने शंकराचार्य तक से टक्कर लेकर सामाजिक सुधार किये जिससे उन पर रूढि़वादी ंिहंदुओं द्वारा जानलेवा हमले भी कराये गये। आगे कहा कि 20वीं सदी के प्रारम्भिक दौर में अंग्रेजों की कूटनीति के चलते छुआछूत के मसले पर हिंदू समाज बिखर गया होता, यदि महामना और महात्मा गाँधी ने मिलकर अछूतों को गले नहीं लगाया होता। पूना पैक्ट से पहले महामना ने ही अंबेडकर के आगे झोली फैलाकर महात्मा गाँधी के प्राणों की भीख माँगी थी। महामना का यह कार्य हिंदू महासभा द्वारा भी चलता रहा जब वह उसके अध्यक्ष थे। फिर जब महासभा रास्ते से भटकने लगी तो महामना ने उसे कांग्रेस की तरह छोड़ दिया। महामना के समाज सुधारों और निःस्वार्थ सेवा भाव ने मोहम्मद अली जिन्ना तक को प्रभावित किया। जिन्ना महामना द्वारा स्थापित इंडियन नेशनल पार्टी के अध्यक्ष भी रहे। कहा कि यदि स्वाधीनता आंदोलन की बागडोर महामना के हाथों में रहती तो आज देश का नक्शा ही कुछ और होता। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की भ्रांतियों को लेकर डाॅ0 शर्मा ने खुलासा किया कि महामना ने अपने जीवन काल में ही जाहिर कर दिया था कि ‘हिंदू’ शब्द भौगोलिक अर्थ में लिया गया है क्योंकि इससे विश्व ने भारतीयों को जो नाम दिया है, उसकी मर्यादा और सांस्कृति प्रतिध्वनित होती है। इसी क्रम में प्रो0 धर्मचंद विद्यालंकार ने कहा कि महामना ने जीवन में राज्य, स्वर्ग और मोक्ष को किनारे रख प्रणियों के दुःख दूर करने का संकल्प उठाया था। इसलिए उन्होंने न तो कोई आत्मकथा लिखी और न ही उपब्धियों का बखान किया। जिसका नतीजा यह हुआ कि 1946 में उनके न रहने पर अवसरवादी तत्व महामना की उपलब्धियों का फायदा उठाते रहे और उन्हें 67 वर्षों तक अपने ही देश में भुलाया जाता रहा। यहाँ तक कि उत्तरदायी संस्था बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ने भी महामना वांङमय प्रकाशन की जहमत नहीं उठाई। प्रो0 विद्यालंकार ने प्रधानमंत्री से महामना पर फिल्म निर्माण, वांङमय प्रकाशन और प्राथमिक शैक्षिक पाठ्यक्रम निर्धारित करने की माँग की। अगले क्रम में सेवक शरण ने रोष जताया कि कांग्रेस को शायद यह मालूम नहीं है कि जब वह 1885 में पैदा हुई थी, तब उसे महामना ने ही पालने में झुलाया था, कुछ बड़ी होने पर उसे उँगली पकड़कर चलना भी सिखाया था और जवान होने पर उसकी भटकन देखकर उससे दूर भी हुए, फिर जब ठोकर खाकर लौटी तो उसे पुनः स्नेह दिया। वही कांग्रेस आज अज्ञानवश महामना पर उँगली उठा रही है। समापन पर वक्ताओं ने महामना पर अनर्गल बयान देने के आरोप में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से माफी माँगने दोषियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की माँग की। इस अवसर पर रमेश कुमार, राकेश, मोहन शर्मा, रवीन्द्रनाथ आदि उपस्थित थे।       

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